UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

ऑपरेशन कावेरी: सूडान से भारतीयों को निकालने का पूरा ब्योरा

ऑपरेशन कावेरी पर UPSC गाइड: 2023 में सूडान से निकासी, नौसेना और वायुसेना की भूमिका, विदेश मंत्रालय का तालमेल, पूरी समयरेखा, और भारत के बड़े निकासी अभियानों की सूची।

Operation Kaveri: India's Sudan Evacuation Mission — Complete Guide - featured image for UPSC preparation

ऑपरेशन कावेरी भारत सरकार का वह अभियान था जिसका मक़सद था जंग में फँसे सूडान में अटके भारतीयों को निकालना। यह 24 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ, जब सूडान के दो प्रतिद्वंद्वी सैन्य गुटों के बीच भारी हथियारबंद झड़पें छिड़ गईं। इसका नाम प्रतीक के तौर पर कावेरी नदी पर रखा गया। यह भारत के सबसे पेचीदा इंतज़ाम वाले निकासी अभियानों में गिना जाता है — तीन महाद्वीपों में तालमेल, और इसमें भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना, विदेश मंत्रालय और साझेदार सरकारें (ख़ास तौर पर सऊदी अरब) शामिल थीं। दो हफ़्तों में 30 उड़ानों और नौसेना के कई चक्करों से क़रीब 3,862 भारतीय सुरक्षित घर लाए गए।

UPSC के लिहाज़ से ऑपरेशन कावेरी GS2 (भारत और उसका पड़ोस / द्विपक्षीय संबंध / प्रवासी भारतीय) और प्रीलिम्स करेंट अफ़ेयर्स का बड़े काम का विषय है, और इसके साथ विदेशों से भारतीयों को निकालने का भारत का पूरा रिकॉर्ड भी पढ़ना चाहिए।

पृष्ठभूमि: 2023 का सूडान संकट

  • सूडान की राजधानी ख़ार्तूम और दूसरे शहरों में 15 अप्रैल 2023 को लड़ाई भड़क उठी।
  • यह लड़ाई जनरल अब्देल फ़तह अल-बुरहान की अगुवाई वाली सूडानी सशस्त्र सेना (SAF) और जनरल मोहम्मद हमदान दगालो (“हेमेदती”) के अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ (RSF) के बीच थी।
  • झगड़े की जड़: RSF को नियमित सेना में मिलाने पर मतभेद, और 2019 में उमर अल-बशीर के हटने के बाद नागरिक सरकार की तरफ़ बढ़ने की प्रक्रिया।
  • ख़ार्तूम का मुख्य हवाई अड्डा तबाह हो गया; नागरिक ढाँचा बैठ गया; पहले ही हफ़्तों में हज़ारों लोग मारे गए।
  • अनुमान था कि सूडान में 3,000–4,000 भारतीय और भारतीय मूल के लोग मौजूद हैं, जिनमें बहुत से केरल और कर्नाटक से थे और उद्योग, अस्पतालों तथा UN मिशनों में काम कर रहे थे — इनमें कर्नाटक की हक्की पिक्की जनजाति के वे लोग भी थे जो लंबे समय से वहाँ बसे थे।

ऑपरेशन कावेरी की शुरुआत

  • शुरू होने की तारीख़: 24 अप्रैल 2023
  • घोषणा किसने की: विदेश मंत्रालय; विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर
  • तालमेल करने वाला मंत्रालय: विदेश मंत्रालय (MEA)
  • ज़मीन पर राजनीतिक निगरानी: विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन, जो रास्ते का इंतज़ाम देखने के लिए जेद्दा, सऊदी अरब में तैनात रहे
  • सूडान में भारत के राजदूत: टी.एस. तिरुमूर्ति (सूडान के अंदर आवाजाही का तालमेल किया)
  • साझेदार देश: सऊदी अरब (जेद्दा से होकर गुज़रने की ख़ास इजाज़त दी), फ़्रांस, UAE

मुख्य भूमिका: नौसेना और वायुसेना

भारतीय नौसेना

  • INS सुमेधा — निकासी का अगुवा युद्धपोत, जो पोर्ट सूडान पर लगा (यह सूडान का मुख्य लाल सागर बंदरगाह है, ख़ार्तूम से क़रीब 850 किलोमीटर पूर्व में)।
  • INS तेग — फ़्रिगेट, जो आगे के चक्करों में जुड़ा।
  • INS तरकश — लाल सागर में इंतज़ाम संभाला।

भारतीयों को ख़ार्तूम से पोर्ट सूडान तक बसों में सड़क के रास्ते लाया गया (चालू जंग वाले इलाक़े से होकर क़रीब 30 घंटे का सफ़र), और वहाँ से वे भारतीय नौसेना के जहाज़ों पर चढ़कर जेद्दा पहुँचे।

भारतीय वायुसेना (IAF)

