UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

UPSC अर्थशास्त्र वैकल्पिक प्रश्न-पत्र 2026: पेपर I और पेपर II, सभी सवाल

UPSC अर्थशास्त्र वैकल्पिक 2026 के पेपर I और II के सभी सवाल, नंबर और सिलेबस यूनिट के साथ, न्यूमेरिकल सवाल और किस यूनिट पर कितने नंबर गए।

UPSC अर्थशास्त्र वैकल्पिक प्रश्न-पत्र 2026, पेपर I और पेपर II

UPSC अर्थशास्त्र वैकल्पिक 2026 के पेपर I और पेपर II नीचे पूरे हैं: हर सवाल, उसके नंबर और सिलेबस की यूनिट। दोनों पेपर तीन घंटे के और 250-250 नंबर के थे। हर पेपर में दो खंडों में 8 सवाल छपे, जिनमें से 5 करने थे; सवाल 1 और 5 ज़रूरी थे और बाकी तीन में हर खंड से कम से कम एक।

पेपर I सामान्य अर्थशास्त्र का है, जिसमें सिद्धांत, न्यूमेरिकल, मुद्रा और लोक वित्त, अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र और विकास आते हैं। पेपर II भारतीय अर्थव्यवस्था का है, औपनिवेशिक दौर से योजना-काल और 1991 के बाद के सुधारों तक, और इसमें कोई न्यूमेरिकल नहीं था। हर पेपर के बाद यूनिट के हिसाब से नंबरों का बँटवारा दिया है।

अर्थशास्त्र वैकल्पिक 2026 पेपर I

आधिकारिक प्रश्न-पत्र: अर्थशास्त्र वैकल्पिक 2026 पेपर I (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।

दोनों न्यूमेरिकल, 2(c) में द्वयाधिकार का सवाल और 3(a) में IS-LM का सवाल, मिलाकर 35 नंबर के हैं और दोनों खंड A के वैकल्पिक सवालों में हैं। सवाल 1, 4 और 5 में कोई न्यूमेरिकल नहीं है, इसलिए सिद्धांत पसंद करने वाला उम्मीदवार खंड A की शर्त सवाल 4 से पूरी कर सकता है। आय और रोज़गार का निर्धारण (क्लासिकल, कीन्स और नव-क्लासिकल) 60 नंबर के साथ सबसे आगे रहा, और लोक वित्त 55 पर।

