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UPSC प्रीलिम्स 2026 विश्लेषण: GS पेपर-I और CSAT में क्या पूछा गया

UPSC प्रीलिम्स 2026 का सवाल-दर-सवाल हिसाब: GS पेपर-I के 100 सवाल विषय और फ़ॉर्मैट के हिसाब से, CSAT सेक्शन-वार, हटाया गया एक सवाल, और UPSC ने अब तक क्या आधिकारिक किया है।

UPSC Prelims exam — illustrative image for UPSC Prelims Exam Analysis 2026: Check Difficulty Level and Trends

UPSC प्रीलिम्स 2026 विश्लेषण आम तौर पर एक पाई चार्ट और एक शब्द के फ़ैसले के साथ आता है। लेकिन जब तक उसके पीछे के सवाल न दिखें, दोनों से ज़्यादा कुछ हाथ नहीं आता। यह विश्लेषण धीमे रास्ते से बना है। हमने 24 मई 2026 की परीक्षा के सामान्य अध्ययन पेपर-I के सभी 100 सवाल लिए, साथ में CSAT के सभी 80 सवाल भी। फिर हर सवाल को विषय और फ़ॉर्मैट के हिसाब से छाँटकर गिना।

मक़सद एक ऐसी गिनती है जिसे आप ख़ुद जाँच सकें, कोई अंदाज़ा नहीं। नीचे दी गई हर तारीख़, रिक्तियों का हर आँकड़ा, हर नियम UPSC के अपने नोटिस और प्रेस रिलीज़ से लिया गया है। जो बात अभी आधिकारिक नहीं है, जैसे 2026 की कट-ऑफ़, उसके बारे में हम अंदाज़ा लगाने के बजाय साफ़ कह देते हैं।

एक लेख आपका स्कोर नहीं बता सकता, न यह कि आप पास होते या नहीं। लेकिन यह दिखा सकता है कि नंबर कहाँ से आए, UPSC ने किन फ़ॉर्मैट पर ज़ोर दिया, और अगले प्रयास के लिए इसका क्या मतलब है। पूरे लेख में सवालों के नंबर सीरीज़ D के हैं। बाक़ी तीन सीरीज़ में यही सवाल दूसरे क्रम में हैं।

UPSC प्रीलिम्स 2026 एक नज़र में

परीक्षा 24 मई 2026 को दो सत्रों में हुई, और UPSC ने 15 जून को नतीजा घोषित किया। ये वे तथ्य हैं जो तय हो चुके हैं, सब UPSC और PIB के दस्तावेज़ों से:

  • GS पेपर-I: 100 सवाल, 200 अंक, सुबह 9:30 से 11:30 तक। अस्थायी उत्तर कुंजी में एक सवाल हटाया गया, इसलिए 99 सवाल गिनती में आए।
  • CSAT (GS पेपर-II): 80 सवाल, 200 अंक, दोपहर 2:30 से 4:30 तक। कोई सवाल नहीं हटाया गया। यह 33% पर क्वालिफ़ाइंग है, यानी 66 अंक।
  • नेगेटिव मार्किंग: हर ग़लत जवाब पर उस सवाल के एक-तिहाई अंक कटते हैं, दोनों पेपर में।
  • उम्मीदवार: 27 मई 2026 की UPSC रिलीज़ के मुताबिक़ क़रीब 5.49 लाख उम्मीदवार परीक्षा में बैठे।
  • अस्थायी उत्तर कुंजी: 27 मई 2026 को जारी हुई। इस परीक्षा के लिए UPSC ने पहली बार ऐसी कुंजी जारी की। आपत्तियाँ 31 मई, शाम 6 बजे तक भेजी जा सकती थीं।
  • नतीजा: प्रेस नोट 15 जून 2026 का है। 1,016 अधिसूचित रिक्तियों के मुक़ाबले 13,343 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए।
  • अभी जारी नहीं: अंक, कट-ऑफ़ अंक और अंतिम उत्तर कुंजी। UPSC का कहना है कि ये CSE 2026 का अंतिम नतीजा आने के बाद ही आएँगे।

यह आख़िरी बात जितनी दिखती है, उससे ज़्यादा अहम है। आज 2026 प्रीलिम्स की जो भी कट-ऑफ़ बताई जा रही है, वह किसी का अनुमान है, चाहे कितने भी भरोसे से लिखी गई हो।

GS पेपर-I में विषय-वार सवाल

हमारी गिनती में दो विषय सबसे बड़े रहे: करंट अफ़ेयर्स और अंतरराष्ट्रीय संबंध (19 सवाल), फिर अर्थव्यवस्था (18)। इतिहास ज़ोरदार तरीक़े से लौटा, 21 सवालों के साथ, जो प्राचीन, सांस्कृतिक और आधुनिक विषयों में बँटे थे। मध्यकालीन इतिहास से एक भी सवाल नहीं आया।

विषयसवालसवाल नंबर (सीरीज़ D)
प्राचीन इतिहास81, 3, 5, 10, 13, 17, 18, 20
कला और संस्कृति82, 4, 9, 11, 14, 15, 16, 27
आधुनिक इतिहास56, 7, 8, 12, 19
मध्यकालीन इतिहास0कोई नहीं
भूगोल721, 23, 24, 29, 35, 36, 40
पर्यावरण और पारिस्थितिकी822, 26, 30, 31, 32, 33, 37, 42
अर्थव्यवस्था1825, 34, 38, 39, 48, 52, 53, 54, 55, 56, 57, 58, 59, 61, 62, 63, 64, 65
विज्ञान और प्रौद्योगिकी1544, 45, 49, 51, 60, 66, 67, 68, 69, 70, 71, 72, 73, 74, 75
राजव्यवस्था और शासन979, 80, 81, 82, 83, 84, 87, 88, 99
करंट अफ़ेयर्स और अंतरराष्ट्रीय संबंध1928, 41, 43, 46, 47, 50, 85, 86, 89, 90, 91, 92, 93, 94, 95, 96, 97, 98, 100
नीतिशास्त्र और शासन के केस स्टडी376, 77, 78
कुल100

