UPSC रिज़ल्ट 2026 सिविल सेवा परीक्षा 2026 के पूरे चक्र को कवर करता है — प्रीलिम्स मई 2026 में, मेन्स अगस्त–सितंबर 2026 में, व्यक्तित्व परीक्षण 2027 की शुरुआत में, और अंतिम नतीजा अप्रैल–मई 2027 में। यह पन्ना इस चक्र का सरकारी UPSC परीक्षा कैलेंडर, सबसे ताज़ा पक्के टॉपर — शक्ति दुबे (AIR 1, CSE 2024) और आदित्य श्रीवास्तव (AIR 1, CSE 2023) — और वर्गवार कट-ऑफ़ अंक बताता है, जिनसे अभ्यर्थी अपनी तैयारी नाप सकें।
AnantamIAS इस पन्ने को हर सरकारी UPSC घोषणा के 24 घंटे के भीतर अपडेट करता है: प्रीलिम्स आंसर की, प्रीलिम्स रिज़ल्ट, मेन्स रिज़ल्ट, और वर्गवार कट-ऑफ़ के साथ अंतिम मेरिट लिस्ट।
UPSC CSE 2026 परीक्षा कैलेंडर (अपडेटेड)
सिविल सेवा परीक्षा 2026 के चक्र के लिए UPSC की जारी की गई आधिकारिक तारीख़ें। ये UPSC वार्षिक कैलेंडर 2026 की अधिसूचना (फ़रवरी 2026 में जारी) से पक्की हैं।
| चरण | तारीख़ | स्थिति |
|---|---|---|
| प्रीलिम्स (CSE 2026) | 24 मई 2026 (रविवार) | GS पेपर I (09:30–11:30) + CSAT पेपर II (14:30–16:30) |
| प्रीलिम्स आंसर की (अस्थायी) | मई 2026 का आख़िरी हफ़्ता | कोचिंग की आंसर की आम तौर पर पहले ही दिन शाम को; UPSC की आधिकारिक की 2–3 दिन बाद |
| प्रीलिम्स रिज़ल्ट | जून के आख़िर से जुलाई 2026 की शुरुआत | मेन्स के लिए क्वालिफ़ाई करने वालों के रोल नंबर |
| मेन्स आवेदन की खिड़की (DAF-1) | जुलाई 2026 | प्रीलिम्स रिज़ल्ट के बाद |
| मेन्स परीक्षा (CSE 2026) | अगस्त / सितंबर 2026 (5 दिन) | वैकल्पिक विषय समेत 9 लिखित पेपर |
| मेन्स रिज़ल्ट | दिसंबर 2026 – जनवरी 2027 | इंटरव्यू के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों के रोल नंबर |
| व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) | जनवरी – मार्च 2027 | UPSC धौलपुर हाउस, नई दिल्ली में |
| CSE 2026 अंतिम रिज़ल्ट | अप्रैल–मई 2027 | नाम, रैंक और मिली सेवा के साथ मेरिट लिस्ट |
तुरंत जानकारी के लिए UPSC के आधिकारिक अधिसूचना पन्ने (upsc.gov.in) और UPSC के आधिकारिक X / ट्विटर खाते (@upsc_ind) से जुड़े रहिए। AnantamIAS हर घोषणा को 24 घंटे के भीतर इस पन्ने पर दे देगा।
UPSC CSE 2024 के टॉपर — अंतिम रिज़ल्ट 22 अप्रैल 2025 को घोषित
UPSC ने 22 अप्रैल 2025 को CSE 2024 का नतीजा जारी किया, जिसमें IAS, IPS, IFS और दूसरी ग्रुप-A केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए 1,009 अभ्यर्थियों की सिफ़ारिश की गई। प्रयागराज (इलाहाबाद) की शक्ति दुबे ने राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय के साथ, अपने पाँचवें प्रयास में पहला स्थान पाया — और वे पिछले एक दशक में CSE टॉप करने वाली गिनी-चुनी महिलाओं में शामिल हो गईं।
टॉप 10 — UPSC CSE 2024
| AIR | नाम | वैकल्पिक विषय | गृह राज्य / इलाक़ा | प्रयास |
|---|---|---|---|---|
| 1 | शक्ति दुबे | राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध | उत्तर प्रदेश (प्रयागराज) | 5वाँ |