खंड A

प्र.सवालअंकयूनिट
1(a)मिखाल कालेकी के अनुसार, मजदूरी व लाभ में आय के कार्यात्मक वितरण को निर्धारित करने के लिए किस प्रकार एकाधिकार की मात्रा तथा विनियोग का स्तर परस्पर प्रतिक्रिया करते हैं ?10वितरण के सिद्धांत
1(b)दर्शाइये कि परम्परागत प्रणाली में, समग्र माँग वक्र कैसे व्युत्पन्न होता है। इसके विशेष गुण का उल्लेख कीजिए।10आय और रोज़गार का निर्धारण
1(c)ब्याज संरचना तथा इसमें अन्तर्निहित अंतरपणन के नियम (rule of arbitrage) की विवेचना कीजिए।10मुद्रा और ब्याज
1(d)सार्वजनिक वस्तुओं तथा निजी वस्तुओं में भेद कीजिए। ‘मुफ्त की सवारी’ की समस्या क्या है ?10लोक वित्त
1(e)राजकोषीय नीति में अपवर्जन प्रभाव क्या है ? विदेशी पूंजी किस प्रकार अपवर्जन प्रभाव को कम कर सकती है ?10लोक वित्त
2(a)किन परिस्थितियों में, बाजार सन्तुलन की स्थिति को प्राप्त करता है ? मार्शल तथा वालरस के दृष्टिकोणों के बीच स्थिरता में अन्तर का विश्लेषण कीजिए।20कीमत निर्धारण और बाज़ार संरचना
2(b)इस कथन का परीक्षण कीजिए कि “परेटो सामाजिक कल्याण के दृष्टिकोण से आर्थिक राज्यों को क्रमबद्ध करने के लिए इष्टतम रूप से पर्याप्त आधार नहीं देता है।” क्या अत्यधिक असमानता युक्त अर्थव्यवस्था को परेटो दक्ष माना जा सकता है ?15कल्याण अर्थशास्त्र
2(c)एक द्वयाधिकार बाजार के लिए निम्न आंकडे दिये हुए हैं : P = 100 – 0.5 (q1 + q2); C1 = 5 q1; C2 = 0.5 q2^2. यदि द्वयाधिकारी पारस्परिक अन्तर्निर्भरता को समझ कर, उद्योग के कुल लाभ को अधिकतम करने के लिए एक समूह के रूप में कार्य करने का निर्णय लेते हैं तब q1, q2, P तथा फर्मों के लाभ जो pi1 और pi2 से व्यक्त किये गये हैं को ज्ञात कीजिए।15कीमत निर्धारण और बाज़ार संरचना
3(a)एक अर्थव्यवस्था के लिए निम्न मान दिये हुए हैं : C = 0.8 (1 – t)Y; t = 0.25; I = 900 – 50r, G = 800; L = 0.25Y – 62.5r; M/P = 500, P = 1. चरों के अर्थ सामान्य हैं। निम्न को ज्ञात कीजिए : (i) Y तथा r के सन्तुलन मान (ii) IS तथा LM वक्रों के ढाल (iii) बचत फलन, विनियोग फलन तथा मुद्रा माँग फलन के ढाल के रूप में, आय के लिए सरकारी व्यय गुणक का व्यंजक (iv) यदि सरकारी व्यय में 240 की वृद्धि हो जाये, तो ऊपर दिये हुए प्रश्नांश (iii) में व्युत्पन्न गुणक के अनुसार Y में कितनी वृद्धि होगी ?20आय और रोज़गार का निर्धारण
3(b)(i) समझाइए कि किस प्रकार प्रतिष्ठित मॉडल में स्वचालित पूर्ण रोजगार की गारन्टी होती है। (ii) कीन्स ने श्रम बाजार में अल्प-रोजगार सन्तुलन की सम्भावना को किस प्रकार व्यक्त किया है ?15आय और रोज़गार का निर्धारण
3(c)नव प्रतिष्ठित नीति की प्रभावहीनता के प्रस्ताव की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।15आय और रोज़गार का निर्धारण
4(a)उन उपकरणों को समझाइए जिनके द्वारा किसी भी देश की सरकार तीन प्रमुख भूमिकाओं यथा – आबंटन, वितरण तथा स्थिरीकरण का सफलतापूर्वक निर्वहन करने का प्रयास करती है।20लोक वित्त
4(b)आर्थिक क्रियाओं को बढ़ाने में पूँजीगत व्यय बनाम राजस्व व्यय की सापेक्षिक प्रभावशीलता का विवेचन कीजिए।15लोक वित्त
4(c)फ्रीडमैन के मुद्रा के परिमाण सिद्धान्त के पुनर्कथन तथा कीन्स की मुद्रा की माँग में प्रमुख अन्तर की चर्चा कीजिए।15मुद्रा और ब्याज