इतिहास की तीनों पंक्तियों को साथ पढ़ें, तो इतिहास पेपर का सबसे बड़ा हिस्सा बनता है। पहले दिन की ज़्यादातर प्रतिक्रियाओं में यह बात छूट गई।

हर उलझन एक नियम से सुलझी: सवाल वहाँ जाता है जहाँ से उसका जवाब आता है, वहाँ नहीं जहाँ उसका विषय ख़बरों में दिखा। माधव नेशनल पार्क वाला सवाल (Q22) पर्यावरण में है, क्योंकि उसका जवाब संरक्षित क्षेत्रों की जानकारी से आता है। भले ही टाइगर रिज़र्व की अधिसूचना 2025 की ख़बर थी।

अलग-अलग विश्लेषणों में संख्या अलग क्यों होती है

ज़्यादातर अभ्यर्थी एक ही पेपर के दो विश्लेषण पढ़ते हैं। एक में अर्थव्यवस्था के 18 सवाल होते हैं, दूसरे में 11। फिर वे चुपचाप मान लेते हैं कि किसी एक ने ग़लत गिना। दोनों ने सही गिना हो सकता है। बस दोनों ने अलग तरह से छाँटा है।

100 में से क़रीब 20 सवाल दो विषयों की सीमा पर बैठते हैं। कुछ उदाहरण:

  • Q12, हिल्टन-यंग आयोग की रुपया-स्टर्लिंग दर पर, किसी के लिए आधुनिक इतिहास है और किसी के लिए मौद्रिक अर्थशास्त्र।
  • Q27, अहोम राज्य के मोइदाम पर, विरासत (कला और संस्कृति) में भी रखा जा सकता है, मध्यकालीन इतिहास में भी।
  • Q48, सेमीकंडक्टर प्लांट की जगहों पर, औद्योगिक नीति (अर्थव्यवस्था) भी है और तकनीक (S&T) भी।
  • Q60, रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर, एक ही सवाल में रसायन, खनन का भूगोल और नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन तीनों को छूता है।
  • Q85 और Q93 रक्षा पर हैं। ये कुछ के लिए सुरक्षा मामले हैं, कुछ के लिए रक्षा तकनीक।

हमारा अपना टॉपिक-वाइज़ PYQ बैंक यह असर साफ़ दिखाता है। वह चौड़ी विषय-रेखाओं पर टैग करता है, और उसी 2026 पेपर को ऐसे गिनता है: विज्ञान और प्रौद्योगिकी 20, इतिहास 18, पर्यावरण 13, अर्थव्यवस्था 11, राजव्यवस्था 11, अंतरराष्ट्रीय संबंध 11, भूगोल 8, कला और संस्कृति 4, साथ में सामान्य अध्ययन की एक अलग श्रेणी में 4।

इसलिए किसी भी विषय की गिनती को एक दायरे की तरह पढ़िए। किसी एक विषय में पाँच से सात सवालों का फ़र्क़, जैसे यहाँ अर्थव्यवस्था में है, सीमा वाले सवालों के बँटवारे से आता है, गिनती की ग़लती से नहीं।

इतिहास लौटा, प्राचीन भारत और संस्कृति के रास्ते

इतिहास के 21 में से 16 सवाल प्राचीन भारत और कला-संस्कृति से आए। दिल्ली सल्तनत या मुग़लों पर एक भी सवाल नहीं था। प्राचीन इतिहास के सवाल स्रोतों और सबूतों के बारे में थे:

  • ऋग्वैदिक नदियों के नाम (Q3) और प्लाइस्टोसीन काल में नदियों के रास्ता बदलने के सबूत (Q1)
  • संगम काल के राजा और उनके राजवंश (Q5)
  • अथर्ववेद में क्षेत्र-पत्नी शब्द (Q10)
  • पालि ग्रंथों में सिक्कों का ज़िक्र और मुद्रा अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव (Q13)
  • Mankani ताम्रपत्र और स्थानीय मान (place-value) पद्धति (Q17)
  • हड़प्पा में मिले तकली के चक्कों (spindle-whorls), बाटों और घरों से निकलने वाले निष्कर्ष (Q18)
  • ऋग्वैदिक काल में कुओं से सिंचाई (Q20)

संस्कृति के सवाल सीमित और बारीक थे:

  • शुरुआती बौद्ध कला में ख़ाली आसन (Q2) और अमरावती स्तूप (Q4)
  • पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर का घराना (Q9) और राग बिलावल से मेल खाने वाला कर्नाटक राग (Q11)
  • नागर शैली के शिखर (Q14) और बाघ गुफाओं के भित्तिचित्र (Q16)
  • जैन धर्म में अस्तित्व के रूप (Q15)
  • ताई-अहोम राज्य के मोइदाम (Q27), पेपर का अकेला मध्यकालीन दौर वाला विषय, जिसे विरासत के तौर पर पूछा गया

आधुनिक इतिहास छोटा था, लेकिन विश्लेषण वाला:

  • सुभाष चंद्र बोस ने 1939 में फ़ॉरवर्ड ब्लॉक क्यों बनाया (Q6)
  • 1856 में अवध के विलय के बाद ब्रिटिश नीति (Q7)
  • 1919 के सुधारों में पृथक निर्वाचन (Q8)
  • हिल्टन-यंग आयोग (Q12)
  • एका आंदोलन और बारडोली सत्याग्रह (Q19)

प्राचीन इतिहास के सवाल तारीख़ें रटने वाले नहीं थे। Q18 में हड़प्पा की तीन खोजें दी गई थीं, और पूछा गया था कि उनसे कौन से निष्कर्ष निकलते हैं। यह जानना काफ़ी नहीं था कि घरों में तकली के चक्के मिलते हैं। आपको यह भी देखना था कि निजी कुओं वाले बड़े घर साझा संपत्ति व्यवस्था साबित नहीं करते। इसीलिए जवाब है: केवल 1 और 2।

हमारे PYQ बैंक की अपनी टैगिंग के हिसाब से इतिहास के 2023 में 7, 2024 में भी 7, 2025 में 14 और 2026 में 18 सवाल थे। यानी यह पेपर उस वापसी को आगे ले गया जो एक साल पहले शुरू हुई थी। संस्कृति वाला हिस्सा साल-दर-साल कला और संस्कृति PYQ पेज पर देखा जा सकता है।

