UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

भारत में ग़रीबी उन्मूलन कार्यक्रम — मनरेगा, PMAY, NRLM और कल्याण-वास्तुकला (यूपीएससी भारतीय समाज)

भारत में ग़रीबी उन्मूलन योजनाओं पर यूपीएससी मार्गदर्शिका — मनरेगा, PMAY-G/U, NRLM, PM-JAY, PMGKAY, आकांक्षी ज़िले, 2024-26 के घटनाक्रम।

Poverty Alleviation Programmes in India — MGNREGA, PMAY, NRLM and the Welfare Architecture (UPSC Indian Society) — UPSC featured image

स्वतंत्र भारत को विश्व की सबसे ग़रीब आबादियों में से एक विरासत में मिली। क्रमिक पंचवर्षीय योजनाओं ने कृषि सुधार, भारी उद्योग और सामाजिक अवसंरचना में निवेश किया। 1970 के दशक के अंत तक लक्षित ग़रीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की शुरुआत हुई — IRDP (1978), NREP (1980), JRY (1989), PMRY (1993) — जो अधिकार-आधारित ऐतिहासिक मनरेगा (MGNREGA, 2005) और 2010 के दशक के विशाल मिशनों में परिणत हुए।

आज, कल्याण-वास्तुकला विशाल है: ग़रीबी पर सीधे लक्षित 40 से अधिक केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएँ, और इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, खाद्य व पोषण में दर्जनों केंद्रीय प्रायोजित योजनाएँ। यह मार्गदर्शिका इस वास्तुकला का मानचित्रण करती है, प्रमुख कार्यक्रमों का मूल्यांकन करती है, और MPI 2024 के ग़रीबी-निकास आँकड़ों से जोड़ती है।

1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ, उसकी प्रति-व्यक्ति आय आज के बांग्लादेश से भी कम थी और 80% से अधिक आबादी ग़रीबी रेखा के नीचे थी। 2024 तक, MPI के अनुसार बहुआयामी ग़रीबी 11.28% तक गिर चुकी है। यह केवल आर्थिक संख्या नहीं — यह विश्व-इतिहास का सबसे बड़ा ग़रीबी-निकास है। यह कहानी समझे बिना भारत की कल्याण-राजनीति समझना अधूरा है।

ऐतिहासिक विकास-यात्रा

प्रारंभिक वर्ष (1950-1970 के दशक)

  • सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952)
  • एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP, 1978-79) — ग़रीबी लक्ष्य के साथ पहली प्रमुख योजना; BPL परिवारों को सब्सिडी-युक्त परिसंपत्तियाँ।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार कार्यक्रम (NREP, 1980)

1990 के दशक का सुधार-युग

  • जवाहर रोज़गार योजना (1989)
  • प्रधानमंत्री रोज़गार योजना (PMRY, 1993) — शहरी स्व-रोज़गार।
  • स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोज़गार योजना (SGSY, 1999) — ग्रामीण ग़रीबों के लिए स्व-रोज़गार।
  • संपूर्ण ग्रामीण रोज़गार योजना (SGRY, 2001) — मज़दूरी रोज़गार।

अधिकार-आधारित मोड़ (2005 से आगे)

  • मनरेगा 2005 — काम का न्यायोचित अधिकार।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 — भोजन का अधिकार।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE) — शिक्षा का अधिकार।
  • वन अधिकार अधिनियम 2006 — वन का अधिकार।

यह मोड़ केवल कानूनी नहीं, दार्शनिक भी था। पहले कल्याण "सरकार के विवेक" पर आधारित था; अब यह नागरिक का अधिकार बन गया। न्यायपालिका के समक्ष इन योजनाओं की चुनौती संभव हो गई — इस बदलाव को अमर्त्य सेन ने "क्षमता दृष्टिकोण (capability approach)" का व्यावहारिक प्रकटीकरण कहा।