खंड B

प्र.सवालअंकयूनिट
5(a)“सामान्यतः आयात प्रशुल्क एक देश के शुद्ध कल्याण में कमी कर देते हैं”। क्या आप सहमत हैं ? एक बड़ी अर्थव्यवस्था व एक छोटी अर्थव्यवस्था पर आयात प्रशुल्क को लागू करके अपने उत्तर के औचित्य को सिद्ध कीजिए।10व्यापार नीति और WTO
5(b)किस अर्थ में व्यापार, विकास के इंजन का कार्य कर सकता है ? विस्तार से व्याख्या कीजिए।10व्यापार, निवेश और MNC
5(c)विकासशील देशों के आर्थिक विकास में बाजार की बदलती हुई भूमिका पर प्रकाश डालिए। इसने योजना प्रक्रिया को कैसे प्रभावित किया है ? विवेचना कीजिए।10नियोजन और बाज़ार
5(d)एक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में आर्थिक संवृद्धि को बढ़ाने तथा प्रतिस्पर्द्धा को सुदृढ़ करने में अनुसंधान एवं विकास (R&D) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।10संवृद्धि और विकास के सिद्धांत
5(e)दोहा दौर में प्रयुक्त “एकल प्रतिबद्धता” सिद्धान्त तथा विश्व व्यापार संगठन वार्ता के लिए इसके निहितार्थों को समझाइए।10व्यापार नीति और WTO
6(a)अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्राचीन व नवीन सिद्धान्तों में प्रमुख अन्तरों की विवेचना कीजिए।20अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सिद्धांत
6(b)पूर्ण पूँजी गतिशीलता के अन्तर्गत, अल्पकाल व दीर्घकाल में मौद्रिक विस्तार का विनिमय दर पर प्रभाव समझाइए।15विनिमय दर और खुली अर्थव्यवस्था
6(c)समझाइए कि क्या समानान्तर आयात TRIPS प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं तथा एकस्व (पेटेन्ट) धारक बहुराष्ट्रीय कम्पनी (MNC) की मूल्य नीति को प्रभावित करते हैं ? सभी सम्पन्न राष्ट्र इसका अनुसरण क्यों नहीं करते, कारण बताइए।15व्यापार नीति और WTO
7(a)विकासशील देशों में आर्थिक विकास के चालक के रूप में मानव पूँजी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। विकासशील राष्ट्रों में, किस प्रकार शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा में निवेश “निम्न उत्पादकता जाल” पर काबू पा सकता है।20मानव पूँजी और मानव विकास
7(b)विकासशील देशों के सन्दर्भ में गुन्नार मिर्डल के “प्रतिवाही प्रभाव” की साइमन कुजनेट्स के “संरचनात्मक रूपान्तरण” से तुलना कीजिए।15संवृद्धि और विकास के सिद्धांत
7(c)बहुराष्ट्रीय निगमों (MNCs) के उदय के कारणों को समझाइए। क्या उनकी दक्षता उत्कृष्ट तकनीक के कारण है अथवा प्रतिस्पर्द्धा विरोधी प्रथाओं के कारण ? विवेचना कीजिए।15व्यापार, निवेश और MNC
8(a)“पृथ्वी ने प्रत्येक मनुष्य की आवश्यकताओं, न कि प्रत्येक मनुष्य के लालच को सन्तुष्ट करने के लिए पर्याप्त प्रदान किया है।” इस कथन का पर्यावरण क्षरण तथा भावी पीढ़ियों के अधिकारों के सन्दर्भ में विश्लेषण कीजिए। किस सीमा तक औद्योगिक चालित गैर-नवीकरणीय संसाधनों का ह्रास अंतर-पीढ़ी समता का उल्लंघन है ?20पर्यावरण और सतत विकास
8(b)एक विकासशील देश में तीव्र आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए, कृषि क्षेत्र के रूपान्तरण के लिए किन रणनीतियों की आवश्यकता है ? विवेचना कीजिए।15संवृद्धि और विकास के सिद्धांत
8(c)मानव विकास के विभिन्न दृष्टिकोण क्या हैं ? बुनियादी आवश्यकता दृष्टिकोण की विस्तार से व्याख्या कीजिए।15मानव पूँजी और मानव विकास

2026 पेपर I: नंबर कहाँ रहे

यूनिटअंकपेपर में हिस्सा
आय और रोज़गार का निर्धारण6015.0%
लोक वित्त5513.8%
संवृद्धि और विकास के सिद्धांत4010.0%
मानव पूँजी और मानव विकास358.8%
कीमत निर्धारण और बाज़ार संरचना358.8%
व्यापार नीति और WTO358.8%
मुद्रा और ब्याज256.2%
व्यापार, निवेश और MNC256.2%
पर्यावरण और सतत विकास205.0%
अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सिद्धांत205.0%
विनिमय दर और खुली अर्थव्यवस्था153.8%
कल्याण अर्थशास्त्र153.8%
वितरण के सिद्धांत102.5%
नियोजन और बाज़ार102.5%

अर्थशास्त्र वैकल्पिक 2026 पेपर II

आधिकारिक प्रश्न-पत्र: अर्थशास्त्र वैकल्पिक 2026 पेपर II (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।

खंड A 1991 से पहले की अर्थव्यवस्था पर रहा। निकास सिद्धांत, नील, अहस्तक्षेप और रेलवे वाले औपनिवेशिक सवालों पर 50 नंबर गए, भूमि सुधार और हरित क्रांति दो-दो बार आए और 55 नंबर ले गए, और 1991 से पहले की औद्योगिक नीति पर भी 55 नंबर। खंड B सुधारों के दौर पर था, जिसमें WTO, व्यापार और IPR 45 नंबर के साथ आगे रहा; TRIPS इस पेपर में दो बार और पेपर I में एक बार पूछा गया।

