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भारत में निर्यात-नेतृत्व विकास मॉडल — आवश्यकता, बाधाएँ और आगे का रास्ता

भारत के निर्यात-नेतृत्व विकास मॉडल की आवश्यकता, वर्तमान स्थिति, प्रमुख बाधाएँ और नीतिगत उपाय — यूपीएससी अर्थव्यवस्था के लिए।

Export-Led Model of Development in India — Need, Constraints, Way Forward — UPSC featured image

निर्यात-नेतृत्व विकास (Export-Led Development) एक आर्थिक रणनीति है जिसमें अर्थव्यवस्था की वृद्धि निर्यात में वृद्धि पर आधारित होती है। पूर्व एशियाई देशों — जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, सिंगापुर — ने इस मॉडल से तीव्र विकास किया। भारत के लिए यह मॉडल प्रासंगिक है, परंतु कई संरचनात्मक बाधाएँ हैं।

निर्यात-नेतृत्व मॉडल की आवश्यकता

  • रोज़गार सृजन: विनिर्माण निर्यात बड़े पैमाने पर रोज़गार देता है।
  • विदेशी मुद्रा: चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करना।
  • प्रतिस्पर्धात्मकता: वैश्विक बाज़ार में उपस्थिति उत्पादकता बढ़ाती है।
  • तकनीक हस्तांतरण: विदेशी खरीदार मानदंड और प्रौद्योगिकी लाते हैं।
  • विकसित अर्थव्यवस्था का मार्ग: घरेलू माँग सीमित होने पर निर्यात विकल्प।

भारत की वर्तमान निर्यात स्थिति

  • कुल निर्यात: ~$775 बिलियन (2023-24) — वस्तु + सेवाएँ।
  • सेवा निर्यात: ~$325 बिलियन — IT, BPO प्रमुख।
  • वस्तु निर्यात: ~$450 बिलियन।
  • GDP में निर्यात हिस्सा: ~22% (चीन ~20%, दक्षिण कोरिया ~45%)।

प्रमुख बाधाएँ

  • अवसंरचना की कमी: बंदरगाह, सड़क, बिजली।
  • श्रम कानूनों की जटिलता: बड़े पैमाने पर विनिर्माण में बाधा।
  • भूमि अधिग्रहण की कठिनाई।
  • उच्च लेनदेन लागत: लॉजिस्टिक्स खर्च अधिक।
  • कृत्रिम मुद्रा अवमूल्यन नहीं: चीन की तरह प्रतिस्पर्धी मुद्रा नीति संभव नहीं।
  • FTA की कमी: प्रमुख बाज़ारों तक पहुँच सीमित।

आगे का रास्ता

  • PLI योजना: 14 क्षेत्रों में उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन।
  • PM Gati Shakti: बुनियादी ढाँचे का एकीकृत विकास।
  • FTA वार्ता: UAE, UK, EU के साथ।
  • EXIM Bank और ECGC: निर्यातकों को वित्त और बीमा।
  • ODOP (One District One Product): स्थानीय उत्पादों का निर्यात।

यूपीएससी के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • निर्यात-नेतृत्व मॉडल: पूर्व एशिया का अनुभव।
  • भारत: IT/सेवा में मज़बूत, विनिर्माण में कमज़ोर।
  • बाधाएँ: अवसंरचना, श्रम कानून, लॉजिस्टिक्स।
  • उपाय: PLI, Gati Shakti, FTA, ODOP।
  • लक्ष्य: 2030 तक $2 ट्रिलियन निर्यात।

सामान्य प्रश्न

निर्यात-नेतृत्व विकास मॉडल क्या है?

यह वह रणनीति है जिसमें अर्थव्यवस्था की वृद्धि निर्यात वृद्धि पर आधारित होती है। पूर्व एशियाई देशों ने इसे सफलतापूर्वक अपनाया।

भारत के निर्यात में मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?

बुनियादी ढाँचे की कमी, जटिल श्रम कानून, उच्च लॉजिस्टिक्स लागत और प्रमुख बाज़ारों के साथ FTA का अभाव भारत के निर्यात की प्रमुख बाधाएँ हैं।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

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