UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति 2026: पात्रता, रकम और आवेदन की गाइड

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति 2026 की पूरी जानकारी — छात्राओं के लिए पात्रता, ₹30,000 सालाना रकम, 18 राज्यों तक पहुँच, आवेदन का तरीक़ा और UPSC में शिक्षा नीति के लिहाज़ से इसकी अहमियत।

Azim Premji Scholarship — featured image

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन की चलाई हुई एक मदद है, जो कमज़ोर पृष्ठभूमि की छात्राओं को ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए पैसा देती है। सालाना रकम ₹30,000 है, यह 18 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में चलती है, और यह मेरिट पर नहीं मिलती — चुनाव रैंक से नहीं, पात्रता की शर्तों से होता है। UPSC के लिहाज़ से यह शिक्षा में बराबरी, सामाजिक विकास में परोपकार, और उच्च शिक्षा में लड़कियों की हिस्सेदारी का एक काम का उदाहरण है।

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति 2026: पात्रता, रकम और आवेदन गाइड — लेख का रोडमैप ग्राफ़िक

एक नज़र में: अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति

पैमानाब्योरा
संस्थाअज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन
किसके लिएकमज़ोर पृष्ठभूमि की छात्राएँ
सालाना रकम₹30,000
कहाँ-कहाँ18 राज्य + 1 केंद्र शासित प्रदेश (पुडुचेरी)
मेरिट पर?नहीं
कोर्स की शर्तग्रेजुएशन डिग्री या डिप्लोमा का पहला साल (2-5 साल का कोर्स)
स्कूल की शर्तकक्षा 10 और 12 सरकारी स्कूल/कॉलेज से, रेगुलर छात्रा के तौर पर
पैसा कैसे आता हैसीधे लाभार्थी के बैंक खाते में
अगले साल के लिएपढ़ाई जारी रहने और दाख़िले के सबूत पर आगे बढ़ती है

पात्रता की शर्तें

फ़ाउंडेशन के आधिकारिक FAQ के मुताबिक़, आवेदन करने वाली को इन सभी शर्तों पर खरा उतरना होगा:

  1. लिंग: छात्रा होना ज़रूरी है
  2. पढ़ाई: कक्षा 10 और कक्षा 12 सरकारी स्कूल या कॉलेज से रेगुलर छात्रा के तौर पर पास की हो
  3. कोर्स: किसी मान्यता प्राप्त ग्रेजुएशन डिग्री या डिप्लोमा के पहले साल में दाख़िला, कोर्स की मियाद 2 से 5 साल
  4. पृष्ठभूमि: सामाजिक-आर्थिक रूप से कमज़ोर पृष्ठभूमि से
  5. जगह: 18 पात्र राज्यों या पुडुचेरी में से किसी एक में पढ़ रही हो

किसे नहीं मिलती?

  • जो छात्राएँ दूसरे साल या उससे आगे पहुँच चुकी हैं
  • निजी स्कूलों से पढ़ी छात्राएँ
  • अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के कोर्स में पढ़ रही छात्राएँ (तय नियमों के तहत)
  • 2 साल से छोटे या 5 साल से लंबे कोर्स में पढ़ रही छात्राएँ

कौन से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

यह छात्रवृत्ति 18 राज्यों और पुडुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश) में चलती है। इनमें शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक लिहाज़ से कई अहम इलाक़े शामिल हैं:

क्षेत्रराज्य
उत्तर भारतउत्तर प्रदेश, राजस्थान
मध्य भारतमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़
पूर्वी भारतबिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल
पूर्वोत्तरअसम और कुछ चुने हुए पूर्वोत्तर राज्य
दक्षिण भारतकर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश
केंद्र शासित प्रदेशपुडुचेरी

जगह का यह चुनाव जान-बूझकर उन राज्यों पर टिका है जहाँ उच्च शिक्षा में लड़कियों का दाख़िला कम है।

