एशिया कप हॉकी 2025 का अंत भारत के चौथे महाद्वीपीय ख़िताब के साथ हुआ, और वह भी अपने घर में — बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की टीम ने 7 सितंबर 2025 को फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया। इसके साथ 2017 के ढाका ख़िताब के बाद का आठ साल लंबा इंतज़ार ख़त्म हो गया। इस जीत ने भारत को FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का सीधा टिकट भी दिला दिया, जिसकी मेज़बानी नीदरलैंड्स और बेल्जियम मिलकर करेंगे।
इस टूर्नामेंट का मतलब सिर्फ़ ट्रॉफ़ी नहीं था। बिहार का ऐतिहासिक मगध शहर राजगीर पहली बार इतने बड़े सीनियर महाद्वीपीय टूर्नामेंट का मेज़बान बना। राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर बिहार सरकार ने जो पैसा लगाया है, वह मैदान पर दिख गया। और टीम का संतुलन भी — दिलप्रीत सिंह की अगुवाई में तेज़ हमला, और हरमनप्रीत की ड्रैग फ़्लिक पर टिकी जमी हुई रक्षापंक्ति। वर्ल्ड कप वाले साल में उतरने से पहले यह भरोसे वाला बदलाव था।
यह लेख एशिया कप हॉकी 2025 से जुड़ी हर वह बात बताता है जो UPSC की तैयारी करने वालों और आम पाठकों को पता होनी चाहिए: फ़ॉर्मैट, भारत का दौर-दर-दौर सफ़र, फ़ाइनल, अहम खिलाड़ी, मैदान, भारतीय हॉकी के लिए इसका बड़ा मतलब, और वह पदक तालिका जो 2025 के संस्करण को इतिहास में जगह देती है।
एशिया कप हॉकी 2025: एक नज़र में

- संस्करण। 12वाँ पुरुष एशिया कप।
- मेज़बान। भारत।
- मैदान। राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, राजगीर, बिहार।
- तारीख़ें। 29 अगस्त से 7 सितंबर 2025।
- चैंपियन। भारत।
- फ़ाइनल का स्कोर। भारत 4, दक्षिण कोरिया 1।
- कांस्य पदक। मलेशिया (तीसरा स्थान)।
- भारत के कप्तान। हरमनप्रीत सिंह।
- भारत के कोच। क्रेग फुल्टन (मुख्य कोच)।
- भारत के ख़िताब। चौथा एशिया कप गोल्ड (2003, 2007 और 2017 के बाद)।
- वर्ल्ड कप का टिकट। FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 (नीदरलैंड्स और बेल्जियम) के लिए सीधी जगह।
मैदान: राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
राजगीर बिहार के नालंदा ज़िले का एक छोटा-सा शहर है, पटना से क़रीब 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में। यह प्राचीन शिक्षा केंद्र नालंदा महाविहार के खंडहरों के पास बसा है, और कभी बिंबिसार और अजातशत्रु के दौर में मगध की राजधानी रह चुका है।
बिहार सरकार ने पिछले कुछ सालों में राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया है। मक़सद बड़ा था: बड़े महानगरों से बाहर क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का एक केंद्र खड़ा करना। कॉम्प्लेक्स में 5,000 दर्शकों वाला हॉकी स्टेडियम है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की नीली टर्फ़ बिछी है। साथ में एथलेटिक्स की सुविधाएँ, एक इनडोर स्टेडियम, और वहाँ रहने वाले खिलाड़ियों के लिए आवास भी है। एशिया कप हॉकी 2025 के लिए राजगीर को चुनना केंद्र की मुहर भी थी और राज्य की नुमाइश भी।