वर्तमान कार्यक्रम-वास्तुकला

मज़दूरी रोज़गार

मनरेगा 2005

  • प्रति ग्रामीण परिवार प्रति वर्ष 100 दिन के अकुशल हस्त-कार्य की कानूनी गारंटी।
  • सूखा-प्रभावित क्षेत्रों में 200 दिन
  • 5 किमी के भीतर कार्य या यात्रा भत्ते सहित।
  • 15 दिनों के भीतर मज़दूरी भुगतान या बेरोज़गारी भत्ता।
  • ग्राम पंचायत प्राथमिक कार्यान्वयन इकाई।
  • जल संरक्षण, ग्रामीण परिसंपत्तियाँ, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर ज़ोर।
  • 2023-24 आवंटन: ₹60,000 करोड़ (बजट); वास्तविक माँग प्रायः अधिक।
  • आधार-लिंक्ड DBT के माध्यम से MIS-आधारित कार्यान्वयन

स्व-रोज़गार और आजीविका

दीनदयाल अंत्योदय योजना — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)

  • पूर्व में SGSY; 2011 में पुनर्गठित।
  • ग्रामीण ग़रीब महिलाओं को स्व-सहायता समूहों (SHGs) में संगठित करता है।
  • 2024 तक, 90 लाख से अधिक SHGs में 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ
  • घूर्णक निधि, सामुदायिक निवेश निधि, ब्याज-अवदान।
  • मनरेगा, PMAY, PM-JAY के साथ अभिसरण।

दीनदयाल अंत्योदय योजना — राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM)

  • शहरी समकक्ष।
  • स्व-रोज़गार कार्यक्रम, कौशल प्रशिक्षण, शहरी बेघरों के लिए आश्रय, शहरी पथ-विक्रेताओं को सहायता।

आवास

PMAY — ग्रामीण

  • लक्ष्य: ग्रामीण ग़रीबों के लिए सर्व-ऋतु आवास।
  • 2028-29 तक जारी (PMAY-G में 3 करोड़ अतिरिक्त घरों का संशोधित लक्ष्य)।
  • 2024 तक, 2.67 करोड़ से अधिक घर स्वीकृत।

PMAY — शहरी

  • 4 घटक: इन-सीटू स्लम पुनर्विकास, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना, साझेदारी में किफ़ायती आवास, लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण।
  • प्रवासियों के लिए किफ़ायती किराये के आवास परिसर (ARHC)
  • लक्ष्य: 1.18 करोड़ घर स्वीकृत, 2024 तक 85 लाख से अधिक पूर्ण।

खाद्य सुरक्षा

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 / प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY)

  • 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लिए लक्षित PDS।
  • PMGKAY के अंतर्गत (2023 से): प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किग्रा निःशुल्क अनाज।
  • दिसंबर 2028 तक विस्तारित (जनवरी 2024 का निर्णय)।

स्वास्थ्य

आयुष्मान भारत PM-JAY

  • अस्पताल भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा।
  • लाभार्थी: 12+ करोड़ परिवार (SECC 2011 पर आधारित)।
  • आयुष्मान वय वंदना (2024) — आय पर ध्यान दिए बिना सभी वरिष्ठ नागरिकों तक विस्तार।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (HWCs)

  • 2024 तक 1.6 लाख+ HWCs।
  • व्यापक प्राथमिक देखभाल, NCD स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य सहायता।

पोषण

पोषण अभियान / पोषण 2.0

  • एकीकृत पोषण मिशन।
  • सक्षम आँगनवाड़ी और पोषण 2.0 (2021-22)।
  • लक्ष्य: स्टंटिंग, वेस्टिंग, एनीमिया में कमी।
  • रियल-टाइम निगरानी हेतु पोषण ट्रैकर।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना — गर्भावस्था और प्रसव हेतु सशर्त नकद हस्तांतरण। पहले बच्चे के लिए ₹5,000; दूसरे बच्चे के लिए ₹6,000 (यदि बालिका हो)।

PM POSHAN (2021) — मध्याह्न भोजन योजना का पुनर्गठित रूप; स्कूलों में गर्म पका हुआ भोजन।

सामाजिक सुरक्षा

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) — IGNOAPS (वृद्धावस्था पेंशन), IGNWPS (विधवा पेंशन), IGNDPS (दिव्यांग पेंशन), राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना, अन्नपूर्णा योजना।

e-Shram पोर्टल (2021) — असंगठित श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक खाता संख्या; 2024 तक 30+ करोड़ पंजीकृत।

