पृथ्वी दिवस (Earth Day) प्रति वर्ष 22 अप्रैल को पर्यावरण संरक्षण के समर्थन हेतु मनाया जाता है। इसे पहली बार 1970 में आयोजित किया गया था, और आज यह 193 देशों में 1 अरब से अधिक लोगों को एक साथ जोड़ता है — दुनिया का सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष नागरिक उत्सव। 2026 की थीम “Our Power, Our Planet” (हमारी शक्ति, हमारा ग्रह) है, जो 2030 तक अक्षय विद्युत उत्पादन को तीन गुना करने का आह्वान करती है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) ने 2009 में 22 अप्रैल को औपचारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी माता दिवस (International Mother Earth Day) के रूप में नामित किया (संकल्प A/RES/63/278)। यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए यह दिन प्रारंभिक परीक्षा के तथ्यों, GS-III पर्यावरण और GS-II अंतर्राष्ट्रीय शासन — तीनों को एक साथ जोड़ता है।
पृथ्वी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
पृथ्वी दिवस की संकल्पना अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन (Gaylord Nelson) ने विस्कॉन्सिन राज्य से दी थी — 1969 के सांता बारबरा तेल-रिसाव के बाद, जो उस समय अमेरिकी इतिहास का सबसे विकराल तेल-रिसाव था। 22 अप्रैल 1970 को 2 करोड़ (20 million) अमेरिकियों ने विश्वविद्यालय कैंपसों और शहरों में रैलियों, टीच-इन और प्रदर्शनों में भाग लिया — यह अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े एक-दिवसीय विरोध-प्रदर्शनों में से एक था।
प्रथम पृथ्वी दिवस के सीधे परिणाम रहे —
- दिसंबर 1970 में अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) की स्थापना
- Clean Air Act (1970), Clean Water Act (1972) और Endangered Species Act (1973) का पारित होना
- वैश्विक स्तर पर आधुनिक पर्यावरण आंदोलन की नींव
पृथ्वी दिवस 2026 की थीम: “Our Power, Our Planet”
वैश्विक आयोजक Earthday.org ने 2026 की थीम “Our Power, Our Planet” निर्धारित की है — 2030 तक वैश्विक स्वच्छ विद्युत उत्पादन को तीन गुना करने पर केंद्रित बहु-वर्षीय अभियान। यह COP28 (दुबई, 2023) में 130+ देशों द्वारा नवीकरणीय क्षमता तीन गुना करने की प्रतिज्ञा पर आधारित है।
विगत वर्षों की थीम
| वर्ष | थीम |
|---|---|
| 2026 | Our Power, Our Planet |
| 2025 | Our Power, Our Planet |
| 2024 | Planet vs Plastics |
| 2023 | Invest in Our Planet |
| 2022 | Invest in Our Planet |
| 2021 | Restore Our Earth |
| 2020 | Climate Action (50वीं वर्षगाँठ) |
| 2019 | Protect Our Species |
| 2018 | End Plastic Pollution |
पृथ्वी दिवस का इतिहास — 1970 से 2026 तक

पृथ्वी दिवस से जुड़े संगठन
- EARTHDAY.ORG (पूर्व नाम Earth Day Network) — पृथ्वी दिवस अभियानों का वैश्विक समन्वयक; 1970 में स्थापित।
- UNEP (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम) — 1972 में स्टॉकहोम सम्मेलन के बाद स्थापित; मुख्यालय नैरोबी, केन्या।
- UNFCCC — जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन; 1992 रियो में जन्मा; पेरिस समझौते का आधार।
पृथ्वी दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय शासन
पृथ्वी दिवस कोई अकेला आयोजन नहीं है — यह बहुपक्षीय पर्यावरणीय संधियों के सघन जाल का हिस्सा है। यूपीएससी अभ्यर्थियों को अवश्य याद रखने योग्य प्रमुख सम्मेलन एवं कन्वेंशन —
| वर्ष | आयोजन | परिणाम |
|---|---|---|
| 1972 | मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, स्टॉकहोम | स्टॉकहोम घोषणा; UNEP की स्थापना |
| 1987 | ब्रुंडलैंड रिपोर्ट — Our Common Future | “सतत विकास” की परिभाषा |
| 1987 | मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल | ओज़ोन-क्षय पदार्थों का चरणबद्ध उन्मूलन |