खंड A

प्र.सवालअंकयूनिट
1(a)दादाभाई नौरोजी द्वारा प्रतिपादित ‘निकास सिद्धान्त (drain theory)’ का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। इसने औपनिवेशिक भारत में गरीबी के मूल कारण को कैसे समझाया?10औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था
1(b)”ब्रिटिश भारत में कृषि का व्यवसायीकरण एक स्वैच्छिक प्रक्रिया के बजाय एक बाध्यकारी प्रक्रिया थी।” नकदी फसल जैसे नील के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।10औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था
1(c)मध्यस्थों के उन्मूलन के संदर्भ में, स्वातंत्र्योत्तर भारत में भूमि-स्वामित्व व्यवस्था सुधारों की प्रभावशीलता का आकलन कीजिए।10भूमि सुधार और कृषि
1(d)”हरित क्रांति ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की, परन्तु क्षेत्रीय असमानताओं को बढ़ावा दिया।” अपने विचार लिखिए।10भूमि सुधार और कृषि
1(e)भारत में गरीबी मापन की कौन-कौन सी विधियाँ हैं? आपके अनुसार कौन-सी विधि सर्वाधिक उपयुक्त है और क्यों?10गरीबी और रोज़गार
2(a)स्वातंत्र्योत्तर भारत में भूमि सुधारों की सफलता का मूल्यांकन कीजिए। यह सफलता कतिपय राज्यों तक ही क्यों सीमित रही जबकि अन्यों में अविद्यमान रही? भूमि सुधारों को व्यापक कृषि परिवर्तन से जोड़कर समझाइए।20भूमि सुधार और कृषि
2(b)भारतीय कृषि में हरित क्रांति तथा पूँजी-निर्माण के बीच सम्बन्ध का विश्लेषण कीजिए। क्या इस रणनीति-प्रेरित संवृद्धि का लाभ छोटे तथा सीमान्त किसानों तक रिसाव प्रभाव के रूप में पहुँचा है?15भूमि सुधार और कृषि
2(c)भारतीय आर्थिक योजना और विकास रणनीतियों के संदर्भ में, डी० आर० गाडगिल तथा वी० के० आर० वी० राव के आर्थिक विचारों की तुलना एवं अंतर कीजिए।15भारतीय आर्थिक चिंतन
3(a)नेहरू के ‘महालनोबिस रणनीति’ मॉडल से लेकर उदारीकरण काल तक भारत की औद्योगिक नीति की यात्रा का विवरण दीजिए। किस प्रकार राज्य तथा भारी उद्योगों की भूमिका से ध्यान हट गया?201991 से पहले उद्योग
3(b)स्वतंत्रता के उपरान्त, भारत में राष्ट्रीय आय की प्रवृत्तियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए। सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की क्षेत्रीय संरचना में हुए संरचनात्मक परिवर्तनों की विवेचना कीजिए।15राष्ट्रीय आय
3(c)औपनिवेशिक भारत में अहस्तक्षेप (laissez-faire) सिद्धान्त के अनुप्रयोग पर चर्चा कीजिए। राष्ट्रवादी अर्थशास्त्रियों ने इस नीति की आलोचना उद्योगीकरण के विरुद्ध उपकरण के रूप में क्यों की?15औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था
4(a)औद्योगिक नीति प्रस्तावों (Industrial Policy Resolutions) से लेकर वर्ष 1991 के सुधारों तक भारत के औद्योगिक विकास में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच बहस के विकासक्रम की प्रस्तुति कीजिए।201991 से पहले उद्योग
4(b)वर्ष 1947-1991 के मध्य लघु एवं कुटीर उद्योगों के महत्त्व की विवेचना कीजिए। उपर्युक्त काल-खण्ड में इन उद्योगों को बढ़ावा देने में भारत के राज्यों की क्या भूमिका रही है?151991 से पहले उद्योग
4(c)”भारत में रेलवे आधुनिक उद्योगों को सुगम बनाने में अग्रदूत था।” विवेचना कीजिए। भारत के आर्थिक विकास में रेलवे की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।15औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था

