सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage — UHC) का अर्थ है — सभी नागरिकों को वित्तीय कठिनाई के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों। यह SDG 3.8 का लक्ष्य है। भारत के लिए UHC की राह में आयुष्मान भारत एक निर्णायक कदम है।
UHC के तीन स्तंभ
- सुलभता — भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक बाधाओं के बिना।
- गुणवत्ता — प्रभावी, सुरक्षित, साक्ष्य-आधारित देखभाल।
- वित्तीय सुरक्षा — कोई भी परिवार चिकित्सा व्यय से दरिद्र न हो।
भारत की स्वास्थ्य स्थिति
- जीवन प्रत्याशा: ~70.19 वर्ष (2022)।
- शिशु मृत्यु दर: 27/1000 जीवित जन्म (SRS 2021)।
- स्वास्थ्य पर सार्वजनिक व्यय: GDP का ~2.2% (लक्ष्य 2.5% — NHP 2017)।
- जेब से व्यय (Out-of-Pocket) GDP का ~48-62% — बहुत अधिक।
आयुष्मान भारत योजना
PM Jan Arogya Yojana (PMJAY)
- विश्व की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना।
- 50 करोड़ लाभार्थी (10 करोड़ परिवार), ₹5 लाख/वर्ष कवरेज।
- 2024-25 तक 7 करोड़+ अस्पताल भर्ती; 30,000+ अनुदेशित अस्पताल।
AB-Health and Wellness Centres (AB-HWC)
- 1,70,000+ स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र — उप-स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन।
- 12 व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ।
UHC में चुनौतियाँ
- डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात: WHO मानक 1:1000 बनाम भारत में कम।
- ग्रामीण-शहरी असमानता।
- PMJAY में धोखाधड़ी।
- निजी क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता।
- मानसिक स्वास्थ्य और NCD का बोझ बढ़ रहा है।
नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)
- AB-PMJAY का 70+ वर्ष के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक विस्तार — सितंबर 2024।
- PM-ABHIM (आत्मनिर्भर स्वास्थ्य भारत मिशन) — अवसंरचना मजबूती।
- डिजिटल स्वास्थ्य — ABHA (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) पहचान।
यूपीएससी प्रासंगिकता
- GS-II: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधन; सरकारी नीतियाँ।
- GS-III: SDG 3.8, बजट आवंटन।
- मुख्य: “PMJAY की सफलताओं और सीमाओं का मूल्यांकन करें।”
भारत 2030 तक UHC का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। PMJAY का वरिष्ठ नागरिकों तक विस्तार, AB-HWC का विकास और डिजिटल स्वास्थ्य सही दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।