| 1992 | रियो अर्थ समिट (UNCED) | UNFCCC, CBD, UNCCD (तीन रियो कन्वेंशन); एजेंडा 21 |
| 1997 | क्योटो प्रोटोकॉल | विकसित देशों के लिए पहला बाध्यकारी उत्सर्जन-कटौती |
| 2002 | जोहान्सबर्ग समिट (रियो+10) | Plan of Implementation |
| 2012 | रियो+20 | “The Future We Want” — SDGs की प्रक्रिया आरंभ |
| 2015 | पेरिस समझौता (COP21) | 1.5°C लक्ष्य, NDCs, वैश्विक मूल्यांकन |
| 2023 | COP28 दुबई | वैश्विक स्टॉकटेक; “जीवाश्म ईंधन से संक्रमण” |
| 2025 | COP30 बेलेम, ब्राज़ील | अद्यतन NDCs; Just Transition कार्य-कार्यक्रम |
भारत की जलवायु प्रतिबद्धताएँ — पंचामृत

COP26 (ग्लासगो, नवंबर 2021) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पंचामृत की घोषणा की — जलवायु कार्य-योजना के पाँच “अमृत तत्त्व”। इन्हें अद्यतन NDC (अगस्त 2022) में औपचारिक रूप दिया गया —
- 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन विद्युत स्थापित क्षमता
- 2030 तक 50% विद्युत नवीकरणीय स्रोतों से
- अभी से 2030 तक प्रक्षेपित उत्सर्जन में 1 अरब टन की संचयी कटौती
- 2030 तक GDP की उत्सर्जन-सघनता में 2005 के स्तर से 45% की कटौती (पूर्व में 33–35% था)
- 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन
मिशन LiFE — पृथ्वी दिवस में भारत का योगदान
मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने COP27 (शर्म अल-शेख, नवंबर 2022) में की। यह उस प्रश्न का भारतीय उत्तर है — व्यक्ति धरती के लिए क्या कर सकता है?
LiFE जलवायु विमर्श को राष्ट्र-राज्य के लक्ष्यों से हटाकर व्यक्तिगत व्यवहार की ओर मोड़ता है। इसके सात विषयगत क्षेत्र हैं —
- ऊर्जा की बचत
- जल की बचत
- एकल-उपयोग प्लास्टिक को ‘न’ कहना
- संधारणीय खाद्य-प्रणालियाँ अपनाना
- अपशिष्ट में कमी (ई-कचरा, खाद्य-अपव्यय)
- स्वस्थ जीवन-शैली अपनाना
- ई-कचरा कम करना
भारत में प्रमुख पर्यावरण क़ानून एवं योजनाएँ
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 — छतरी-क़ानून (भोपाल त्रासदी के बाद)
- वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981
- जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974
- वन संरक्षण अधिनियम, 1980 (2023 में संशोधित)
- वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972
- जैविक विविधता अधिनियम, 2002
- NAPCC (2008) — 8 राष्ट्रीय मिशन, जिनमें सौर, उन्नत ऊर्जा दक्षता, जल, हिमालयी पारिस्थितिकी-तंत्र, हरित भारत, सतत कृषि, जलवायु परिवर्तन हेतु रणनीतिक ज्ञान तथा सतत आवास शामिल हैं
- पीएम सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना (2024) — 1 करोड़ रूफ़टॉप सोलर घर
- ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम (2023)
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023)
- नमामि गंगे मिशन
वैश्विक जलवायु वार्ताओं में भारत का पक्ष
भारत का वार्ता-दृष्टिकोण सामान्य परंतु विभेदित उत्तरदायित्व (Common But Differentiated Responsibilities — CBDR) पर टिका है — यह सिद्धांत रियो 1992 में स्थापित हुआ। मूल स्थितियाँ —
- ऐतिहासिक उत्तरदायित्व: जलवायु संकट विकसित देशों ने पैदा किया; शमन (mitigation) में वे नेतृत्व करें।
- प्रति-व्यक्ति समता: भारत की प्रति-व्यक्ति उत्सर्जन (~1.9 tCO2e) वैश्विक औसत का एक-तिहाई है; अमेरिका का लगभग सातवाँ हिस्सा।
- जलवायु वित्त: विकसित देशों की 100 अरब डॉलर/वर्ष की प्रतिज्ञा अधूरी है; भारत 2025 के बाद 1 ट्रिलियन डॉलर/वर्ष की माँग करता है।
- प्रौद्योगिकी हस्तांतरण: हरित तकनीक हेतु IPR में लचीलापन।
- हानि एवं क्षति कोष (Loss and Damage Fund) — COP28 पर परिचालन में आया; भारत विकासशील देशों का प्रमुख प्रवक्ता।
प्रमुख पर्यावरणीय ख़तरे — यूपीएससी सूची
