प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 2015 में शुरू की गई। यह भारत की सबसे बड़ी कौशल प्रमाणन योजना है जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को उद्योग-संबंधी कौशल प्रशिक्षण देना है।
PMKVY के संस्करण
- PMKVY 1.0 (2015-16) — पहला संस्करण; लघु-कालीन प्रशिक्षण।
- PMKVY 2.0 (2016-20) — 1 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण लक्ष्य।
- PMKVY 3.0 (2020-21) — COVID के बाद; जिला स्तरीय क्रियान्वयन।
- PMKVY 4.0 — उद्योग 4.0 (AI, IoT, Robotics) पर ध्यान।
PMKVY की विशेषताएँ
- RPL (Recognition of Prior Learning) — पहले से सीखे कौशल को मान्यता।
- NSQF (National Skills Qualifications Framework) के अनुसार प्रमाणन।
- SSCs (Sector Skill Councils) की भागीदारी।
- मौद्रिक पुरस्कार — प्रशिक्षण पूरा करने पर।
- SMART (Skill Management and Accreditation of Training Centres) पोर्टल।
उपलब्धियाँ
PMKVY 2.0 के तहत 1 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। निर्माण, खुदरा, स्वास्थ्य सेवा और IT जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास हुआ।
आलोचनाएँ
- रोज़गार नहीं — प्रशिक्षण के बाद नौकरी नहीं मिली।
- गुणवत्ता — प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सवाल।
- फर्जी प्रमाण पत्र — धोखाधड़ी के मामले।
- उद्योग की माँग से मिसमैच — प्रशिक्षण और नौकरी के बीच अंतर।
- ड्रॉपआउट दर — कई प्रशिक्षणार्थी बीच में छोड़ देते हैं।
यूपीएससी प्रासंगिकता
GS III में कौशल विकास, रोज़गार नीति और MSME के प्रश्नों में PMKVY महत्त्वपूर्ण है। National Skills Mission और Skill India के साथ जोड़कर उत्तर दें।