UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

जल जीवन मिशन — UPSC पर्यावरण और शासन नोट्स

जल जीवन मिशन के उद्देश्य, हर घर जल, 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन मानदंड, पानी समिति, कवरेज प्रगति, जल गुणवत्ता चुनौतियाँ और UPSC GS II एवं GS III के लिए प्रासंगिकता।

Jal Jeevan Mission — UPSC Environment & Governance Notes — UPSC featured image

भारत में विश्व की लगभग 17% जनसंख्या है परंतु केवल 4% मीठे पानी के संसाधन हैं। जब अगस्त 2019 में जल जीवन मिशन (JJM) की घोषणा की गई, तब केवल 17% ग्रामीण परिवारों के पास कार्यात्मक नल जल कनेक्शन था। 2024 तक, 75% से अधिक ग्रामीण परिवारों के पास हर घर जल कनेक्शन होने की रिपोर्ट है — बुनियादी ढाँचे का यह विस्तार विश्व के किसी भी जल कार्यक्रम से तुलनीय है। UPSC के लिए JJM GS II (शासन, कल्याण योजनाएँ), GS III (पर्यावरण, जल संसाधन), और महिलाओं की दिहाड़ी और ग्रामीण विकास विषयों में आता है।

जल जीवन मिशन क्या है?

15 अगस्त 2019 को शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित प्रमुख योजना, जिसका लक्ष्य है 2024 तक (अब 2028 तक बढ़ाया गया) हर ग्रामीण परिवार को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) प्रदान करना।

मुख्य उद्देश्य

  • पीने योग्य पानी की 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (lpcd) की सुनिश्चित आपूर्ति।
  • BIS 10500 मानकों के अनुरूप निर्धारित गुणवत्ता।
  • हर ग्रामीण परिवार में दीर्घकालिक टिकाऊ आधार पर।
  • नियमित आपूर्ति — रुक-रुककर नहीं।

प्रमुख विशेषताएँ

पानी समिति / ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC)

हर गाँव में 10-15 सदस्य, जिनमें कम से कम 50% महिलाएँ। स्थानीय जल स्रोत योजना, संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार।

वित्त पोषण

केंद्र और राज्य के बीच 60:40 (पहाड़ी/उत्तर-पूर्व राज्यों के लिए 90:10)। कुल परिव्यय: ₹3.6 लाख करोड़।

उपलब्धियाँ

  • 2019 में 3.23 करोड़ FHTC से 2024 तक 14+ करोड़ नए कनेक्शन।
  • 5 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश 100% हर घर जल घोषित।
  • महिलाओं की पानी लाने की दिनचर्या में महत्वपूर्ण कमी।

चुनौतियाँ

  • गुणवत्ता बनाम मात्रा: कई “कनेक्शन” केवल कागज़ों पर या छिटपुट आपूर्ति वाले।
  • जल गुणवत्ता: आर्सेनिक, फ्लोराइड, नाइट्रेट प्रदूषण — विशेषकर बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल में।
  • संचालन एवं रखरखाव: VWSC क्षमता और स्थानीय धन की कमी।
  • भूजल निर्भरता: कई क्षेत्रों में स्रोत स्थिरता संदिग्ध।

UPSC प्रासंगिकता

GS II और GS III दोनों के लिए प्रासंगिक। 55 lpcd मानदंड, FHTC परिभाषा, 2024 कवरेज आँकड़े और महिला-केंद्रित पहलू याद रखें। प्रश्न: “जल जीवन मिशन की उपलब्धियों और चुनौतियों का मूल्यांकन करें।”

सामान्य प्रश्न

जल जीवन मिशन कब शुरू हुआ और इसका लक्ष्य क्या है?

JJM 15 अगस्त 2019 को शुरू हुआ। इसका लक्ष्य हर ग्रामीण परिवार को FHTC के माध्यम से 55 lpcd पीने योग्य पानी प्रदान करना है।

पानी समिति में महिलाओं की भागीदारी क्या है?

VWSC में कम से कम 50% महिलाएँ होनी चाहिए। यह स्थानीय जल प्रबंधन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।

JJM की मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?

गुणवत्ता बनाम मात्रा की समस्या, आर्सेनिक-फ्लोराइड जल प्रदूषण, VWSC की क्षमता की कमी और भूजल स्रोत की अस्थिरता प्रमुख चुनौतियाँ हैं।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

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