UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

पीएम छात्रवृत्ति 2026: पात्रता और आवेदन

पूर्व सैनिकों और पूर्व तटरक्षक कर्मियों के बच्चों के लिए PMSS — ₹2,500 से ₹3,000 महीना, प्राथमिकता की छह श्रेणियाँ, कौन से कोर्स आते हैं, NSP पर आवेदन और नवीनीकरण की शर्तें।

PM Scholarship 2026: Eligibility & Application featured image

प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (PMSS) पूर्व सैनिकों और पूर्व तटरक्षक कर्मियों के आश्रितों को प्रोफ़ेशनल डिग्री कोर्स के लिए पैसे की मदद देती है। यह उन गिनी-चुनी केंद्रीय छात्रवृत्तियों में से एक है जो सीधे रक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं, और UPSC के लिहाज़ से इसे समझना दो तरह से काम आता है — सीधे तथ्य के रूप में भी, और एक ख़ास सामाजिक समूह के लिए बनी लक्षित कल्याण योजना के उदाहरण के रूप में भी।

यह योजना रक्षा मंत्रालय के तहत केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) चलाता है — शिक्षा मंत्रालय नहीं। परीक्षा के सवालों में यही फ़र्क़ पकड़ा जाता है।

पीएम छात्रवृत्ति योजना: एक नज़र में

PMSS इसलिए शुरू हुई ताकि पूर्व रक्षाकर्मियों के बच्चे ऊँची प्रोफ़ेशनल पढ़ाई की तरफ़ बढ़ें। सोच सीधी थी: बहुत से पूर्व सैनिक, ख़ासकर नीचे के रैंक वाले (JCO/OR श्रेणी), 30 और 40 की उम्र में मामूली पेंशन के साथ रिटायर हो जाते हैं। उनके बच्चों को पढ़ाई में उतनी मदद तो मिलनी ही चाहिए जितनी उनके माँ-बाप की देश-सेवा के बराबर हो।

अभी कितनी छात्रवृत्ति मिलती है (2026)

किसेहर महीनेसाल भर में
छात्र₹2,500 महीना₹30,000 साल
छात्राएँ₹3,000 महीना₹36,000 साल

छात्राओं को ज़्यादा रकम देना योजना के डिज़ाइन में जेंडर की समझ दिखाता है — और UPSC के परीक्षक अक्सर किसी योजना के ढाँचे को परखते वक़्त यही बात पूछते हैं।

ध्यान दीजिए: ये रकमें पिछले कुछ सालों में बढ़ाई गई हैं — पहले ये ₹2,250 (छात्र) और ₹2,750 (छात्रा) थीं। बढ़ोतरी से PMSS की रकम पढ़ाई के मौजूदा ख़र्च के कुछ क़रीब आई है।

कौन चलाता है

  • केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB): रक्षा मंत्रालय के तहत नोडल एजेंसी
  • आवेदन कहाँ से: National Scholarship Portal (NSP) — scholarships.gov.in
  • चयन: KSB सचिवालय आवेदन देखता है और राज्य सैनिक बोर्डों के साथ तालमेल करता है

पीएम छात्रवृत्ति की पात्रता

कौन आवेदन कर सकता है?

PMSS इनके आश्रितों के लिए खुली है:

  • भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के पूर्व सैनिक (ESM)
  • पूर्व तटरक्षक (Coast Guard) कर्मी
  • उन पूर्व सैनिकों की विधवाएँ जिनकी मौत सेवा के दौरान या रिटायरमेंट के बाद हुई
  • युद्ध में शहीद (KIA) हुए कर्मियों के बच्चे — इन्हें चयन में पहली प्राथमिकता मिलती है

प्राथमिकता की श्रेणियाँ

हर पात्र आवेदक को छात्रवृत्ति नहीं मिलती — सीटें सीमित हैं। KSB एक तय प्राथमिकता क्रम में छात्रवृत्ति देता है:

प्राथमिकताश्रेणी
प्राथमिकता Iयुद्ध में शहीद रक्षाकर्मियों के बच्चे/विधवाएँ
प्राथमिकता IIदिव्यांग पूर्व सैनिकों के बच्चे (सेवा के दौरान दिव्यांगता)
प्राथमिकता IIIपूर्व सैनिकों के बच्चे (सेवा से जुड़ी बीमारी)
प्राथमिकता IVसेवा के दौरान मरे पूर्व सैनिकों के बच्चे/विधवाएँ
प्राथमिकता Vपूर्व सैनिकों के बच्चे (सामान्य)
प्राथमिकता VIसेवारत रक्षाकर्मियों के बच्चे

