UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

CSAT कट-ऑफ़ रुझान 2011–2025: वर्ष-वार विश्लेषण

2011 से 2025 तक CSAT कट-ऑफ़ के रुझान: वर्ष-वार उत्तीर्णता दर, कठिनाई के तीन युग, 2023 का निर्णायक मोड़ और यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए यथार्थपरक लक्ष्य अंक।

CSAT Cut-off Trends 2011–2025: Year-wise Analysis — featured image

CSAT एक अर्हक (qualifying) प्रश्नपत्र है जिसमें उत्तीर्ण होने के लिए 33% (200 में से 66 अंक) चाहिए, परंतु असली कहानी इस बात में है कि हर वर्ष वास्तव में कितने उम्मीदवार इसे पार कर पाते हैं। 2011 से 2025 के बीच CSAT की कठिनाई नाटकीय रूप से बदलती रही है, जिससे प्रारम्भिक परीक्षा औपचारिकता से एक वास्तविक छलनी में बदल गई है। यह विश्लेषण 15 वर्षों के CSAT प्रदर्शन को खँगालता है और तीन अलग-अलग युगों को चिन्हित करता है।

33% अर्हता का नियम

GS प्रश्नपत्र-I के विपरीत — जहाँ श्रेणीवार (UR, OBC, SC, ST, EWS, PwBD) कट-ऑफ़ भिन्न होती है — CSAT की अर्हता सीमा एक समान है: सभी श्रेणियों के लिए 66 अंक। CSAT में अनुत्तीर्ण होने का अर्थ है कि आपकी GS-I उत्तर पुस्तिका जाँची ही नहीं जाएगी — चाहे आपने GS-I में कितना भी अच्छा किया हो।

CSAT के तीन युग

CSAT कट-ऑफ़ रुझान 2011–2025 — दृश्य विवरण 1
दृश्य मार्गदर्शिका — anantamias.com
  1. युग 1 (2011–2014): CSAT मेरिट सूची में गिना जाता था। अर्हक + रैंकिंग का साधन दोनों।
  2. युग 2 (2015–2022): CSAT केवल अर्हक (33%) बनाया गया। इसे आसान समझा जाने लगा।
  3. युग 3 (2023–अब तक): CSAT अर्हक तो रहा, परंतु वास्तव में कठिन हो गया।

वर्ष-वार CSAT उत्तीर्णता दर (अनुमानित)

वर्षअनुमानित उत्तीर्णता दरकठिनाई स्तर
201175%+आसान
201270%+आसान
201372%आसान–मध्यम
201465%मध्यम
201568%मध्यम
201672%मध्यम
201762%मध्यम–कठिन
201855%कठिन
201960%मध्यम–कठिन
202058%मध्यम–कठिन
202165%मध्यम
202260%मध्यम
202338%अत्यंत कठिन
202448%कठिन
202552% (अनुमान)कठिन

टिप्पणी: यूपीएससी सटीक उत्तीर्णता दर प्रकाशित नहीं करता। ये अनुमान कट-ऑफ़ रुझानों और टेस्ट-प्रेप प्लेटफ़ॉर्मों द्वारा विश्लेषित उम्मीदवारों की स्व-रिपोर्टों से निकाले गए हैं।

युग 1: मेरिट में CSAT (2011–2014)

जब 2011 में CSAT लाया गया, प्रश्नपत्र-I और प्रश्नपत्र-II दोनों 200-200 अंकों के बराबर गिने जाते थे। CSAT के संख्यात्मक और तार्किक रुझान से इंजीनियरिंग और वाणिज्य के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ हुआ, जिससे प्रारम्भिक परीक्षा की जनसांख्यिकी बदल गई। मानविकी विद्यार्थियों के 2014 के विरोध ने अंततः यूपीएससी को विवश किया कि वह 2015 से CSAT को केवल अर्हक बना दे।

युग 2: आरामदेह वर्ष (2015–2022)

CSAT को 33% पर अर्हक बनाए जाने के बाद अधिकांश अभ्यर्थी इसे केवल औपचारिकता समझने लगे। औसत उम्मीदवार सहजता से 100 से 130 अंक पा जाते थे। कोचिंग संस्थानों ने CSAT के पाठ्यक्रम पर कम ध्यान देना शुरू कर दिया। यह प्रश्नपत्र एक गौण विषय बन गया।

युग 3: कठिनाई का झटका (2023–अब तक)

CSAT 2023 एक भूकम्पीय बदलाव था। मुख्य परिवर्तन:

  • पठन-बोध (Reading Comprehension) के गद्यांश 300–400 शब्दों से बढ़कर 500–700 शब्दों तक हो गए।
  • सीधे स्मरण की जगह अनुमान-आधारित प्रश्न आ गए।
  • संख्यात्मक अभिरुचि (Quantitative Aptitude) केवल अंकगणित से हटकर अंकगणित-बीजगणित के मिश्रण पर केंद्रित हुई।
  • 1/3 की ऋणात्मक अंकन (negative marking) प्रणाली ने अटकलबाज़ी को महंगा बना दिया।

2023 में केवल लगभग 38% उम्मीदवार CSAT पार कर पाए — जो अब तक की सबसे कम दर है। GS-I में 140+ अंक लाने वाले अनेक अभ्यर्थी केवल CSAT के कारण प्रारम्भिक परीक्षा में असफल रहे।