हॉकी इंडिया के लिए राजगीर का चुनाव एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था — सीनियर टूर्नामेंट पारंपरिक महानगरों से बाहर ले जाना। 2017 का एशिया कप ढाका में हुआ था, 2023 का संस्करण जकार्ता में। राजगीर 2025 ने इस टूर्नामेंट को एक टियर-3 शहर में पहुँचा दिया, जहाँ लोगों का जुड़ाव भी ज़बरदस्त था।
फ़ॉर्मैट और हिस्सा लेने वाली टीमें
एशिया कप हॉकी 2025, 29 अगस्त से 7 सितंबर तक चला। आठ टीमों को चार-चार के दो पूल में बाँटा गया था। पूल A: भारत, जापान, कज़ाख़िस्तान, चीन। पूल B: दक्षिण कोरिया, मलेशिया, पाकिस्तान, चीनी ताइपे।
हर पूल की ऊपर की दो टीमें सुपर 4 दौर में पहुँचीं। सुपर 4 की ऊपर की दो टीमों ने फ़ाइनल खेला, और अगली दो टीमों के बीच कांस्य पदक का मुक़ाबला हुआ।
एशिया कप हॉकी 2025 में पाकिस्तान का खेलना लंबी कूटनीतिक बातचीत के बाद तय हुआ। पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीम आख़िरकार राजगीर पहुँची। भारत की ज़मीन पर हाल के सालों में हुए गिने-चुने भारत-पाकिस्तान मुक़ाबलों में यह एक था। पाकिस्तान सुपर 4 दौर में नहीं पहुँच सका।
भारत का सफ़र
भारत पूल A में सबसे ऊँची रैंकिंग वाली टीम के तौर पर उतरा और तीन जीत के साथ पूल में पहले नंबर पर रहा।
सुपर 4 दौर में भारत ने राउंड-रॉबिन चरण में लगातार अच्छी हॉकी खेली। फ़ाइनल से पहले सबसे बड़ा मैच चीन के ख़िलाफ़ 7-0 की जीत रही, जिसने भारत की फ़ाइनल में जगह पक्की कर दी।
7 सितंबर के फ़ाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया से हुआ। कोरिया पिछले संस्करण में उपविजेता रहा था और कोच शिन सोक-क्यो के नीचे रणनीति के मामले में बेहद अनुशासित टीम बना हुआ था।
फ़ाइनल: भारत 4, दक्षिण कोरिया 1

एशिया कप हॉकी 2025 का फ़ाइनल तीसरे क्वार्टर में तय हो गया। सुखजीत सिंह ने पहले ही मिनट में गोल दागकर भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी। दिलप्रीत सिंह ने दो गोल किए — 28वें मिनट में स्कोर 2-0 किया और फिर 45वें मिनट में 3-0। अमित रोहिदास ने 50वें मिनट में गोल करके स्कोर 4-0 कर दिया। दक्षिण कोरिया के लिए सोन दाइन ने 51वें मिनट में एक गोल उतारा, लेकिन तब तक फ़ासला पाटा नहीं जा सकता था।
फ़ाइनल में गोल करने वाले खिलाड़ी:
| मिनट | गोल करने वाला | टीम |
|---|---|---|
| 1′ | सुखजीत सिंह | भारत |
| 28′ | दिलप्रीत सिंह | भारत |
| 45′ | दिलप्रीत सिंह | भारत |
| 50′ | अमित रोहिदास | भारत |
| 51′ | सोन दाइन | दक्षिण कोरिया |
फ़ाइनल में दिलप्रीत सिंह के दो गोल ने उन्हें टूर्नामेंट का सबसे भरोसेमंद फ़ॉरवर्ड बना दिया। नॉकआउट चरण में सर्कल के अंदर उनकी समझ और उनका फ़िनिशिंग ही फ़र्क़ बना।
कप्तान और कोच
भारतीय टीम की कप्तानी हरमनप्रीत सिंह ने की। 6 जनवरी 1996 को पंजाब के अमृतसर ज़िले के तिम्मोवाल में जन्मे हरमनप्रीत दुनिया के सबसे बेहतरीन ड्रैग फ़्लिक विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। वे भारत को 2022 के हांगझोऊ एशियाई खेलों का गोल्ड, 2024 पेरिस ओलंपिक का कांस्य और अब एशिया कप हॉकी 2025 का ख़िताब दिला चुके हैं। उन्होंने लगातार कई बार FIH प्लेयर ऑफ़ द ईयर का पुरस्कार जीता है, जो किसी भी भारतीय फ़ील्ड हॉकी खिलाड़ी के लिए दुर्लभ बात है।