पढ़ाई से जुड़ी शर्तें

  • बारहवीं या डिप्लोमा में कम से कम 60% अंक (पहले साल में दाख़िले के लिए)
  • ऐसे पहले प्रोफ़ेशनल डिग्री कोर्स में दाख़िला जिसे संबंधित वैधानिक संस्था मान्यता देती हो
  • पढ़ाई भारत में हो (विदेश में नहीं)
  • पहले किसी कोर्स के लिए इसी योजना का फ़ायदा न लिया हो

कौन से कोर्स इसमें आते हैं

PMSS में प्रोफ़ेशनल कोर्स की एक लंबी सूची आती है:

कोर्स की श्रेणीउदाहरण
इंजीनियरिंगB.E., B.Tech
मेडिकलMBBS, BDS, BAMS, BHMS, BUMS
मैनेजमेंटMBA (सिर्फ़ बारहवीं के बाद वाले इंटीग्रेटेड प्रोग्राम)
क़ानूनLLB (5 साल का इंटीग्रेटेड)
फ़ार्मेसीB.Pharm
कृषिB.Sc. Agriculture (मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से)
आर्किटेक्चरB.Arch
कंप्यूटर एप्लिकेशनBCA (चुनिंदा संस्थान)
होटल मैनेजमेंटNCHMCT से जुड़े कॉलेजों से
पैरामेडिकलचुनिंदा पैरामेडिकल डिग्री कोर्स

यह ज़रूर देख लीजिए: अकेले पीजी कोर्स के तौर पर किए जाने वाले MBA/MCA आमतौर पर इसमें नहीं आते। दूरस्थ शिक्षा (distance learning) के कोर्स भी बाहर हैं। MA, M.Sc. और इस तरह की शुद्ध अकादमिक डिग्रियाँ भी बाहर हैं — यह योजना ख़ास तौर पर प्रोफ़ेशनल डिग्री के लिए है।

पीएम छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कैसे करें, 2026

आवेदन की खिड़की

PMSS के आवेदन साल में एक बार खुलते हैं, आमतौर पर जुलाई–अगस्त में। 2026 की पक्की तारीख़ें NSP पोर्टल और KSB की वेबसाइट (ksb.gov.in) पर बताई जाएँगी। खुलने के 30–45 दिन के भीतर आवेदन बंद हो जाते हैं।

आवेदन का पूरा तरीक़ा, क़दम दर क़दम

  1. NSP पर रजिस्टर कीजिए: scholarships.gov.in खोलिए। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से अपना खाता बनाइए।
  1. योजना चुनिए: "Central Schemes" के नीचे "Prime Minister's Scholarship Scheme for Central Armed Police Forces and Ex-Servicemen" ढूँढ़िए।
  1. अपनी जानकारी भरिए: नाम, जन्मतिथि, लिंग, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल।
  1. पढ़ाई की जानकारी भरिए: बारहवीं के अंक, जिस कोर्स में दाख़िला लिया है, कॉलेज का नाम, दाख़िले का साल।
  1. काग़ज़ात अपलोड कीजिए: सूची नीचे दी है।
  1. माता-पिता की सेवा की जानकारी भरिए: पूर्व सैनिक का रैंक, सेवा संख्या, यूनिट, रिटायरमेंट या मौत की तारीख़, पेंशन का PPO नंबर।
  1. जमा कीजिए और आवेदन ID लिख लीजिए: आगे स्थिति देखने के लिए यही काम आएगी।
  1. ज़िला/सैनिक बोर्ड स्तर पर जाँच: आवेदन की जाँच संबंधित राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड या ज़िला सैनिक बोर्ड करता है।

