UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

भारतीय समाज की विशेषताएँ और विविधता: UPSC GS-I गाइड

UPSC भारतीय समाज की विशेषताओं पर गाइड — विविधता, पारंपरिक मूल्य, धर्म, नस्ल, जातीयता, जाति, परिवार और 2024-26 के अपडेट।

Salient Features of Indian Society and Diversity: UPSC Guide — UPSC featured image

भारत की सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी में से एक है, जिसकी सांस्कृतिक परंपराएँ 5,000 वर्षों से अधिक पुरानी हैं। भारतीय समाज अपने पैमाने, विविधता और बहुलता में विशिष्ट है — 140+ करोड़ लोग, 8 प्रमुख धर्म, 22 अनुसूचित भाषाएँ, 1,600+ मातृभाषाएँ, हजारों जाति और उप-जातियाँ, और अनेक नस्लीय व जातीय धाराएँ। UPSC GS-I के लिए भारतीय समाज की विशेषताओं और विविधता को समझना सभी समाज-संबंधित उत्तरों की आधारशिला है।

वैचारिक ढाँचा

भारतीय समाज एक मोजेक (mozaic) के रूप में विकसित हुआ है, न कि पिघलने वाले बर्तन की तरह — जवाहरलाल नेहरू के शब्दों में “विविधता में एकता”। इसकी प्रमुख विशेषताएँ:

विशेषताविवरण
विविधतानस्लीय, भाषाई, धार्मिक, जातीय, क्षेत्रीय
मूल्य प्रणालीसहनशीलता, सामूहिकता, पितृसत्ता, धार्मिकता
आधुनिक फिर भी पारंपरिकविज्ञान और अंधविश्वास, सुधार और अनुष्ठान का सह-अस्तित्व
जातिवंशानुगत स्तरीकरण; अनुष्ठानिक + धर्मनिरपेक्ष पदानुक्रम
संयुक्त परिवारसंरचनात्मक रूप से घटता लेकिन कार्यात्मक रूप से जारी
धार्मिकताधर्म की उच्च सार्वजनिक दृश्यता
जनजातीय विविधता730+ जनजातीय समुदाय

विविधता के आयाम

नस्लीय विविधता

मानवशास्त्रियों (B.S. गुहा, H.H. रिसले) ने भारत में छह प्रमुख नस्लीय तत्वों की पहचान की:

नस्लक्षेत्र
निग्रिटो (Negrito)केरल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप
प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयडमध्य भारत
मंगोलॉयडलद्दाख, उत्तरपूर्व
भूमध्यसागरीय/पैलियो-भूमध्यसागरीयआंध्र प्रदेश, तमिलनाडु
नॉर्डिकइंडो-गंगेटिक मैदान
अल्पाइन-दिनारिक-अर्मेनॉयडकश्मीर, बंगाल, गुजरात

आधुनिक आनुवांशिक अध्ययन (Reich, 2009) दर्शाते हैं कि अधिकांश भारतीय दो प्राचीन जनसंख्याओं से आते हैं — Ancestral North Indian (ANI) और Ancestral South Indian (ASI)

नस्ल बनाम जातीयता

नस्ल (Race)जातीयता (Ethnicity)
जैविक वर्गीकरण (त्वचा रंग, बाल, चेहरे की संरचना)साझा संस्कृति, भाषा, धर्म, इतिहास पर आधारित पहचान
बंद समूह — नस्ल नहीं बदल सकतीखुला समूह — सीमाएँ तरल; व्यक्ति आ-जा सकते हैं
उदा.: श्वेत/काकेशियन, अश्वेतउदा.: पंजाबी, तमिलियन, अमेरिकन

धार्मिक विविधता

धर्मजनसंख्या हिस्सा (जनगणना 2011)
हिंदू धर्म79.8%
इस्लाम14.2%
ईसाई धर्म2.3%
सिख धर्म1.7%
बौद्ध धर्म0.7%
जैन धर्म0.4%
अन्य (पारसी, बहाई)0.6%
धर्महीन0.2%

भाषाई विविधता

  • आठवीं अनुसूची के अंतर्गत 22 अनुसूचित भाषाएँ
  • 2024 में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया, बांग्ला के बाद 11 शास्त्रीय भाषाएँ
  • जनगणना 2011 में 1,369 मातृभाषाएँ चिह्नित।
  • चार भाषा परिवार: इंडो-आर्यन (78%), द्रविड़ (20%), ऑस्ट्रो-एशियाटिक, सिनो-तिब्बती।

जनजातीय विविधता

  • 10.4 करोड़ अनुसूचित जनजाति (जनसंख्या का 8.6%)।
  • 730+ समुदाय ST के रूप में मान्यता प्राप्त।
  • 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs)
  • विशिष्ट जनजातीय क्षेत्र: मध्य भारत, उत्तरपूर्व, पश्चिमी हिमालय, दक्षिणी, द्वीप जनजातियाँ।

पारंपरिक मूल्य

  • सहनशीलता: अशोक और अकबर से लेकर संविधान के धर्मनिरपेक्षता अपनाने तक।
  • सामूहिकता: व्यक्ति पर परिवार और समुदाय की प्राथमिकता।
  • पितृसत्ता: परिवार और समाज में पुरुषों का अधिकार।
  • बड़ों का सम्मान: पारिवारिक समाजीकरण से संरक्षित।
  • धार्मिकता और आध्यात्मवाद: सार्वजनिक धर्म की दृश्यता।

