UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

भारत में भूतापीय और पवन ऊर्जा: संभावनाएँ, चुनौतियाँ और यूपीएससी नोट्स (यूपीएससी पर्यावरण)

भारत में भूतापीय ऊर्जा और पवन ऊर्जा की संभावनाएँ, वर्तमान स्थिति, चुनौतियाँ और सरकारी नीतियाँ — यूपीएससी के लिए।

Geothermal and Wind Energy in India: Potential, Challenges and UPSC Notes (UPSC Environment) — UPSC featured image

भारत नवीकरणीय ऊर्जा में तेज़ी से प्रगति कर रहा है। सौर ऊर्जा के अलावा पवन और भूतापीय ऊर्जा भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यूपीएससी में ये विषय ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु नीति और नवीन प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में पूछे जाते हैं।

पवन ऊर्जा

भारत की पवन ऊर्जा क्षमता

भारत में पवन ऊर्जा की अनुमानित क्षमता 695 GW से अधिक है (NIWE के अनुसार, 100 मीटर ऊँचाई पर)। 2024 तक स्थापित क्षमता ~48 GW है — विश्व में चौथे स्थान पर।

प्रमुख पवन ऊर्जा राज्य

  • तमिलनाडु — सर्वाधिक स्थापित क्षमता।
  • गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश।

ऑफशोर पवन

भारत के पास 7,600 km की तटरेखा है जो ऑफशोर पवन ऊर्जा की विशाल संभावना देती है। सरकार ने 2030 तक 30 GW ऑफशोर क्षमता का लक्ष्य रखा है।

पवन ऊर्जा की चुनौतियाँ

  • भूमि अधिग्रहण और स्थानीय विरोध।
  • पक्षी और चमगादड़ मृत्यु दर।
  • ग्रिड एकीकरण और अनिरंतरता (Intermittency)।
  • पुराने टर्बाइनों की री-पावरिंग।

भूतापीय ऊर्जा

भूतापीय ऊर्जा क्या है?

भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी की आंतरिक गर्मी से उत्पन्न होती है। यह अत्यंत विश्वसनीय (24×7), कार्बन-मुक्त और स्थान-आवश्यकता में कम है।

भारत में भूतापीय संभावना

भारत में 340+ भूतापीय झरने (hot springs) हैं। प्रमुख क्षेत्र:

  • सोहना (हरियाणा)
  • मणिकरण (हिमाचल प्रदेश)
  • पुगा घाटी (लद्दाख) — सबसे अधिक संभावना
  • तट्टापानी (छत्तीसगढ़)
  • सूरजकुंड (झारखंड)

भूतापीय ऊर्जा की चुनौतियाँ

  • उच्च प्रारंभिक लागत और ड्रिलिंग जोखिम।
  • उपयुक्त स्थल सीमित।
  • भारत में वाणिज्यिक विकास नहीं हुआ।
  • प्रौद्योगिकी और कौशल की कमी।

सरकारी नीतियाँ

  • राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE): पवन संसाधन मानचित्रण।
  • पुनर्शक्तिकरण नीति: पुराने टर्बाइन बदलने के लिए।
  • MNRE (नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय): भूतापीय अनुसंधान।

यूपीएससी के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • पवन: 695 GW संभावना, ~48 GW स्थापित, विश्व में चौथा।
  • तमिलनाडु: सर्वाधिक पवन क्षमता।
  • ऑफशोर: 30 GW लक्ष्य (2030)।
  • भूतापीय: पुगा (लद्दाख) सबसे आशाजनक।
  • NIWE: पवन ऊर्जा की राष्ट्रीय संस्था।

सामान्य प्रश्न

भारत में पवन ऊर्जा की क्षमता कितनी है?

भारत में पवन ऊर्जा की अनुमानित क्षमता 695 GW से अधिक है। 2024 तक ~48 GW स्थापित क्षमता के साथ भारत विश्व में चौथे स्थान पर है।

भारत में भूतापीय ऊर्जा का सबसे आशाजनक क्षेत्र कौन-सा है?

लद्दाख की पुगा घाटी भारत में भूतापीय ऊर्जा विकास की सबसे अधिक संभावना रखती है।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

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