हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) नवीकरणीय ऊर्जा से जल के विद्युत-अपघटन (electrolysis) द्वारा उत्पादित हाइड्रोजन है। यह कार्बन-मुक्त ईंधन भारत के नेट-ज़ीरो 2070 लक्ष्य और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
हाइड्रोजन के प्रकार
| रंग | स्रोत | CO₂ उत्सर्जन |
|---|---|---|
| ग्रे | जीवाश्म ईंधन | उच्च |
| नीला | जीवाश्म ईंधन + CCS | कम |
| हरित | नवीकरणीय ऊर्जा | शून्य |
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023)
प्रमुख लक्ष्य:
- 2030 तक 5 MMTPA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) हरित हाइड्रोजन उत्पादन।
- 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ना।
- ₹8 लाख करोड़ का निवेश।
- 6 लाख रोज़गार सृजन।
हरित हाइड्रोजन नीति, 2022
- इलेक्ट्रोलाइज़र विनिर्माताओं को 25 वर्ष के लिए भूमि।
- नवीकरणीय ऊर्जा खरीद पर छूट।
- हरित हाइड्रोजन निर्यात के लिए बंदरगाह सुविधाएँ।
- 15 जून 2025 तक बिना शुल्क पारेषण (Transmission)।
हरित हाइड्रोजन के उपयोग
- उर्वरक उद्योग: अमोनिया उत्पादन में।
- इस्पात उद्योग: कोयले का विकल्प।
- परिवहन: हाइड्रोजन फ्यूल सेल वाहन।
- रिफाइनरी: ग्रे हाइड्रोजन का प्रतिस्थापन।
चुनौतियाँ
- उच्च लागत: इलेक्ट्रोलाइज़र महँगे हैं।
- भंडारण और परिवहन: हाइड्रोजन अत्यंत ज्वलनशील और कम घनत्व वाली गैस।
- नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता: हरित हाइड्रोजन सस्ती नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भर।
- इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण: आयात-निर्भरता।
यूपीएससी के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु
- हरित हाइड्रोजन = नवीकरणीय ऊर्जा + जल विद्युत-अपघटन।
- राष्ट्रीय मिशन 2023: 5 MMTPA लक्ष्य।
- उपयोग: उर्वरक, इस्पात, परिवहन, रिफाइनरी।
- चुनौती: लागत, भंडारण, आयात-निर्भरता।
- भारत का लक्ष्य: हरित हाइड्रोजन निर्यातक बनना।
सामान्य प्रश्न
हरित हाइड्रोजन क्या है?
हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन) से जल के विद्युत-अपघटन द्वारा उत्पादित शून्य-कार्बन ईंधन है।
भारत का हरित हाइड्रोजन मिशन 2023 का लक्ष्य क्या है?
2030 तक 5 MMTPA हरित हाइड्रोजन उत्पादन, 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा जोड़ना और ₹8 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना।