संचार साथी दूरसंचार विभाग (DoT), भारत सरकार का वह नागरिकों के काम आने वाला टेलीकॉम शिकायत और सुरक्षा पोर्टल है, जो 16 मई 2023 को शुरू हुआ। यह पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर खुलता है और इस पर भारत का कोई भी मोबाइल इस्तेमाल करने वाला खोया या चोरी हुआ फ़ोन ब्लॉक करा सकता है, देख सकता है कि उसके नाम पर कितने SIM चल रहे हैं, यह जाँच सकता है कि हैंडसेट असली है या नहीं, और शक़ वाली फ़्रॉड कॉल या SMS की शिकायत कर सकता है।
डिजिटल भुगतान और मोबाइल दोनों जिस रफ़्तार से फैले हैं, उसमें डिजिटल ठगी, SIM-स्वैप घोटाले, पहचान की चोरी और मोबाइल से जुड़े अपराध रोकने की भारत की कोशिश का बड़ा हिस्सा संचार साथी ही है।
संचार साथी एक नज़र में
| बात | ब्योरा |
|---|---|
| किसने शुरू किया | दूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय |
| शुरू होने की तारीख़ | 16 मई 2023 |
| शुरू करते समय मंत्री | अश्विनी वैष्णव |
| पोर्टल का पता | sancharsaathi.gov.in |
| मोबाइल ऐप | Sanchar Saathi (Android और iOS, 2025 में आया) |
| मुख्य मॉड्यूल | CEIR, TAFCOP, Know Your Mobile, Chakshu, Report Incoming International Calls, RICWIN |
| क़ानूनी ढाँचा | भारतीय तार अधिनियम, 1885; दूरसंचार अधिनियम, 2023; IT अधिनियम, 2000 |
चार मुख्य मॉड्यूल
1. CEIR — Central Equipment Identity Register
काम: खोए या चोरी हुए मोबाइल को उसके IMEI (International Mobile Equipment Identity) नंबर से ब्लॉक करना और उसका पता लगाना।
यह चलता कैसे है:
- हर हैंडसेट का अपना 15 अंकों का IMEI होता है (*#06# डायल करने पर दिख जाता है)
- फ़ोन खोने पर मालिक पुलिस में FIR दर्ज कराता है
- फिर वह Sanchar Saathi → CEIR → Block Stolen/Lost Mobile पर जाकर FIR की कॉपी लगाता है
- DoT उस IMEI को भारत के सभी टेलीकॉम नेटवर्क पर ब्लॉक कर देता है — हैंडसेट भारत में बेकार हो जाता है
- टेलीकॉम कंपनियाँ पुलिस को लोकेशन और SIM बदलने का ब्योरा देती हैं, ताकि फ़ोन ढूँढ़ा जा सके
- फ़ोन मिल जाने पर मालिक उसी पोर्टल से IMEI अनब्लॉक करा सकता है
नतीजे (2025 तक):
- 30 लाख से ज़्यादा खोए/चोरी हुए फ़ोन की शिकायत दर्ज
- CEIR के सहारे पुलिस ने 14 लाख से ज़्यादा फ़ोन ट्रेस किए और 10 लाख से ज़्यादा बरामद किए
2. TAFCOP — Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection
काम: लोगों को यह देखने देना कि उनके नाम/आधार पर कितने मोबाइल कनेक्शन (SIM) चढ़े हुए हैं।
यह चलता कैसे है:
- आप Sanchar Saathi → Know Mobile Connections in your name पर जाइए
- अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर डालिए, फिर OTP
- पोर्टल उस पहचान-पत्र पर चढ़े सारे मोबाइल नंबर दिखा देता है
- जो कनेक्शन आपका नहीं है, उसकी शिकायत कर दीजिए — कंपनी उसकी दोबारा जाँच करती है या उसे बंद कर देती है
यह क्यों मायने रखता है:
- एक पहचान-पत्र पर क़ानूनी तौर पर 9 मोबाइल कनेक्शन तक लिए जा सकते हैं (DoT के नियम के हिसाब से)
- ठग अक्सर चोरी के काग़ज़ात से बिना इजाज़त SIM निकलवा लेते हैं
- ऐसे SIM साइबर ठगी, OTP चुराने और पहचान के दुरुपयोग में लगते हैं
नतीजे:
- करोड़ों लोग अपने कनेक्शन जाँच चुके हैं; TAFCOP से मिली जानकारी के आधार पर कंपनियों ने 2.75 करोड़ से ज़्यादा बिना इजाज़त / ज़रूरत से ज़्यादा SIM बंद किए हैं।