दक्षिण अफ़्रीकी कोच क्रेग फुल्टन ने मई 2023 में कमान संभाली थी। उनके रहते भारत ने पेरिस ओलंपिक का कांस्य और एशिया कप का गोल्ड दोनों जीते। फुल्टन की रणनीति सीधी है — कसी हुई रक्षापंक्ति और तेज़ पलटवार। राजगीर में उतरी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में यही ढाँचा दिखाया।
पी. आर. श्रीजेश और गोलकीपिंग का बदलाव
पी. आर. श्रीजेश वह अनुभवी गोलकीपर हैं जिन्होंने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 के ओलंपिक कांस्य पदकों में भारत की रक्षापंक्ति को थामे रखा। पेरिस 2024 के बाद वे अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले चुके थे। इसलिए एशिया कप हॉकी 2025 पहला बड़ा महाद्वीपीय टूर्नामेंट था जिसमें श्रीजेश गोल के सामने नहीं थे।
टूर्नामेंट में गोलकीपिंग की ज़िम्मेदारी कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज करकेरा ने बाँटी। यह बदलाव जितना डर था उससे कहीं आसानी से हो गया। एक वजह यह भी थी कि भारत की बेहतर रक्षा-संरचना ने विरोधी को अच्छे मौक़े ही कम दिए। श्रीजेश कोचिंग और खिलाड़ी तैयार करने वाली भूमिकाओं में भारतीय हॉकी से जुड़े रहे, इसलिए मैदान पर न होते हुए भी उनका असर दिखता रहा।
2025 की टीम

एशिया कप हॉकी 2025 के लिए भारत की 18 सदस्यों वाली टीम में अनुभवी खिलाड़ी और उभरते नाम दोनों शामिल थे।
- गोलकीपर। कृष्ण बहादुर पाठक, सूरज करकेरा।
- डिफ़ेंडर। हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, संजय, जुगराज सिंह।
- मिडफ़ील्डर। हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, मनप्रीत सिंह, नीलकांत शर्मा, राजकुमार पाल।
- फ़ॉरवर्ड। मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, अभिषेक, दिलप्रीत सिंह, सुखमनप्रीत सिंह, अमन सहरावत।
मनप्रीत सिंह 2020 के दशक में भारत की कप्तानी कर चुके हैं, और मिडफ़ील्ड में उनके बने रहने से टीम को पुराना तजुर्बा मिला। हार्दिक सिंह और विवेक सागर मिडफ़ील्ड का इंजन बने रहे। फ़ॉरवर्ड मैच की स्थिति देखकर बदलते रहे, और उनमें दिलप्रीत सिंह सबसे भरोसेमंद फ़िनिशर बनकर उभरे।
एशिया कप हॉकी में भारत की पदक तालिका
1982 से अब तक एशिया कप में भारत का रिकॉर्ड देख लीजिए, 2025 की जीत का मतलब साफ़ हो जाएगा।
| साल | मेज़बान | भारत का नतीजा |
|---|---|---|
| 1982 | कराची | रजत |
| 1985 | ढाका | कांस्य |
| 1989 | नई दिल्ली | रजत |
| 1993 | हिरोशिमा | रजत |
| 1999 | कुआलालंपुर | रजत |
| 2003 | कुआलालंपुर | स्वर्ण |
| 2007 | चेन्नई | स्वर्ण |
| 2009 | कुआंतन | रजत |
| 2013 | इपोह | कांस्य |
| 2017 | ढाका | स्वर्ण |
| 2022 | जकार्ता | कांस्य |
| 2025 | राजगीर | स्वर्ण |
एशिया कप हॉकी 2025 भारत का चौथा स्वर्ण था और इसने 2017 के ढाका ख़िताब के बाद का आठ साल का इंतज़ार ख़त्म किया। पुरुष एशिया कप की शुरुआत से अब तक भारत हर संस्करण में पोडियम पर रहा है।
वर्ल्ड कप 2026 का टिकट
एशिया कप हॉकी 2025 FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए महाद्वीपीय क्वालिफ़ायर भी था। जीतने वाली टीम को सीधी जगह मिलनी थी। इसलिए भारत के गोल्ड ने वर्ल्ड कप में उसकी जगह पक्की कर दी। यह वर्ल्ड कप 2026 के बीच में नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होना है।
