UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) (यूपीएससी अर्थव्यवस्था)

NARCL — भारत की 'बैड बैंक' — की स्थापना, संरचना, कार्यप्रणाली और NPA संकट के समाधान में इसकी भूमिका का यूपीएससी अर्थव्यवस्था के लिए विश्लेषण।

National Asset Reconstruction Company Limited (NARCL) (UPSC Economy) — UPSC featured image

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र दशकों से गैर-निष्पादित आस्तियों (Non-Performing Assets — NPA) के बोझ से दबा हुआ है। इस समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार ने 2021 में नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) की स्थापना की — जिसे आम भाषा में ‘बैड बैंक’ कहा जाता है।

NARCL की स्थापना

NARCL की स्थापना 2021 के केंद्रीय बजट में की गई घोषणा के अनुसरण में हुई। इसे SARFAESI Act 2002 के तहत पंजीकृत किया गया। सरकारी बैंकों की NARCL में 51% हिस्सेदारी है।

NARCL की संरचना और कार्यप्रणाली

NARCL एक दो-स्तरीय संरचना (Two-tier Structure) पर काम करता है:

  • NARCL — एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) जो बैंकों से NPA खरीदती है।
  • IDRCL (India Debt Resolution Company Ltd.) — इन NPA का प्रबंधन और समाधान करती है। इसमें निजी क्षेत्र की 51% हिस्सेदारी है।

भुगतान प्रक्रिया:

  • NPA मूल्य का 15% नकद (Cash) में भुगतान।
  • शेष 85% सरकार-गारंटी प्राप्त सिक्योरिटी रसीदें (Security Receipts — SR)।

NPA संकट का संदर्भ

2012–2017 के बीच बैंकिंग क्षेत्र में NPA का संकट चरम पर था। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की NPA दर 14–15% तक पहुँच गई थी। यह ऋण प्रवाह, निवेश और आर्थिक विकास को बाधित कर रही थी।

NARCL के लाभ

  • बैंकों की बैलेंस शीट साफ होती है — ऋण देने की क्षमता बढ़ती है।
  • केंद्रीकृत प्रबंधन से NPA समाधान अधिक कुशल होता है।
  • बड़े NPA खाते (₹500 करोड़ से अधिक) प्राथमिकता पर लिए जाते हैं।
  • समय-सीमा में समाधान — IBC प्रक्रिया की तुलना में तेज़।

चुनौतियाँ

  • सरकारी गारंटी का जोखिम — यदि NPA समाधान विफल हो।
  • मूल्यांकन की जटिलता — NPA की उचित कीमत तय करना कठिन।
  • बाज़ार में खरीददारों की कमी।
  • IBC और NARCL के बीच भूमिका-विरोधाभास।

अन्य NPA समाधान तंत्र

  • IBC (दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016): न्यायिक समाधान प्रक्रिया।
  • SARFAESI Act, 2002: संपार्श्विक जब्ती।
  • DRT (ऋण वसूली अधिकरण)
  • AQR (Asset Quality Review) — RBI

यूपीएससी के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • NARCL = ‘बैड बैंक’; SARFAESI Act 2002 के तहत।
  • NARCL + IDRCL: दो-स्तरीय संरचना।
  • भुगतान: 15% नकद + 85% SR।
  • लक्ष्य: बड़े NPA (₹500 करोड़+) का त्वरित समाधान।
  • चुनौती: सरकारी गारंटी जोखिम, मूल्यांकन।

सामान्य प्रश्न

NARCL क्या है?

NARCL (National Asset Reconstruction Company Limited) भारत की ‘बैड बैंक’ है जिसे 2021 में बैंकिंग क्षेत्र के NPA संकट से निपटने के लिए स्थापित किया गया। यह NPA खरीदकर IDRCL के माध्यम से उनका समाधान करती है।

NARCL में भुगतान प्रक्रिया क्या है?

NARCL NPA मूल्य का 15% नकद और 85% सरकार-गारंटी प्राप्त सिक्योरिटी रसीदों (SR) के रूप में भुगतान करती है।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

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