मूल्य प्रणाली में परिवर्तन

  • असहिष्णुता की प्रवृत्तियाँ: घृणास्पद भाषण, अल्पसंख्यक हमले।
  • धर्मनिरपेक्षीकरण: दैनिक जीवन पर धार्मिक अधिकार में कमी।
  • लैंगिक समानता: बढ़ते अधिकार, कानूनी सुधार।
  • व्यक्तिवाद: परमाणु परिवार, विवाह में देरी।

संस्थागत ढाँचा

साधनउद्देश्य
मूल अधिकार (अनुच्छेद 14-32)समानता, स्वतंत्रता, सांस्कृतिक अधिकार
अनुच्छेद 29, 30अल्पसंख्यक संरक्षण
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोगसांविधिक निकाय
ST, SC के लिए राष्ट्रीय आयोगसंवैधानिक निकाय
एक भारत श्रेष्ठ भारतसांस्कृतिक आदान-प्रदान
Forest Rights Act 2006जनजातीय सशक्तिकरण

चुनौतियाँ

  • सांप्रदायिक ध्रुवीकरण — धर्मों और जातियों के बीच।
  • शहरी जाति भेदभाव — आवास, भोजन, विवाह में।
  • भाषाई अल्पसंख्यकों का क्षरण।
  • जनजातीय अधिकारों को खतरा — विस्थापन, वन अधिकार।
  • डिजिटल विभाजन और सांस्कृतिक एकरूपता।

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

  • 2024 लोकसभा चुनाव: 543 सांसद — भाषाओं, धर्मों, जातियों की विविधता को प्रतिबिंबित करते हुए। महिला मतदाता मतदान 65.8%, पुरुष 65.5%।
  • शास्त्रीय भाषा वर्धन (2024): मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया, बांग्ला — कुल 11 शास्त्रीय भाषाएँ।
  • जाति जनगणना आंदोलन: बिहार 2023 जाति सर्वेक्षण — OBC + EBC 63%, SC 19.65%, ST 1.68%, सामान्य 15.52%।
  • महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम): लागू होने पर सामाजिक समूहों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व बदलेगा।
  • SC का SC उप-वर्गीकरण (अगस्त 2024): पंजाब राज्य बनाम दविंदर सिंह — राज्य SC को आरक्षण के लिए उप-वर्गीकृत कर सकते हैं।
  • NEP 2020: मातृभाषा निर्देश; 22 राज्यों ने क्रियान्वयन किया।
  • Bhashini: 22-भाषा AI अनुवाद से डिजिटल विविधता का विस्तार।
  • MPI 2024 (NITI Aayog): 11.28% बहुआयामी गरीबी; विविध समुदायों में अलग-अलग प्रगति।

UPSC प्रासंगिकता

  • प्रारंभिक परीक्षा: नस्लीय प्रकार, धर्म, भाषा परिवार, जनजातीय समुदाय।
  • GS-I: भारतीय समाज की विशेषताएँ, विविधता।
  • GS-II: अल्पसंख्यक अधिकार, संवैधानिक सुरक्षा उपाय।
  • निबंध: “विविधता में एकता: भारत का सांस्कृतिक उपहार।”

भारत एक राष्ट्र से कम और एक सभ्यता राज्य से अधिक है — लोगों, भाषाओं, आस्थाओं और दर्शनों की परतदार विरासत। इसकी एकता एकरूपता नहीं, बल्कि प्रबंधित बहुलता है। UPSC अभ्यर्थी के उत्तर में विविधता का उत्सव और असमानताओं एवं तनावों की स्वीकृति दोनों होनी चाहिए।

सामान्य प्रश्न

भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ: नस्लीय-भाषाई-धार्मिक-जातीय विविधता, पारंपरिक मूल्य (सहनशीलता, सामूहिकता, धार्मिकता), जाति-आधारित स्तरीकरण, संयुक्त परिवार (घटता स्वरूप), ‘विविधता में एकता’ का सिद्धांत।

नस्ल और जातीयता में क्या अंतर है?

नस्ल जैविक वर्गीकरण है (त्वचा रंग, चेहरे की संरचना) — बंद समूह। जातीयता साझा संस्कृति, भाषा, धर्म पर आधारित पहचान है — खुला, तरल समूह। भारत में जातीय पहचान (पंजाबी, तमिल) प्रायः नस्ल से अधिक महत्वपूर्ण।

भारत में कितनी जनजातीय आबादी है?

10.4 करोड़ ST (जनसंख्या का 8.6%)। 730+ समुदाय ST के रूप में मान्यता प्राप्त। 75 PVTGs। वन अधिकार अधिनियम 2006, PESA, PM जनमन योजना जनजातीय सशक्तिकरण के प्रमुख उपाय हैं।

2024 में कितनी शास्त्रीय भाषाएँ हैं?

2024 में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बाद कुल 11 शास्त्रीय भाषाएँ हैं। पहले 6 थीं: तमिल, संस्कृत, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओडिया।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

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