सीधे क्वालिफ़ाई कर लेना इसलिए मायने रखता है कि अलग से क्वालिफ़ायर खेलने का दबाव ख़त्म हो जाता है। टीम को 2025 के आख़िर से लेकर 2026 की पहली छमाही तक बिना टूटी हुई तैयारी की खिड़की भी मिल जाती है।
भारतीय हॉकी के लिए बड़ा मतलब
एशिया कप हॉकी 2025 भारतीय हॉकी की वापसी की एक लंबी कहानी का हिस्सा है। 1980 के मॉस्को ओलंपिक गोल्ड के बाद लंबे सूखे के साल आए। फिर 2010 के दशक के बीच से भारतीय हॉकी में ढाँचागत बदलाव शुरू हुआ। इसमें हॉकी इंडिया के पुनर्गठन, लीग के आधार पर घरेलू मुक़ाबलों, 2018 से 2024 के दौर में मुख्य प्रायोजक के रूप में ओडिशा सरकार के लगातार साथ, और पेशेवर कोचिंग की व्यवस्था ने मदद की।
2018 के बाद के बड़े नतीजे ये रहे:
- 2018 एशियाई खेलों में रजत।
- 2020 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य (महामारी की वजह से 2021 में)।
- 2022 हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण।
- 2023 चेन्नई में एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी का स्वर्ण।
- 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य।
- 2024 में चीन के हुलुनबुइर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी का स्वर्ण।
- 2025 राजगीर में एशिया कप का स्वर्ण।
इस सिलसिले को देखकर साफ़ है कि एशिया कप हॉकी 2025 कोई अकेली कामयाबी नहीं है। यह लगातार पदक जीतने वाले दौर की एक और कड़ी है। असली इम्तिहान FIH वर्ल्ड कप 2026 और जापान के आइची-नागोया में होने वाले 2026 के एशियाई खेल होंगे।
बिहार की खेल कहानी
मेज़बान के तौर पर राजगीर का चुनाव बिहार की बड़ी खेल कहानी से जुड़ता है। राज्य पहले खेलो इंडिया यूथ गेम्स के कुछ हिस्सों की मेज़बानी कर चुका है, और राजगीर समेत कई जगहों पर आवासीय खेल अकादमियों में पैसा लगा चुका है। एशिया कप हॉकी 2025 ने बिहार के खेल ढाँचे को महाद्वीपीय मंच भी दिया और एक कामयाब परीक्षा भी।
UPSC की तैयारी करने वालों के लिए यह GS-II और GS-III के बीच पड़ने वाले सवालों का अच्छा कोण है — सहकारी संघवाद, राज्य की पहचान बनाने में खेल का इस्तेमाल, और क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों को खड़ा करने में राज्य सरकारों की भूमिका।
UPSC के लिए प्रीलिम्स और मेन्स के बिंदु
प्रीलिम्स के लिए:
- एशिया कप हॉकी 2025 बिहार के राजगीर में हुआ।
- 7 सितंबर 2025 को फ़ाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया।
- यह भारत का चौथा एशिया कप स्वर्ण था (2003, 2007 और 2017 के बाद)।
- कप्तान: हरमनप्रीत सिंह; मुख्य कोच: क्रेग फुल्टन।
- फ़ाइनल में सबसे ज़्यादा गोल: दिलप्रीत सिंह (दो गोल)।
- नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए सीधा क्वालिफ़ायर।
मेन्स के लिए:
- राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के संदर्भ में चर्चा कीजिए कि क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का ढाँचा खड़ा करने में बिहार जैसी राज्य सरकारों की क्या भूमिका है।
- 2018 से 2025 के बीच भारतीय हॉकी की वापसी को खेल प्रशासन में सुधार के एक उदाहरण के रूप में परखिए।
- एशिया कप हॉकी 2025 में पाकिस्तान की भागीदारी के संदर्भ में बताइए कि भारत की ज़मीन पर होने वाले बहुपक्षीय खेल आयोजन क्षेत्रीय कूटनीति से कैसे जुड़ जाते हैं।
