UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

भारत में भाषायी अल्पसंख्यक: UPSC भारतीय समाज गाइड

UPSC के लिए भाषायी अल्पसंख्यकों की गाइड: 8वीं अनुसूची, भाषायी राज्यों का गठन, भाषायी अल्पसंख्यकों के अधिकार, अनुच्छेद 350A और 350B तथा भाषाई विविधता।

Linguistic Minorities in India: UPSC Indian Society Guide — UPSC featured image

भारत विश्व की सर्वाधिक भाषाई विविधता वाले देशों में से एक है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 121 करोड़ से अधिक लोग 121 मातृभाषाएँ बोलते हैं जिनमें 10,000 से अधिक बोलने वालों की संख्या है। भाषायी अल्पसंख्यक (Linguistic Minorities) वे हैं जो किसी राज्य में बहुसंख्यक भाषा से अलग भाषा बोलते हैं।

8वीं अनुसूची

भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं। वर्तमान में 22 भाषाएँ इसमें शामिल हैं:

  • मूल 14 भाषाएँ (1950): असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, उर्दू।
  • बाद में जोड़ी गईं: सिंधी (1967), कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली (1992), बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली (2003)।

भाषायी अल्पसंख्यकों के अधिकार

अनुच्छेदप्रावधान
अनुच्छेद 29अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति संरक्षित करने का अधिकार
अनुच्छेद 30अल्पसंख्यकों को शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित और संचालित करने का अधिकार
अनुच्छेद 350Aभाषायी अल्पसंख्यक बच्चों को प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा
अनुच्छेद 350Bभाषायी अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी की नियुक्ति

राज्यों के भाषायी पुनर्गठन का इतिहास

1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग (फजल अली आयोग) की सिफारिशों पर भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन हुआ। यह एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया थी — आंध्र (1953), गुजरात-महाराष्ट्र (1960), पंजाब-हरियाणा (1966) आदि उदाहरण हैं।

चुनौतियाँ

  • भाषाई पहचान और राष्ट्रीय एकता: भाषाई क्षेत्रवाद बनाम “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”।
  • हिंदी थोपने का भय: दक्षिण भारतीय राज्यों में त्रिभाषा फार्मूला विवाद।
  • लुप्त होती भाषाएँ: UNESCO के अनुसार भारत की 196 भाषाएँ संकटापन्न हैं।

UPSC के लिए प्रासंगिकता

GS II में भाषायी अल्पसंख्यक भारतीय समाज, सांस्कृतिक विविधता, संवैधानिक प्रावधान और भाषाई पहचान के अंतर्गत आते हैं। 8वीं अनुसूची में भाषाओं की संख्या, अनुच्छेद 350A और 350B — ये सीधे प्रश्नों में पूछे जाते हैं।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

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