रकम और भुगतान

पैसे का ब्योराजानकारी
सालाना रकम₹30,000
कैसे मिलती हैअक्सर दो किस्तों में (₹15,000 + ₹15,000)
पैसा कहाँ आता हैसीधे छात्रा के बैंक खाते में
कब तककोर्स की पूरी मियाद तक, हर साल आगे बढ़ती है
आगे बढ़ने की शर्तपढ़ाई जारी रहने और हाज़िरी का सबूत

छात्रवृत्ति इन ख़र्चों में काम आती है:

  • फ़ीस से जुड़े ख़र्च
  • किताबें और पढ़ने का सामान
  • आने-जाने का ख़र्च
  • कॉलेज का रोज़मर्रा का ख़र्च

आवेदन कैसे करें

  1. अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के आधिकारिक स्कॉलरशिप पेज पर पात्रता जाँच लीजिए
  2. जब आवेदन की खिड़की खुले, तब ऑनलाइन फ़ॉर्म भरिए
  3. काग़ज़ अपलोड कीजिए: कक्षा 10 और 12 की मार्कशीट, कॉलेज में दाख़िले का सबूत, आय/पृष्ठभूमि का प्रमाणपत्र, बैंक का ब्योरा
  4. जाँच: फ़ाउंडेशन पात्रता और पृष्ठभूमि की जाँच करता है
  5. चुनाव और पैसा: चुनी गई छात्राओं के खाते में सीधे पैसा आता है

आवेदन कब खुलता है: आम तौर पर उस शैक्षणिक साल में कॉलेज के दाख़िले हो जाने के बाद। तारीख़ें फ़ाउंडेशन की वेबसाइट पर देख लीजिए।

अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के बारे में

पैमानाब्योरा
स्थापना2001
संस्थापकअज़ीम प्रेमजी (विप्रो के चेयरमैन)
कोषभारत के सबसे बड़े परोपकारी कोषों में से एक
काम के क्षेत्रशिक्षा, शासन की क्षमता, सामाजिक बराबरी
पहुँचकई राज्यों में ज़िला स्तर के संस्थानों के साथ काम
यूनिवर्सिटीअज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु (2010 में बनी)

फ़ाउंडेशन की कुल प्रतिबद्धता ₹1.45 लाख करोड़ (क़रीब 21 अरब डॉलर) से ऊपर है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी शिक्षा-केंद्रित परोपकारी पहल बनाती है।

अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी

बेंगलुरु की अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी फ़ाउंडेशन की बनाई ग़ैर-मुनाफ़ा यूनिवर्सिटी है। यहाँ मिलते हैं:

  • ग्रेजुएशन कोर्स (B.A., B.Sc.)
  • पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्स (शिक्षा, विकास और पब्लिक पॉलिसी में M.A.)
  • Ph.D. कोर्स
  • यूनिवर्सिटी की अपनी अलग छात्रवृत्तियाँ (जो यहाँ बताई गई फ़ाउंडेशन वाली छात्रवृत्ति से अलग हैं)

यूनिवर्सिटी का ज़ोर सामाजिक बदलाव, शिक्षा और विकास अध्ययन पर है।

दूसरी छात्रवृत्तियों से तुलना

छात्रवृत्तिसंस्थारकमकिसके लिएमेरिट पर?
अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्तिअज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन₹30,000/साललड़कियाँ, कमज़ोर पृष्ठभूमिनहीं
NSP पोस्ट-मैट्रिककेंद्र सरकारवर्ग के हिसाब से अलग-अलगSC/ST/OBC/अल्पसंख्यक छात्रवर्ग के आधार पर
INSPIRE छात्रवृत्तिDST, भारत सरकार₹80,000/सालकक्षा 12 के टॉप 1%हाँ
प्रगति छात्रवृत्ति (AICTE)AICTE₹50,000/सालतकनीकी पढ़ाई में लड़कियाँमेरिट और ज़रूरत दोनों
बेगम हज़रत महल छात्रवृत्तिमौलाना आज़ाद फ़ाउंडेशन₹5,000-6,000अल्पसंख्यक लड़कियाँज़रूरत के आधार पर
HDFC बढ़ते क़दमHDFC बैंकअलग-अलगआर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गज़रूरत के आधार पर

