मुख्य परीक्षा (Mains) एक उत्तर-लेखन की परीक्षा है, ज्ञान की नहीं। आप नीति आयोग के बारे में सब कुछ जानते हुए भी जीएस-II में 250 में से 60 अंक पा सकते हैं — यदि आपका उत्तर किसी विकिपीडिया पृष्ठ-सा दिखता है। तीस दिनों का केंद्रित अभ्यास आपके लेखन को ‘सूचनात्मक’ से ‘परीक्षा-योग्य’ बना सकता है। नीचे दैनिक योजना दी गई है।
आधार रेखा: पहले दिन आप कहाँ होने चाहिए
यह योजना शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपने:
- जीएस पाठ्यक्रम का कम से कम 80% एक बार पढ़ लिया है
- 150+ पिछले वर्षों के मुख्य परीक्षा प्रश्नों वाली एक नोटबुक तैयार है
- एक ठीक से चलने वाला पेन है (सच में — अधिकांश उम्मीदवार पहली परीक्षा में हाथ की थकान से जूझते हैं)
- तुलना के लिए किसी एक टेस्ट सीरीज़ या टॉपर्स की उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुँच है
यूपीएससी उत्तर-लेखन के मूल सिद्धांत
- निर्देशात्मक क्रिया (directive verb) उत्तर की दिशा तय करती है। Discuss, examine, critically analyse, evaluate — हर क्रिया अलग संरचना माँगती है।
- भूमिका: 2–3 पंक्तियाँ। विषय की परिभाषा दें, संदर्भ जोड़ें, या कोई आँकड़ा दें। कभी कथा-शैली में न लिखें।
- मुख्य भाग: उपशीर्षकों के साथ संरचित। विषय को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, संस्थागत आयामों में बाँटें।
- निष्कर्ष: 2–3 पंक्तियाँ। भविष्योन्मुखी, समाधानोन्मुखी, संविधान या SDG से जुड़ा।
- चित्र, फ्लोचार्ट, मानचित्र जहाँ भी संभव हो प्रयोग करें। ये 40 शब्दों की बात को एक दृश्य में समेट देते हैं।
- लंबाई: 10-अंकीय प्रश्न के लिए 150 शब्द, 15-अंकीय के लिए 250 शब्द। ठीक इतना ही लिखें। परीक्षक अतिरिक्त पंक्तियाँ नहीं पढ़ते।
सप्ताह 1: आधार — पहले संरचना, फिर सामग्री

लक्ष्य: भूमिका–मुख्य भाग–निष्कर्ष की लय और निर्देशात्मक क्रिया के अनुरूप प्रतिक्रिया को आत्मसात करना।
| दिन | कार्य |
|---|---|
| 1 | 5 टॉपर उत्तर-प्रतियाँ पढ़ें। सामग्री नहीं, संरचना पर ध्यान दें। |
| 2 | पिछले वर्षों के 2 प्रश्नों (10-अंकीय) के उत्तर लिखें। टॉपर्स की प्रतियों से मिलान करें। |
| 3 | 2 उत्तर (15-अंकीय) लिखें। उपशीर्षकों पर ध्यान दें। |
| 4 | प्रत्येक में एक चित्र के साथ 2 उत्तर लिखें। |
| 5 | 3 उत्तर लिखें। समय साधें: 10-अंकीय के लिए 7 मिनट, 15-अंकीय के लिए 10 मिनट। |
| 6 | अलग-अलग निर्देशात्मक क्रियाओं वाले 2 उत्तर लिखें (examine बनाम critically examine)। |
| 7 | साप्ताहिक समीक्षा — सभी 12 उत्तर पढ़ें, सबसे कमजोर 2 को दोबारा लिखें। |
सप्ताह 2: विषयवार केंद्र — जीएस-I और जीएस-II
लक्ष्य: पहले दो पेपरों के लिए उदाहरणों, समितियों और आँकड़ों का भंडार तैयार करना।