  • C-130J सुपर हरक्यूलिस — विशेष अभियानों वाला मालवाहक विमान, जो छोटी हवाई पट्टी से भी उड़-उतर सकता है; इसी से ख़ार्तूम के उत्तर में वाडी सैदना एयरबेस से लोगों को निकाला गया।
  • C-17 ग्लोबमास्टर III — भारी सामान और लोग ढोने वाला रणनीतिक विमान; इसने जेद्दा से नई दिल्ली और बेंगलुरु तक लोगों को पहुँचाया।

वाडी सैदना वाला अभियान ख़ास तौर पर याद रखने लायक़ है — एक C-130J रात में बिना रोशनी वाली हवाई पट्टी पर उतरा, वह भी धूल के गुबार में कुछ न दिखने की हालत (brownout) में। यह बेहद जोखिम भरा काम था, और कामयाबी से पूरा हुआ।

निकासी का रास्ता

Khartoum / other cities → Port Sudan (overland, bus convoy) OR Wadi Seidna airbase (overland, bus) ↓ ↓ Indian Navy ships C-130J / IAF ↓ ↓ Jeddah (Saudi Arabia) — staging point ↓ C-17 Globemaster / commercial flights ↓ New Delhi / Bengaluru / Kochi

ऑपरेशन कावेरी की समयरेखा

तारीख़क्या हुआ
15 अप्रैल 2023ख़ार्तूम में SAF और RSF के बीच लड़ाई शुरू
20 अप्रैल 2023विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम बनाया
23 अप्रैल 2023INS सुमेधा पोर्ट सूडान पहुँचा; IAF के C-130J जेद्दा में पहले से तैयार रखे गए
24 अप्रैल 2023ऑपरेशन कावेरी की औपचारिक शुरुआत; पहला जत्था, 278 भारतीय, जेद्दा पहुँचा
25 अप्रैल 2023पहले 360 भारतीय जेद्दा से मुंबई लाए गए
28 अप्रैल 2023जेद्दा में कुल 2,100 से ज़्यादा लोग पहुँच चुके थे
3 मई 2023अभियान ख़त्म; क़रीब 3,862 भारतीय निकाले गए
8 मई 2023आख़िरी चक्करों के बाद INS सुमेधा पोर्ट सूडान से रवाना

ख़बरों में जिस पहले जत्थे की सबसे ज़्यादा चर्चा हुई, उसमें घर लौटने वाली पहली यात्री केरल की कीर्ति शाजी भी थीं — जो दिखाता है कि यह अभियान भारत के सबसे दूर-दराज़ ज़िलों तक पहुँचा।

पैमाना और नतीजा

  • क़रीब 3,862 भारतीय नागरिक निकाले गए (3 मई 2023 तक का सरकारी आँकड़ा)
  • जेद्दा से आने-जाने वाली 30 से ज़्यादा उड़ानें
  • पोर्ट सूडान से जेद्दा तक भारतीय नौसेना के कई चक्कर
  • निकासी के दौरान एक भी जान नहीं गई
  • दूसरे देशों के, भारत के दोस्त लोगों की भी मामले-दर-मामले मदद की गई

नाम “कावेरी” ही क्यों?

कावेरी नदी भारत की सात सबसे पवित्र नदियों में से एक है और उसे पालने-पोसने तथा शरण देने से जोड़ा जाता है। किसी अभियान का नाम नदी पर रखना भारतीय सैन्य नामकरण की एक परंपरा भी है (ऑपरेशन ब्रह्मपुत्र, ऑपरेशन विजय)। इससे सांस्कृतिक प्रतीक भी जुड़ा और जनता का समर्थन जुटाने में भी मदद मिली।

विदेशों से भारतीयों को निकालने की भारत की नीति

ऑपरेशन कावेरी ने अंतरराष्ट्रीय आपात हालात में भारत की “सबसे पहले पहुँचने वाले” की भूमिका को और पक्का किया — तीन D के दम पर: कूटनीति (Diplomacy), रक्षा (Defence) और प्रवासी भारतीयों तक पहुँच (Diaspora outreach)।

