UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY): योजना, चरण और असर

PMKVY 2015 से चल रही स्किल इंडिया मिशन की सबसे बड़ी हुनर योजना है। इसके दो हिस्से STT और RPL, चारों चरण, संस्थाओं का ढाँचा, अब तक के आँकड़े और CAG की गिनाई कमज़ोरियाँ आसान हिंदी में।

Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana (PMKVY) — Scheme, Phases and Impact — UPSC study guide featured image by Anantam IAS

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की सबसे बड़ी हुनर-प्रशिक्षण योजना है। इसे 15 जुलाई 2015 को शुरू किया गया था — यही दिन हर साल विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में मनाया जाता है — और यही स्किल इंडिया मिशन का असली इंजन है। PMKVY का मक़सद है कि बड़ी संख्या में भारतीय युवा ऐसा हुनर सीखें जिसकी उद्योग में सचमुच माँग है, ताकि उन्हें बेहतर रोज़गार मिल सके। अपने चार चरणों में यह योजना 1.4 करोड़ से ज़्यादा लोगों को प्रशिक्षण दे चुकी है। UPSC की तैयारी करने वालों के लिए PMKVY बड़े पैमाने पर मानव संसाधन विकास, नीति के डिज़ाइन, और दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देश में हुनर सिखाने की मुश्किलों — तीनों का केस स्टडी है।

पृष्ठभूमि — युवा आबादी वाली खिड़की

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) — योजना, चरण और असर — चित्र गाइड 1

भारत की क़रीब 65% आबादी 35 साल से कम उम्र की है और औसत उम्र क़रीब 29 साल है। 2030 तक भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी आबादी होगी। अगर इन्हें हुनर नहीं सिखाया गया, तो जनसांख्यिकीय लाभांश उलटकर बोझ बन सकता है।

संकेतकअनुमान (PMKVY से पहले)
औपचारिक रूप से हुनरमंद कामगार~4.7% (NSSO 2011–12)
चीन (तुलना के लिए)~24%
जर्मनी~75%
दक्षिण कोरिया~96%
हर साल नौकरी बाज़ार में आने वाले युवा~1.2 करोड़

इसी पृष्ठभूमि में शारदा प्रसाद समिति (2016) की सेक्टर स्किल काउंसिलों पर समीक्षा और सरकार के राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन (2015) ने मिलकर यह ज़रूरत सामने रखी कि एक केंद्रित और नतीजों से जुड़ा हुनर कार्यक्रम चाहिए — यानी PMKVY।

योजना का ढाँचा

PMKVY को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) चलाता है, MSDE और राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (NSDA) के मार्गदर्शन में।

हिस्सासंस्था / भूमिका
मंत्रालयकौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), बना नवंबर 2014 में
चलाने वाली संस्थाराष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) — PPP, 49% सरकार + 51% निजी
मानक तय करने वाली संस्थाराष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET)
क्षेत्रवार संस्थाएँ37 सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC)
प्रशिक्षण केंद्रप्रधानमंत्री कौशल केंद्र (PMKK) + जुड़े हुए प्रशिक्षण साझेदार
ढाँचाराष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचा (NSQF) — 10 स्तर

दो हिस्से

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) — योजना, चरण और असर — चित्र गाइड 2

PMKVY में प्रशिक्षण के दो मुख्य रास्ते हैं:

1. अल्पकालिक प्रशिक्षण (STT)

  • उनके लिए जिन्होंने स्कूल या कॉलेज बीच में छोड़ दिया या जो बेरोज़गार हैं
  • अवधि: काम के हिसाब से 150–300 घंटे
  • इसमें बातचीत का हुनर, उद्यमिता, पैसे की समझ और डिजिटल साक्षरता भी शामिल है
  • सीखने वालों को प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और नौकरी दिलाने में मदद मिलती है
  • प्रमाणपत्र और नौकरी मिलने पर सीखने वाले को नक़द इनाम

2. पहले से सीखे हुनर की पहचान (RPL)

  • उन कामगारों के लिए जो काम करते-करते ख़ुद ही हुनर सीख चुके हैं (बिजली मिस्त्री, दर्ज़ी, मैकेनिक, घरेलू कामगार)
  • अवधि: 12–80 घंटे का छोटा प्रशिक्षण
  • हुनर परखा जाता है और NSQF के तहत प्रमाणपत्र दिया जाता है
  • असंगठित कामगार औपचारिक प्रमाणपत्र वाली व्यवस्था में आ जाते हैं
  • यह प्रमाणपत्र नौकरी, क़र्ज़ और सरकारी योजनाओं में मान्य है

RPL इस योजना की सबसे नई सोच वाली बात है — यह दशकों से काम कर रहे लोगों के हुनर को काग़ज़ पर दर्ज कर देती है, जिससे उन्हें वह क़र्ज़ और वे सरकारी फ़ायदे मिल पाते हैं जिनसे वे अब तक बाहर थे।

