गुजरात दिवस — जिसे गुजरात स्थापना दिवस या गुजरात फाउंडेशन डे भी कहा जाता है — हर वर्ष 1 मई को मनाया जाता है। 1 मई 1960 को बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 (Bombay Reorganisation Act, 1960) के अंतर्गत द्विभाषी प्रांत (bilingual state) बॉम्बे का विभाजन कर दो भाषाई राज्यों — महाराष्ट्र और गुजरात — का गठन किया गया था। 2026 में गुजरात अपने राज्यत्व के 66 वर्ष पूर्ण कर रहा है। यह दिवस महागुजरात आंदोलन (Mahagujarat Movement) के नेता इंदुलाल याज्ञिक (Indulal Yagnik), 1956 की अहमदाबाद गोलीकांड के शहीद छात्रों और राज्य की राजधानी अहमदाबाद से गांधीनगर तक की संस्थागत यात्रा को समर्पित है।
परिचय

UPSC अभ्यर्थियों के लिए गुजरात दिवस केवल एक राज्य अवकाश नहीं है। यह पाठ्यक्रम के तीन प्रमुख विषयों — भारतीय राज्यों का भाषाई पुनर्गठन (linguistic reorganisation), संविधान का अनुच्छेद 3 (Article 3), और 1956 के बाद भारतीय संघवाद की संरचना — का जीवंत उदाहरण है। साथ ही यह आधुनिक प्रश्नों से भी जुड़ता है — GIFT City (भारत का पहला IFSC), स्टैचू ऑफ़ यूनिटी (विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा) और अहमदाबाद का UNESCO विरासत स्थल (heritage site) दर्जा।
आज गुजरात भारत के सर्वाधिक औद्योगिक और निर्यात-केंद्रित राज्यों में है। हाल के वर्षों में राज्य ने राष्ट्रीय GDP में लगभग 8 प्रतिशत और कुल निर्यात में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया है। 2026 का यह स्मरण मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) के कार्यकाल में हो रहा है, जो सितंबर 2021 से पदस्थ हैं और दिसंबर 2022 के विधानसभा चुनाव में पुनः निर्वाचित हुए थे।
मुख्य तथ्य एक नज़र में
- स्थापना तिथि: 1 मई 1960
- विधायी आधार: बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 (अधिनियम संख्या 11 / 1960)
- आंदोलन: महागुजरात आंदोलन (1956–60)
- प्रमुख नेता: इंदुलाल याज्ञिक (“इंदु चाचा”)
- त्रासद घटना: “खाम बापोर” गोलीकांड, अहमदाबाद, 8 अगस्त 1956
- प्रथम मुख्यमंत्री: डॉ. जीवराज नारायण मेहता (Jivraj Narayan Mehta)
- प्रथम राजधानी: अहमदाबाद (1960–70)
- वर्तमान राजधानी: गांधीनगर (1970 से)
- जिले: 33
- राजभाषा: गुजराती
- राज्य पक्षी: ग्रेटर फ्लेमिंगो (Greater Flamingo)
- राज्य पशु: एशियाई सिंह (Asiatic Lion)
- वर्तमान CM (2026): भूपेंद्र पटेल (BJP)
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गुजरात के एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व की कहानी 1947 से शुरू होती है, जब सौराष्ट्र और कच्छ की 200 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय हुआ। यह कार्य मुख्यतः सरदार वल्लभभाई पटेल और V P मेनन ने पूर्ण किया। राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 (States Reorganisation Act, 1956) के अंतर्गत इन क्षेत्रों को एक विशाल द्विभाषी प्रांत बॉम्बे में समाहित कर दिया गया, जिसमें गुजराती, मराठी, कोंकणी और कच्छी भाषी समुदाय एक साथ थे।