खंड B

प्र.सवालअंकयूनिट
5(a)भारतीय औषधीय क्षेत्र में जेनेरिक दवाओं की कीमत एवं उपलब्धता पर TRIPS समझौते (TRIPS Agreement) के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।10WTO, व्यापार और IPR
5(b)चालू खाता एवं पूँजी खाता की परिवर्तनीयता में अंतर स्पष्ट कीजिए। भारत पूँजी खाता की पूर्ण परिवर्तनीयता के प्रति सावधान क्यों रहता है?10विनिमय दर और परिवर्तनीयता
5(c)राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 (FRBM Act, 2003) के मुख्य उद्देश्यों को समझाइए। क्या यह सफल रहा है?10लोक वित्त और राजकोषीय संघवाद
5(d)एक मौद्रिक प्राधिकरण के रूप में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की भूमिका स्थिरीकरण नीति से मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण में कैसे परिवर्तित हो गई? समझाइए।10मौद्रिक नीति और RBI
5(e)भारत में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजना अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में कहाँ तक सफल रही है?10गरीबी और रोज़गार
6(a)भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र पर नई आर्थिक नीति के प्रभाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। निजीकरण, विदेशी प्रत्यक्ष विनियोग (FDI) में उछाल तथा बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के आगमन से घरेलू उद्योग पर इसके प्रभावों की विवेचना कीजिए।20सुधार और उद्योग
6(b)विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा, उपदान तथा बाजार पहुँच के संदर्भ में, भारतीय कृषि पर विश्व व्यापार संगठन के समझौतों के प्रभावों का परीक्षण कीजिए।15WTO, व्यापार और IPR
6(c)भारत में संकेतात्मक योजना की इसके उद्देश्यों के साथ विस्तार से व्याख्या कीजिए। इस नये ढाँचे में, नीति (NITI) आयोग क्या भूमिका अदा करता है?15नियोजन और विकेंद्रीकरण
7(a)”आर्थिक विकास रोजगार सृजन के बिना अर्थहीन है।” अपने विचार दीजिए। भारत में सुधार के बाद की अवधि में देखी गई ‘रोजगारविहीन विकास’ की प्रवृत्ति तथा इसके गरीबी एवं सामाजिक क्षेत्र के परिणामों पर प्रभाव का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।20गरीबी और रोज़गार
7(b)भारत में राजकोषीय संघवाद की संरचना की विवेचना कीजिए। क्रमिक वित्त आयोगों ने ऊर्ध्वाधर एवं क्षैतिज वित्तीय असंतुलनों को दूर करने का प्रयास कैसे किया है?15लोक वित्त और राजकोषीय संघवाद
7(c)आर्थिक सुधारों ने भारत की औद्योगिक रणनीति में एक मौलिक परिवर्तन किया। इस संदर्भ में, अविनियमन (deregulation), लाइसेंस प्रणाली की समाप्ति (delicensing) तथा इनके औद्योगिक दक्षता पर प्रभाव की चर्चा कीजिए।15सुधार और उद्योग
8(a)विश्व व्यापार संगठन (WTO) के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) व्यवस्था को समझाइए। भारत की व्यापार नीति एवं घरेलू विनियमनों पर TRIPS और GATS के विशिष्ट प्रभावों की विवेचना कीजिए।20WTO, व्यापार और IPR
8(b)1991 के बाद भारत की विनिमय दर व्यवस्था का विश्लेषण कीजिए। बाजार-निर्धारित विनिमय दरों की ओर झुकाव तथा अस्थिर पूँजी प्रवाह के प्रबंधन पर विवेचना कीजिए।15विनिमय दर और परिवर्तनीयता
8(c)समझाइए कि किस प्रकार विकेन्द्रीकृत नियोजन भारत के समावेशी विकास में सहायक हो सकता है। इस संदर्भ में, 73वें एवं 74वें संविधान संशोधनों की भूमिका को समझाइए।15नियोजन और विकेंद्रीकरण