3. Know Your Mobile (KYM)
काम: ख़रीदने से पहले जाँच लेना कि हैंडसेट असली है, नक़ली है, या पहले से ब्लॉक है।
यह चलता कैसे है:
- 15 अंकों का IMEI 14422 पर SMS कीजिए, या
- संचार साथी पोर्टल/ऐप पर KYM मॉड्यूल इस्तेमाल कीजिए
- जवाब में यह पता चलता है:
- IMEI सही है और चालू है — हैंडसेट असली
- पहले से ब्लॉक है — मत ख़रीदिए
- IMEI डुप्लीकेट है — नक़ली फ़ोन
- IMEI डेटाबेस में ही नहीं है — सावधान रहिए
4. Chakshu — शक़ वाली ठगी की शिकायत
यह मॉड्यूल 4 मार्च 2024 को अलग से जोड़ा गया।
काम: लोगों को शक़ वाली फ़्रॉड कॉल, SMS या WhatsApp संदेश की शिकायत करने देना — KYC वाले झाँसे, किसी और के नाम पर बात करना, नौकरी के झूठे ऑफ़र, कूरियर/पार्सल की ठगी और डिजिटल अरेस्ट वाले घोटाले, सब इसमें आते हैं।
यह चलता कैसे है:
- आप Sanchar Saathi → Chakshu पर जाइए
- माध्यम चुनिए (Call / SMS / WhatsApp)
- शक़ वाला नंबर, तारीख़ और समय, ठगी की श्रेणी और स्क्रीनशॉट/ब्योरा भरिए
- DoT जाँच करता है और ब्लॉक करने या क़ानूनी कार्रवाई की शुरुआत करता है
- शिकायत सही है, यह पक्का करने के लिए शिकायत करने वाले के नंबर पर OTP आता है
कौन-कौन सी श्रेणियाँ आती हैं:
- बैंक / KYC ख़त्म होने के नाम पर ठगी
- गैस / बिजली काटने की धमकी वाली कॉल
- सरकारी अफ़सर बनकर बात करना
- सेक्सटॉर्शन, प्यार के जाल वाले घोटाले
- कस्टम / कूरियर पार्सल की ठगी
- लॉटरी / इनाम / लकी ड्रॉ
- डिजिटल अरेस्ट वाले घोटाले
दूसरे मॉड्यूल
भारतीय नंबर दिखाने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की शिकायत
ठग विदेश से कॉल करते हैं, लेकिन स्क्रीन पर भारतीय मोबाइल नंबर दिखाते हैं। इस मॉड्यूल से ऐसी शक़ वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की शिकायत की जा सकती है।
Track Reported Mobile
पहले दर्ज कराई गई किसी भी CEIR / Chakshu शिकायत का स्टेटस यहाँ देखा जा सकता है।
Caller Name Presentation (CNAP) और DND
DoT की इनसे जुड़ी दूसरी सुविधाएँ — जैसे Caller Name Presentation (CNAP) और Do Not Disturb (DND 2.0) — संचार साथी के ढाँचे में जोड़ी जा रही हैं।
संचार साथी मोबाइल ऐप
2025 में DoT ने Android और iOS पर संचार साथी मोबाइल ऐप निकाला, जो ऐप स्टोर पर मिलता है और कुछ फ़ोनों में पहले से आता है। ऐप में मिलता है:
- वेब पोर्टल का सारा काम
- शक़ वाली स्पैम कॉल की एक क्लिक में शिकायत
- आपकी इजाज़त से कॉल लॉग और SMS इनबॉक्स से सीधा जुड़ाव
- IMEI ब्लॉक और अनब्लॉक करना पहले से तेज़
2025 की शुरुआत में DoT ने नए स्मार्टफ़ोन में यह ऐप पहले से डालने का आदेश निकाला था — लेकिन इस पर यह सवाल उठा कि इससे इस्तेमाल करने वाले की मर्ज़ी छिनती है, और बाद में इसे मर्ज़ी पर छोड़ दिया गया।
संचार साथी कैसे इस्तेमाल करें: क़दम-दर-क़दम
खोया/चोरी हुआ फ़ोन ब्लॉक कराने के लिए (CEIR)
- अपने इलाक़े की पुलिस में FIR दर्ज कराइए; उसकी डिजिटल कॉपी अपने पास रखिए
- sancharsaathi.gov.in → CEIR → Block Stolen/Lost Mobile पर जाइए
- ब्योरा भरिए — IMEI, फ़ोन का मॉडल, SIM नंबर, खोने की तारीख़, FIR की कॉपी
- अपने किसी भी चालू नंबर पर आया OTP डालिए
- Request ID नोट कर लीजिए, आगे इसी से स्टेटस देखेंगे
- आपका फ़ोन 24 घंटे के भीतर सभी नेटवर्क पर ब्लॉक हो जाएगा