- जलवायु परिवर्तन — IPCC AR6 के अनुसार 1.5°C की सीमा एक दशक के भीतर पार होने की संभावना
- जैव-विविधता हानि — 10 लाख प्रजातियाँ विलुप्ति के संकट में (IPBES 2019)
- वायु प्रदूषण — विश्व के 50 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से 39 भारत में (IQAir 2024)
- प्लास्टिक प्रदूषण — प्रति वर्ष 1.1 करोड़ टन समुद्र में; भारत ने 2022 में 19 SUP वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया
- जल-तनाव — नीति आयोग समग्र जल-प्रबंधन सूचकांक
- वनों की कटाई — भारत में कुल वन-आवरण बढ़ रहा है, पर सघन वन घट रहे हैं
- मृदा-क्षरण — भारत की 30% भूमि क्षरित (UNCCD)
यूपीएससी प्रासंगिकता
प्रारंभिक परीक्षा बिंदु
- पृथ्वी दिवस — 22 अप्रैल; पहली बार 1970
- संस्थापक: सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन
- संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘International Mother Earth Day’ के रूप में नामकरण: 2009
- स्टॉकहोम 1972 → UNEP (नैरोबी, केन्या)
- रियो 1992 → UNFCCC, CBD, UNCCD (3 रियो कन्वेंशन)
- क्योटो 1997 → पेरिस 2015 → COP28 दुबई → COP30 बेलेम
- भारत का नेट-ज़ीरो लक्ष्य वर्ष: 2070
- मिशन LiFE — COP27, 2022
- भारत का NAPCC (2008) — 8 मिशन
मुख्य परीक्षा GS-III विषय
- जलवायु वार्ताओं में समता — CBDR और भारत की स्थिति
- नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण — भूमि, ग्रिड, भंडारण और वित्त की चुनौतियाँ
- जलवायु वित्त-तंत्र — GCF, Loss & Damage Fund
- व्यवहार-परिवर्तन की दृष्टि से मिशन LiFE का आकलन
- हरित हाइड्रोजन — भारत के लिए अवसर
- कार्बन बाज़ार — पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6; भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना 2023
सामान्य प्रश्न
पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है?
पहला पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल 1970 को आयोजित हुआ था — 1969 के सांता बारबरा तेल-रिसाव के बाद अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने इसे आयोजित किया। 2009 में संयुक्त राष्ट्र ने इसी तिथि को ‘अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी माता दिवस’ घोषित किया।
पृथ्वी दिवस 2026 की थीम क्या है?
पृथ्वी दिवस 2026 की थीम “Our Power, Our Planet” है — जिसका केंद्र-बिंदु 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय विद्युत उत्पादन को तीन गुना करना है।
भारत का नेट-ज़ीरो लक्ष्य वर्ष कौन-सा है?
2070। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे COP26 ग्लासगो (नवंबर 2021) में पाँच-सूत्रीय ‘पंचामृत’ प्रतिज्ञा के हिस्से के रूप में घोषित किया था।
पृथ्वी दिवस के पितामह कौन हैं?
विस्कॉन्सिन, अमेरिका के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन। उन्होंने 1970 में पहले पृथ्वी दिवस की संकल्पना दी और पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए उन्हें 1995 में Presidential Medal of Freedom से सम्मानित किया गया।
पृथ्वी दिवस और विश्व पर्यावरण दिवस में क्या अंतर है?
पृथ्वी दिवस (22 अप्रैल) सीनेटर नेल्सन द्वारा 1970 में शुरू किया गया नागरिक आंदोलन है, जिसका समन्वय Earthday.org करता है। विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) संयुक्त राष्ट्र का आयोजन है, जो 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन में स्थापित हुआ, और UNEP हर वर्ष एक अलग मेज़बान देश के साथ इसे आयोजित करता है।
मिशन LiFE क्या है?
मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) COP27 (2022) में प्रारंभ भारत की व्यवहार-आधारित जलवायु पहल है। यह ऊर्जा-बचत, जल-संरक्षण और प्लास्टिक-प्रयोग में कमी सहित सात विषयगत क्षेत्रों में व्यक्तिगत स्तर पर सतत विकल्पों को प्रोत्साहित करती है।