| दिन | कार्य |
|---|---|
| 8 | स्वतंत्रता संग्राम के उदाहरणों सहित आधुनिक इतिहास पर 3 उत्तर। |
| 9 | समाज (महिलाएँ, जाति, शहरीकरण) पर 3 उत्तर। प्रत्येक में 2 सरकारी योजनाएँ जोड़ें। |
| 10 | राजव्यवस्था पर 3 उत्तर — अनुच्छेद संख्याएँ और उच्चतम न्यायालय के मामले उद्धृत करें। |
| 11 | शासन पर 3 उत्तर — दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग (2nd ARC) की अनुशंसाएँ। |
| 12 | मानचित्र/नीति संदर्भों के साथ अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर 3 उत्तर। |
| 13 | पूर्ण खंड परीक्षण: 75 मिनट में 5 प्रश्न। |
| 14 | विश्राम + सप्ताह 2 की सभी प्रतियों की समीक्षा। |
सप्ताह 3: जीएस-III और जीएस-IV
| दिन | कार्य |
|---|---|
| 15 | अर्थव्यवस्था पर आँकड़ों सहित 3 उत्तर (जीडीपी वृद्धि, राजकोषीय घाटा, वर्तमान आँकड़े)। |
| 16 | पर्यावरण पर 3 उत्तर — अधिनियम/वर्ष + वैश्विक संधि + आँकड़े। |
| 17 | सुरक्षा पर 3 उत्तर — वास्तविक घटनाएँ + सरकार की प्रतिक्रिया। |
| 18 | जीएस-IV पाठ्यक्रम से 3 केस स्टडी। |
| 19 | 3 सैद्धांतिक नीतिशास्त्र प्रश्न (परिभाषित करें, व्याख्या करें, उदाहरण दें)। |
| 20 | पूर्ण जीएस-III खंड परीक्षण: 5 प्रश्न, 75 मिनट। |
| 21 | पूर्ण जीएस-IV खंड परीक्षण: 4 केस स्टडी, 75 मिनट। |
सप्ताह 4: एकीकरण और पूर्ण-लंबाई परीक्षण
| दिन | कार्य |
|---|---|
| 22 | पूर्ण 3-घंटे का जीएस-I परीक्षण — सभी 20 प्रश्नों के उत्तर लिखें। |
| 23 | दिन 22 के 3 सबसे कमजोर उत्तरों की समीक्षा करें और दोबारा लिखें। |
| 24 | पूर्ण 3-घंटे का जीएस-II परीक्षण। |
| 25 | समीक्षा + पुनर्लेखन। |
| 26 | पूर्ण 3-घंटे का जीएस-III परीक्षण। |
| 27 | समीक्षा + पुनर्लेखन। |
| 28 | पूर्ण 3-घंटे का जीएस-IV परीक्षण। |
| 29 | दिन 1 बनाम दिन 29 के उत्तरों की तुलना करें — दृश्यमान प्रगति को दर्ज करें। |
| 30 | निबंध अभ्यास: 2 निबंध (प्रत्येक 1200–1500 शब्द)। |
80% प्रश्नों पर कारगर 4-चरणीय संरचना

किसी भी सामान्य विश्लेषणात्मक प्रश्न के लिए:
- भूमिका: पद की परिभाषा दें + एक संदर्भ (आँकड़ा/उद्धरण/समिति)
- मुख्य भाग — पहला खंड: मुद्दे के 3–4 आयाम उदाहरणों सहित
- मुख्य भाग — दूसरा खंड: चुनौतियाँ / आलोचनाएँ / कमियाँ
- मुख्य भाग — तीसरा खंड: आगे का रास्ता — समिति / योजना / संवैधानिक प्रावधान के साथ
- निष्कर्ष: संविधानिक मूल्यों या SDG से जुड़ा एक आकांक्षात्मक वाक्य
जो सामान्य गलतियाँ यह योजना सुधारती है
- 80 शब्दों की भूमिकाएँ लिखना (लक्ष्य रखें 25–35 शब्द)
- निर्देशात्मक क्रिया का उत्तर देना भूल जाना
- विश्लेषण के बिना सूचीबद्ध करना — ‘कारण हैं 1, 2, 3, 4, 5’