राज्य पुनर्गठन आयोग (Fazal Ali, K M Panikkar, H N Kunzru, 1953) ने भाषाई आधार पर राज्यों को सिद्धांत रूप में स्वीकार किया था, परंतु बॉम्बे को अपवाद माना। गुजराती और मराठी, दोनों ही समुदायों ने इस समझौते को अस्वीकार कर दिया। एक समेकित गुजराती राज्य — “महागुजरात” — की माँग, जिसमें सौराष्ट्र और कच्छ भी सम्मिलित हों, तत्काल राजनीतिक स्वरूप ले गई।
विट्ठलभाई पटेल (Vithalbhai Patel) ने दशकों पहले एक एकीकृत गुजराती सांस्कृतिक भूमि की कल्पना की थी; महात्मा गांधी और सरदार पटेल भी सांस्कृतिक रूप से गुजराती राष्ट्रीयता के प्रतीक थे। 1956 तक यह सांस्कृतिक भावना एक चुनावी और सड़क-स्तरीय माँग बन चुकी थी।
महागुजरात आंदोलन

महागुजरात आंदोलन (Mahagujarat Movement) ने राज्यत्व का राजनीतिक माध्यम प्रदान किया। 1956 में महागुजरात जनता परिषद का गठन हुआ, जिसके सार्वजनिक चेहरा थे इंदुलाल याज्ञिक (1892–1972) — जिन्हें लोग “इंदु चाचा” कहते थे। याज्ञिक ने गांधीवादी मुहावरे, किसान राजनीति और संसदीय विरोध को जोड़कर ऐसा आंदोलन खड़ा किया जिसे सत्ताधारी INC (Indian National Congress) रोक नहीं पाई।
आंदोलन का निर्णायक क्षण आया 8 अगस्त 1956 को, जब अहमदाबाद के लाल दरवाज़ा स्थित कांग्रेस भवन के बाहर छात्र अलग गुजरात राज्य की माँग पर एकत्र हुए। पुलिस ने निहत्थी भीड़ पर गोली चला दी — यह घटना “खाम बापोर” (“दोपहर का गोलीकांड”) के नाम से इतिहास में दर्ज है। मृतकों की संख्या के अनुमान पाँच से आठ तक हैं, घायल कई गुना अधिक थे। लाल दरवाज़ा पर स्थित शहीद स्मारक इन्हीं छात्रों को समर्पित है।
खाम बापोर के झटके ने आंदोलन को राष्ट्रीय समाचार-पत्रों और केंद्र की राजनीति का विषय बना दिया। 1959–60 तक प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने स्वीकार कर लिया कि द्विभाषी प्रयोग असफल हो चुका है।
बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960
संसद ने बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 पारित किया, जिसे 25 अप्रैल 1960 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली और जो 1 मई 1960 से प्रभावी हुआ। इस अधिनियम (Act) ने तीन कार्य किए —
- बॉम्बे राज्य को महाराष्ट्र और गुजरात दो उत्तराधिकारी राज्यों में विभाजित किया
- दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियाँ, देयताएँ, सेवाएँ और लंबित मुक़दमे आवंटित किए
- संविधान की पहली और चौथी अनुसूची में आवश्यक संशोधन (amendments) किए
इस संपूर्ण प्रक्रिया का संवैधानिक आधार है अनुच्छेद 3 (Article 3), जो संसद को साधारण बहुमत से, संबंधित राज्य विधानमंडल को राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए संदर्भ के पश्चात्, नए राज्य बनाने, क्षेत्र बदलने अथवा नाम-सीमा परिवर्तित करने का अधिकार देता है।
प्रथम सरकार और प्रथम राजधानी
डॉ. जीवराज नारायण मेहता — चिकित्सक-राजनेता और बड़ौदा रियासत के पूर्व दीवान — ने 1 मई 1960 को गुजरात के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। नवगठित राज्य की राजधानी अहमदाबाद बनी, जो क्षेत्र का सांस्कृतिक और व्यावसायिक केंद्र था। प्रारंभ में सिविल हॉस्पिटल और साबरमती आश्रम परिसर के समीप के भवनों का उपयोग सरकारी कार्यालयों के लिए किया गया।
