UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

पीएम स्वनिधि योजना: कितना कर्ज़, कौन हक़दार, आवेदन कैसे करें

पीएम स्वनिधि रेहड़ी-पटरी वालों को बिना गिरवी ₹15,000, ₹25,000 और ₹50,000 तक का कर्ज़ देती है, साथ में ब्याज़ की छूट और कैशबैक। पात्रता और आवेदन का तरीक़ा यहाँ।

The three sanction tiers and the repayment condition that gates each one

पीएम स्वनिधि (PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi) केंद्र सरकार की वह योजना है जो रेहड़ी-पटरी वालों को बिना कुछ गिरवी रखे काम चलाने के लिए तीन बढ़ती किश्तों में कर्ज़ देती है — अब ₹15,000, ₹25,000 और ₹50,000 तक — साथ में 7% ब्याज़ की छूट और डिजिटल भुगतान पर कैशबैक। अगस्त 2025 में योजना का ढाँचा नए सिरे से बनाया गया और इसे 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया, इसलिए नए विक्रेता अब भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in से, किसी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से, या कर्ज़ देने वाले बैंक से होता है।

पीएम स्वनिधि है क्या?

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएम स्वनिधि 1 जून 2020 को शुरू की थी, ताकि कोविड-19 के लॉकडाउन के बाद रेहड़ी-पटरी वाले अपना काम दोबारा खड़ा कर सकें और बढ़ा सकें। योजना एक बड़ा कर्ज़ देने के बजाय सीढ़ी की तरह चलती है: पहले छोटा कर्ज़ लीजिए, उसे समय पर चुकाइए, और उसके बाद बड़े दूसरे कर्ज़ के हक़दार बनिए, फिर उससे भी बड़े तीसरे कर्ज़ के। हर कर्ज़ बिना गिरवी का है — न ज़मीन-मकान रखना पड़ता है, न सोना।

27 अगस्त 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹7,332 करोड़ के ख़र्च के साथ योजना का नया ढाँचा मंज़ूर किया और कर्ज़ देने की मियाद, जो पहले 31 दिसंबर 2024 को ख़त्म हो चुकी थी, 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी — यह सरकारी घोषणा में दर्ज है। नए ढाँचे का लक्ष्य 1.15 करोड़ लाभार्थियों तक पहुँचना है, जिनमें 50 लाख नए रेहड़ी-पटरी वाले हैं, और इसका दायरा क़ानूनी शहरों से आगे बढ़ाकर जनगणना कस्बों और शहर से लगे इलाक़ों तक, धीरे-धीरे, ले जाया जा रहा है।

कितना कर्ज़ और क्या-क्या फ़ायदे

नए ढाँचे में पहली दो किश्तें बढ़ाई गई हैं। तीसरी किश्त उतनी ही है।

फ़ायदारक़म / ब्योरा
पहली किश्त का कर्ज़₹15,000 तक (पहले ₹10,000), क़रीब 12 महीने में लौटाना
दूसरी किश्त का कर्ज़₹25,000 तक (पहले ₹20,000), पहला कर्ज़ चुकाने के बाद
तीसरी किश्त का कर्ज़₹50,000 तक, दूसरा कर्ज़ चुकाने के बाद
ब्याज़ में छूटसमय पर या पहले चुकाने पर सालाना 7%, सीधे आपके खाते में
UPI से जुड़ा RuPay क्रेडिट कार्डजिन्होंने दूसरी किश्त चुका दी है, उनके लिए ₹30,000 की सीमा
डिजिटल कैशबैकफुटकर और थोक डिजिटल लेन-देन पर ₹1,600 तक का इनाम

दो बातें इस योजना को रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ख़ास बनाती हैं। पहली, समय पर पैसा लौटाने का इनाम दो बार मिलता है — ब्याज़ की छूट से, और तुरंत अगली बड़ी किश्त का हक़दार बन जाने से। दूसरी, समय से पहले चुकाने पर कोई जुर्माना नहीं है। मंत्रिमंडल की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़ जुलाई 2025 तक 68 लाख से ज़्यादा रेहड़ी-पटरी वालों को ₹13,797 करोड़ के 96 लाख से ऊपर कर्ज़ बाँटे जा चुके थे।

हक़दार कौन है?