GS-I कट-ऑफ़ (संदर्भ के लिए)

CSAT कट-ऑफ़ रुझान — दृश्य विवरण 2
दृश्य मार्गदर्शिका — anantamias.com
वर्षUROBCSCSTEWS
202092.5189.1274.8468.7177.55
202187.5484.8575.4170.7180.14
202288.2287.5474.0869.3582.83
202375.4174.7559.2547.8268.02
202487.9887.5479.0374.2385.92

2023 में GS-I कट-ऑफ़ में तीखी गिरावट पर ध्यान दीजिए — इसलिए नहीं कि GS-I आसान था, बल्कि इसलिए कि CSAT कम उम्मीदवारों ने पार किया, जिससे यूपीएससी के पास रैंक करने के लिए छोटा समूह बचा।

2026 के अभ्यर्थियों को क्या अपेक्षा रखनी चाहिए

  • CSAT की कठिनाई 2023–2025 के स्तर पर बनी रहेगी।
  • पठन-बोध का प्रभुत्व रहेगा (28–30 प्रश्न)।
  • संख्यात्मक अभिरुचि 22–24 प्रश्नों पर बनी रहेगी।
  • अर्हता कट-ऑफ़ 66/200 पर ही रहेगी, परंतु असली लक्ष्य 90+ होना चाहिए।
  • निर्णय-निर्माण (Decision Making) वाले प्रश्न वापस नहीं आएँगे।

लक्ष्य अंकों की रणनीति

लक्ष्यरणनीतिपरिणाम
66–80बस किसी तरह पारजोखिम-भरा — एक ख़राब RC सेट और आप बाहर
80–100सुरक्षित अर्हकउचित बफ़र
100–130सशक्त अर्हकआरामदेह अंतर
130+आवश्यकता से अधिकउस समय को GS-I में लगाना बेहतर

आदर्श लक्ष्य: 95 से 110 अंक। यह 30 अंकों का सुरक्षा बफ़र देता है और तैयारी का समय भी अधिक नहीं खाता।

CSAT कट-ऑफ़ के बारे में आम भ्रांतियाँ

  • भ्रांति: “CSAT की कट-ऑफ़ सापेक्ष होती है।” तथ्य: केवल 33% निरपेक्ष।
  • भ्रांति: “मेरी जाति की CSAT कट-ऑफ़ कम है।” तथ्य: 33% सबके लिए एक समान।
  • भ्रांति: “CSAT अंक अंतिम मेरिट में गिने जाते हैं।” तथ्य: 2015 से नहीं।
  • भ्रांति: “CSAT की कठिनाई वर्ष-प्रति-वर्ष बदलती है।” तथ्य: 2023 के बाद से लगातार कठिन रही है।

मुख्य सीख

2015 के बाद से CSAT की कट-ऑफ़ 66/200 से कभी नहीं हटी, परंतु उन्हीं 66 अंकों को लाने की कठिनाई तेज़ी से बढ़ी है। 90 से 110 अंकों की योजना बनाइए। पिछले 15 वर्षों के सभी प्रश्नपत्र हल कीजिए। कभी यह मत मानिए कि CSAT आसान होगा।

सामान्य प्रश्न

CSAT की अर्हता कट-ऑफ़ क्या है?

33%, अर्थात 200 में से 66 अंक। यह सभी श्रेणियों (UR, OBC, SC, ST, EWS, PwBD) के लिए एक समान है। इससे कम अंक पाने पर आप GS-I के प्रदर्शन के बावजूद प्रारम्भिक परीक्षा से बाहर हो जाते हैं।

क्या CSAT के अंक अंतिम मेरिट में गिने जाते हैं?

नहीं, 2015 से नहीं। CSAT केवल अर्हक है। प्रारम्भिक परीक्षा की रैंकिंग के लिए केवल GS प्रश्नपत्र-I के अंक गिने जाते हैं, और अंतिम मेरिट के लिए केवल मुख्य परीक्षा + साक्षात्कार।

2023 में CSAT उत्तीर्णता दर क्यों गिरी?

यूपीएससी ने 2023 में CSAT की कठिनाई काफ़ी बढ़ा दी: लम्बे RC गद्यांश, अनुमान-आधारित प्रश्न और कठिन संख्यात्मक। केवल लगभग 38% उपस्थित उम्मीदवार पार कर पाए — यह CSAT के इतिहास की सबसे कम दर है।

क्या आरक्षित श्रेणियों के लिए CSAT कट-ऑफ़ अलग होती है?

नहीं। 33% अर्हता का नियम सभी पर एक समान लागू होता है। आरक्षण का लाभ केवल GS प्रश्नपत्र-I की कट-ऑफ़ पर लागू होता है, CSAT पर नहीं।

मुझे CSAT में कितने अंकों का लक्ष्य रखना चाहिए?

200 में से 95 से 110 अंकों का लक्ष्य रखिए। यह 66 की अर्हता-सीमा से 30 अंकों का स्वस्थ बफ़र देता है और किसी एक ख़राब खंड या अप्रत्याशित कठिनाई से बचाव करता है।

क्या 2026 में CSAT आसान हो जाएगा?

संभावना कम। यूपीएससी ने CSAT को आसान करने का कोई संकेत नहीं दिया है। 2024 और 2025 के सभी संकेतक यही बताते हैं कि कठिनाई 2023 के स्तर पर बनी रहेगी। उसी हिसाब से तैयारी करें।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

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