2026 पेपर II: नंबर कहाँ रहे

यूनिटअंकपेपर में हिस्सा
1991 से पहले उद्योग5513.8%
भूमि सुधार और कृषि5513.8%
औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था5012.5%
WTO, व्यापार और IPR4511.2%
गरीबी और रोज़गार4010.0%
सुधार और उद्योग358.8%
नियोजन और विकेंद्रीकरण307.5%
विनिमय दर और परिवर्तनीयता256.2%
लोक वित्त और राजकोषीय संघवाद256.2%
भारतीय आर्थिक चिंतन153.8%
राष्ट्रीय आय153.8%
मौद्रिक नीति और RBI102.5%

2026 के अर्थशास्त्र पेपर से क्या समझ आता है

पेपर I में इस विषय के दो रास्ते साफ़ दिखते हैं। खंड A सिद्धांत और तकनीक का था: 35 नंबर के न्यूमेरिकल, कालेकी, मार्शल बनाम वालरस, परेटो इष्टतमता और फ्रीडमैन बनाम कीन्स। खंड B व्यावहारिक था: व्यापार के सिद्धांत, WTO के नियम, पूर्ण पूँजी गतिशीलता में विनिमय दर, और मिर्डल व कुज़नेट्स से लेकर मानव पूँजी और अंतर-पीढ़ी समता तक विकास का अर्थशास्त्र।

पेपर II में मॉडल से ज़्यादा इतिहास और नीति की बारीकी काम आई। खंड A लगभग पूरा औपनिवेशिक भारत और योजना-काल पर था, जो आर्थिक इतिहास ठीक से पढ़ने वालों के लिए अच्छा है। खंड B में FRBM अधिनियम, RBI का मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण, DBT, नीति आयोग, वित्त आयोग और 73वें-74वें संशोधन पूछे गए। इसका काफ़ी हिस्सा GS पेपर III से मिलता है, पर वैकल्पिक विषय हर नीति के पीछे का सिद्धांत भी माँगता है।

पेपर I में लोक वित्त के नंबर हर साल बढ़े: 2023 में 15, 2024 में 25, 2025 में 45 और 2026 में 55। संवृद्धि और विकास के सिद्धांत के नंबर उल्टी दिशा में गए: 80, फिर 50, फिर 45, फिर 40। मुद्रा और ब्याज के नंबर 2024 में 80 तक पहुँचे। उसके बाद 2025 में 50 आए, 2026 में 25। ‘आय और रोज़गार का निर्धारण’ यूनिट के नंबर चारों साल 35 से 70 के बीच रहे। व्यापार, निवेश और MNC पर 2023 में कोई नंबर नहीं था, 2024 में भी नहीं। 2025 में 15 नंबर आए, 2026 में 25।

पेपर II में 2024 से 2026 तक सबसे ज़्यादा नंबर भूमि सुधार और कृषि पर गए: 85, फिर 75, फिर 55। 2026 के 55 नंबर 1991 से पहले उद्योग के बराबर थे। 2023 में यह यूनिट 65 नंबर के साथ दूसरे नंबर पर थी, WTO, व्यापार और IPR के 70 से पीछे। औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था के नंबर लगभग एक जैसे रहे: 45, 55, 50, 50। 2026 का सबसे बड़ा बदलाव 1991 से पहले उद्योग में है। पिछले तीन पेपर में इसके नंबर 25, 15, 15 थे, 2026 में 55। सुधार और उद्योग के नंबर 2023 में 10 थे, 2024 में 50 हो गए। तब से ये घटकर 35 पर हैं। राष्ट्रीय आय के नंबर 40 से घटकर 15 रह गए। WTO, व्यापार और IPR के नंबर 25 से 70 के बीच ऊपर-नीचे होते रहे।

पेपर I: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026

यूनिट2023202420252026
आय और रोज़गार का निर्धारण70354560
लोक वित्त15254555
संवृद्धि और विकास के सिद्धांत80504540
कीमत निर्धारण और बाज़ार संरचना60404535
व्यापार नीति और WTO20255535
मानव पूँजी और मानव विकास10301035
मुद्रा और ब्याज25805025
व्यापार, निवेश और MNC001525
अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सिद्धांत40252020
पर्यावरण और सतत विकास40101520
कल्याण अर्थशास्त्र0201515
विनिमय दर और खुली अर्थव्यवस्था30452515
वितरण के सिद्धांत100010
नियोजन और बाज़ार0151510