निष्कर्ष
राजगीर में हुआ एशिया कप हॉकी 2025 भारतीय हॉकी के लिए पूरा नतीजा था। ट्रॉफ़ी चौथी बार घर आई, बिहार के दर्शकों ने पहली बार महाद्वीपीय टूर्नामेंट देखा, और टीम को 2026 वर्ल्ड कप का सीधा टिकट मिल गया। मैदान की तीन कहानियाँ थीं — हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई, क्रेग फुल्टन का रणनीतिक काम, और फ़ाइनल में दिलप्रीत सिंह की फ़िनिशिंग। मैदान के बाहर की कहानी यह रही कि राजगीर अंतरराष्ट्रीय हॉकी के लिए एक गंभीर मैदान बनकर उभरा।
एशिया कप हॉकी 2025 को इस बात के लिए याद रखा जाएगा कि इसने श्रीजेश के बाद वाला बदलाव साफ़-साफ़ पूरा किया, बिहार के खेल ढाँचे में लगे पैसे को सही ठहराया, और 2026 के वर्ल्ड कप वाले साल की ज़मीन तैयार कर दी। UPSC की तैयारी करने वालों के लिए याद रखने वाली चीज़ें हैं: राजगीर, 4-1 का फ़ाइनल, हरमनप्रीत सिंह, और वर्ल्ड कप का क्वालिफ़िकेशन।
सामान्य प्रश्न
एशिया कप हॉकी 2025 कहाँ हुआ था?
एशिया कप हॉकी 2025 बिहार के राजगीर स्थित राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 29 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक हुआ। यह पहली बार था जब राजगीर ने किसी सीनियर महाद्वीपीय हॉकी टूर्नामेंट की मेज़बानी की।
एशिया कप हॉकी 2025 का फ़ाइनल कौन जीता?
एशिया कप हॉकी 2025 का फ़ाइनल भारत ने जीता। 7 सितंबर 2025 को उसने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया। भारत के लिए सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह (दो गोल) और अमित रोहिदास ने गोल किए।
भारत ने पुरुष एशिया कप हॉकी कितनी बार जीता है?
भारत अब तक चार बार पुरुष एशिया कप जीत चुका है: 2003 (कुआलालंपुर), 2007 (चेन्नई), 2017 (ढाका) और 2025 (राजगीर)। 1982 में टूर्नामेंट की शुरुआत से लेकर अब तक भारत हर संस्करण में पोडियम पर रहा है।
एशिया कप हॉकी 2025 में भारत की कप्तानी किसने की?
भारतीय पुरुष हॉकी टीम की कप्तानी हरमनप्रीत सिंह ने की, जो अमृतसर के तिम्मोवाल से आने वाले ड्रैग फ़्लिक विशेषज्ञ हैं। वे भारत को 2022 के एशियाई खेलों का स्वर्ण और 2024 पेरिस ओलंपिक का कांस्य भी दिला चुके हैं।
क्या भारत हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालिफ़ाई कर गया?
हाँ। एशिया कप हॉकी 2025 का स्वर्ण FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए सीधा क्वालिफ़ायर भी था। यह वर्ल्ड कप 2026 के बीच में नीदरलैंड्स और बेल्जियम मिलकर कराएँगे।
2025 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच कौन हैं?
दक्षिण अफ़्रीकी कोच क्रेग फुल्टन मई 2023 से भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच हैं। उनके रहते भारत ने 2024 पेरिस ओलंपिक का कांस्य और 2025 एशिया कप का स्वर्ण जीता।
क्या पी. आर. श्रीजेश एशिया कप हॉकी 2025 में खेले थे?
नहीं। पी. आर. श्रीजेश पेरिस 2024 ओलंपिक के कांस्य के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले चुके थे। एशिया कप हॉकी 2025 पहला बड़ा महाद्वीपीय टूर्नामेंट था जिसमें वे गोल के सामने नहीं थे। गोलकीपिंग की ज़िम्मेदारी कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज करकेरा ने बाँटी।