दिल्ली राज्य बनाम केंद्र शासित प्रदेश की बहस भारतीय संघवाद की सबसे जटिल पहेलियों में से एक है। अनुच्छेद 239AA (1991 में 69वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया) ने दिल्ली को एक विशेष दर्जे वाला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) बनाया — न पूर्ण राज्य, न साधारण केंद्र शासित प्रदेश। UPSC GS II के लिए यह संघवाद, न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच संबंधों का एक महत्वपूर्ण केस स्टडी है।
अनुच्छेद 239AA — मुख्य प्रावधान
- दिल्ली का विधानसभा और मंत्री परिषद होगी।
- तीन विषयों पर LG का प्रत्यक्ष नियंत्रण: भूमि (Land), पुलिस (Police), सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order)।
- असहमति पर LG राष्ट्रपति को संदर्भित कर सकता है।
सर्वोच्च न्यायालय का 2018 का फैसला
5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने माना:
- LG मंत्री परिषद की सलाह पर कार्य करेगा — स्वतंत्र निर्णय नहीं।
- LG को हर मामले में असहमति नहीं जतानी चाहिए।
सर्वोच्च न्यायालय का मई 2023 का फैसला
5-न्यायाधीशों की पीठ ने माना कि सेवाओं (IAS/DANICS नियुक्ति/स्थानांतरण) पर नियंत्रण दिल्ली सरकार का है, LG का नहीं।
GNCT (संशोधन) अध्यादेश 2023
सर्वोच्च न्यायालय के 2023 के फैसले के बाद केंद्र ने अध्यादेश लाकर GNCT (संशोधन) अधिनियम, 2023 बनाया, जिसने सेवाओं का नियंत्रण एक नई राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण (NCCSA) को दे दिया — जिसमें LG का नियंत्रण है।
UPSC प्रासंगिकता
GS II: अनुच्छेद 239AA, 2018 और 2023 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले, GNCT संशोधन और संघवाद बनाम दिल्ली की विशेष स्थिति। प्रश्न: “दिल्ली की संवैधानिक स्थिति और LG-मुख्यमंत्री विवाद का आलोचनात्मक विश्लेषण करें।”
सामान्य प्रश्न
अनुच्छेद 239AA किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
69वें संविधान संशोधन (1991) द्वारा अनुच्छेद 239AA जोड़ा गया जिसने दिल्ली को NCT का विशेष दर्जा दिया।
दिल्ली में LG के प्रत्यक्ष नियंत्रण के तीन विषय कौन से हैं?
भूमि (Land), पुलिस (Police) और सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) पर LG का प्रत्यक्ष नियंत्रण है।
2023 के GNCT संशोधन ने क्या बदला?
सेवाओं पर नियंत्रण नई राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण (NCCSA) को दिया गया, जिसमें LG का नियंत्रण है।