| 2 | हर्षिता गोयल | राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध | गुजरात (वडोदरा) | 3रा |
| 3 | डोंगरे अर्चित पराग | समाजशास्त्र | महाराष्ट्र | 3रा |
| 4 | शाह मार्गी चिराग | मानवशास्त्र | गुजरात | 4था |
| 5 | आकाश गर्ग | राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध | दिल्ली | 4था |
| 6 | कोमल पूनिया | इतिहास | हरियाणा | 4था |
| 7 | आयुष बंसल | गणित | पंजाब | 3रा |
| 8 | राज कृष्ण झा | मानवशास्त्र | बिहार | 3रा |
| 9 | आदित्य विक्रम अग्रवाल | समाजशास्त्र | दिल्ली | 2रा |
| 10 | मयंक त्रिपाठी | संस्कृत | उत्तर प्रदेश | 3रा |
स्रोत: अभ्यर्थियों की सिफ़ारिश पर UPSC की अधिसूचना — सिविल सेवा परीक्षा 2024 (22 अप्रैल 2025 को जारी)।
CSE 2024 से निकली मुख्य बातें
- 1,009 अभ्यर्थियों की सिफ़ारिश — सामान्य 335, EWS 109, OBC 318, SC 160, ST 87 (गोल संख्या; PwBD आरक्षण इन्हीं वर्गों के भीतर लागू होता है)।
- टॉप 10 में महिला अभ्यर्थी: तीन (AIR 1 शक्ति दुबे, AIR 2 हर्षिता गोयल, AIR 6 कोमल पूनिया) — पाँच साल में सबसे ज़्यादा।
- टॉप 5 पर राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध का दबदबा, क्योंकि पहले पाँच में से तीन (AIR 1, 2, 5) ने इसे ही वैकल्पिक विषय चुना।
- टॉप 10 के प्रयासों का मध्यमान: 3.5 — यानी सबसे ऊपर की रैंकों पर CSE शायद ही पहली कोशिश में निकलती है।
- भौगोलिक फैलाव: उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार — पूरे देश से नुमाइंदगी, किसी एक कोचिंग हब का दबदबा नहीं।
CSE 2024 कट-ऑफ़ अंक (अंतिम, 22 अप्रैल 2025 को जारी)
प्रीलिम्स कट-ऑफ़ (GS पेपर I, 200 में से):
| वर्ग | कट-ऑफ़ अंक |
|---|---|
| सामान्य (UR) | 87.98 |
| EWS | 85.92 |
| OBC | 87.98 |
| SC | 79.03 |
| ST | 74.23 |
| PwBD-1 (दृष्टि) | 40.40 |
| PwBD-2 (श्रवण) | 47.13 |
| PwBD-3 (चलने-फिरने) | 53.51 |
| PwBD-5 (एक से ज़्यादा) | 40.40 |
अंतिम कट-ऑफ़ (मेन्स + इंटरव्यू, 2,025 में से):
| वर्ग | आख़िरी चुने गए अभ्यर्थी के अंक (2025 में से) |
|---|---|
| सामान्य (UR) | 953 |
| EWS | 913 |
| OBC | 920 |
| SC | 880 |
| ST | 843 |
| PwBD-1 | 788 |
| PwBD-2 | 888 |
| PwBD-3 | 771 |
UPSC CSE 2023 के टॉपर — अंतिम रिज़ल्ट 16 अप्रैल 2024 को घोषित
लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव (IIT कानपुर से विद्युत अभियांत्रिकी) ने CSE 2023 में पहला स्थान पाया और 2,025 में से 1,099 अंक हासिल किए — जो एक दशक से ज़्यादा समय में दूसरा सबसे ऊँचा कुल स्कोर है। इस सूची में 1,105 घोषित पदों के मुक़ाबले 1,016 अभ्यर्थियों की सिफ़ारिश हुई।
टॉप 10 — UPSC CSE 2023
| AIR | नाम | वैकल्पिक विषय | गृह राज्य / इलाक़ा | प्रयास |
|---|---|---|---|---|
| 1 | आदित्य श्रीवास्तव | विद्युत अभियांत्रिकी | उत्तर प्रदेश (लखनऊ) | 3रा (सेवा में — IPS, AGMUT 2022) |
| 2 | अनिमेष प्रधान | वाणिज्य एवं लेखाविधि | ओडिशा (नयागढ़) | 2रा |
