भारत का राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख है। संविधान के अनुच्छेद 52 से 78 राष्ट्रपति के पद, चुनाव, शक्तियों और जिम्मेदारियों की व्याख्या करते हैं। यूपीएससी परीक्षा में राष्ट्रपति से संबंधित प्रश्न — विशेषकर उनकी विवेकाधीन शक्तियाँ, राज्यपाल से संबंध और आपात उपबंध — प्रायः पूछे जाते हैं।
राष्ट्रपति का चुनाव
राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचक मंडल (Electoral College) द्वारा होता है। निर्वाचक मंडल में लोकसभा एवं राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। चुनाव एकल संक्रमणीय मत पद्धति (Single Transferable Vote) और आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर होता है।
कार्यकारी शक्तियाँ
- प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की नियुक्ति।
- राज्यपालों, राजदूतों, सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति।
- रक्षा बलों का सर्वोच्च कमांडर।
- अटॉर्नी जनरल, CAG, निर्वाचन आयुक्तों और UPSC अध्यक्ष की नियुक्ति।
विधायी शक्तियाँ
- संसद का अंग — संसद राष्ट्रपति + लोकसभा + राज्यसभा से मिलकर बनती है।
- संसद के सत्र बुलाना, सत्रावसान करना और लोकसभा भंग करना।
- राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत करना।
- संयुक्त अधिवेशन (Joint Session) बुलाना — अनुच्छेद 108।
- विधेयकों पर अनुमति — अनुच्छेद 111 के तहत पॉकेट वीटो का उपयोग।
- अध्यादेश (Ordinance) जारी करना — अनुच्छेद 123।
न्यायिक शक्तियाँ
- क्षमादान (Pardon), प्रविलंब (Reprieve), विराम (Respite) और लघुकरण (Commutation) — अनुच्छेद 72।
- सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श — अनुच्छेद 143।
वित्तीय शक्तियाँ
- धन विधेयक केवल राष्ट्रपति की सिफारिश पर संसद में पेश हो सकता है।
- आकस्मिकता निधि (Contingency Fund) पर नियंत्रण।
- वार्षिक बजट संसद में राष्ट्रपति के नाम से प्रस्तुत होता है।
आपातकालीन शक्तियाँ
- राष्ट्रीय आपात (अनुच्छेद 352): युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में।
- राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356): राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल होने पर।
- वित्तीय आपात (अनुच्छेद 360): भारत की वित्तीय स्थिरता खतरे में होने पर।
विवेकाधीन शक्तियाँ
संविधान राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में विवेकाधिकार देता है:
- त्रिशंकु संसद में प्रधानमंत्री की नियुक्ति।
- मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए वापस करना।
- पॉकेट वीटो — विधेयक पर न हाँ कहना, न ना।
राष्ट्रपति बनाम प्रधानमंत्री: वास्तविक शक्ति
भारत एक संसदीय लोकतंत्र है। राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख हैं जबकि वास्तविक कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद में निहित है। 42वाँ और 44वाँ संवैधानिक संशोधन राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह मानने के लिए बाध्य करते हैं।
यूपीएससी के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु
- चुनाव: अप्रत्यक्ष, एकल संक्रमणीय मत, अनुच्छेद 54।
- पाँच प्रकार की शक्तियाँ: कार्यकारी, विधायी, न्यायिक, वित्तीय, आपातकालीन।
- अनुच्छेद 72: क्षमादान शक्ति।
- अनुच्छेद 123: अध्यादेश।
- पॉकेट वीटो: एक महत्त्वपूर्ण विवेकाधिकार।
- आपात उपबंध: 352, 356, 360।
सामान्य प्रश्न
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?
राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचक मंडल द्वारा होता है जिसमें लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। चुनाव एकल संक्रमणीय मत पद्धति से होता है।
राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियाँ क्या हैं?
अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपात), 356 (राष्ट्रपति शासन) और 360 (वित्तीय आपात) — ये तीन आपातकालीन शक्तियाँ राष्ट्रपति को प्राप्त हैं।
पॉकेट वीटो क्या है?
पॉकेट वीटो वह स्थिति है जब राष्ट्रपति किसी विधेयक पर न अनुमति देते हैं और न ही उसे वापस करते हैं — वे बस कोई कार्रवाई नहीं करते। संविधान में इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं है।