UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

महिलाएँ, अवैतनिक देखभाल कार्य और लैंगिक अंतर: यूपीएससी भारतीय समाज गाइड

अवैतनिक देखभाल कार्य लैंगिक असमानता की जड़ है। महिला LFPR, SDG 5, भारत की नीतियाँ और यूपीएससी GS-I/II के लिए प्रासंगिक तथ्य।

Women, Unpaid Care Work and the Gender Gap: UPSC Indian Society Guide — UPSC featured image

अवैतनिक देखभाल कार्य (Unpaid Care Work) — बच्चों की परवरिश, बुजुर्गों की देखभाल, घर का प्रबंधन — भारत में मुख्यतः महिलाओं द्वारा किया जाता है। यह लैंगिक असमानता (Gender Gap) का एक प्रमुख कारण है और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बाधित करता है।

अवैतनिक देखभाल कार्य: तथ्य और आँकड़े

  • ILO के अनुसार, भारत में महिलाएँ देखभाल कार्य पर पुरुषों की तुलना में 3-10 गुना अधिक समय व्यतीत करती हैं।
  • भारत में महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) ~37% (2023-24), पुरुष ~79%।
  • ग्रामीण महिलाएँ शहरी से अधिक अवैतनिक कार्य करती हैं।
  • McKinsey: भारत की GDP में महिलाओं का योगदान ~18% — वैश्विक औसत (~40%) से कम।

लैंगिक अंतर के कारण

  • सामाजिक-सांस्कृतिक मानदंड: देखभाल = महिला का काम।
  • सस्ती क्रेच/शिशु देखभाल का अभाव
  • पितृसत्तात्मक परिवार संरचना
  • शिक्षा और कौशल की कमी
  • कार्यस्थल पर लचीलेपन की कमी

लैंगिक अंतर के परिणाम

  • आर्थिक नुकसान — GDP में महिलाओं का कम योगदान।
  • वित्तीय निर्भरता — महिलाओं की संपत्ति और आय सुरक्षा कम।
  • स्वास्थ्य पर प्रभाव — अत्यधिक काम से तनाव।
  • राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी

सरकारी नीतियाँ और योजनाएँ

  • मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 (2017 संशोधन) — 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश।
  • PM Matru Vandana Yojana — ₹5,000 नकद लाभ।
  • Poshan Abhiyan — महिला और शिशु पोषण।
  • Beti Bachao Beti Padhao
  • SHG-NRLM — 90 लाख+ SHG; महिला आर्थिक सशक्तिकरण।

अवैतनिक कार्य को मान्यता: 5R ढाँचा

  • Recognise — GDP गणना में शामिल करना।
  • Reduce — श्रम-बचत तकनीक, बुनियादी ढाँचा।
  • Redistribute — पुरुषों का अधिक योगदान।
  • Reward — नीतिगत समर्थन।
  • Represent — नीति-निर्माण में महिलाओं का प्रतिनिधित्व।

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

  • WEF Global Gender Gap Report 2024: भारत 146 देशों में 129वें स्थान पर।
  • महिला LFPR में धीमा सुधार — PLFS 2023-24: ~37%।
  • बजट 2025-26 में महिला-नेतृत्व विकास पर जोर।

यूपीएससी प्रासंगिकता

  • GS-I: भारतीय समाज, महिला भूमिका, सामाजिक सशक्तिकरण।
  • GS-II: कल्याण योजनाएँ, SDG 5 (लैंगिक समानता)।
  • मुख्य: “अवैतनिक देखभाल कार्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी की बाधा है। समाधान सुझाएं।”

अवैतनिक देखभाल कार्य की मान्यता, पुनर्वितरण और पारिश्रमिक के बिना महिला आर्थिक सशक्तिकरण और SDG 5 अधूरे रहेंगे। इसके लिए सांस्कृतिक परिवर्तन और समन्वित नीतियाँ दोनों जरूरी हैं।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

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