- निष्कर्ष न लिखना, या ऐसा निष्कर्ष जो केवल भूमिका दोहराए
- जहाँ प्रश्न लगभग चित्र माँगता हो, वहाँ चित्र न बनाना
- शब्द-सीमा पार करना और बाद के प्रश्नों के लिए समय गँवाना
उपकरण एवं संसाधन
- टॉपर्स की उत्तर-प्रतियाँ — अनुदीप दुरीशेट्टी का ब्लॉग, IASbaba का टॉपर्स कॉपीज़ खंड
- दैनिक मुख्य उत्तर-लेखन कार्यक्रम — Vision IAS, InsightsIAS (निःशुल्क), ForumIAS
- स्याही पेन (0.7 मिमी रोलर) — सातवें घंटे में आपका हाथ आभारी रहेगा
- प्रश्न ऊपर और उत्तर नीचे वाली A4 नोटबुक — बिल्कुल असली मुख्य परीक्षा की पुस्तिका जैसी
जो मापदंड वास्तव में मायने रखता है
लिखे गए उत्तर मत गिनिए। उन उत्तरों को गिनिए जिन पर आपको गर्व हो। इस योजना की शुरुआत में आप शायद 5 उत्तर ऐसे लिख पाएँ जिनसे आप संतुष्ट हों। दिन 30 तक हर 5 में से 3 तक पहुँचने का लक्ष्य रखें। यही असली प्रगति-मापदंड है। यह अनुपात हासिल होते ही गति जोड़िए — 45 मिनट में 5 उत्तर लिखिए। यही मुख्य परीक्षा की रफ़्तार है।
तीस दिन आपको टॉपर नहीं बनाएँगे। पर वे आपको एक सक्षम उत्तर-लेखक बना देंगे। इसके बाद आप इसे हर महीने मुख्य परीक्षा तक दोहराते रहिए।
सामान्य प्रश्न
मुझे प्रतिदिन कितने उत्तर लिखने चाहिए?
पहले दो सप्ताहों में रोज़ दो से तीन उत्तर, और चौथे सप्ताह तक बढ़ाकर 4–5। कच्ची संख्या से अधिक मायने समीक्षा की गुणवत्ता रखती है।
यूपीएससी मुख्य परीक्षा के उत्तर की आदर्श लंबाई क्या है?
10-अंकीय प्रश्न के लिए 150 शब्द और 15-अंकीय प्रश्न के लिए 250 शब्द। इससे अधिक लिखना समय की बर्बादी है और अक्सर उत्तर को कमजोर करता है।
क्या चित्र और फ्लोचार्ट का प्रयोग ठीक है?
हाँ — इसे प्रबलता से प्रोत्साहित किया जाता है। एक प्रासंगिक फ्लोचार्ट या मानचित्र 40 शब्दों की बात समेट सकता है और उत्तर को परीक्षक-अनुकूल बनाता है। हर तीन में से कम से कम एक उत्तर में उनका प्रयोग करें।
क्या मुझे टेस्ट सीरीज़ से जुड़ना चाहिए?
हाँ। एक संरचित टेस्ट सीरीज़ (Vision IAS, ForumIAS, InsightsIAS) मूल्यांकन और साथियों के साथ तुलना देती है। केवल स्वमूल्यांकन संरचनात्मक कमियों को पकड़ने में चूक जाता है।
हाथ से लिखने की गति कैसे सुधारूँ?
एक महीने तक प्रतिदिन 10 मिनट में 250 शब्द लिखने का अभ्यास करें। 0.7 मिमी रोलर पेन प्रयोग करें। हाथ की थकान वास्तविक है — साप्ताहिक रूप से पूरे 3-घंटे के पेपर लिखकर सहनशक्ति बनाइए।
क्या मैं अच्छे कंटेंट परंतु कमजोर लेखन से मुख्य परीक्षा पास कर सकता हूँ?
नहीं। मुख्य परीक्षा का मूल्यांकन प्रस्तुति, संरचना और स्पष्टता पर उतना ही होता है जितना सामग्री पर। समान ज्ञान वाले दो उम्मीदवार केवल लेखन के आधार पर एक ही पेपर में 30 अंकों का फ़र्क पा सकते हैं।