सब्सिडी (Subsidy) वह सरकारी हस्तांतरण भुगतान है जो किसी वस्तु या सेवा की लागत कम करके उसे उपभोक्ता के लिए सस्ता बनाता है। भारत में खाद्य, उर्वरक, ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य सभी में सब्सिडी दी जाती है। 2022-23 में केंद्र सरकार ने ₹5.22 लाख करोड़ की सब्सिडी दी — GDP का लगभग 2%।
सब्सिडी के प्रकार
1. खाद्य सब्सिडी
FCI (Food Corporation of India) के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सब्सिडी। NFSA 2013 के तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को सस्ता अनाज।
2. उर्वरक सब्सिडी
यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों पर सब्सिडी। 2022-23 में ₹2.25 लाख करोड़ — सर्वाधिक। DBE (Direct Benefit to Enterprises) के रूप में निर्माताओं को दी जाती है।
3. ऊर्जा सब्सिडी
LPG, केरोसीन, बिजली पर सब्सिडी। “PAHAL” योजना के तहत LPG सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में।
सब्सिडी के पक्ष में तर्क
- गरीब और कमज़ोर वर्गों के लिए खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा
- किसानों को कम लागत पर इनपुट — खाद्य उत्पादन प्रोत्साहन
- मुद्रास्फीति नियंत्रण में सहायता
सब्सिडी की आलोचनाएँ
- गलत लक्षीकरण: अमीर भी सब्सिडी का लाभ उठाते हैं
- राजकोषीय बोझ: उत्पादक निवेश की जगह उपभोग सब्सिडी
- विकृतियाँ: उर्वरक सब्सिडी से यूरिया का अत्यधिक उपयोग — मिट्टी की गुणवत्ता खराब
- पर्यावरण नुकसान: ऊर्जा सब्सिडी से अकुशल उपयोग
DBT — प्रत्यक्ष लाभ अंतरण
DBT (Direct Benefit Transfer) सुधार ने सब्सिडी को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजना शुरू किया। JAM त्रिकोण (Jan Dhan + Aadhaar + Mobile) ने इसे संभव बनाया। सरकार का दावा: 2014 से 2022 तक ₹2.23 लाख करोड़ की लीकेज रोकी।
सुधार की आवश्यकता
- आय-आधारित लक्षीकरण — सच्चे ग़रीबों तक सब्सिडी
- उर्वरक सब्सिडी को फसल-तटस्थ बनाना
- ऊर्जा सब्सिडी को धीरे-धीरे नवीकरणीय ऊर्जा में बदलना
यूपीएससी की दृष्टि से
सब्सिडी GS-III (अर्थव्यवस्था, बजट, कृषि) के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। DBT, JAM, उर्वरक सब्सिडी और खाद्य सुरक्षा — इन सबका आपस में संबंध समझकर उत्तर दें।