भारत में जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ता (Grassroots Health Workers) — ASHA, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और ANM — ग्रामीण और वंचित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का मानव पुल हैं। ये तीनों मिलकर भारत की सामुदायिक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ बनाते हैं।
ASHA (Accredited Social Health Activist)
- 2005 में NRHM के तहत शुरू।
- 10.5 लाख+ ASHA कार्यकर्ता — प्रत्येक ग्राम में एक।
ASHA की भूमिका
- संस्थागत प्रसव को बढ़ावा — JSSK, JSY के तहत।
- टीकाकरण जागरूकता और मोबिलाइज़ेशन।
- TB, कुपोषण, मलेरिया रेफरल।
- परिवार नियोजन परामर्श।
आँगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW)
- ICDS (1975) के तहत।
- 13 लाख+ आँगनवाड़ी केंद्र।
- 0-6 वर्ष बच्चों का पोषण, टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा।
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की देखभाल।
ANM (Auxiliary Nurse Midwife)
- उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Centre) पर तैनात।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन।
- ASHA और AWW की पर्यवेक्षक।
उपलब्धियाँ
- संस्थागत प्रसव 2005 के 38.7% से 2021 में 89% तक।
- MMR में उल्लेखनीय कमी — 2004-06 में 254 बनाम 2018-20 में 97।
- Universal Immunisation Programme की सफलता।
चुनौतियाँ
- ASHA का वेतन — प्रदर्शन-आधारित; न्यूनतम गारंटी नहीं।
- कार्यभार अधिक — एक ASHA 1,000-1,500 लोगों की सेवा।
- दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और सुरक्षा।
- AWW की मानदेय में असमानता।
नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)
- बजट 2025-26: AWW और ASHA की मानदेय में वृद्धि।
- PM-POSHAN (MDM) के तहत आँगनवाड़ी को प्रि-प्राइमरी शिक्षा से जोड़ा।
यूपीएससी प्रासंगिकता
- GS-II: स्वास्थ्य, सामाजिक सशक्तिकरण।
- GS-I: महिला सशक्तिकरण, समाज।
- मुख्य: “ASHA, AWW और ANM भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचे का आधार हैं — मूल्यांकन करें।”
ASHA, AWW और ANM — ये तीनों मिलकर भारत की स्वास्थ्य क्रांति की अदृश्य नायिकाएँ हैं। इनकी क्षमता, वेतन और सम्मान में निवेश करना स्वास्थ्य प्रणाली की सबसे बुद्धिमान नीति है।