अर्थव्यवस्था का झुकाव वित्त और डिजिटल बाज़ार की ओर

अर्थव्यवस्था के 18 में से 11 सवाल वित्तीय उत्पादों, भुगतान व्यवस्था या डिजिटल कॉमर्स पर थे। ज़्यादातर में पूछा गया कि चीज़ काम कैसे करती है, यह नहीं कि उसे कहते क्या हैं:

  • ई-कॉमर्स मॉडल के तौर पर ड्रॉपशिपिंग (Q52)
  • RBI के वित्तीय समावेशन सूचकांक (Financial Inclusion Index) के तीन उप-सूचकांक (Q53)
  • ONDC का मक़सद (Q54) और UPI बनाम डिजिटल रुपया (Q55)
  • असली संपत्तियों का टोकनाइज़ेशन (Q56) और सस्टेनेबिलिटी बॉन्ड (Q57)
  • M1xchange और MSMEs के लिए इनवॉइस डिस्काउंटिंग (Q58)
  • एविएशन हल बीमा और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (Q61); क्राउडफ़ंडिंग (Q62)
  • वित्तीय क्षेत्र के सुधारों वाली समितियाँ (Q63) और NBFC के नियम (Q64)

बाक़ी सात सवाल बुनियादी ढाँचे, खेती और मैक्रो विचारों पर थे:

Q55 को नमूना मानिए। डिजिटल रुपया रिज़र्व बैंक की देनदारी है। इसका मतलब है कि उस पैसे के लिए RBI सीधे आपका देनदार है, जैसे किसी करेंसी नोट के मामले में होता है। UPI भुगतान बैंक खातों के बीच पैसा भेजता है, इसलिए उस बैलेंस के लिए आपका बैंक आपका देनदार है। यह एक बात साफ़ हो जाए, तो वह विकल्प अपने आप कट जाता है जो कहता है कि दोनों मामलों में देनदारी उपयोगकर्ताओं और उनके बैंकों की है।

पूरे सेक्शन का यही ढर्रा है: एक तरीक़ा ठीक से समझ में आ जाए, तो सवाल हल हो जाता है।

करंट अफ़ेयर्स और अंतरराष्ट्रीय संबंध

उन्नीस सवाल विश्व मामलों, सुरक्षा और घटनाओं से आए। इनमें से ज़्यादातर ने यह परखा कि संस्थाएँ काम कैसे करती हैं, यह नहीं कि किसी सम्मेलन में किसने क्या कहा।

  • अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ: INTERPOL नोटिस (Q41), FAO का ब्लू ट्रांसफ़ॉर्मेशन (Q28), वे संधियाँ जिन्हें भारत ने मंज़ूरी नहीं दी (Q89, जो बाद में हटाया गया), कोलंबो प्रोसेस और उससे जुड़े मंच (Q94), दो नोबेल पाने वाली UN एजेंसियाँ (Q95), UN शांति मिशन (Q96), BIMSTEC केंद्र (Q97) और EU की सदस्यता (Q100)
  • भारत के साझेदार और पड़ोसी: जनवरी 2026 में जर्मन चांसलर की यात्रा (Q43), पड़ोसी देशों से जुड़े नदी पुल (Q86), AI इम्पैक्ट समिट 2026 (Q90), भारत-ASEAN कनेक्टिविटी परियोजनाएँ (Q91) और विदेशों में भारत की मदद से बनी परियोजनाएँ (Q92)
  • रक्षा और सुरक्षा: मिशन सुदर्शन चक्र (Q85), भारत में बनने वाले रक्षा उपकरण (Q93) और सेना की कोर के मुख्यालय (Q98)
  • पुरस्कार और घटनाएँ: भौतिकी का 2025 नोबेल पुरस्कार (Q46), ग्रैंड स्लैम टेनिस के नियम (Q47) और BAFTA में फ़िल्म बूंग (Q50)

यह ढर्रा अपने नोट्स में उतार लीजिए। UPSC ने किसी एक घोषणा के बारे में पूछने से कहीं ज़्यादा यह पूछा कि कोई संस्था करती क्या है, कहाँ स्थित है और उसके फ़ैसले किसी पर बाध्यकारी हैं या नहीं।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी: चीज़ें काम कैसे करती हैं

S&T के सभी 15 सवाल किसी ख़ास तकनीक या राष्ट्रीय मिशन पर थे, और इनमें से दस Q66 से Q75 तक एक लगातार सिलसिले में आए।

  • कंप्यूटिंग और AI: DHRUV64 माइक्रोप्रोसेसर (Q44), ब्लॉकचेन (Q51) और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (Q67)
  • रक्षा तकनीक: BIS का बम-निरोधक मानक (Q45), स्टेल्थ (Q68) और ड्रोन स्वॉर्म (Q72)
  • स्वास्थ्य और जीव विज्ञान: जेनेटिक मेडिसिन (Q66) और GenomeIndia (Q73)
  • मिशन: भारत फ़ोरकास्ट सिस्टम (Q49), निजी अंतरिक्ष कंपनियाँ और IN-SPACe (Q71), राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (Q74) और डीप ओशन मिशन (Q75)
  • ऊर्जा और पदार्थ: रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Q60), विमान के ब्लैक बॉक्स (Q69) और ग्रीन हाइड्रोजन (Q70)

अगर आपने कभी चैटबॉट इस्तेमाल किया है, तो आपको पहले से पता था कि Q67 का एक कथन ग़लत है। लार्ज लैंग्वेज मॉडल बिना पक्षपात वाले जवाब नहीं देते, क्योंकि वे इंसानों के लिखे टेक्स्ट से सीखते हैं और उसका पक्षपात भी साथ ले आते हैं। बाक़ी दो कथन, संभावना के आधार पर अगला शब्द चुनना और ग़लती कम करने के लिए ट्रेनिंग, ठीक वही बताते हैं जैसे ये मॉडल काम करते हैं। 2026 का S&T ऐसा ही था: ख़बरों में दिखी किसी तकनीक की आम समझ।

हमारा PYQ बैंक कुछ रक्षा और ऊर्जा वाले सवालों को भी S&T में रखता है। उसके हिसाब से 2026 में S&T के 20 सवाल थे, जो 2013 से अब तक के उसके 14 पेपरों में सबसे ज़्यादा है।

