भारत और सऊदी अरब के बीच संबंध तेल की तुलना में गहरे हैं। ऊर्जा सुरक्षा, प्रवासी कल्याण, व्यापार और निवेश, आतंकवाद विरोध और क्षेत्रीय स्थिरता — ये पाँच स्तंभ साझेदारी को पोषित करते हैं। Vision 2030 के तहत सऊदी अरब का विविधीकरण एजेंडा भारत को नए अवसर प्रदान करता है। UPSC GS II के लिए यह द्विपक्षीय संबंध ऊर्जा सुरक्षा, प्रवासी कूटनीति और पश्चिम एशिया नीति के प्रश्नों में अनिवार्य है।
ऊर्जा: संबंध की नींव
- सऊदी अरब भारत का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आपूर्तिकर्ता (इराक के बाद)।
- भारत सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक।
- Saudi Aramco का भारत में रिफाइनरी निवेश — राजस्थान में Ratnagiri रिफाइनरी में हिस्सेदारी।
- भारतीय रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में Aramco का तेल।
भारतीय प्रवासी
- ~26 लाख भारतीय सऊदी अरब में — GCC में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय।
- वार्षिक प्रेषण ~$10-12 बिलियन।
- Kafala प्रणाली चुनौतियाँ: श्रमिक अधिकार, वीज़ा बंधन। सऊदी अरब ने 2021 में Kafala में सुधार किए।
व्यापार और निवेश
- द्विपक्षीय व्यापार: ~$43 बिलियन (2023-24)।
- सऊदी PIF (Public Investment Fund) ने भारतीय स्टार्टअप, Jio Platforms में निवेश किया।
- NEOM और Vision 2030 के लिए भारतीय कंपनियों को निर्माण, IT और स्वास्थ्य सेवा में अवसर।
रणनीतिक साझेदारी
- रणनीतिक साझेदारी परिषद (2019 में स्थापित): राजनीतिक, रक्षा, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग के लिए।
- आतंकवाद विरोध: Financial Action Task Force (FATF) में सहयोग; पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद पर मौन सऊदी रुख़ बदलता।
नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)
- PM मोदी की सऊदी यात्रा (2023): Vision 2030 में भारतीय भागीदारी को गहरा किया।
- IMEC (India-Middle East-Europe Corridor): भारत, सऊदी अरब और यूरोप को जोड़ने वाला बुनियादी ढाँचा — G20 2023 में घोषित।
- UPI का सऊदी अरब में विस्तार।
UPSC प्रासंगिकता
GS II: ऊर्जा सुरक्षा, प्रवासी कूटनीति, पश्चिम एशिया नीति। प्रश्न: “भारत-सऊदी संबंधों में ऊर्जा से परे साझेदारी के नए आयामों का विश्लेषण करें।” IMEC, Vision 2030, रणनीतिक साझेदारी परिषद और UPI विस्तार याद रखें।
सामान्य प्रश्न
सऊदी अरब भारत का तेल आपूर्ति में कौन से स्थान पर है?
सऊदी अरब भारत का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आपूर्तिकर्ता है (इराक के बाद)।
IMEC क्या है?
India-Middle East-Europe Corridor (IMEC) भारत, सऊदी अरब और यूरोप को जोड़ने वाला बुनियादी ढाँचा गलियारा है, जिसकी घोषणा G20 2023 में हुई।
सऊदी अरब में कितने भारतीय हैं?
लगभग 26 लाख भारतीय सऊदी अरब में रहते हैं और प्रतिवर्ष ~$10-12 बिलियन प्रेषण भेजते हैं।