UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

जेरेमी बेन्थम और मात्रात्मक उपयोगितावाद (UPSC नीतिशास्त्र — GS IV)

UPSC GS IV के लिए बेन्थम की नीतिशास्त्र: उपयोगितावाद, सुखकलन (Felicific Calculus), अधिकतम सुख सिद्धांत, आलोचनाएँ तथा सिविल सेवा में प्रासंगिकता।

Jeremy Bentham and Quantitative Utilitarianism (UPSC Ethics — GS IV) — UPSC featured image

जेरेमी बेन्थम (1748-1832) ब्रिटिश दार्शनिक और विधि-सुधारक थे जिन्होंने उपयोगितावाद (Utilitarianism) की नींव रखी। उनका मूल सिद्धांत था: “अधिकतम लोगों का अधिकतम सुख” (Greatest happiness of the greatest number)। UPSC GS IV में बेन्थम एक महत्त्वपूर्ण नैतिक विचारक हैं।

उपयोगितावाद का मूल सिद्धांत

बेन्थम के अनुसार:

  • प्रकृति ने मनुष्य को सुख और दुख — दो स्वामियों के अधीन रखा है।
  • नैतिक रूप से सही कार्य वह है जो कुल सुख को अधिकतम और कुल दुख को न्यूनतम करे।
  • यह एक परिणामवादी (Consequentialist) सिद्धांत है — कार्य की नैतिकता उसके परिणामों से तय होती है।

सुखकलन (Felicific Calculus)

बेन्थम ने सुख को मापने का एक तरीका — सुखकलन (Felicific Calculus या Hedonic Calculus) — प्रस्तावित किया। इसमें सुख को निम्न आयामों पर मापा जाता है:

आयामव्याख्या
तीव्रता (Intensity)सुख कितना तीव्र है?
अवधि (Duration)कितने समय तक रहेगा?
निश्चितता (Certainty)होने की कितनी संभावना?
निकटता (Propinquity)कितना निकट/शीघ्र?
उर्वरता (Fecundity)और सुख उत्पन्न करेगा?
पवित्रता (Purity)दुख के बिना?
विस्तार (Extent)कितने लोगों को?

बेन्थम का उपयोगितावाद — विशेषताएँ

  • मात्रात्मक: सभी प्रकार के सुखों को मापा और तुलना की जा सकती है।
  • लोकतांत्रिक: “प्रत्येक व्यक्ति एक के बराबर, कोई भी एक से अधिक नहीं।”
  • धर्मनिरपेक्ष: नैतिकता ईश्वरीय आदेश पर नहीं, परिणामों पर आधारित।

आलोचनाएँ

  • अल्पसंख्यकों का बलिदान: “अधिकतम लोगों का सुख” अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन कर सकता है।
  • सुख की मापनीयता: क्या सभी सुखों को संख्यात्मक रूप में मापा जा सकता है?
  • गुणात्मक भेद का अभाव: J.S. Mill ने कहा — “असंतुष्ट सुकरात होना, संतुष्ट सुअर होने से बेहतर है।”
  • न्याय की उपेक्षा: परिणाम अच्छा हो तो क्या अन्याय स्वीकार्य है?

सिविल सेवा में उपयोगिता

बेन्थम का उपयोगितावाद नीति-निर्माण में व्यापक रूप से उपयोग होता है:

  • लागत-लाभ विश्लेषण (Cost-Benefit Analysis): बड़ी परियोजनाओं के मूल्यांकन में।
  • कल्याण योजनाओं का लक्ष्यीकरण: अधिकतम जरूरतमंदों तक संसाधन पहुँचाना।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति: टीकाकरण — एक व्यक्ति का कुछ जोखिम बनाम अनेकों की सुरक्षा।

UPSC के लिए प्रासंगिकता

GS IV में बेन्थम को कांट (Kant) और J.S. Mill के साथ तुलना करके प्रस्तुत करना सर्वोत्तम है। परिणामवाद बनाम कर्तव्यवाद — यह तुलना मुख्य परीक्षा में बहुत पूछी जाती है।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

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