राजव्यवस्था, भूगोल और पर्यावरण

राजव्यवस्था के नौ सवाल थे। ये अनुच्छेद नंबर रटने वाले नहीं थे, बल्कि संविधान और संसदीय कामकाज को ध्यान से पढ़ने वाले थे। हमारा PYQ बैंक 2026 में राजव्यवस्था के 11 सवाल गिनता है, जबकि 2020 से 2026 के बीच उसका औसत 14.7 सवाल सालाना है।

  • अनुच्छेद 13 के तहत विधि (law) का अर्थ, जिसे एक सेमिनार की बहस के रूप में पूछा गया (Q79)
  • संविधान के नाम, निरसन (repeal) और लागू होने से जुड़े अनुच्छेद (Q80)
  • दिव्यांगजनों के अधिकार, सुगम्य भारत अभियान और NDFDC (Q81)
  • पाँचवीं-छठी अनुसूची के क्षेत्र, जनजातियों को आयकर में छूट और पंचायतों में महिलाओं का आरक्षण (Q82)
  • तारांकित और अतारांकित प्रश्न (Q83); अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण समिति (Q84)
  • BNSS के तहत ज़ीरो FIR (Q87); CEIB, SFIO और CBI (Q88)
  • पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (Q99)

Q80 सबसे ध्यान से पढ़ने लायक़ है। इसमें तीन कथन थे, और हर कथन कहता था कि संविधान में किसी बात के लिए कोई अनुच्छेद नहीं है। पहला, संविधान का आधिकारिक नाम। दूसरा, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत सरकार अधिनियम, 1935 का निरसन। तीसरा, 26 जनवरी 1950 को लागू होने की तारीख़। जिसने आख़िरी कुछ अनुच्छेद नहीं पढ़े, वह इनमें से कम से कम एक को सही मान बैठता है। तीनों ग़लत हैं। अनुच्छेद 393 नाम देता है, अनुच्छेद 395 निरसन करता है और अनुच्छेद 394 लागू होने की तारीख़ तय करता है। इसलिए जवाब है: कोई भी कथन सही नहीं।

भूगोल के सात सवाल थे, और ज़्यादातर के लिए दिमाग़ में नक़्शा होना ज़रूरी था:

  • इक्वाडोर का तुंगुराहुआ ज्वालामुखी (Q21) और तुर्काना झील (Q29)
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की जलवायु (Q23) और प्रायद्वीपीय खंड (Q24)
  • चार सुरागों से सतलुज को पहचानना (Q35)
  • किस राज्य की सीमा सबसे ज़्यादा राज्यों से लगती है (Q36)
  • वे देश जिनके जहाज़ों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार करना पड़ता है (Q40)

सुरागों वाला नदी का सवाल उसी अपवाह-तर्क से हल होता है, जो हमारे सिंधु नदी और पूर्ववर्ती अपवाह वाले नोट में समझाया गया है। हमारे PYQ बैंक ने 2024 में भूगोल के 20 सवाल दर्ज किए और 2026 में 8। इससे दिखता है कि एक विषय साल-दर-साल कितना ऊपर-नीचे हो सकता है।

हमारी गिनती में पर्यावरण के आठ सवाल थे, और इनमें से कई प्रजातियों के तथ्यों के बजाय तर्क पर टिके थे:

  • माधव नेशनल पार्क (Q22) और फ़ॉक्सटेल ऑर्किड (Q26)
  • खासी हिल्स REDD+ परियोजना (Q30) और जलवायु पर भारत की रिपोर्टिंग (Q31)
  • वेस्टर्न हूलॉक गिबन (Q32), जैव-ढाल के रूप में मैंग्रोव (Q33) और दोयांग झील पर अमूर फ़ाल्कन (Q37)
  • पर्यावरण मंत्रालय का NIRANTAR प्लेटफ़ॉर्म (Q42)

PYQ बैंक के चौड़े पर्यावरण टैग पर 2026 में 13 सवाल थे। यह 2013 से 2019 के उसके औसत 19.0 से कम है, और 2020 से 2026 के औसत 16.0 से भी। पूरी सीरीज़ पर्यावरण PYQ पेज पर है।

नीतिशास्त्र और शासन के तीन केस स्टडी (Q76 से Q78) GS पेपर-IV जैसे लगे। पहला, मुनाफ़े के लिए समझौता किया गया वैक्सीन का ठेका। दूसरा, एक आदिवासी बस्ती के पास प्रस्तावित कचरा प्लांट। तीसरा, किसी ठेकेदार के बारे में गोपनीय लेकिन साबित न हुई जानकारी। इन पर वही समझ काम आई जो मुख्य परीक्षा के नीतिशास्त्र में आती है: जवाबदेही, पहले प्रभावित समुदाय की बात सुनना, और कुछ भी सार्वजनिक करने से पहले तय प्रक्रिया का पालन।

सवाल किस तरह पूछे गए

100 में से 69 सवालों में विकल्प चुनने से पहले कई कथनों को परखना था। आठ और सवाल जोड़े या सूची मिलाने वाले थे। सिर्फ़ 19 सवाल सीधे एक जवाब वाले थे।

फ़ॉर्मैटसवालउदाहरण (सीरीज़ D)
कोड वाले विकल्पों के साथ कथन ("कौन सा/से सही है/हैं")554, 22, 67, 74
सीधे एक जवाब वाले192, 9, 52, 57
"कितने" और गिनती पर आधारित निष्कर्ष763, 80, 82, 83, 84, 88, 95
कथनों के आपसी संबंध और निष्कर्ष71, 8, 13, 18, 20, 25, 31
जोड़े मिलाइए43, 5, 48, 98
सूची-I को सूची-II से मिलाइए441, 92, 96, 97
परिस्थिति और केस स्टडी476, 77, 78, 79
कुल100

किसी भी सवाल में पुराना Statement-I और Statement-II वाला फ़ॉर्मैट नहीं था। आठ सवालों (Q5, Q15, Q36, Q43, Q48, Q55, Q89 और Q98) में वह पूछा गया जो सही नहीं है, सही नहीं मिलाया गया, शामिल नहीं है या जिसे मंज़ूरी नहीं मिली। इसलिए सवाल को जल्दी में पढ़ने भर से नंबर कट गए।