अपने नाम के कनेक्शन देखने के लिए (TAFCOP)
- Sanchar Saathi → Know Mobile Connections in your name पर जाइए
- मोबाइल नंबर + कैप्चा भरिए, फिर OTP डालिए
- कनेक्शन की सूची देखिए
- जो नंबर आपने नहीं लिया, उस पर "Not my number" चुनिए — कंपनी उसे 15–30 दिन में बंद कर देती है
फ़्रॉड कॉल/SMS की शिकायत के लिए (Chakshu)
- Sanchar Saathi → Chakshu पर जाइए
- माध्यम (Call/SMS/WhatsApp) और श्रेणी चुनिए
- शक़ वाला नंबर + तारीख़/समय + स्क्रीनशॉट भरिए
- OTP से पुष्टि कीजिए
- Request ID से स्टेटस देखते रहिए
पीछे का जुड़ाव और तंत्र
संचार साथी इनसे जुड़ा हुआ है:
- सभी टेलीकॉम कंपनियाँ (TSP) — Reliance Jio, Airtel, Vi, BSNL/MTNL
- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) — आधार से जाँच के लिए
- साइबर ठगी के मामलों के लिए I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in)
- खोए फ़ोन ढूँढ़ने के लिए राज्यों की पुलिस
- नक़ली काग़ज़ात पकड़ने के लिए AI से ग्राहकों की जाँच (ASTR)
अब तक क्या हासिल हुआ (2023–2025 कुल मिलाकर)
- 2.75 करोड़+ बिना इजाज़त वाले मोबाइल कनेक्शन बंद
- 30 लाख+ खोए/चोरी हुए फ़ोन की शिकायत; 10 लाख+ बरामद
- Chakshu के ज़रिए लाखों ठगी वाले नंबर ब्लॉक
- हज़ारों नक़ली KYC वाली SIM दुकानें बंद
- OTP और साइबर ठगी में पीछे तक पहुँच पाने की कमी काफ़ी हद तक घटी
दिक़्क़तें और आलोचना
- गाँवों और छोटे शहरों में जानकारी ही कम है
- बुज़ुर्गों और अंग्रेज़ी न जानने वालों के लिए डिजिटल इस्तेमाल की दिक़्क़त
- मोबाइल ऐप पहले से डालने पर विवाद
- CEIR से फ़ोन ढूँढ़ने में DoT, पुलिस और कंपनियों के बीच अधिकार-क्षेत्र की देरी
- AI से ग्राहकों की जाँच पर निजता के सवाल
- हैंडसेट बनाने वालों की तरफ़ से कभी-कभी IMEI क्लोनिंग की गड़बड़ी
संचार साथी और दूरसंचार अधिनियम, 2023
दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने औपनिवेशिक भारतीय तार अधिनियम, 1885 की जगह ली, और इन बातों को साफ़ क़ानूनी आधार दिया:
- बायोमेट्रिक से ग्राहक की जाँच
- संदेशों को रोकना, निलंबित करना और ब्लॉक करना
- SIM फ़्रॉड और पहचान के दुरुपयोग पर सज़ा (50 लाख रुपये तक जुर्माना और 3 साल तक जेल)
इस क़ानून के कई प्रावधान ज़मीन पर जिस खिड़की से चलते हैं, वह संचार साथी ही है।
UPSC के लिहाज़ से
GS2 (शासन): नागरिक सेवाएँ, डिजिटल गवर्नेंस, उपभोक्ता संरक्षण, ई-गवर्नेंस।
GS3 (आंतरिक सुरक्षा / अर्थव्यवस्था): साइबर सुरक्षा, वित्तीय ठगी, टेलीकॉम नियमन, डिजिटल अर्थव्यवस्था।
GS3 (विज्ञान और तकनीक): टेलीकॉम में AI का इस्तेमाल (ASTR), डिजिटल पब्लिक इंफ़्रास्ट्रक्चर (DPI)।
प्रीलिम्स के ज़रूरी तथ्य:
- पोर्टल कब शुरू हुआ: 16 मई 2023
- किसने शुरू किया: दूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय
- पता: sancharsaathi.gov.in
- मुख्य मॉड्यूल: CEIR, TAFCOP, Know Your Mobile, Chakshu
- CEIR = Central Equipment Identity Register — IMEI से ब्लॉक करता है
- TAFCOP = Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection
- Chakshu कब शुरू हुआ: 4 मार्च 2024
- IMEI देखने का कोड: *#06# (15 अंकों का नंबर)
- KYM का SMS शॉर्टकोड: 14422
- एक पहचान-पत्र पर ज़्यादा से ज़्यादा SIM: 9
- इससे जुड़ा क़ानून: दूरसंचार अधिनियम, 2023
- मोबाइल ऐप कब आया: 2025