विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organisation — WTO) की स्थापना 1995 में हुई। यह GATT (General Agreement on Tariffs and Trade) का उत्तराधिकारी है। WTO वैश्विक व्यापार नियमों को प्रशासित करता है और सदस्य देशों के बीच व्यापार विवादों का निपटारा करता है। वर्तमान में 164 सदस्य देश हैं।
WTO के मुख्य कार्य
- व्यापार वार्ता — बहुपक्षीय व्यापार समझौतों पर बातचीत।
- विवाद निपटारा — सदस्यों के बीच व्यापार विवादों का समाधान।
- व्यापार नीतियों की समीक्षा — सदस्य देशों की व्यापार नीतियों की निगरानी।
- तकनीकी सहायता — विकासशील देशों को सहयोग।
MC13 (13वाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन, 2024)
MC13 अबू धाबी में फरवरी 2024 में आयोजित हुआ। इसके प्रमुख मुद्दे:
- मत्स्य पालन सब्सिडी — हानिकारक सब्सिडी पर समझौते को अंतिम रूप देना।
- ई-कॉमर्स मोरेटोरियम — इलेक्ट्रॉनिक प्रेषण पर सीमा शुल्क छूट।
- अपीलीय निकाय सुधार — निष्क्रिय ABM को पुनर्जीवित करना।
- कृषि सब्सिडी — विकासशील देशों की माँगें।
अपीलीय निकाय संकट
WTO का अपीलीय निकाय (Appellate Body — AB) व्यापार विवादों में अंतिम निर्णायक है। 2019 से अमेरिका ने नए न्यायाधीशों की नियुक्ति रोक कर इसे निष्क्रिय कर दिया है। यह WTO की विवाद-निपटारा प्रणाली के लिए गंभीर संकट है।
भारत का रुख
- विकासशील देशों के हित — खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि सब्सिडी।
- विशेष और विभेदक व्यवहार (SDT) की रक्षा।
- ई-कॉमर्स मोरेटोरियम का विरोध — यह विकासशील देशों को नुकसान पहुँचाता है।
- TRIPS लचीलापन — जेनेरिक दवाओं के लिए।
- अपीलीय निकाय के पुनरुद्धार का समर्थन।
यूपीएससी प्रासंगिकता
GS II में WTO, MC13, अपीलीय निकाय, TRIPS और भारत के व्यापार रुख पर प्रश्न पूछे जाते हैं।