PMKVY के चार चरण

PMKVY चरणों में आगे बढ़ी है, और हर चरण पिछले चरण के सबक़ पर टिका है।

चरणसमयख़र्चलक्ष्य / ख़ास बातें
PMKVY 1.02015–161,500 करोड़ रुपयेपायलट; 24 लाख को प्रशिक्षण
PMKVY 2.02016–2012,000 करोड़ रुपये1 करोड़ का लक्ष्य; केंद्र प्रायोजित + केंद्र से पैसा, दोनों धाराएँ
PMKVY 3.02020–21948.90 करोड़ रुपयेकोविड-19 के दौर का प्रशिक्षण, माँग के हिसाब से, ज़िला कौशल समितियाँ
PMKVY 4.02022–268,800 करोड़ रुपये का हिस्सा (विश्व बैंक की मदद वाले SANKALP + STRIVE के साथ जोड़कर)इंडस्ट्री 4.0 पर ज़ोर — AI, ML, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग, 5G

PMKVY 1.0 (2015–16)

  • पायलट योजना; 1,500 करोड़ रुपये का ख़र्च
  • नक़द इनाम वाला मॉडल
  • 24 लाख लोगों को प्रशिक्षण
  • नौकरी मिली या नहीं, इसका हिसाब कमज़ोर रहने पर आलोचना हुई

PMKVY 2.0 (2016–20)

  • ख़र्च बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये — 40% RPL के लिए, 60% STT के लिए
  • केंद्र प्रायोजित, केंद्र संचालित (CSCM) धारा — 75% पैसा NSDC के ज़रिए
  • केंद्र प्रायोजित, राज्य संचालित (CSSM) धारा — 25% पैसा राज्यों के ज़रिए
  • ज़िलों में कौशल और रोज़गार मेले
  • 1 करोड़ से ज़्यादा लोगों को प्रमाणपत्र

PMKVY 3.0 (2020–21)

  • कोविड-19 के दौरान का छोटा बदलाव-चरण
  • माँग के हिसाब से — स्थानीय उद्योग की ज़रूरत देखकर प्रशिक्षण
  • ज़िला कौशल समितियों (DSC) को ज़्यादा अधिकार
  • 8 लाख लोगों का लक्ष्य; आत्मनिर्भर भारत पर ज़ोर

PMKVY 4.0 (2023 में शुरू, अवधि 2022–26)

  • बजट 2023–24 में घोषित
  • इंडस्ट्री 4.0 पर ज़ोर: AI, ML, रोबोटिक्स, ड्रोन, IoT, 5G
  • काम के दौरान प्रशिक्षण और उद्योग के साथ साझेदारी केंद्र में
  • उभरते क्षेत्रों से जुड़े नए ज़माने के कोर्स
  • विश्व बैंक के SANKALP और STRIVE कार्यक्रमों के साथ जोड़ा गया

मुख्य संस्थाएँ और शब्द

शब्दपूरा नाम / मतलब
MSDEकौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
NSDCराष्ट्रीय कौशल विकास निगम (PPP)
NSDAराष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (2018 में NCVET में मिला दी गई)
NCVETराष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (नियामक)
NSQFराष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचा
SSCसेक्टर स्किल काउंसिल (उद्योग की अगुवाई वाली मानक संस्था)
PMKKप्रधानमंत्री कौशल केंद्र — ज़िले का आदर्श प्रशिक्षण केंद्र
RPLपहले से सीखे हुनर की पहचान
STTअल्पकालिक प्रशिक्षण
SANKALPSkills Acquisition and Knowledge Awareness for Livelihood Promotion
STRIVESkills Strengthening for Industrial Value Enhancement

अब तक क्या हासिल हुआ

MSDE के आँकड़ों के मुताबिक़ (PMKVY 1.0–3.0 मिलाकर, 2023 के मध्य तक):

पैमानासंख्या
कुल नामांकन1.39 करोड़+
प्रशिक्षण पाया1.37 करोड़+
प्रमाणपत्र मिला1.09 करोड़+
नौकरी मिली (PMKVY 2.0 CSCM)21 लाख से ज़्यादा
चालू PMKK717+, 680 ज़िलों में
सेक्टर स्किल काउंसिल37

PMKVY 4.0 में जो नया जुड़ा:

  • विदेश में काम के लिए तैयार करने वाले 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) की योजना
  • हुनर की आपसी मान्यता पर UAE, जापान, जर्मनी, इज़रायल के साथ साझेदारी
  • अपनी रफ़्तार से सीखने के लिए डिजिटल स्किल वाउचर का पायलट

