दक्षिण एशिया विश्व का सबसे कम एकीकृत क्षेत्र है — 5% से कम व्यापार अंतर-क्षेत्रीय है (ASEAN में 25% और EU में 60% की तुलना में)। भारत इस क्षेत्र के लगभग 72% भूभाग, 75% GDP और 75% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है। यह असममिति भारत के अवसर और बोझ दोनों की व्याख्या करती है। Neighbourhood First वर्तमान आयोजन नीति है, समुद्री परिधि के लिए SAGAR से पूरक। UPSC GS II के लिए यह विषय भारत-चीन प्रतिस्पर्धा, SAARC के ठहराव, BIMSTEC के उदय और कनेक्टिविटी कूटनीति की परीक्षा लेता है।
भारत के पड़ोस की विशेषताएँ
- औपनिवेशिक विरासत — अधिकांश सीमाएँ जाती हुई शाही शक्तियों द्वारा खींची गईं।
- पृथ्वी का सबसे बड़ा जनसंख्या क्लस्टर — लगभग 2 अरब लोग।
- गहरी विविधता — बौद्ध, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई बहुसंख्यक; दर्जनों भाषाई समूह।
- अनिर्धारित सीमाएँ — कश्मीर, LAC, डूरंड लाइन, कच्चाथीवु, सिलीगुड़ी, तीस्ता।
- कमजोर क्षेत्रीय संस्थाएँ — SAARC निष्क्रिय; BIMSTEC बढ़ रहा है; BBIN आंशिक रूप से क्रियाशील।
- भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा — चीन, US, रूस, खाड़ी देश और तुर्की अब क्षेत्र में सक्रिय।
नई गतिशीलता
चीन का उदय
- String of Pearls — हम्बनटोटा (श्रीलंका), क्याउकफ्यू (म्यांमार), ग्वादर (पाकिस्तान), जिबूती पर बंदरगाह।
- BRI — भारत और भूटान को छोड़कर सभी दक्षिण एशियाई देशों ने हस्ताक्षर किए।
- ऋण कूटनीति — श्रीलंका का 2022 डिफ़ॉल्ट चीन-समर्थित परियोजनाओं से प्रेरित।
- क्षेत्रीय दावे — लद्दाख, अरुणाचल, भूटान का सकतेंग, नेपाल सीमा।
पाकिस्तान का अलगाव
भारत-पाकिस्तान व्यापार और कूटनीतिक संबंध 2019 पुलवामा/बालाकोट और अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण के बाद से जमे हुए हैं। पाकिस्तान की घरेलू नाजुकता, IMF बेलआउट और TTP हिंसा जारी।
छोटे राज्यों की स्वायत्तता
भूटान, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका — सभी ने भारत और चीन को एक-दूसरे के विरुद्ध खेलना सीखा है, सौदेबाजी की शक्ति अधिकतम करते हुए।
भारत की प्रतिक्रियाएँ
Neighbourhood First नीति
PM मोदी द्वारा 2014 शपथ ग्रहण में SAARC नेताओं को आमंत्रित करने के साथ शुरू। सिद्धांत: गैर-पारस्परिक, परामर्शी, परिणाम-उन्मुख; कनेक्टिविटी, अवसंरचना, लोक-संपर्क पर ध्यान।
SAGAR सिद्धांत
Security and Growth for All in the Region (मॉरिशस, 2015) — भारत हिंद महासागर क्षेत्र में शुद्ध सुरक्षा प्रदाता के रूप में स्वयं को स्थापित करता है।
कनेक्टिविटी परियोजनाएँ
| परियोजना | लिंक |
|---|---|
| अखौरा-अगरतला रेल | भारत-बांग्लादेश |
| भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग | महाद्वीपीय Act East |
| कलदान मल्टी-मोडल | बंगाल की खाड़ी-मिजोरम |
| चाबहार बंदरगाह | ईरान-अफगानिस्तान-मध्य एशिया |
| BBIN Motor Vehicles Agreement | बांग्लादेश-भूटान-भारत-नेपाल |
| IMEC | खाड़ी-यूरोप (G20, 2023) |
SAARC बनाम BIMSTEC
| आयाम | SAARC | BIMSTEC |
|---|---|---|
| सदस्य | 8 (दक्षिण एशिया) | 7 (बंगाल की खाड़ी) |
| शामिल | पाकिस्तान | म्यांमार, थाईलैंड |
| कार्यात्मक | 2014 से ठहरा | उभरता हुआ |
| सचिवालय | काठमांडू | ढाका |
| रणनीतिक उपयोगिता | कूटनीतिक अतिरिक्त भार | कनेक्टिविटी, समुद्री |
| भारत का रुख | न्यूनतम बनाए रखना | पसंदीदा मंच |
भारत बनाम चीन का क्षेत्रीय दृष्टिकोण
| आयाम | भारत | चीन |
|---|---|---|
| सिद्धांत | गैर-पारस्परिक, परामर्शी | लेन-देन, बड़े पैमाने पर |
| वित्तपोषण | अनुदान + रियायती LoC | वाणिज्यिक दर ऋण |
| गति | धीमी डिलीवरी | तेज; कभी-कभी शॉर्टकट |
| ऋण प्रोफाइल | कम-तनाव | उच्च; ऋण जाल की चिंता |
| सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर | सिनेमा, योग, धर्म | कन्फ्यूशियस संस्थान, मीडिया |
देश-वार संबंध
- बांग्लादेश — हसीना (2009-24) के तहत मजबूत सहयोग; अगस्त 2024 के बाद युनूस सरकार में प्रश्नचिह्न।
- भूटान — सबसे गहरा द्विपक्षीय; लेकिन चीन के साथ Gelephu Mindfulness City और सीमा वार्ता पर नजर।
- नेपाल — समदूरी प्राथमिकता; कालापानी सीमा विवाद; जलविद्युत व्यापार बढ़ रहा है।
- श्रीलंका — 2022 IMF बाद सुधार; भारत प्रमुख ऋणदाता सहयोगकर्ता।
- मालदीव — मुइज्जु का “India Out” चरण 2024 में नरम; नई मुद्रा समर्थन पैकेज।
- म्यांमार — तख्तापलट, गृह युद्ध, शरणार्थी; कलदान परियोजना में देरी।
- अफगानिस्तान — तालिबान वापस; भारत तकनीकी मिशन और मानवीय सहायता के साथ जुड़ा।
- पाकिस्तान — प्रभावी रूप से जमा; व्यापार शून्य।
नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)
- G20 नई दिल्ली (2023) — भारत ने Global South नेतृत्व प्रक्षेपित किया।
- Quad Summit Wilmington (2024) — बंगाल की खाड़ी में MDA का विस्तार।
- बांग्लादेश राजनीतिक परिवर्तन (अगस्त 2024) — युनूस अंतरिम सरकार।
- मालदीव पिघलाव (2024) — मुइज्जु की भारत यात्रा, मुद्रा स्वैप।
- श्रीलंका ऋण पुनर्संरचना — भारत IMF EFF कार्यक्रम का प्रमुख।
- नेपाल जलविद्युत निर्यात — 1,000 MW भारत को; त्रिपक्षीय बांग्लादेश-भारत-नेपाल व्यापार क्रियाशील।
- भूटान — PM मोदी को Order of the Druk Gyalpo; ₹10,000 करोड़ सहायता पैकेज।
- म्यांमार — FMR फरवरी 2024 में निलंबित; Arakan Army की प्रगति।
- BIMSTEC शिखर सम्मेलन बैंकॉक (2025) — भारत ने नई कनेक्टिविटी पहलें धकेलीं।
आगे की राह
- प्रक्रिया, घटना नहीं — कई स्तरों पर निरंतर, शांत जुड़ाव।
- परियोजना वितरण में तेजी — प्रतिबद्ध LoC और अनुदान परियोजनाओं को तेज करें।
- कनेक्टिविटी रीढ़ बने — रेल, सड़क, जलमार्ग, बिजली, डिजिटल।
- SAARC न छोड़ें — अगर भारत हटे, चीन अंतर भर सकता है।
- आंतरिक बयानबाजी को संबोधित करें — CAA, NRC जैसे घरेलू बयानों के पड़ोसी कूटनीति पर प्रभाव।
- चीन के साथ बहुवचन रूप से व्यवहार — जहाँ संभव सहयोग, जहाँ आवश्यक दृढ़ प्रतिस्पर्धा।
UPSC प्रासंगिकता
Neighbourhood First GS II का सदाबहार विषय है। प्रारंभिक परीक्षा में SAARC, BIMSTEC, BBIN, IORA, SAGAR पर प्रश्न। मुख्य परीक्षा में दक्षिण एशिया में चीन का उदय, कनेक्टिविटी कूटनीति और बांग्लादेश/मालदीव/नेपाल के विशिष्ट पहलू।
अभ्यास प्रश्न: “दो प्रमुख शक्तियों द्वारा आकार लिया गया क्षेत्र कभी रैखिक पथ का अनुसरण नहीं करेगा।” बढ़ते चीनी प्रभाव के आलोक में भारत की Neighbourhood First नीति पर चर्चा करें। (250 शब्द)
सामान्य प्रश्न
Neighbourhood First नीति क्या है?
2014 में PM मोदी ने SAARC नेताओं को शपथ ग्रहण में बुलाकर इसे शुरू किया। यह गैर-पारस्परिक, परामर्शी, परिणाम-उन्मुख है — कनेक्टिविटी, अवसंरचना और लोग-से-लोग संपर्क पर केंद्रित। भारत अक्सर अधिक देता है।
SAGAR सिद्धांत क्या है?
Security and Growth for All in the Region — 2015 में मॉरिशस में घोषित। भारत हिंद महासागर क्षेत्र में शुद्ध सुरक्षा प्रदाता के रूप में खुद को स्थापित करता है — क्षमता निर्माण, ISR, तटरक्षक बल सहायता और HADR।
SAARC क्यों निष्क्रिय है और BIMSTEC क्यों पसंदीदा बन गया?
SAARC 2016 से ठहरा है क्योंकि इसमें पाकिस्तान है और भारत-पाकिस्तान संबंध जमे हुए हैं। BIMSTEC में पाकिस्तान नहीं, म्यांमार और थाईलैंड हैं — Act East से जुड़ाव। 2022 में BIMSTEC Charter अपनाया गया।
दक्षिण एशिया में चीन का प्रभाव कैसे बढ़ा?
BRI: भारत और भूटान छोड़कर सभी दक्षिण एशियाई देश शामिल। String of Pearls: हम्बनटोटा, ग्वादर, क्याउकफ्यू। श्रीलंका 2022 डिफ़ॉल्ट चीनी ऋण से जुड़ा। LAC और अरुणाचल पर क्षेत्रीय दावे।