भारत के बड़े निकासी अभियान

अभियानसालजगहवजहपैमाना
कुवैत से एयरलिफ़्ट1990कुवैत-इराक़ युद्धखाड़ी युद्धक़रीब 1,70,000 भारतीय — गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड
ऑपरेशन सुकून2006लेबनानइज़रायल-हिज़्बुल्लाह युद्धक़रीब 2,280 भारतीय
ऑपरेशन सेफ़ होमकमिंग2011लीबियागृहयुद्धक़रीब 15,400 भारतीय
ऑपरेशन राहत2015यमनसऊदी अगुवाई वाले गठबंधन का युद्धक़रीब 5,600 भारतीय और 960 विदेशी (48 देशों के)
ऑपरेशन मैत्री2015नेपालभूकंप5,000 से ज़्यादा लोग बचाए गए; नेपाल में सबसे बड़ा आपदा-राहत एयरलिफ़्ट
ऑपरेशन संकट मोचन2016दक्षिण सूडानगृहयुद्धक़रीब 155 भारतीय
ऑपरेशन समुद्र सेतु2020हिंद महासागर क्षेत्रCOVID-19भारतीय नौसेना क़रीब 3,992 भारतीयों को घर लाई
वंदे भारत मिशन2020–21पूरी दुनियाCOVID-19क़रीब 60 लाख भारतीय वापस लाए गए (शांति काल की दुनिया की सबसे बड़ी निकासी)
ऑपरेशन देवी शक्ति2021अफ़ग़ानिस्तानतालिबान का क़ब्ज़ाक़रीब 800 (अफ़ग़ान सिख और हिंदू भी शामिल)
ऑपरेशन गंगा2022यूक्रेनरूस-यूक्रेन युद्धक़रीब 22,500 छात्र
ऑपरेशन कावेरी2023सूडानगृहयुद्धक़रीब 3,862
ऑपरेशन अजय2023इज़रायलइज़रायल-हमास युद्धक़रीब 1,300 भारतीय
ऑपरेशन इंद्रावती2024हैतीगिरोहों की हिंसा का संकट12 भारतीय

ऑपरेशन कावेरी की अहमियत

  • कूटनीतिक पहुँच: दिखा दिया कि भारत बहुत कम वक़्त में सऊदी अरब, मिस्र और खाड़ी देशों से सहयोग ले सकता है।
  • नागरिक-सैन्य तालमेल: नौसेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय के बीच बिना रुकावट का जुड़ाव।
  • प्रवासी भारतीयों की भलाई: अनुच्छेद 51 (नीति-निदेशक तत्व) की भावना दोहराई — अंतरराष्ट्रीय शांति और प्रवासी भारतीयों की भलाई को बढ़ावा देना।
  • सॉफ़्ट पावर: G20 अध्यक्षता वाले साल में भरोसेमंद “विश्व मित्र” की भारत की छवि और मज़बूत हुई।
  • कॉन्सुलर ढाँचा: विदेश मंत्रालय के 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम और MADAD कॉन्सुलर पोर्टल की उपयोगिता साबित हुई।

कौन-सी दिक़्क़तें आईं

  • चालू जंग का इलाक़ा, और ख़ार्तूम में कोई चालू हवाई अड्डा नहीं
  • ख़ार्तूम से पोर्ट सूडान तक सड़क का लंबा रास्ता, वह भी डाँवाडोल सुरक्षा हालात में
  • गर्मी और ढाँचे का बैठ जाना — पानी और ईंधन की क़िल्लत
  • सूडान के दूर-दराज़ इलाक़ों में भारतीयों को ढूँढ़ना और उनका नाम दर्ज करना
  • कई समय क्षेत्रों और साझेदार सरकारों के बीच तालमेल

UPSC के लिहाज़ से

GS2 (अंतरराष्ट्रीय संबंध): खाड़ी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध; प्रवासी भारतीय; भारत–अफ़्रीका; UN और बहुपक्षीय संकट प्रतिक्रिया।

GS2 (शासन): विदेश मंत्रालय की भूमिका, कॉन्सुलर सेवाएँ, मंत्रालयों के बीच तालमेल।

GS3 (सुरक्षा): भारतीय सशस्त्र बलों की दूर तक जाकर काम करने की क्षमता; रणनीतिक एयरलिफ़्ट और नौसेना की पहुँच।

प्रीलिम्स के ज़रूरी तथ्य:

  • शुरुआत: 24 अप्रैल 2023; ख़त्म क़रीब 3 मई 2023 को
  • वजह: सूडान का वह संघर्ष जो 15 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ
  • सूडान में आमने-सामने: SAF (जनरल बुरहान) बनाम RSF (जनरल हेमेदती)
  • नाम कावेरी नदी पर
  • अगुवा नौसैनिक जहाज़: INS सुमेधा (INS तेग और INS तरकश भी)
  • IAF के विमान: C-130J सुपर हरक्यूलिस (वाडी सैदना एयरलिफ़्ट), C-17 ग्लोबमास्टर
  • रास्ते का ठिकाना: जेद्दा, सऊदी अरब
  • जेद्दा में मौजूद मंत्री: वी. मुरलीधरन (विदेश राज्य मंत्री)
  • उस वक़्त सूडान में भारत के राजदूत: टी.एस. तिरुमूर्ति
  • क़रीब 3,862 भारतीय निकाले गए
  • यह उस बड़ी कड़ी का हिस्सा है जिसमें गंगा (यूक्रेन), देवी शक्ति (अफ़ग़ानिस्तान), राहत (यमन) और वंदे भारत मिशन (COVID) भी आते हैं

Share this

PDF

Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

Specialises in · Writing, web development, design — UPSC prep tooling Experience · 16+ years Visit website ↗

UPSC की तैयारी हिंदी माध्यम में — एक निशुल्क डेमो क्लास

न कोई सेल्स कॉल, न कोई ब्रोशर। सोमवार सुबह की असली GS क्लास देखिए — हमारे अनुभवी शिक्षकों के साथ।