भारतीय प्रवासी (Indian Diaspora) विश्व का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है — 32 मिलियन से अधिक भारतीय मूल के लोग 200 से अधिक देशों में हैं। यह समुदाय आर्थिक प्रेषण (Remittances), कूटनीतिक प्रभाव और सांस्कृतिक कनेक्शन के ज़रिए भारत के लिए एक अमूल्य संपत्ति है।
प्रवासी भारतीयों का वर्गीकरण
NRI (Non-Resident Indian)
भारतीय नागरिक जो विदेश में रह रहे हों। वे भारतीय पासपोर्ट रखते हैं।
PIO (Person of Indian Origin)
विदेशी नागरिकता धारक जो भारतीय मूल के हों। 2015 के बाद PIO कार्ड OCI कार्ड में मिला दिया गया।
OCI (Overseas Citizen of India)
जीवन भर के लिए भारत आने-जाने और काम करने का अधिकार। मतदान का अधिकार नहीं। संवैधानिक पदों पर नियुक्ति नहीं।
प्रमुख प्रवासी केंद्र
- खाड़ी देश (UAE, सऊदी अरब): श्रमिक प्रवासी
- अमेरिका: उच्च-कुशल प्रौद्योगिकी और चिकित्सा पेशेवर
- ब्रिटेन: दूसरी-तीसरी पीढ़ी के प्रवासी
- मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम: ऐतिहासिक अनुबंध मज़दूर समुदाय
आर्थिक योगदान
2023 में भारत को $120 बिलियन से अधिक का विदेशी प्रेषण (Remittance) प्राप्त हुआ — विश्व में सर्वाधिक। यह भारत की GDP का 3% से अधिक है। खाड़ी देशों से प्राप्त प्रेषण केरल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रवासी भारतीय दिवस
9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas) मनाया जाता है। यह तिथि 1915 में महात्मा गाँधी के दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की स्मृति में चुनी गई।
संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशें
विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने भारतीय प्रवासियों के कल्याण पर महत्त्वपूर्ण सिफारिशें दी हैं:
- खाड़ी देशों में श्रमिक प्रवासियों के लिए बेहतर कानूनी संरक्षण
- e-Migrate प्रणाली को मजबूत करना
- MADAD पोर्टल के माध्यम से प्रवासी कल्याण
- OCI कार्ड धारकों के अधिकारों की समीक्षा
यूपीएससी की दृष्टि से
भारतीय प्रवासी GS-II (अंतर्राष्ट्रीय संबंध, सॉफ्ट पावर) के लिए महत्त्वपूर्ण है। NRI, PIO, OCI का अंतर, प्रेषण के आँकड़े और प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे परीक्षा में पूछे जाते हैं।