जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (Jal Shakti Abhiyan: Catch the Rain) भारत सरकार का वार्षिक जल संरक्षण अभियान है। इसका उद्देश्य वर्षा जल संचयन, जल निकायों का कायाकल्प और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना है।
भारत में जल संकट
- भारत विश्व की 18% जनसंख्या के साथ केवल 4% मीठे पानी के संसाधन रखता है।
- 2030 तक माँग आपूर्ति की दोगुनी होने का अनुमान।
- 100+ शहर गंभीर जल तनाव में।
- भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है।
जल शक्ति अभियान (JSA) के बारे में
- पहली बार 2019 में; 2021 से “कैच द रेन” विषय के साथ वार्षिक।
- नारा: “जहाँ गिरे वर्षा, वहाँ बचाएँ”।
- मार्च से नवंबर — मानसून-पूर्व और मानसून काल।
घटक और गतिविधियाँ
- वर्षा जल संचयन — छत से जल संग्रह।
- जल निकायों का कायाकल्प — तालाब, झीलें, कुएँ।
- Check dams और बंधारे।
- अटल भूजल योजना — 7 राज्यों में सामुदायिक भूजल प्रबंधन।
- जन आंदोलन — ग्राम सभा स्तर पर जागरूकता।
जल जीवन मिशन (JJM)
- 2019 में लॉन्च; 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में नल से जल।
- अप्रैल 2025 तक ~15.5 करोड़ घरों को नल कनेक्शन।
- लक्ष्य: 19.5 करोड़ ग्रामीण घर।
AMRUT 2.0 (शहरी जल)
- सभी 4,700+ शहरों में 100% जल आपूर्ति कवरेज।
- ₹2.99 लाख करोड़ निवेश।
चुनौतियाँ
- कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) की गुणवत्ता में असमानता।
- जल निकायों के अतिक्रमण की समस्या।
- भूजल कानून का कमजोर कार्यान्वयन।
यूपीएससी प्रासंगिकता
- GS-III: जल संसाधन, पर्यावरण।
- GS-II: सरकारी योजनाएँ — JJM, AMRUT।
- मुख्य: “जल संकट के समाधान में जल शक्ति अभियान की भूमिका।”
जल शक्ति अभियान और जल जीवन मिशन मिलकर भारत के जल सुरक्षा लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन बनाना और भूजल प्रबंधन को सामुदायिक जिम्मेदारी बनाना इस अभियान की कुंजी है।