कौन से काग़ज़ात लगेंगे

  • छात्र का आधार कार्ड
  • पूर्व सैनिक का डिस्चार्ज सर्टिफ़िकेट / PPO (Pension Payment Order)
  • बारहवीं की मार्कशीट
  • मौजूदा कॉलेज का दाख़िला पत्र / फ़ीस की रसीद
  • बैंक खाते की जानकारी (छात्र के अपने नाम का खाता, आधार से जुड़ा हुआ)
  • जाति प्रमाणपत्र (अगर लागू हो, श्रेणी की जाँच के लिए)
  • केंद्रीय सैनिक बोर्ड का जारी किया हुआ ESM पहचान पत्र
  • मृत्यु प्रमाणपत्र (अगर माता या पिता का देहांत हो चुका हो) और युद्ध में शहीद होने पर death-in-harness प्रमाणपत्र
  • दिव्यांगता प्रमाणपत्र (अगर प्राथमिकता II/III की श्रेणी में हों)

पीएम छात्रवृत्ति का नवीनीकरण

PMSS हर साल नए सिरे से चालू करानी पड़ती है, और यह कोर्स के पूरे समय तक चलती है (प्रोफ़ेशनल डिग्री में आमतौर पर 4–5 साल)। यह अपने आप नहीं होता।

नवीनीकरण की शर्तें

  • पिछले शैक्षणिक साल में कम से कम 50% अंक (दाख़िले की 60% वाली शर्त से कम)
  • बीच में कोई साल न छूटा हो — पढ़ाई लगातार चलती रहे
  • संस्थान की तरफ़ से कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न हुई हो
  • वही कोर्स और वही संस्थान (कोर्स बदलने पर नया आवेदन/मंज़ूरी लगेगी)
  • नवीनीकरण का आवेदन NSP की नवीनीकरण खिड़की के भीतर देना होगा (आमतौर पर अगस्त–अक्टूबर)

नवीनीकरण अक्सर क्यों अटकता है

बहुत से छात्रों का नवीनीकरण इन वजहों से छूट जाता है:

  • NSP पर नवीनीकरण की खिड़की निकल जाती है
  • दूसरे साल में 50% से कम अंक आ जाते हैं
  • KSB को बताए बिना दूसरे संस्थान में चले जाते हैं
  • बैंक खाता बदलने पर नई जानकारी अपडेट नहीं करते

कितनी छात्रवृत्तियाँ मिलती हैं

PMSS का सालाना कुल कोटा 5,500 छात्रवृत्तियाँ है — इनमें हर साल 500 नई छात्रवृत्तियाँ पूर्व तटरक्षक कर्मियों के बच्चों के लिए हैं (2019 में जोड़ी गईं) और 5,000 पूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए।

भारत में 2.5 करोड़ से ज़्यादा पूर्व सैनिक हैं, इसलिए माँग आपूर्ति से कहीं ज़्यादा है। यही वजह है कि प्राथमिकता की श्रेणियाँ इतनी अहम हो जाती हैं — शहीद कर्मियों के बच्चों का दावा सबसे मज़बूत है।

दूसरी केंद्रीय छात्रवृत्तियाँ: एक तुलना

NSP से चलने वाली कई केंद्रीय छात्रवृत्तियों में से PMSS एक है। UPSC के लिए पूरा नक़्शा पता होना काम आता है।

छात्रवृत्तिकौन चलाता हैकिसके लिएरकम (लगभग)
पीएम छात्रवृत्ति योजना (PMSS)रक्षा मंत्रालय / KSBपूर्व सैनिकों के आश्रित₹30,000–₹36,000 साल
केंद्रीय क्षेत्र छात्रवृत्तिशिक्षा मंत्रालयबारहवीं के सबसे अच्छे नतीजे वाले₹12,000–₹20,000 साल
नेशनल मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्तिशिक्षा मंत्रालयआठवीं के छात्र (कम आमदनी वाले घर)₹12,000 साल
SC के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तिसामाजिक न्याय मंत्रालयSC छात्र (पोस्ट-मैट्रिक)राज्य के हिसाब से अलग
OBC के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तिसामाजिक न्याय मंत्रालयOBC छात्र (पोस्ट-मैट्रिक)अलग-अलग
NSP अल्पसंख्यक छात्रवृत्तिअल्पसंख्यक कार्य मंत्रालयअल्पसंख्यक समुदाय के छात्र₹10,000–₹25,000 साल
ईशान उदयशिक्षा मंत्रालयकेंद्रीय विश्वविद्यालयों में पूर्वोत्तर के छात्र₹5,400–₹7,800 महीना
पीएम यशस्वीसामाजिक न्याय मंत्रालयOBC/EBC/DNT छात्र₹75,000–₹1,25,000 साल