ऋण और उद्यमिता

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) — 2015। शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹5 लाख तक), तरुण (₹10 लाख तक); तरुण प्लस (बजट 2024 से ₹20 लाख तक)।

स्टैंड-अप इंडिया — 2016। SC/ST और महिला उद्यमियों को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक के ऋण।

PM-SVANidhi — 2020। पथ-विक्रेताओं के लिए ऋण।

क्षेत्रीय लक्ष्यन

आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम (2018) — स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन में सबसे कम संमिश्र अंकों वाले 112 ज़िले। डेल्टा रैंकिंग प्रतिस्पर्धी संघवाद को संचालित करती है।

आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (2023) — 329 ज़िलों में 500 ब्लॉक। समान डेल्टा-रैंकिंग दृष्टिकोण।

DAJGUA (2024) — धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान — जनजातीय ग्राम संतृप्ति के लिए ₹79,156 करोड़।

PM-JANMAN (2023) — 75 PVTGs के लिए ₹24,104 करोड़ का मिशन।

वित्तीय समावेशन

प्रधानमंत्री जन धन योजना (2014)

  • 54+ करोड़ खाते जिनमें ₹2 लाख करोड़ से अधिक जमा।
  • ओवरड्राफ़्ट सुविधा, RuPay कार्ड, दुर्घटना बीमा।

PMJJBY, PMSBY, APY — अत्यंत कम प्रीमियम वाले बीमा और पेंशन उत्पाद।

मुख्य योजनाओं की त्वरित तुलना

योजनाआरंभलक्ष्य समूहमुख्य प्रावधान
मनरेगा2005ग्रामीण परिवार100 दिन मज़दूरी रोज़गार की कानूनी गारंटी
DAY-NRLM2011ग्रामीण ग़रीब महिलाएँSHG, घूर्णक निधि, ब्याज-अवदान
PMAY-G2016ग्रामीण ग़रीबसर्व-ऋतु आवास; 2.67+ करोड़ स्वीकृत
PMAY-U2015शहरी ग़रीब1.18 करोड़ घर स्वीकृत
PMJDY2014अबैंकित आबादी54+ करोड़ खाते
PM-JAY201812+ करोड़ परिवार₹5 लाख स्वास्थ्य बीमा
PMGKAY2020 (2023 में पुनर्गठित)81.35 करोड़5 किग्रा निःशुल्क अनाज प्रति माह
आकांक्षी ज़िले2018112 ज़िलेडेल्टा रैंकिंग, अभिसरण

प्रभाव-मूल्यांकन

क्या काम कर गया

  • आवास और स्वच्छता — ग्रामीण भारत में लगभग सार्वभौमिक कवरेज।
  • LPG पहुँच — PMUY ने शहरी-ग्रामीण अंतराल पाटा।
  • विद्युतीकरण — सौभाग्य ने लगभग सार्वभौमिक हासिल किया।
  • स्वास्थ्य कवरेज — PMJAY ने विपत्तिजनक स्वास्थ्य व्यय घटाया।
  • डिजिटल वितरण — आधार-लिंक्ड DBT से लीक में अनुमानित ₹2.7 लाख करोड़ की बचत।

क्या शेष है

  • अनौपचारिक क्षेत्र की भेद्यता — अधिकांश श्रमिकों के पास भरोसेमंद सामाजिक सुरक्षा नहीं।
  • शहरी ग़रीबी — लक्ष्यन और पहचान कमज़ोर।
  • महिला श्रम-बल भागीदारी — अब भी 40% से नीचे।
  • सेवाओं की गुणवत्ता — पहुँच में सुधार, परंतु गुणवत्ता-अंतराल बना हुआ।
  • क्षेत्रीय असमानताएँ — बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश अब भी पिछड़े।
  • जलवायु आघात — चरम घटनाओं से ग़रीबी-प्रत्यावर्तन का जोखिम।

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

PMGKAY विस्तार। निःशुल्क अनाज योजना दिसंबर 2028 तक विस्तारित (जनवरी 2024 का निर्णय)।

आयुष्मान वय वंदना। 2024 में आरंभ — PM-JAY कवर सभी वरिष्ठ नागरिकों तक विस्तारित।

मनरेगा बजट। वित्त-वर्ष 2024-25 में आवंटन लगभग ₹86,000 करोड़ (संशोधित अनुमान) पर बना रहा।