| 3 | डोनुरु अनन्या रेड्डी | मानवशास्त्र | तेलंगाना (महबूबनगर) | 1ला |
| 4 | पाल अग्रवाल आकाश | मानवशास्त्र | मध्य प्रदेश | 3रा |
| 5 | रुहानी | लोक प्रशासन | दिल्ली | 2रा |
| 6 | सृष्टि दबास | लोक प्रशासन | दिल्ली | 3रा |
| 7 | अनमोल राठौर | भूगोल | राजस्थान | 3रा |
| 8 | आशीष कुमार | मानवशास्त्र | हरियाणा | 2रा |
| 9 | नौशीन | मानवशास्त्र | कर्नाटक | 3रा |
| 10 | ऐश्वर्यम प्रजापति | इतिहास | मध्य प्रदेश | 2रा |
CSE 2023 कट-ऑफ़ अंक
| वर्ग | प्रीलिम्स (GS-I) | अंतिम (2025 में से) |
|---|---|---|
| सामान्य (UR) | 75.41 | 953 |
| EWS | 68.02 | 923 |
| OBC | 74.75 | 927 |
| SC | 59.25 | 883 |
| ST | 47.82 | 854 |
2023 और 2024 की तुलना: सामान्य वर्ग की प्रीलिम्स कट-ऑफ़ 75.41 (2023) से बढ़कर 87.98 (2024) हो गई — यानी 12.5 अंक की छलाँग, जो या तो थोड़े आसान प्रीलिम्स पेपर की ओर इशारा करती है या ज़्यादा मज़बूत अभ्यर्थियों की। अंतिम कट-ऑफ़ मोटे तौर पर 950 के आसपास टिकी रही।
कुल पदों का रुझान (2020–2025)
| चक्र का साल | घोषित पद | सिफ़ारिश किए गए अभ्यर्थी | चयन अनुपात (प्रीलिम्स देने वालों के मुक़ाबले) |
|---|---|---|---|
| CSE 2020 | 796 | 761 | ~0.16% |
| CSE 2021 | 712 | 685 | ~0.14% |
| CSE 2022 | 861 | 933 | ~0.20% |
| CSE 2023 | 1,105 | 1,016 | ~0.19% |
| CSE 2024 | 1,056 | 1,009 | ~0.18% |
| CSE 2025 (चक्र) | 979 (फ़रवरी 2025 में घोषित) | घोषणा बाक़ी | बाक़ी |
CSE 2026 के पद (फ़रवरी 2026 में घोषित 979) CSE 2024 के मुक़ाबले थोड़े कम हैं — तीन चक्रों में सबसे कम। पदों की संख्या ही अंतिम कट-ऑफ़ का दबाव तय करती है, इसलिए CSE 2024 के मुक़ाबले सामान्य वर्ग की कट-ऑफ़ 5–10 अंक ऊपर जाने की उम्मीद रखिए।
हाल के टॉपरों से निकले रुझान (CSE 2023 + 2024)
इंजीनियरिंग वाले अब भी ऊपर की रैंकों पर छाए हुए हैं। CSE 2023 और 2024 दोनों में टॉप 10 के आधे अभ्यर्थियों की पढ़ाई तकनीकी थी (IIT, NIT, बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज) — हालाँकि उनमें से ज़्यादातर ने वैकल्पिक विषय गणित नहीं, बल्कि मानविकी वाले चुने: मानवशास्त्र, PSIR, समाजशास्त्र।
टॉप 10 में सबसे ज़्यादा चुना गया वैकल्पिक विषय मानवशास्त्र है — 2023 में 10 में से 4, और 2024 में 10 में से 2। वजह: छोटा पाठ्यक्रम, उत्तर लिखने का तय साँचा, और ऊँचे अंक की गुंजाइश। इसकी तुलना राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध से कीजिए, जो ठीक AIR 1 पर ज़्यादा दिखता है (शक्ति दुबे, हर्षिता गोयल, आकाश गर्ग)।
कई प्रयास आम बात है। CSE 2024 के टॉप 10 के प्रयासों का मध्यमान 3.5 था; CSE 2023 का मध्यमान भी 2.5 था। बिल्कुल ऊपर की रैंकों पर पहली कोशिश में सफलता अपवाद ही है (2023 में AIR 3 डोनुरु अनन्या रेड्डी इसका बड़ा उदाहरण थीं)।