सबसे नया फ़ॉर्मैट संबंध वाला सवाल है, और Q25 इसका सबसे साफ़ उदाहरण है। इसमें सागरमाला कार्यक्रम पर तीन कथन थे, और पूछा गया कि उनके बीच कौन से संबंध सही हैं। क्या कथन II कथन I की पुष्टि करता है? क्या कथन III उसे आगे बढ़ाता है? क्या कथन I कथन III का खंडन करता है? ज़्यादातर अभ्यर्थी हर कथन को सही या ग़लत चिह्नित करके रुक जाते हैं। यह आधा ही काम है। यहाँ तीनों कथन मोटे तौर पर सही हैं। पूरा सवाल संबंधों पर टिका है: II, I के लिए सबूत देता है, III, I को आगे बढ़ाता है, और I में ऐसा कुछ नहीं जो III का खंडन करे। जवाब है: 1 और 2।

संबंध वाले सवाल में पहले हर कथन को अलग से सही या ग़लत चिह्नित कीजिए। फिर हर बताए गए संबंध को अलग से परखिए: क्या एक कथन दूसरे के लिए सबूत देता है, उसे आगे बढ़ाता है, उसकी वजह बताता है या उसका खंडन करता है? दोनों कथन सही हों, तब भी उनका संबंध ग़लत हो सकता है।

यही आख़िरी वाक्य है जहाँ ये सवाल नंबर काटते हैं।

गिनती पर आधारित निष्कर्ष वाले सवाल (Q80, Q82, Q83 और Q84) दूसरे तरीक़े से सख़्त हैं। "दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 2 शामिल है" जैसे विकल्प आधी जानकारी से नहीं कटते, क्योंकि कोई विकल्प तभी हटा सकते हैं जब हर कथन परख लिया हो। GS का हर सवाल हमारे GS पेपर-I हल वाले पेज पर क़दम-दर-क़दम हल किया गया है।

CSAT 2026: सेक्शन-वार बँटवारा

हमारी गिनती में CSAT 2026 में 35 क्वांटिटेटिव सवाल थे। इसके अलावा 11 गद्यांशों से कॉम्प्रिहेंशन के 23 सवाल, रीज़निंग के 15, कम्युनिकेशन और आपसी व्यवहार कौशल के छह, साथ में डेटा इंटरप्रिटेशन का एक सवाल भी था।

सेक्शनसवालसवाल नंबर (सीरीज़ D)
रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन (11 गद्यांश)236-8, 11-12, 19-20, 26-27, 32-35, 41-44, 66-67, 71-72, 76-77
कम्युनिकेशन और आपसी व्यवहार कौशल652-57
बेसिक न्यूमरेसी और क्वांटिटेटिव ऐप्टिट्यूड (5 डेटा सफ़िशिएंसी सहित)351-3, 5, 9-10, 17-18, 21-23, 25, 29-30, 38-40, 45-46, 48-49, 58-65, 68-70, 73, 79-80
लॉजिकल और एनालिटिकल रीज़निंग154, 13-16, 24, 28, 31, 36-37, 47, 51, 74-75, 78
डेटा इंटरप्रिटेशन150
कुल80

हर सवाल 2.5 अंक का है, पेपर 200 अंकों का है और क्वालिफ़ाई करने के लिए 66 अंक चाहिए। परीक्षा नोटिस CSAT को सिर्फ़ एक दरवाज़े की तरह इस्तेमाल करता है: मुख्य परीक्षा की सूची GS पेपर-I के अंकों से बनती है, उन उम्मीदवारों में से जो पेपर-II में 33% पार कर लेते हैं।

11 गद्यांश काफ़ी अलग-अलग विषयों पर थे:

  • HMPV की तुलना SARS-CoV-2 से, और खेती में AI टूल
  • किशोर न्याय क़ानून, और वायु प्रदूषण के पीछे के ईंधन, जिनमें दिल्ली का CNG की ओर बदलाव भी है
  • ग्राहक सेवा में AI, और होरी व ज़मींदार राय साहब वाली एक कहानी का अंश
  • विंबलडन में ऊँघते ह्यू ग्रांट, और आर्थिक कन्वर्जेंस सिद्धांत
  • महाकुंभ का कलाग्राम, खेल से मिलने वाला जीवन कौशल, और इनपुट-आउटपुट क़ीमतों का डिफ़्लेशन

कम्युनिकेशन के छह सवाल व्यावहारिक थे:

  • जज और वकीलों जैसी भूमिकाओं के बीच बातचीत का तरीक़ा (Q52)
  • मेमोरेंडम, फ़्लायर, Bcc और मिनट्स किस काम आते हैं (Q53)
  • अलग-अलग संस्कृतियों वाले दफ़्तर में टकराव सुलझाना (Q54)
  • कम्युनिकेशन की रुकावटों के प्रकार (Q55)
  • किसी रिपोर्ट के लिए प्रश्नावली बनाना (Q56)
  • सर्कुलर पत्र (Q57)

ये पाठ्यक्रम के उस हिस्से से जुड़ते हैं जिसमें कम्युनिकेशन कौशल सहित आपसी व्यवहार कौशल की बात है। छह सवाल मिलकर 15 अंक के होते हैं, जो सीमा पर खड़े CSAT स्कोर का फ़ैसला करने के लिए काफ़ी है।

Q61 से Q65 तक लगातार पाँच डेटा सफ़िशिएंसी सवाल थे। हर सवाल में पूछा गया कि दो दिए गए कथन किसी संख्या वाले सवाल का जवाब देने के लिए काफ़ी हैं या नहीं। हमारी फ़ैकल्टी के आकलन में क्वांट पेपर का ज़्यादा मुश्किल हिस्सा था। कई सवाल पढ़ने में छोटे थे, लेकिन उनमें लंबी गणना के बजाय एक साफ़ विचार चाहिए था, जैसे 6129 × 7307 का इकाई अंक (Q22) या 11 से विभाज्यता का नियम (Q40)। ये संख्या वाले विचार CSAT क्वांटिटेटिव ऐप्टिट्यूड गाइड में हैं, और हर सवाल हमारे CSAT 2026 हल वाले पेज पर हल किया गया है।