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति इसलिए अलग है कि इसमें लड़कियों पर ज़ोर + सरकारी स्कूल की शर्त + मेरिट के बिना चुनाव तीनों एक साथ आते हैं।

यह छात्रवृत्ति सामाजिक रूप से क्यों मायने रखती है

भारत में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (GER) क़रीब 28.4% है (AISHE 2021-22)। लड़कियों का GER सुधर तो रहा है, लेकिन इस छात्रवृत्ति वाले राज्यों में अब भी कम है। यह छात्रवृत्ति इन बातों पर काम करती है:

  • उच्च शिक्षा में लड़कियों का पिछड़ना: कमज़ोर परिवारों की लड़कियाँ अक्सर कक्षा 12 के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं
  • पैसे की दीवार: सरकारी संस्थानों में साल भर के ख़र्च का बड़ा हिस्सा ₹30,000 से निकल जाता है
  • इलाक़ों की ग़ैर-बराबरी: निशाने पर वही राज्य हैं जहाँ लड़कियों की शिक्षा के आँकड़े कमज़ोर हैं
  • घर में पहली पीढ़ी: कई लाभार्थी अपने परिवार में कॉलेज पहुँचने वाली पहली सदस्य होती हैं

UPSC में अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति की जगह

परीक्षा का चरणकैसे आती है
प्रीलिम्ससीधा सवाल आने की उम्मीद कम; योजनाएँ मिलाने वाले सवाल में विकल्प काटने के काम आती है
मुख्य परीक्षा GS Iमहिलाओं की शिक्षा, सामाजिक सशक्तीकरण
मुख्य परीक्षा GS IIशिक्षा नीति, कल्याणकारी योजनाएँ, नागरिक समाज की भूमिका
निबंधविकास में परोपकार, लड़कियों की शिक्षा
नीतिशास्त्र (GS IV)कॉर्पोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी, परोपकार बनाम सरकार का फ़र्ज़

इन विषयों पर जवाब में उदाहरण की तरह काम आती है:

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020: शिक्षा तक पहुँच में निजी और परोपकारी योगदान
  • SDG 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) और SDG 5 (लैंगिक समानता): ज़मीन पर दोनों को छूता कार्यक्रम
  • सरकार की कोशिशों के साथ-साथ चलने में नागरिक समाज की भूमिका
  • सामाजिक क्षेत्र में परोपकार बनाम राज्य की ज़िम्मेदारी
  • अनुच्छेद 21A / शिक्षा का अधिकार: शिक्षा तक पहुँच की भावना को 6-14 साल की उम्र से आगे ले जाना

सामान्य प्रश्न

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति क्या है?

यह अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन की छात्रवृत्ति है, जो कमज़ोर पृष्ठभूमि की हक़दार छात्राओं को ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए ₹30,000 सालाना देती है।

क्या अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति मेरिट पर मिलती है?

नहीं। यह पात्रता की शर्तों पर मिलती है — लिंग, स्कूल की पृष्ठभूमि, सामाजिक-आर्थिक हालत — न कि पढ़ाई की रैंक पर।

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का हक़ किसे है?

वे छात्राएँ जिन्होंने कक्षा 10 और 12 सरकारी संस्थानों से रेगुलर छात्रा के तौर पर पास की हों, जो 2-5 साल के किसी ग्रेजुएशन कोर्स के पहले साल में हों, और जो 18 पात्र राज्यों या पुडुचेरी में से किसी एक में पढ़ रही हों।

छात्रवृत्ति की रकम कितनी है?

₹30,000 सालाना, जो आम तौर पर ₹15,000 की दो किस्तों में आती है।

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कैसे करें?

आवेदन की खिड़की खुलने पर अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के आधिकारिक स्कॉलरशिप पेज से ऑनलाइन आवेदन कीजिए। कक्षा 10/12 की मार्कशीट, दाख़िले का सबूत और पृष्ठभूमि के काग़ज़ लगाने होंगे।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

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