इंटरव्यू के अंक मेरिट लिस्ट को दबा देते हैं। 275 में से इंटरव्यू के अंक आम तौर पर 130–215 के बीच रहते हैं; इंटरव्यू में 50 अंक का फ़ासला मेरिट लिस्ट में क़रीब 80 रैंक के फ़र्क़ के बराबर है। जिनके इंटरव्यू के अंक अच्छे (180 से ऊपर) होते हैं वे रैंक में छलाँग लगाते हैं; कमज़ोर इंटरव्यू (150 से नीचे) उन्हें भारी पड़ता है।
राज्यों का दायरा बढ़ रहा है। CSE 2024 के टॉप 10 में उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और बिहार से अभ्यर्थी थे — यानी 2020 से पहले वाले नतीजों में दिखने वाला दिल्ली और दक्षिण भारत का एकाधिकार टूट रहा है।
टॉपर के आँकड़ों का सही इस्तेमाल कैसे करें
टॉपर इंटरव्यू हर जगह हैं। सब पढ़ते हैं। ज़्यादातर लोग उनसे ग़लत सबक़ निकालते हैं।
हर टॉपर से यह नोट कीजिए:
- वैकल्पिक विषय का चुनाव और उसके पीछे की असली वजह (पढ़ाई का बैकग्राउंड + पाठ्यक्रम का ओवरलैप + अंक की गुंजाइश)।
- कितने प्रयास लगे और हर प्रयास के बीच उन्होंने क्या बदला — कुल संख्या से ज़्यादा यही फ़र्क़ मायने रखता है।
- कमज़ोर विषयों के लिए उन्होंने कौन-सी किताबें और सामग्री इस्तेमाल की — आसान विषयों के लिए नहीं।
- मॉक टेस्ट कितनी बार दिए और उन्हें जाँचने का तरीक़ा क्या था (सिर्फ़ गिनती नहीं)।
यह छोड़ दीजिए:
- रोज़ाना कितने घंटे पढ़ा, इसके दावे — अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर बताए जाते हैं या सिर्फ़ उनके एक ख़ास दौर की बात होते हैं।
- मैंने सिर्फ़ ये 5 किताबें पढ़ीं जैसे दावे — बाद में गढ़ी गई सरल कहानियाँ।
- बिल्कुल परफ़ेक्ट दिखने वाली दिनचर्या, जिसके लिए ऐसा अनुशासन चाहिए जो शायद आपके पास न हो।
2023 और 2024, दोनों के टॉप 10 में सबसे लगातार दिखने वाला पैटर्न: उत्तर लेखन का अभ्यास शुरू से (पहले चरण से, आख़िरी 60 दिनों में नहीं) और किसी एक कोचिंग संस्थान पर बिल्कुल निर्भरता न होना। टॉपर लगातार कई स्रोतों की सामग्री इस्तेमाल करते रहे, और फिर अपने नोट्स एक ही ढाँचे में ढाल लिए।
UPSC के नतीजे और कट-ऑफ़ कहाँ देखें
- आधिकारिक नतीजों का पन्ना: upsc.gov.in → Examinations → Civil Services (Main) Examination और Civil Services (Preliminary) Examination
- UPSC पोर्टल पर नतीजे की सूचना: रोल नंबर से लॉगिन करने पर अपनी स्थिति दिखती है
- राजपत्र अधिसूचना: अंतिम मेरिट लिस्ट भारत के राजपत्र में छपती है
- UPSC का X (ट्विटर) — @upsc_ind: नतीजे आने पर आधिकारिक घोषणाएँ
- यह पन्ना: हर UPSC घोषणा के 24 घंटे के भीतर यहाँ भी दे दिया जाता है
UPSC नतीजे की अलग से कोई ईमेल या SMS नहीं भेजता। आपको वेबसाइट ख़ुद देखनी पड़ती है। नतीजों की PDF upsc.gov.in पर कई साल तक पड़ी रहती हैं — कट-ऑफ़ पर काम करने के लिए यह बहुत काम की चीज़ है।
सामान्य प्रश्न
UPSC CSE 2025 का नतीजा कब आएगा?
UPSC CSE 2025 का अंतिम नतीजा अप्रैल–मई 2026 में आने की उम्मीद है, जो जनवरी–अप्रैल 2026 में हुए व्यक्तित्व परीक्षण के बाद आएगा। सही तारीख़ UPSC नतीजा छपने से क़रीब 48–72 घंटे पहले upsc.gov.in पर बताता है।
UPSC CSE 2024 में टॉप किसने किया?