पेपर II: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026

यूनिट2023202420252026
भूमि सुधार और कृषि65857555
1991 से पहले उद्योग25151555
औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था45555050
WTO, व्यापार और IPR70302545
गरीबी और रोज़गार60455040
सुधार और उद्योग10504535
नियोजन और विकेंद्रीकरण20153030
विनिमय दर और परिवर्तनीयता15103025
लोक वित्त और राजकोषीय संघवाद10403025
भारतीय आर्थिक चिंतन3010015
राष्ट्रीय आय40253515
मौद्रिक नीति और RBI10201510

विषय चुनने से पहले <a href=”/hindi-notes/upsc-arthashastr-vaikalpik-vishay-puri-guide/”>UPSC अर्थशास्त्र वैकल्पिक विषय की पूरी गाइड</a> पढ़िए; उसमें यह भी है कि यह विषय किसे चुनना चाहिए, कौन-सी किताबें पढ़ें और 24 हफ्ते की तैयारी योजना।

दूसरे विषयों से तुलना के लिए <a href=”/upsc-optional-subjects/”>सभी UPSC वैकल्पिक विषयों की सूची</a> (अंग्रेज़ी में) देखिए।

सामान्य प्रश्न

UPSC अर्थशास्त्र वैकल्पिक 2026 में क्या पूछा गया?

पेपर I में कालेकी का वितरण सिद्धांत, मार्शल बनाम वालरस, परेटो, द्वयाधिकार और IS-LM के न्यूमेरिकल, फ्रीडमैन बनाम कीन्स, आयात शुल्क, TRIPS और मानव विकास के सवाल थे। पेपर II में दादाभाई नौरोजी का निकास सिद्धांत, भूमि सुधार, हरित क्रांति, महालनोबिस रणनीति, FRBM अधिनियम, RBI, DBT, वित्त आयोग और 73वें-74वें संशोधन पूछे गए।

अर्थशास्त्र के हर पेपर में कितने सवाल और नंबर होते हैं?

हर पेपर 250 नंबर का है और तीन घंटे का होता है। दो खंडों में 50-50 नंबर के 8 सवाल छपते हैं और 5 करने होते हैं। सवाल 1 और 5 ज़रूरी हैं, और बाकी तीन में हर खंड से कम से कम एक सवाल होना चाहिए।

अर्थशास्त्र 2026 का आधिकारिक पेपर कहाँ से डाउनलोड करें?

आधिकारिक पेपर upsc.gov.in के पिछले प्रश्न-पत्र वाले पेज पर हिंदी और अंग्रेज़ी में मिलते हैं। इस पेज पर भी हर पेपर के साथ उसका डाउनलोड लिंक है।

इस पेपर का तैयारी में इस्तेमाल कैसे करें?

पहले दोनों न्यूमेरिकल घड़ी लगाकर हल कीजिए, इससे जल्दी पता चलता है कि पेपर I की आपकी तकनीक परीक्षा लायक है या नहीं। फिर पेपर II के हर सवाल को अपने नोट्स की तारीख़ों, समितियों और आँकड़ों से मिलाइए, क्योंकि यह पेपर FRBM अधिनियम, मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण और वित्त आयोग जैसी ख़ास नीतियों पर था।

2026 का अर्थशास्त्र पेपर पिछले सालों से कैसा है?

यह पेज सिर्फ़ 2026 पर है। दोनों पेपर में से पेपर I में सिद्धांत, न्यूमेरिकल और अंतरराष्ट्रीय व विकास अर्थशास्त्र का मेल था, जबकि पेपर II साफ़ दो हिस्सों में बँटा: खंड A में 1991 से पहले की अर्थव्यवस्था और खंड B में सुधारों का दौर। पुराने सालों के लिए UPSC के पिछले प्रश्न-पत्र वाले पेज पर आधिकारिक पेपर सबसे भरोसेमंद हैं।

क्या अर्थशास्त्र पेपर I 2026 में न्यूमेरिकल सवाल थे?

हाँ, दो। सवाल 2(c) में 15 नंबर का द्वयाधिकार वाला सवाल और सवाल 3(a) में 20 नंबर का IS-LM वाला सवाल। दोनों वैकल्पिक सवालों में हैं और सवाल 4 में कोई न्यूमेरिकल नहीं है, इसलिए खंड A की शर्त इनके बिना भी पूरी हो सकती है। पेपर II में कोई न्यूमेरिकल नहीं था।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

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