COVID-19 महामारी के दौरान 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “Vocal for Local” (स्थानीय के लिए मुखर) अभियान की शुरुआत की। यह Atmanirbhar Bharat (आत्मनिर्भर भारत) अभियान का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।
Vocal for Local के उद्देश्य
- स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को प्रोत्साहित करना।
- आयात निर्भरता कम करना।
- स्थानीय रोज़गार और उद्यमिता को बढ़ावा।
- हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्योगों को पुनर्जीवित करना।
संभावित लाभ
- आत्मनिर्भरता — वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता कम।
- स्थानीय रोज़गार — MSME और कारीगरों को सहयोग।
- व्यापार घाटा कम — आयात में कमी।
- सांस्कृतिक विरासत — हस्तशिल्प और पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण।
- कृषि — स्थानीय कृषि उत्पादों को प्राथमिकता।
आलोचनाएँ
- गुणवत्ता का प्रश्न — क्या सभी स्थानीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के हैं?
- प्रतिस्पर्धा का अभाव — स्थानीयता के नाम पर अकुशल उत्पादन को संरक्षण।
- WTO नियमों के विरुद्ध — व्यापार भेदभाव के आरोप।
- उपभोक्ता हित — आयातित उत्पाद प्रायः सस्ते और बेहतर।
- संरक्षणवाद — वैश्वीकरण के विरुद्ध।
व्यावहारिक क्रियान्वयन
- GeM पोर्टल — सरकारी खरीद में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता।
- GI टैग — भौगोलिक संकेत से स्थानीय उत्पादों की पहचान।
- ODOP (One District One Product) — हर जिले के विशेष उत्पाद।
- खादी और ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन।
यूपीएससी प्रासंगिकता
GS III में Atmanirbhar Bharat, MSME नीति और व्यापार नीति के प्रश्नों में यह विषय महत्त्वपूर्ण है।