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) की शक्ति दुबे ने राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय के साथ, अपने पाँचवें प्रयास में UPSC CSE 2024 में पहला स्थान पाया। नतीजा 22 अप्रैल 2025 को घोषित हुआ था। वे पिछले एक दशक में CSE टॉप करने वाली गिनी-चुनी महिलाओं में शामिल हैं।
UPSC CSE 2023 में टॉप किसने किया?
लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव, जो IIT कानपुर से विद्युत अभियांत्रिकी के स्नातक हैं (IPS, AGMUT बैच 2022), ने विद्युत अभियांत्रिकी वैकल्पिक विषय के साथ अपने तीसरे प्रयास में UPSC CSE 2023 में पहला स्थान पाया। नतीजा 16 अप्रैल 2024 को घोषित हुआ। उनका कुल स्कोर 2,025 में से 1,099 था।
UPSC प्रीलिम्स 2026 की परीक्षा तारीख़ क्या है?
UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 रविवार, 24 मई 2026 को दो पालियों में होगी: GS पेपर I (09:30–11:30) और CSAT पेपर II (14:30–16:30)। यह CSE 2026 चक्र का पहला चरण है।
हर साल कितने अभ्यर्थी UPSC CSE निकालते हैं?
UPSC हर साल क़रीब 1,000 अभ्यर्थियों की सिफ़ारिश करता है। CSE 2024 में 1,009 अभ्यर्थियों की सिफ़ारिश हुई; CSE 2023 में 1,016; CSE 2022 में 933। प्रीलिम्स देने वालों के मुक़ाबले चयन अनुपात क़रीब 0.15–0.20 प्रतिशत रहता है।
UPSC के अंतिम अंक कैसे जोड़े जाते हैं?
अंतिम अंक = मेन्स (मेरिट में गिने जाने वाले 7 पेपरों के 1,750 अंक) + व्यक्तित्व परीक्षण/इंटरव्यू (275 अंक) = कुल 2,025। प्रीलिम्स के अंक अंतिम जोड़ में नहीं गिने जाते — वे सिर्फ़ क्वालिफ़ाइंग होते हैं। मेन्स के क्वालिफ़ाइंग पेपर (अनिवार्य भारतीय भाषा + अंग्रेज़ी) में सिर्फ़ पास या फ़ेल देखा जाता है।
UPSC प्रीलिम्स 2025 / 2026 की कट-ऑफ़ क्या है?
CSE 2024 में सामान्य वर्ग की प्रीलिम्स कट-ऑफ़ 87.98 (200 में से) थी। CSE 2023 में यह 75.41 थी। CSE 2025 / 2026 की कट-ऑफ़ उनके अपने प्रीलिम्स नतीजों के साथ आएगी — CSE 2026 के लिए जुलाई 2026 में उम्मीद है।
हाल के टॉपरों में सबसे आम वैकल्पिक विषय कौन-सा है?
CSE 2023 (10 में से 4) और CSE 2024 (10 में से 2) — दोनों के टॉप 10 में सबसे ज़्यादा चुना गया वैकल्पिक विषय मानवशास्त्र है। CSE 2024 में AIR 1 से 5 के दायरे पर राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध का दबदबा है (टॉप 5 में से 3)।
कितनी रैंक तक IAS मिल जाता है?
मोटे तौर पर सामान्य वर्ग की ऊपर की 90–110 रैंक तक IAS मिलता है, जो कैडर और पदों के बँटवारे पर निर्भर करता है। इसके बाद IFS और IPS आते हैं, फिर दूसरी केंद्रीय सेवाएँ। सही कट-ऑफ़ हर साल बदलती है; CSE 2024 में IAS की कट-ऑफ़ क़रीब AIR 100 सामान्य वर्ग थी।
UPSC का नतीजा कब तक मान्य रहता है?
नतीजे की मान्यता एक ही बार की होती है — इसकी कोई अलग अवधि नहीं होती। सिफ़ारिश हो जाने के बाद अभ्यर्थी को कैडर आवंटन के हिसाब से मेडिकल जाँच और ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। आरक्षित सूची वाले अभ्यर्थियों को तभी बुलाया जाता है जब कोई चुना गया अभ्यर्थी ज्वाइन न करे और पद ख़ाली रह जाए।
पुराना पन्ना: UPSC रिज़ल्ट 2025 (CSE 2024 का ऐतिहासिक संदर्भ) →