आलोचनाएँ और चुनौतियाँ

सरकारी और बाहरी — दोनों तरह के कई आकलनों ने लगातार बनी हुई दिक़्क़तें गिनाई हैं।

आलोचनासबूत
नौकरी बहुत कम को मिलीPMKVY 2.0 में नौकरी की दर 40–45% के आसपास रही
प्रशिक्षण बहुत छोटागहरा हुनर सिखाने के लिए 150–300 घंटे कम माने जाते हैं
प्रशिक्षण केंद्रों की हालतकुछ केंद्र सिर्फ़ पैसा लेने के लिए खुले और फिर बंद हो गए
स्थानीय नौकरी बाज़ार से मेल नहींऐसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण जहाँ आसपास कोई माँग ही नहीं
उद्योग से कमज़ोर रिश्ताकोर्स बनाते समय उद्योग की राय बहुत कम ली गई
बीच में छोड़ने वालेसंख्या ज़्यादा; ख़ासकर RPL में
महिलाओं की कम भागीदारीमहिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ़ ~40%
आँकड़ों पर भरोसाCAG रिपोर्ट 2022 ने नामांकन के आँकड़े बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जाने की बात कही
ITI और पॉलिटेक्निक से दोहरावएक ही काम दो जगह; पुराने व्यावसायिक संस्थान कमज़ोर पड़े

शारदा प्रसाद समिति की रिपोर्ट (2016) और CAG का निष्पादन ऑडिट (2022) आज भी सबसे ज़्यादा हवाला दी जाने वाली आलोचनात्मक रिपोर्टें हैं।

दूसरी हुनर योजनाओं से तुलना

योजनामंत्रालयकिस पर ज़ोर
PMKVYMSDEअल्पकालिक प्रशिक्षण + RPL
DDU-GKY (दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना)ग्रामीण विकास मंत्रालयग़रीब ग्रामीण युवा (15–35), नौकरी से जुड़ा प्रशिक्षण
DAY-NULM कौशलआवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालयशहरी ग़रीबों का प्रशिक्षण
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS)MSDEशिक्षुता (अप्रेंटिसशिप)
PM-DAKSHसामाजिक न्याय मंत्रालयSC/OBC/DNT/सफ़ाई कर्मचारी
स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटरMSDEविदेश में नौकरी के लिए तैयारी
शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (ITI)MSDE (DGT)लंबा (1–2 साल का) तकनीकी प्रशिक्षण

पैमाने के हिसाब से PMKVY सबसे बड़ी है, लेकिन यह इन योजनाओं के साथ-साथ चलती है। अब एक नई चिंता यह है कि दोहराव कैसे घटाया जाए बिना यह भूले कि हर योजना का अपना ख़ास तबक़ा है।

आगे का रास्ता

आर्थिक सर्वेक्षण 2023–24 और नीति आयोग की 2030 की रणनीति कई सुझावों पर एक जैसी बात कहते हैं:

  1. संख्या नहीं, गुणवत्ता — कम लेकिन बेहतर साज़ो-सामान वाले प्रशिक्षण केंद्र
  2. मुश्किल हुनर के लिए लंबे कोर्स
  3. उद्योग की साझेदारी — NAPS के तहत बड़े पैमाने पर शिक्षुता
  4. डिजिटल प्रमाणपत्रDigiLocker पर स्किल पासपोर्ट
  5. महिलाओं के लिए अलग से बनी योजनाएँ और सुरक्षित आना-जाना व प्रशिक्षण
  6. मुद्रा और PM-विश्वकर्मा के साथ क़र्ज़ का तालमेल
  7. दूसरे देशों के साथ आने-जाने के समझौतों से विदेश में नौकरी

UPSC में इसका काम

PMKVY शासन और अर्थव्यवस्था — दोनों में बार-बार आने वाला विषय है।

  • प्रीलिम्स: शुरू होने का साल (2015), मंत्रालय (MSDE — 2014 में बना), चलाने वाली संस्था (NSDC), नियामक (NCVET), ढाँचा (NSQF), दो हिस्से (STT, RPL), चार चरण, जुड़ी योजनाएँ (PMKK, NAPS, DDU-GKY, SANKALP, STRIVE, PM-DAKSH)
  • मुख्य परीक्षा GS पेपर II: हुनर विकास पर सरकारी नीतियाँ, संस्थाओं का ढाँचा, कमज़ोर वर्गों का कल्याण
  • मुख्य परीक्षा GS पेपर III: जनसांख्यिकीय लाभांश, रोज़गार और हुनर की चुनौती, समावेशी विकास, इंडस्ट्री 4.0 के लिए तैयारी
  • करेंट अफ़ेयर्स: बजट 2023–24 में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की घोषणा, CAG की 2022 की रिपोर्ट, PMKVY 4.0 की शुरुआत, PM विश्वकर्मा योजना (2023), डिजिटल स्किल वाउचर
  • निबंध: "भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को हक़ीक़त में बदलना" या "हुनर चाहिए, नारे नहीं"

उम्मीदवारों को MSDE, NSDC, NSDA, NCVET और SSC का फ़र्क़ साफ़ पता होना चाहिए, PMKVY को बड़े स्किल इंडिया मिशन के भीतर रखकर देखना चाहिए, और इसकी उपलब्धियों पर भी और CAG की गिनाई कमज़ोरियों पर भी ठोस आँकड़ों के साथ बात करनी चाहिए।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

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