अस्थायी उत्तर कुंजी ने क्या बदला

UPSC की अस्थायी कुंजी ने GS का एक सवाल हटाया और CSAT का कोई नहीं। इसलिए GS पेपर-I की गिनती 99 सवालों पर हुई।

  • हटाया गया सवाल सीरीज़ D में Q89 है (सीरीज़ A में Q64, B में Q54, C में Q79)। इसमें पूछा गया था कि भारत ने किन अंतरराष्ट्रीय संधियों को मंज़ूरी नहीं दी है।
  • UPSC की कुंजी के मुताबिक़ 200 अधिकतम अंकों के लिए 99 सवाल गिने जाएँगे।
  • हमारी पहले दिन की सीरीज़ D कुंजी, UPSC की अस्थायी कुंजी से GS के 8 सवालों और CSAT के 5 सवालों पर अलग थी। अपना स्कोर UPSC की कुंजी से निकालिए, किसी कोचिंग की कुंजी से नहीं, हमारी से भी नहीं।
  • UPSC अपनी मौजूदा प्रक्रिया के मुताबिक़ अंतिम उत्तर कुंजी अंतिम नतीजे के बाद ही जारी करेगा।

चारों सीरीज़ की तालिकाएँ हमारे अस्थायी उत्तर कुंजी पेज पर हैं, और प्रीलिम्स मार्क्स कैलकुलेटर नेगेटिव मार्किंग का हिसाब अपने आप लगा देता है।

नतीजा और कट-ऑफ़: क्या आधिकारिक है

नतीजा आ चुका है, कट-ऑफ़ नहीं आई। UPSC ने यह जारी किया है:

  • नतीजे का प्रेस नोट 15 जून 2026 का है, और PIB ने इसे 16 जून को जारी किया।
  • 1,016 अधिसूचित रिक्तियों के मुक़ाबले 13,343 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफ़ाई हुए। CSE 2025 में यह संख्या 1,087 के मुक़ाबले 14,161 थी।
  • 1,016 के मुक़ाबले 13,343 का मतलब है हर रिक्ति पर क़रीब 13 उम्मीदवार। यह परीक्षा नोटिस में तय बारह से तेरह गुना के दायरे का ऊपरी सिरा है।
  • फ़रवरी के नोटिस में क़रीब 933 रिक्तियों की उम्मीद थी। नतीजे का प्रेस नोट 1,016 बताता है।
  • प्रीलिम्स 2026 के अंक, कट-ऑफ़ अंक और उत्तर कुंजियाँ तभी अपलोड होंगी जब CSE 2026 की पूरी प्रक्रिया ख़त्म हो जाएगी, IFoS 2026 की भी।
  • संदर्भ के लिए, CSE 2025 प्रीलिम्स में सामान्य श्रेणी की आधिकारिक कट-ऑफ़ 92.66 थी, जो सिर्फ़ GS पेपर-I पर आधारित थी।

हम यहाँ 2026 की कट-ऑफ़ का कोई अनुमान नहीं दे रहे। अनुमान के लिए पेपर की कठिनाई, लाखों उम्मीदवारों के प्रयास का ढर्रा और रिक्तियों की संख्या चाहिए। इनमें से सिर्फ़ आख़िरी बात पता है। पिछली आधिकारिक कट-ऑफ़ हमारे UPSC कट-ऑफ़ पेज पर है।

प्रीलिम्स 2027 के लिए इसका मतलब

पूरा UPSC प्रीलिम्स 2026 विश्लेषण किसी एक विषय से ज़्यादा एक आदत की ओर इशारा करता है: किसी विषय को इतना पढ़ना कि उसके बारे में दिए कथनों को परख सकें, जिनमें यह भी शामिल है कि तथ्य आपस में कैसे जुड़ते हैं। 2027 की योजना में हम ये बदलाव करेंगे।

प्राचीन इतिहास और संस्कृति को स्रोत की तरह पढ़िए। यहाँ से सोलह सवाल आए। NCERT की कक्षा XI की An Introduction to Indian Art वह एक किताब है जिसे शुरू से आख़िर तक पढ़ना चाहिए, क्योंकि इस साल पूछे गए बौद्ध प्रतीक, स्तूप, मंदिर शैलियाँ और भित्तिचित्र सब इसी में हैं।

वित्त और डिजिटल अर्थव्यवस्था की अलग फ़ाइल रखिए। ग्यारह सवाल भुगतान, बाज़ार और वित्तीय उत्पादों पर थे। हर उत्पाद के लिए लिखिए कि उसे कौन जारी करता है, पैसे के लिए कौन देनदार है और उस पर कौन सा नियामक नज़र रखता है।

S&T को उसके काम करने के तरीक़े से सीखिए। ख़बरों में आए हर मिशन या तकनीक के लिए लिखिए कि वह करता क्या है, उसे चलाता कौन है और उसकी एक सीमा क्या है। यही एक पन्ना ज़्यादातर कथन वाले सवालों का जवाब दे देता है।

नए फ़ॉर्मैट की जान-बूझकर प्रैक्टिस कीजिए। 100 में से 14 सवाल संबंध और गिनती वाले थे। पहले इन्हें बिना समय-सीमा के हल कीजिए, और लिखिए कि हर संबंध क्यों सही है या क्यों नहीं।

CSAT को शुरू से हर हफ़्ते का समय दीजिए। पैंतीस क्वांट सवाल, जिनमें पाँच डेटा सफ़िशिएंसी के थे, और छह सवालों का कम्युनिकेशन वाला हिस्सा आख़िरी महीने पर छोड़ने के लिए बहुत ज़्यादा है। हमारी CSAT पेपर गाइड में पाठ्यक्रम और पैटर्न दिया गया है।

इस विश्लेषण की सीमाएँ

यह UPSC प्रीलिम्स 2026 विश्लेषण एक पेपर के बारे में है। यह अगले पेपर का अनुमान नहीं लगा सकता, और न यह बता सकता है कि आपका पेपर कैसा गया।