इनमें से ज़्यादातर के लिए एक ही मंच है — National Scholarship Portal (NSP)। यह एक जगह ले आना ख़ुद में UPSC के काम का सुधार है, क्योंकि इससे छात्रवृत्ति बाँटने का बिखराव कम होता है।

पीएम छात्रवृत्ति का UPSC से नाता

GS पेपर II

  • कमज़ोर तबकों का कल्याण: रक्षा समुदाय का कल्याण परीक्षा में बार-बार आने वाला विषय है
  • सामाजिक क्षेत्र पर ख़र्च: छात्रवृत्ति योजनाएँ इंसानी पूँजी में निवेश का ज़रिया
  • डिजिटल शासन: DBT की कामयाब मिसाल के रूप में NSP

सीधे सवाल कहाँ से बन सकते हैं

UPSC ने छात्रवृत्ति योजनाओं पर इन संदर्भों में सवाल पूछे हैं: (a) हाशिये के समूहों के लिए शिक्षा तक पहुँच, (b) DBT का अमल, और (c) रक्षाकर्मियों का कल्याण। PMSS तीनों में फ़िट बैठती है।

याद रखने लायक़ बातें

  • कौन चलाता है: केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB), रक्षा मंत्रालय
  • पोर्टल: National Scholarship Portal (scholarships.gov.in)
  • रकम: ₹2,500 महीना (छात्र), ₹3,000 महीना (छात्रा)
  • सालाना कोटा: 5,500 छात्रवृत्तियाँ
  • कम से कम अंक: दाख़िले पर 60%, नवीनीकरण पर 50%
  • कोर्स: सिर्फ़ प्रोफ़ेशनल डिग्री कोर्स

आम दिक़्क़तें और शिकायत कहाँ करें

आवेदन रद्द क्यों होते हैं

आवेदन आमतौर पर इन वजहों से रद्द होते हैं:

  • पूर्व सैनिक का PPO नंबर पेंशन डेटाबेस में मिलता ही नहीं
  • आधार के नाम और आवेदन के नाम में फ़र्क़
  • कॉलेज को संबंधित वैधानिक संस्था की मान्यता नहीं (क़ानून के लिए BCI, मेडिकल के लिए MCI/NMC वग़ैरह)
  • ऐसे कोर्स के लिए आवेदन जो इसमें आता ही नहीं (अकेला MBA, दूरस्थ शिक्षा)

शिकायत का रास्ता

NSP में शिकायत का अपना हिस्सा बना हुआ है। आवेदक सीधे पोर्टल पर ही शिकायत दर्ज कर सकते हैं। KSB की भी एक हेल्पलाइन है और ईमेल से शिकायत लेने का इंतज़ाम है। आमने-सामने बात करके मामला सुलझाने के लिए पहला ठिकाना राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड होते हैं।

इसे भी पढ़िए: NSP छात्रवृत्ति 2026: नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल गाइड इसे भी पढ़िए: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: UPSC के लिए मुख्य बातें

सामान्य प्रश्न

2026 में पीएम छात्रवृत्ति की रकम कितनी है?

PMSS में छात्रों को हर महीने ₹2,500 (साल के ₹30,000) और छात्राओं को हर महीने ₹3,000 (साल के ₹36,000) मिलते हैं।

पीएम छात्रवृत्ति योजना कौन चलाता है?

PMSS को रक्षा मंत्रालय के तहत केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) चलाता है। आवेदन National Scholarship Portal (scholarships.gov.in) से किए जाते हैं।

पीएम छात्रवृत्ति में कौन से कोर्स आते हैं?

PMSS में पहले प्रोफ़ेशनल डिग्री कोर्स आते हैं, जैसे B.Tech, MBBS, BDS, B.Pharm, B.Arch, LLB (5 साल का इंटीग्रेटेड) और इसी तरह के प्रोग्राम। अकेले किए जाने वाले MBA, MCA, MA और M.Sc. इसमें नहीं आते।

PMSS के लिए कम से कम कितने अंक चाहिए?

पहली बार आवेदन के लिए बारहवीं में 60%। उसके बाद हर साल नवीनीकरण के लिए 50%।

हर साल कितनी पीएम छात्रवृत्तियाँ दी जाती हैं?

साल में 5,500 छात्रवृत्तियाँ — 5,000 पूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए और 500 पूर्व तटरक्षक कर्मियों के आश्रितों के लिए।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

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