1970 में राजधानी एक उद्देश्य-निर्मित नियोजित नगर — गांधीनगर — में स्थानांतरित हुई, जो अहमदाबाद से लगभग 25 किलोमीटर उत्तर में है। गांधीनगर की कल्पना चंडीगढ़ के बाद की आधुनिकतावादी भारतीय नगर-नियोजन परंपरा में हुई। ले कोर्बुज़िए (Le Corbusier) और कोंस्तंतिनोस डोक्सियाडिस (Constantinos Doxiadis) के प्रभाव वाले इस विद्यालय में गांधीनगर का वास्तविक मास्टर-नियोजन भारतीय वास्तुविद H K मेवाडा (H K Mewada) ने प्रकाश M आप्टे के साथ मिलकर किया। नगर साबरमती नदी के किनारे 30 सेक्टरों के ग्रिड पर बसा है।
गुजरात के राज्य प्रतीक
गुजरात के राजकीय प्रतीक प्रारंभिक प्रश्नों और उत्तर-लेखन के लिए महत्वपूर्ण हैं —
- राज्य पक्षी: ग्रेटर फ्लेमिंगो (Phoenicopterus roseus) — कच्छ का रण एशिया की सबसे बड़ी प्रजनन कॉलोनियों में से एक है
- राज्य पशु: एशियाई सिंह (Panthera leo persica) — गुजरात का गिर राष्ट्रीय उद्यान विश्व का एकमात्र प्राकृतिक आवास है
- राज्य वृक्ष: बरगद (Ficus benghalensis)
- राज्य पुष्प: गलगोटा (Cassia auriculata, “अवर्तकी”)
प्रमुख स्मारक एवं विरासत
गुजरात की पर्यटन और विरासत-संपदा उत्तर-लेखन के लिए असाधारण रूप से समृद्ध है।
- स्टैचू ऑफ़ यूनिटी (2018): नर्मदा ज़िले के केवड़िया (एकता नगर) में सरदार पटेल की 182 मीटर ऊँची प्रतिमा। यह विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को किया।
- साबरमती रिवरफ्रंट, अहमदाबाद: 11.5 किलोमीटर लंबा पुनर्विकसित नदी-तट; नगरीय नदी-पुनरुद्धार का आदर्श मॉडल माना जाता है।
- अहमदाबाद — UNESCO विश्व विरासत नगर (2017): यह दर्जा प्राप्त करने वाला भारत का पहला नगर — पुरानी पोल-संरचना, इंडो-इस्लामिक स्थापत्य और साबरमती आश्रम परिसर के लिए मान्यता प्राप्त।
- रण उत्सव, कच्छ: सफ़ेद नमक के रण पर चार माह का तंबू-नगर उत्सव — राज्य की पर्यटन ब्रांडिंग का प्रमुख आकर्षण।
- सोमनाथ, द्वारका, मोढेरा सूर्य मंदिर, चंपानेर-पावागढ़, रानी की वाव (पाटन — UNESCO 2014): एक विरासत-शृंखला जो बहुत कम राज्यों के पास है।
आर्थिक प्रोफ़ाइल और हालिया उपलब्धियाँ
गुजरात की आर्थिक कथा ने राज्य की राजनीतिक पहचान को आकार दिया है। राज्य में स्थित हैं —
- GIFT City (Gujarat International Finance Tec-City), गांधीनगर — भारत का प्रथम IFSC (International Financial Services Centre), जिसका विनियमन 2020 में स्थापित IFSCA करता है।
- Tata-Airbus C-295 संयंत्र, वडोदरा — भारत में पहली निजी क्षेत्र की सैन्य विमान असेंबली लाइन; अक्टूबर 2024 में उद्घाटित।
- Vibrant Gujarat Global Summit — द्विवार्षिक निवेश सम्मेलन; 10वाँ संस्करण जनवरी 2024 में।
- GIDC (Gujarat Industrial Development Corporation) के औद्योगिक एस्टेट और धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र।
गुजरात का GSDP 2000 के बाद के अधिकांश वर्षों में राष्ट्रीय औसत से अधिक दर पर बढ़ा है — पेट्रोरसायन, फार्मास्युटिकल, वस्त्र, सिरेमिक, डेयरी (Amul / GCMMF) और हीरा (सूरत) इसके प्रमुख स्तंभ हैं।
राजनीतिक परंपरा और वर्तमान नेतृत्व
1960 से अब तक गुजरात में केवल सोलह मुख्यमंत्री हुए हैं। आरंभिक दशकों में INC का प्रभुत्व रहा; 1998 से BJP सत्ता में है। उल्लेखनीय मुख्यमंत्रियों में माधवसिंह सोलंकी, चिमनभाई पटेल, केशुभाई पटेल, नरेंद्र मोदी (2001–14), आनंदीबेन पटेल और विजय रूपाणी सम्मिलित हैं।
वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल हैं, जिन्होंने सितंबर 2021 में कार्यभार ग्रहण किया और दिसंबर 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP की रिकॉर्ड जीत (182 में से 156 सीटें — किसी भी दल का राज्य में अब तक का सर्वाधिक आँकड़ा) के बाद पुनः मुख्यमंत्री बने।
UPSC के लिए प्रासंगिकता
- Prelims: बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960 (प्रभावी तिथि 1 मई 1960); Article 3; प्रथम CM J N मेहता; राजधानी परिवर्तन अहमदाबाद → गांधीनगर (1970); स्टैचू ऑफ़ यूनिटी (182 मी.); अहमदाबाद UNESCO विरासत नगर (2017); रानी की वाव UNESCO (2014); GIFT City एवं IFSCA।
- Mains GS-I: भाषाई पुनर्गठन — महागुजरात और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के युगपत् केस-स्टडीज़।
- Mains GS-II: Article 3 — संसद की राज्य-क्षेत्र परिवर्तन की शक्ति; सहकारी संघवाद; पुनर्गठन के दौरान केंद्र-राज्य संबंध।
- Mains GS-III: औद्योगिक नीति, IFSC एवं GIFT City, रक्षा स्वदेशीकरण (Tata-Airbus), विरासत-आधारित पर्यटन अर्थव्यवस्था।
- Essay: “भाषाई राज्यों ने भारतीय संघवाद को मज़बूत किया है, कमज़ोर नहीं।”
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
- राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) की सिफ़ारिशों के संदर्भ में बॉम्बे राज्य के द्विभाषी प्रयोग की असफलता का परीक्षण कीजिए। क्या भाषाई पुनर्गठन ने भारतीय संघवाद को मज़बूत किया है? (250 शब्द)
- महागुजरात आंदोलन और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन की तुलना कीजिए। दोनों आंदोलनों के नेतृत्व, रणनीति और परिणामों पर प्रकाश डालिए। (150 शब्द)
संबंधित अध्ययन सामग्री
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 और भाषाई सिद्धांत
- संविधान का अनुच्छेद 3 — नए राज्यों का गठन
- सरदार वल्लभभाई पटेल — रियासतों का एकीकरण
- GIFT City और भारत का IFSC ढाँचा
निष्कर्ष
गुजरात दिवस इस बात का संक्षिप्त अध्ययन है कि एक संवैधानिक लोकतंत्र भाषाई और सांस्कृतिक पहचान से कैसे संवाद करता है। द्विभाषी बॉम्बे से अलग गुजरात तक की 1960 की यात्रा केवल विधानमंडल में नहीं, बल्कि अहमदाबाद की सड़कों पर, इंदुलाल याज्ञिक के भाषणों में और खाम बापोर के शहीदों के मौन रजिस्टर में जीती गई थी। 66 वर्ष बाद राज्य का रूपांतरण — गांधीनगर का नियोजित ग्रिड, केवड़िया की स्टैचू ऑफ़ यूनिटी, GIFT City का IFSC, वडोदरा की C-295 लाइन, अहमदाबाद का UNESCO दर्जा — इस दिन को समकालीन धार देता है। अभ्यर्थी के लिए 1 मई केवल एक तिथि नहीं, बल्कि Article 3, राज्य पुनर्गठन आयोग, भाषाई-राज्य बहस और राज्य-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास के एक मॉडल का प्रवेश-द्वार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
गुजरात दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
गुजरात दिवस हर वर्ष 1 मई को मनाया जाता है। इसी तिथि को 1960 में बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम के तहत द्विभाषी बॉम्बे राज्य का विभाजन कर अलग गुजरात राज्य की स्थापना हुई थी।
गुजरात राज्य कब बना और कैसे?
