संपत्ति का पुनर्वितरण (Redistribution of Wealth) का अर्थ है कराधान, सार्वजनिक व्यय, हस्तांतरण और विनियमन के माध्यम से अमीर वर्गों से गरीब वर्गों को आय या संपत्ति का हस्तांतरण। यह कल्याण अर्थशास्त्र के केंद्र में है और हाल के वर्षों में भारतीय नीति बहस में बढ़ती संपत्ति असमानता, रोजगारहीन विकास और Piketty, Chancel और वर्ल्ड इनइक्वेलिटी लैब जैसे अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क के कारण वापस आ गया है। सवाल यह नहीं कि पुनर्वितरण करें या नहीं — हर बजट करता है — बल्कि कैसे, कितना और किन साधनों से।
पृष्ठभूमि: बहस क्यों वापस आई
- भारत असमानता रिपोर्ट (World Inequality Lab, 2024): 2022-23 में शीर्ष 1% ने राष्ट्रीय आय का 22.6% और राष्ट्रीय संपत्ति का 40.1% अर्जित किया — एक सदी में सर्वाधिक।
- रोजगारहीन विकास: GDP का प्रत्येक प्रतिशत आज 1980 के दशक की तुलना में बहुत कम औपचारिक रोजगार उत्पन्न करता है।
- असंतुलित कर बोझ: केंद्रीय कर संग्रह का बड़ा हिस्सा अप्रत्यक्ष करों (GST) से आता है जो गरीब और मध्यम वर्ग पर असंगत रूप से पड़ता है।
- COVID के बाद K-आकार की पुनःप्राप्ति: सूचीबद्ध कॉर्पोरेट लाभ बढ़े जबकि अनौपचारिक क्षेत्र की आय और MSME पिछड़ गए।
पुनर्वितरण क्यों करें?
- नैतिक तर्क: सामाजिक अनुबंध माँग करता है कि सभी समृद्धि में साझा करें।
- आर्थिक तर्क: टिकाऊ माँग के लिए एक बड़ा मध्यम वर्ग आवश्यक है।
- राजनीतिक तर्क: अत्यधिक असमानता सामाजिक सामंजस्य और लोकतांत्रिक वैधता को कमज़ोर करती है।
- राजकोषीय तर्क: संपत्ति का अल्प-कराधान स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा में सार्वजनिक निवेश सीमित करता है।
अंतर कैसे पाटें: प्रतिस्पर्धी दृष्टिकोण
1. विरासत कर / संपत्ति कर
अत्यंत धनी व्यक्तियों पर विरासत कर या संपत्ति कर लगाकर पुनर्वितरण। UK, US, फ्राँस, जापान विरासत कर लगाते हैं। भारत ने 2015 में संपत्ति कर और 1985 में संपदा शुल्क समाप्त कर दिया। पुनर्प्रवर्तन पर बहस है परंतु चिंताएँ हैं — पूँजी का विदेश पलायन, निवेश और उद्यमिता पर नकारात्मक प्रभाव, प्रशासनिक लागत।
2. औपचारिक रोजगार सृजन
विनिर्माण (PLI), बुनियादी ढाँचा और सेवाओं में बड़े निवेश से श्रमिकों की मज़दूरी बढ़ाना। यह बाज़ार आधारित पुनर्वितरण है।
3. प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT)
PM-Kisan, MGNREGA, PM-JAY जैसी योजनाओं के माध्यम से सीधे गरीबों को धनराशि। DBT में ₹3.8 लाख करोड़ सालाना (2023-24) से अधिक हस्तांतरित।
4. सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे में निवेश
स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, स्वच्छता में सरकारी व्यय — ये गरीबों को असंगत रूप से लाभ पहुँचाते हैं।
UPSC प्रासंगिकता
GS III प्रश्न: “भारत में बढ़ती संपत्ति असमानता के कारण और पुनर्वितरण के साधनों पर चर्चा करें।” सर्वश्रेष्ठ उत्तर में World Inequality Lab 2024 के आँकड़े, K-आकार की पुनःप्राप्ति, DBT आँकड़े और विरासत कर बहस शामिल होने चाहिए।
सामान्य प्रश्न
World Inequality Lab 2024 के अनुसार भारत में असमानता कितनी है?
2022-23 में शीर्ष 1% ने राष्ट्रीय आय का 22.6% और राष्ट्रीय संपत्ति का 40.1% अर्जित किया — एक सदी में सर्वाधिक।
K-आकार की आर्थिक पुनःप्राप्ति क्या है?
COVID के बाद जब सूचीबद्ध कॉर्पोरेट लाभ तेज़ी से बढ़े लेकिन अनौपचारिक क्षेत्र और MSME पिछड़ गए — इस द्विभाजित पुनःप्राप्ति को K-आकार की पुनःप्राप्ति कहते हैं।
DBT के माध्यम से कितना धन हस्तांतरित होता है?
2023-24 में PM-Kisan, MGNREGA, PM-JAY जैसी योजनाओं के माध्यम से ₹3.8 लाख करोड़ से अधिक DBT हस्तांतरित किया गया।