  • विषयों की गिनती इस पर टिकी है कि सीमा वाले क़रीब 20 सवाल कहाँ रखे जाते हैं। हर गिनती को कुछ सवाल ऊपर-नीचे के दायरे की तरह देखिए।
  • एक पेपर सिर्फ़ एक नमूना है। हमारे PYQ बैंक में 2013 से अब तक राजव्यवस्था के सवाल एक साल में 5 से 22 तक रहे हैं, और भूगोल के 4 से 20 तक।
  • यहाँ कठिनाई के बारे में जो कहा गया है, वह हमारी फ़ैकल्टी का आकलन है, आँकड़ा नहीं। इसलिए हमने उस पर कोई संख्या नहीं लगाई।
  • अस्थायी कुंजी अब भी बदल सकती है। फ़ैसला UPSC की अंतिम कुंजी से होगा, जो अंतिम नतीजे के बाद आएगी।

ग़लतियाँ जो चुपचाप नंबर काटती हैं

विषयों की गिनती को टाइमटेबल बना लेना सबसे आम ग़लती है। जिस साल अर्थव्यवस्था के 18 सवाल आए, उसका मतलब यह नहीं कि अगले साल अर्थव्यवस्था को आपके 18% घंटे मिलने चाहिए। वजह यह है कि गिनती एक पेपर से दूसरे पेपर में इससे ज़्यादा ऊपर-नीचे होती है।

सिर्फ़ वही पढ़ना जो इस साल बढ़ा, इसी ग़लती का जुड़वाँ है। हमारे बैंक में भूगोल 2024 में 20 से 2026 में 8 पर आ गया। जिसने 2023 के बाद भूगोल छोड़ दिया होता, वह 2024 में फँस जाता।

कोचिंग की कुंजी से ख़ुद को नंबर देना तेज़ लगता है। लेकिन पहले दिन की कुंजियाँ, हमारी भी, कई सवालों पर UPSC से अलग थीं। ग़लत कुंजी पर बना स्कोर मुख्य परीक्षा की तैयारी के बारे में ग़लत फ़ैसले तक ले जाता है।

सवाल को सिर्फ़ एक बार पढ़ना ऐसे नंबर काटता है जिनके कटने का पता भी नहीं चलता। इस साल आठ सवालों में ग़लत विकल्प पूछा गया था, और जल्दी पढ़ने वाला उल्टे सवाल का जवाब दे देता है।

CSAT को औपचारिकता मानना सबसे महँगी ग़लती है। पेपर क्वालिफ़ाइंग है, लेकिन इसमें फ़ेल होने पर GS का अच्छा स्कोर भी बेकार हो जाता है। 2026 के क्वांट सेक्शन ने किसी को मुफ़्त में पास नहीं होने दिया।

आख़िरी बात

अगर आप 2027 की तैयारी कर रहे हैं, तो इस UPSC प्रीलिम्स 2026 विश्लेषण से एक बात साथ रखिए: UPSC अब यह परखता है कि आप किसी विषय के बारे में दिए गए दावों को परख सकते हैं या नहीं, और विषयों की गिनती इस आदत से कम मायने रखती है। दोनों पेपर के सवाल-दर-सवाल हल इसकी प्रैक्टिस के लिए सबसे अच्छी जगह हैं। हमें उम्मीद है कि इससे आपकी 2027 की योजना को मज़बूत आधार मिलेगा।

सामान्य प्रश्न

प्रीलिम्स 2026 में UPSC ने कितने सवाल हटाए?

UPSC की अस्थायी कुंजी ने GS पेपर-I का एक सवाल हटाया: सीरीज़ D में Q89, सीरीज़ A में Q64, B में Q54 और C में Q79। इस तरह 200 अंकों के लिए 99 सवाल गिने गए। CSAT का कोई सवाल नहीं हटाया गया।

UPSC प्रीलिम्स 2026 GS पेपर-I में सबसे ज़्यादा सवाल किस विषय से आए?

हमारे वर्गीकरण में करंट अफ़ेयर्स और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के 19 सवाल थे। अर्थव्यवस्था के 18 थे। प्राचीन इतिहास (8), कला और संस्कृति (8) और आधुनिक इतिहास (5) को जोड़ें, तो इतिहास के कुल 21 सवाल बनते हैं।

क्या प्रीलिम्स 2026 में मध्यकालीन इतिहास से कोई सवाल था?

दिल्ली सल्तनत या मुग़लों पर कोई सवाल नहीं था। मध्यकालीन दौर का अकेला विषय ताई-अहोम राज्य के मोइदाम (Q27) थे, और उन्हें विरासत के सवाल के रूप में पूछा गया।

UPSC प्रीलिम्स 2026 की कट-ऑफ़ कितनी है?

UPSC ने इसे जारी नहीं किया है। नतीजे के प्रेस नोट के मुताबिक़ अंक, कट-ऑफ़ अंक और उत्तर कुंजियाँ CSE 2026 के अंतिम नतीजे के बाद ही अपलोड होंगी। संदर्भ के लिए, CSE 2025 प्रीलिम्स में सामान्य श्रेणी की आधिकारिक कट-ऑफ़ 92.66 थी।

प्रीलिम्स 2026 का नतीजा कब आया और कितने उम्मीदवार पास हुए?

UPSC के नतीजे का प्रेस नोट 15 जून 2026 का है। इसमें 1,016 अधिसूचित रिक्तियों के मुक़ाबले 13,343 उम्मीदवारों को सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा 2026 के लिए चुना गया।

CSAT 2026 में क्वालिफ़ाइंग अंक कितने हैं?

CSAT 33% पर क्वालिफ़ाइंग है, यानी 200 में से 66। पेपर में 2.5 अंक वाले 80 सवाल थे, और हर ग़लत जवाब पर एक-तिहाई नेगेटिव मार्किंग थी।

अलग-अलग कोचिंग विश्लेषणों में विषयों की गिनती अलग क्यों होती है?