PMAY-G विस्तार। केंद्रीय कैबिनेट ने अगस्त 2024 में PMAY-G के अंतर्गत 2 करोड़ अतिरिक्त घर और सितंबर 2024 में PMAY-U 2.0 के अंतर्गत 1 करोड़ अतिरिक्त घर स्वीकृत किए।

DAJGUA आरंभ। ₹79,156 करोड़ का जनजातीय ग्राम संतृप्ति मिशन अक्टूबर 2024 में स्वीकृत।

MPI 2024। वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी सूचकांक 2024 ने पुष्टि की कि 2005-06 और 2019-21 के बीच 41.5 करोड़ भारतीय बहुआयामी ग़रीबी से बाहर निकले।

HCES 2022-23। 2024 में जारी उपभोग सर्वेक्षण के परिणाम आय-ग़रीबी में पर्याप्त गिरावट दर्शाते हैं।

जाति जनगणना 2025। केंद्रीय कैबिनेट ने अगली राष्ट्रीय जनगणना (अप्रैल 2025) में जातीय गणना को मंज़ूरी दी; नवीनीकृत आँकड़ों के आधार पर कल्याण कार्यक्रमों का पुनर्संशोधन।

महिला आरक्षण अधिनियम। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 — परिसीमन के बाद क्रियान्वयन कल्याण-प्राथमिकता को प्रभावित करेगा।

वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक 2024 भारत 146 में 129वें स्थान पर; कल्याण कार्यक्रमों में लिंग-संवेदी बजटिंग का बढ़ता समावेश।

नीतिगत दिशाएँ

  • विस्तार की बजाय अभिसरण — कम परंतु बड़े, एकीकृत मिशन।
  • सार्वभौमिक मूलभूत अधिकार — भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास।
  • शहरी ग़रीबी ढाँचा — ARHC का विस्तार, पथ-विक्रेताओं को सहायता।
  • लिंग दृष्टि — SHGs और आजीविका मिशनों के माध्यम से महिलाओं की सामूहिक आर्थिक शक्ति।
  • जलवायु-अनुकूल आजीविकाएँ — मनरेगा-प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन का अभिसरण।
  • तकनीक-नीत वितरण — आधार, UPI, DBT एकीकरण।
  • रियल-टाइम मूल्यांकन — आँकड़ा-आधारित पुनरावृत्तीय रचना।

यूपीएससी प्रासंगिकता

GS पेपर II — शासन, सामाजिक न्याय

GS पेपर III — अर्थव्यवस्था

  • समावेशी विकास और उससे उठने वाले मुद्दे।
  • सरकारी बजटिंग।

संभावित मेन्स प्रश्न

  1. "मनरेगा अधिकार-आधारित रोज़गार गारंटी से एक ग्रामीण आजीविका मंच के रूप में विकसित हुई है। समीक्षा कीजिए।" (250 शब्द)
  2. "कल्याण योजनाओं का अभिसरण घोषित करना सरल है, क्रियान्वित करना कठिन। चर्चा कीजिए।" (150 शब्द)
  3. "आकांक्षी ज़िले और ब्लॉक कल्याण में प्रतिस्पर्धी संघवाद के नए प्रतिमान हैं। मूल्यांकन कीजिए।" (150 शब्द)

प्रीलिम्स बिंदु। मनरेगा 2005; DAY-NRLM (2011, 2016 में पुनःनामित); DAY-NULM; PMAY-G (2016 पुनः-आरंभ); PMAY-U; PMGKAY; आकांक्षी ज़िले (2018); आकांक्षी ब्लॉक (2023); PM-JANMAN (2023); DAJGUA (2024); PMJDY (2014); PM-SVANidhi (2020); PMMY (2015); स्टैंड-अप इंडिया (2016); NSAP (1995); IGNOAPS।

निबंध-कोण। "अधिकारों से परिणामों तक"; "कल्याण की वास्तुकला"; "केवल रचना नहीं, वितरण भी"।

भारत की ग़रीबी उन्मूलन वास्तुकला ने इतिहास का सबसे बड़ा ग़रीबी-निकास उत्पन्न किया है। आगामी दशक को पैमाने के साथ गुणवत्ता को साधना है — सार्वभौमिक पहुँच के साथ सेवा की उत्कृष्टता।

सामान्य प्रश्न

मनरेगा क्या है और इसकी मुख्य विशेषता क्या है?