गुजरात राज्य 1 मई 1960 को अस्तित्व में आया। संसद के बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 ने पुराने बॉम्बे राज्य को महाराष्ट्र और गुजरात — दो भाषाई राज्यों में विभाजित किया। संवैधानिक आधार Article 3 था।
गुजरात के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
गुजरात के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. जीवराज नारायण मेहता (Jivraj Narayan Mehta) थे, जिन्होंने 1 मई 1960 को कार्यभार सँभाला और 1963 तक पद पर रहे।
महागुजरात आंदोलन क्या था और इसके नेता कौन थे?
महागुजरात आंदोलन (1956–60) अलग गुजराती-भाषी राज्य की माँग का जन-आंदोलन था। इसका नेतृत्व इंदुलाल याज्ञिक ने महागुजरात जनता परिषद के माध्यम से किया। 8 अगस्त 1956 के “खाम बापोर” गोलीकांड ने आंदोलन को निर्णायक मोड़ दिया।
गुजरात की राजधानी अहमदाबाद से गांधीनगर कब और क्यों बदली गई?
1960 से 1970 तक गुजरात की अस्थायी राजधानी अहमदाबाद थी। 1970 में उद्देश्य-निर्मित नियोजित नगर गांधीनगर को स्थायी राजधानी बनाया गया। इसका मास्टर-प्लान आधुनिकतावादी परंपरा में H K मेवाडा और प्रकाश M आप्टे ने तैयार किया।
किस संवैधानिक अनुच्छेद के तहत गुजरात राज्य का गठन हुआ?
Article 3 के अंतर्गत, जो संसद को नए राज्य बनाने, सीमाएँ बदलने या नाम परिवर्तित करने का अधिकार देता है। बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 इसी अनुच्छेद के तहत पारित हुआ।
गुजरात दिवस और महाराष्ट्र दिवस एक ही दिन क्यों मनाए जाते हैं?
दोनों राज्य एक ही अधिनियम — बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 — के द्वारा 1 मई 1960 को एक साथ बने थे, इसलिए दोनों राज्यों के स्थापना दिवस की तिथि 1 मई है।
2026 में गुजरात के मुख्यमंत्री कौन हैं?
भूपेंद्र पटेल (BJP) सितंबर 2021 से गुजरात के मुख्यमंत्री हैं और दिसंबर 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद पुनः इस पद पर निर्वाचित हुए।
गुजरात के राज्य प्रतीक क्या हैं?
राज्य पक्षी ग्रेटर फ्लेमिंगो, राज्य पशु एशियाई सिंह, राज्य वृक्ष बरगद, और राज्य पुष्प गलगोटा है।
स्टैचू ऑफ़ यूनिटी कहाँ स्थित है और इसकी ऊँचाई कितनी है?
स्टैचू ऑफ़ यूनिटी गुजरात के नर्मदा ज़िले में केवड़िया (एकता नगर) में सरदार पटेल की 182 मीटर ऊँची प्रतिमा है — विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा। इसका उद्घाटन 31 अक्टूबर 2018 को हुआ।