क़रीब 20 सवाल दो विषयों के बीच बैठते हैं, जैसे हिल्टन-यंग आयोग (इतिहास या अर्थव्यवस्था) या सेमीकंडक्टर प्लांट (अर्थव्यवस्था या S&T)। विश्लेषक इन सवालों को जहाँ रखता है, उससे किसी विषय की गिनती कई सवाल ऊपर-नीचे हो जाती है, बिना किसी के ग़लत गिने।

अभ्यास प्रश्न

प्रीलिम्स MCQ

  1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
    I. ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) MSMEs को एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर बोली के ज़रिए अपने इनवॉइस फ़ाइनेंसरों को बेचने देता है।
    II. बड़े ख़रीदारों की ओर से देर से भुगतान MSMEs के लिए कार्यशील पूँजी की बड़ी समस्या है।
    III. TReDS प्लेटफ़ॉर्म गिरवी के बदले MSMEs को सीधे क़र्ज़ देते हैं।
    ऊपर दिए कथनों के बीच कौन सा/से संबंध सही है/हैं?
    1. कथन II, कथन I में बताई गई व्यवस्था की ज़रूरत समझाता है।
    2. कथन III, कथन I से मेल खाता है।
    (a) केवल 1 (b) केवल 2 (c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1, न ही 2
    उत्तर: (a) देर से भुगतान ही TReDS की वजह है, लेकिन TReDS बिना गिरवी के इनवॉइस डिस्काउंट करता है, इसलिए कथन III ग़लत है और कथन I से टकराता है।
  2. शुरुआती बौद्ध कला के प्रतीकों और उनसे जुड़ी घटनाओं के निम्नलिखित जोड़ों पर विचार कीजिए:
    1. बिना सवार का घोड़ा : महाभिनिष्क्रमण (गृह-त्याग)
    2. चक्र (धम्मचक्र) : पहला उपदेश
    3. स्तूप : महापरिनिर्वाण
    4. बोधि वृक्ष : ज्ञान प्राप्ति
    ऊपर दिए गए कितने जोड़े सही मिलाए गए हैं?
    (a) केवल एक (b) केवल दो (c) केवल तीन (d) चारों
    उत्तर: (d) भरहुत और साँची की प्रतीकात्मक कला में ये चारों प्रतीक इन्हीं घटनाओं को दिखाते हैं।
  3. भारत के संविधान के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
    1. अनुच्छेद 394A संविधान के हिंदी भाषा में प्राधिकृत पाठ का प्रावधान करता है।
    2. पाँचवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से जुड़ी है।
    3. अनुच्छेद 13 विधि (law) की परिभाषा में ऐसी रूढ़ि या प्रथा को शामिल करता है जिसे विधि का बल हासिल हो।
    निम्नलिखित में से कौन सा निष्कर्ष सही है?
    (a) तीनों कथन सही हैं। (b) दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 1 शामिल है। (c) केवल एक कथन सही है। (d) कोई भी कथन सही नहीं है।
    उत्तर: (b) कथन 1 और 3 सही हैं; इन चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्र छठी अनुसूची में आते हैं, पाँचवीं में नहीं।
  4. RISC-V के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
    1. यह एक खुला इंस्ट्रक्शन सेट आर्किटेक्चर है, जिसे लाइसेंस फ़ीस दिए बिना इस्तेमाल किया जा सकता है।
    2. भारत का डिजिटल इंडिया RISC-V (DIR-V) कार्यक्रम इसी पर आधारित माइक्रोप्रोसेसरों को बढ़ावा देता है।
    3. यह एक बंद आर्किटेक्चर है, जिसका मालिक एक ही सेमीकंडक्टर कंपनी है।
    ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं?
    (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
    उत्तर: (a) RISC-V एक खुला मानक है, इसीलिए भारत ने DIR-V के लिए इसे चुना; कथन 3 बंद आर्किटेक्चर का वर्णन करता है।
  5. निम्नलिखित जानकारी के आधार पर नदी को पहचानिए:
    1. यह मानसरोवर झील के पास तिब्बती क्षेत्र से निकलती है।
    2. यह एक पूर्ववर्ती (antecedent) नदी है, जो हिमालय में गहरी घाटी काटती है।
    3. यह अरुणाचल प्रदेश से भारत में प्रवेश करती है।
    4. दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीपों में से एक, माजुली, इसी में है।
    (a) सिंधु (b) सतलुज (c) ब्रह्मपुत्र (d) तीस्ता
    उत्तर: (c) सिर्फ़ ब्रह्मपुत्र चारों सुरागों पर खरी उतरती है; अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करते समय इसे सियांग कहते हैं।

मुख्य परीक्षा प्रश्न

  1. UPI, ONDC जैसा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा छोटे कारोबारों के बेचने और भुगतान पाने का तरीक़ा बदल रहा है। MSMEs के लिए इससे बनने वाले अवसरों और जोखिमों की जाँच कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)
  2. शुरुआती बौद्ध कला ने बुद्ध को मानव रूप के बजाय प्रतीकों के ज़रिए दिखाया। भरहुत, साँची और अमरावती के उदाहरणों के साथ चर्चा कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द)
  3. क्रिटिकल मिनरल अब सिर्फ़ व्यापार का सवाल नहीं रहे, रणनीति का सवाल बन गए हैं। नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के तहत भारत के तरीक़े पर चर्चा कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)
  4. एक लोक सेवक को शॉर्टलिस्ट हुए किसी ठेकेदार के पिछले आचरण के बारे में भरोसेमंद लेकिन साबित न हुई जानकारी मिलती है। ऐसे मामले में पारदर्शिता और तय प्रक्रिया (due process) के बीच संतुलन कैसे बनाना चाहिए? (10 अंक, 150 शब्द)
  5. कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांज़िट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी ASEAN के साथ भारत की कनेक्टिविटी परियोजनाएँ तय समय से धीमी चली हैं। इसके कारणों और एक्ट ईस्ट नीति पर इसके असर की जाँच कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

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Written by

Rahul Puri Sir

Director & Mentor · Anantam IAS

Rahul Puri is the Director & Mentor at Anantam IAS. He leads the institution's teaching philosophy — focused not on syllabus completion but on the thinking, clarity and consistency that actually crack UPSC. A long-time mentor to hundreds of civil services aspirants and interview toppers (including AIR 28, 48, 56, 73, 96, 106, 116, 143 in CSE 2025), he anchors Anantam's flagship Interview Guidance Programme.

Specialises in · Institutional leadership, mentoring and programme design Experience · 10+ years Visit website ↗

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