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 100 दिन के अकुशल हस्त-कार्य की कानूनी गारंटी देता है। यह विश्व का सबसे बड़ा अधिकार-आधारित रोज़गार कार्यक्रम है। सूखा-प्रभावित क्षेत्रों में 200 दिन की गारंटी है।

DAY-NRLM और SHG आंदोलन क्या है?

दीनदयाल अंत्योदय योजना — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (2011) ग्रामीण ग़रीब महिलाओं को स्व-सहायता समूहों (SHGs) में संगठित करता है। 2024 तक 90 लाख से अधिक SHGs में 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ हैं। इन्हें घूर्णक निधि, सामुदायिक निवेश निधि, और ब्याज-अवदान मिलता है।

PMAY-G और PMAY-U में क्या अंतर है?

PMAY-ग्रामीण ग्रामीण ग़रीबों को सर्व-ऋतु आवास प्रदान करता है (2.67+ करोड़ घर स्वीकृत)। PMAY-शहरी 4 घटकों के माध्यम से शहरी ग़रीबों को आवास देता है — इन-सीटू स्लम पुनर्विकास, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी, साझेदारी में किफ़ायती आवास, और लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण। 2024 में दोनों योजनाओं को 3 करोड़ अतिरिक्त घरों के लिए विस्तारित किया गया।

PMGKAY क्या है और इसका विस्तार कब तक है?

प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत 81.35 करोड़ NFSA लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किग्रा निःशुल्क अनाज मिलता है। जनवरी 2024 के निर्णय द्वारा इसे दिसंबर 2028 तक विस्तारित किया गया।

PM-JAY और आयुष्मान वय वंदना में क्या अंतर है?

PM-JAY (2018) SECC 2011 के आधार पर 12+ करोड़ ग़रीब परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख का अस्पताल बीमा देता है। आयुष्मान वय वंदना (2024) इसे आय-सीमा हटाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों तक विस्तारित करती है।

आकांक्षी ज़िले कार्यक्रम क्या है?

2018 में आरंभ इस कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि व वित्तीय समावेशन में सबसे पिछड़े 112 ज़िले चुने गए। नीति आयोग डेल्टा रैंकिंग के माध्यम से प्रगति का मूल्यांकन करता है, जिससे प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा मिलता है। 2023 में इसी मॉडल पर आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (500 ब्लॉक) आरंभ हुआ।

PM-JANMAN और DAJGUA क्या हैं?

PM-JANMAN (2023) 75 विशेष कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के लिए ₹24,104 करोड़ का मिशन है। DAJGUA (2024) — धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान — ₹79,156 करोड़ की योजना है जो जनजातीय ग्रामों में बुनियादी सेवाओं की संतृप्ति लाती है।

MPI 2024 क्या कहता है?

वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी सूचकांक 2024 ने पुष्टि की कि 2005-06 और 2019-21 के बीच भारत में 41.5 करोड़ लोग बहुआयामी ग़रीबी से बाहर निकले — रिकॉर्ड इतिहास का सबसे बड़ा ग़रीबी-निकास। बहुआयामी ग़रीबी 11.28% तक गिर चुकी है।

भारत में ग़रीबी उन्मूलन की मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?

अनौपचारिक क्षेत्र की भेद्यता, शहरी ग़रीबी की कमज़ोर पहचान, 40% से नीचे महिला श्रम-बल भागीदारी, सेवाओं की गुणवत्ता-अंतराल, बिहार-झारखंड-यूपी-एमपी की क्षेत्रीय असमानताएँ, और जलवायु आघातों से ग़रीबी-प्रत्यावर्तन का जोखिम।

DBT ने कल्याण-वितरण को कैसे बदला?

आधार-लिंक्ड प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) ने मध्यस्थों को हटाया, फ़र्ज़ी लाभार्थियों को बाहर किया, और लीक में अनुमानित ₹2.7 लाख करोड़ की बचत की। JAM त्रिगुट (जन धन-आधार-मोबाइल) इस वितरण-क्रांति की रीढ़ है।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

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