UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

जलवायु परिवर्तन का क्रायोस्फीयर पर प्रभाव — यूपीएससी पर्यावरण नोट्स

क्रायोस्फीयर पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव — हिमनद पिघलाव, समुद्री बर्फ, पर्माफ्रॉस्ट और भारतीय संदर्भ — यूपीएससी पर्यावरण के लिए।

Impact of Climate Change on Cryosphere — UPSC Environment Notes — UPSC featured image

क्रायोस्फीयर (Cryosphere) पृथ्वी के उन क्षेत्रों को कहते हैं जहाँ जल बर्फ के रूप में पाया जाता है — हिमनद, हिम आवरण, समुद्री बर्फ, पर्माफ्रॉस्ट और हिमनदी झीलें। जलवायु परिवर्तन के कारण क्रायोस्फीयर का तेज़ी से क्षरण हो रहा है, जिसके वैश्विक और भारतीय परिणाम गंभीर हैं।

क्रायोस्फीयर का महत्त्व

  • मीठे जल का भंडार: विश्व के 69% मीठे जल का भंडारण।
  • जलवायु नियंत्रण: बर्फ की परावर्तनशीलता (Albedo) सूर्य की ऊर्जा को वापस परावर्तित करती है।
  • समुद्र स्तर: हिमनद पिघलने से समुद्र स्तर बढ़ता है।
  • नदी प्रवाह: हिमनद नदियों के लिए जल स्रोत।

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

हिमनद पिघलाव

हिमालयी हिमनद “एशिया के जल मीनार” कहलाते हैं। ये गंगा, यमुना, सिंधु, ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों का स्रोत हैं। IPCC रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान दर पर 2100 तक हिमालय के 2/3 हिमनद पिघल सकते हैं।

GLOF (हिमनदी झील विस्फोट बाढ़)

पिघलते हिमनदों से बनी झीलें अचानक टूट सकती हैं — इसे Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) कहते हैं। 2013 की केदारनाथ आपदा और 2021 की चमोली आपदा इसी प्रकार की थी।

आर्कटिक बर्फ का पिघलाव

आर्कटिक समुद्री बर्फ 1979 से 13% प्रति दशक की दर से घट रही है। इससे जेट स्ट्रीम कमज़ोर होती है, जो मौसम के पैटर्न को बिगाड़ती है।

पर्माफ्रॉस्ट का पिघलाव

साइबेरिया, कनाडा और अलास्का में स्थायी रूप से जमी मिट्टी (Permafrost) पिघलने से मीथेन जैसी शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस निकलती है — यह जलवायु परिवर्तन को और तेज़ करता है।

भारत पर विशेष प्रभाव

  • गंगा और सिंधु बेसिन में जल संकट।
  • उत्तराखंड और हिमाचल में बाढ़ और भूस्खलन।
  • कृषि पर प्रभाव — मानसून पैटर्न में बदलाव।
  • पर्यटन और हिमपात में कमी।

वैश्विक प्रयास

  • IPCC (जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल) की रिपोर्टें।
  • पेरिस समझौता 2015: 1.5°C तापमान सीमा।
  • मिशन इनोवेशन और क्लाइमेट फाइनेंस।

यूपीएससी के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • क्रायोस्फीयर = हिमनद + समुद्री बर्फ + पर्माफ्रॉस्ट + हिम आवरण।
  • हिमालयी हिमनद: एशिया की 10 प्रमुख नदियों का स्रोत।
  • GLOF: हिमनदी झील विस्फोट बाढ़।
  • पर्माफ्रॉस्ट पिघलाव → मीथेन → अधिक वार्मिंग (फीडबैक लूप)।
  • IPCC रिपोर्ट 2023: क्रायोस्फीयर पर गंभीर चेतावनी।

सामान्य प्रश्न

क्रायोस्फीयर क्या है?

क्रायोस्फीयर पृथ्वी के वे क्षेत्र हैं जहाँ जल बर्फ के रूप में पाया जाता है — हिमनद, समुद्री बर्फ, पर्माफ्रॉस्ट और हिम आवरण। यह विश्व के 69% मीठे जल का भंडार है।

GLOF क्या है?

Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) वह स्थिति है जब पिघलते हिमनद से बनी झील अचानक टूट जाती है। 2013 की केदारनाथ और 2021 की चमोली आपदा GLOF के उदाहरण हैं।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

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