योजना शहरी इलाक़ों के रेहड़ी-पटरी वालों के लिए है, और अब जनगणना कस्बों तथा शहर से लगे इलाक़ों के लिए भी। इनमें से किसी भी समूह में आते हों तो आप हक़दार हैं:

  • जिनके पास शहरी निकाय (ULB) से मिला वेंडिंग प्रमाणपत्र (CoV) या पहचान पत्र है। यह सबसे सीधा रास्ता है।
  • जिनका नाम ULB के सर्वे में है पर अब तक CoV या पहचान पत्र नहीं मिला। पोर्टल उनके लिए अस्थायी वेंडिंग प्रमाणपत्र बना देता है।
  • जो सर्वे में छूट गए, या जिन्होंने सर्वे के बाद काम शुरू किया, बशर्ते उन्हें ULB या नगर वेंडिंग समिति (TVC) से सिफ़ारिश पत्र (LoR) मिल जाए।
  • आसपास के ग्रामीण या शहर से लगे इलाक़ों के विक्रेता, जो ULB की सीमा के अंदर सामान बेचते हैं — इनके लिए भी ULB/TVC का LoR चाहिए।

अगर आपके पास न CoV है न LoR, तो पहले LoR के लिए आवेदन कीजिए — पीएम स्वनिधि पोर्टल पर ही अपने ULB से LoR माँगने का हिस्सा बना हुआ है।

आवेदन कैसे करें

  1. अपना आधार कार्ड तैयार रखिए, और साथ में आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर — आवेदन की जाँच आधार OTP से ही होती है।
  2. आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाइए और Apply for Loan चुनिए। किश्त चुनिए (पहली बार आवेदन करने वाले ₹15,000 वाली किश्त से शुरू करते हैं)।
  3. अपना मोबाइल नंबर डालिए, OTP से पुष्टि कीजिए, और अपनी श्रेणी चुनिए (CoV वाले, सर्वे में दर्ज, या LoR के लिए आवेदन करने वाले)।
  4. आवेदन फ़ॉर्म भरिए: अपना ब्योरा, बिक्री का ब्योरा, बैंक खाता, और कितना कर्ज़ चाहिए।
  5. काग़ज़ चढ़ाइए — CoV/पहचान पत्र या LoR, और आधार। फ़ॉर्म जमा कीजिए और आवेदन संख्या लिख लीजिए।
  6. आवेदन कर्ज़ देने वाले के पास चला जाता है (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक, सहकारी बैंक, NBFC और सूक्ष्म वित्त संस्थाएँ, सब इसमें शामिल हैं)। बैंक जाँच करके कर्ज़ मंज़ूर करता है और पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है।

ख़ुद आवेदन करने में हिचक हो तो नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाइए — वहाँ बैठे गाँव-स्तर के उद्यमी आपकी तरफ़ से पीएम स्वनिधि का आवेदन जमा कर देते हैं। कई बैंक शाखा में बैंकिंग संवाददाता के ज़रिए भी आवेदन ले लेते हैं।

स्थिति कैसे देखें और कौन-से काग़ज़ लगेंगे

आवेदन कहाँ तक पहुँचा यह देखने के लिए पोर्टल खोलिए, Check Status पर क्लिक कीजिए, और अपनी आवेदन संख्या के साथ आधार से जुड़े मोबाइल का OTP डालिए। स्थिति में दिखता है कि आवेदन ULB के पास अटका है (LoR के लिए), बैंक के पास है, मंज़ूर हो चुका है, या पैसा निकल चुका है।

काग़ज़ जान-बूझकर कम रखे गए हैं:

  • आधार कार्ड (ज़रूरी, जुड़े हुए मोबाइल के साथ)
  • वेंडिंग प्रमाणपत्र / विक्रेता पहचान पत्र, या सिफ़ारिश पत्र
  • बैंक खाते का ब्योरा (जन धन या कोई भी बचत खाता चल जाता है)

आवेदन की कोई फ़ीस नहीं है। अगर कोई आपसे “स्वनिधि का कर्ज़ पास कराने” के पैसे माँगे, तो वह ठगी है — अपने ULB या बैंक को इसकी शिकायत कीजिए।

पीएम स्वनिधि उन कई केंद्रीय योजनाओं में से एक है जो पैसा सीधे खाते में भेजती हैं; बाक़ी कार्यक्रमों के बीच यह कहाँ बैठती है, यह आप हमारी सरकारी योजना सूची में देख सकते हैं। जो विक्रेता अपने काम को छोटे उद्यम तक ले जाना चाहते हैं वे उद्यमी योजना का रास्ता भी देख सकते हैं, और जो बुढ़ापे की कमाई की चिंता कर रहे हैं वे अपनी आमदनी के साथ अटल पेंशन योजना जोड़ सकते हैं।

सामान्य प्रश्न

पीएम स्वनिधि में ज़्यादा से ज़्यादा कितना कर्ज़ मिलता है?

तीसरी किश्त ₹50,000 तक की है। पर वहाँ तक पहुँचना क़दम-दर-क़दम होता है: पहले ₹15,000 तक का कर्ज़, फिर उसे चुकाने के बाद ₹25,000 तक, और उसके बाद ही ₹50,000 वाली किश्त। जो विक्रेता दूसरी किश्त चुका देते हैं, वे ₹30,000 की सीमा वाले UPI से जुड़े RuPay क्रेडिट कार्ड के भी हक़दार हो जाते हैं।

क्या 2026 में पीएम स्वनिधि अब भी खुली है?

हाँ। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगस्त 2025 में कर्ज़ देने की मियाद 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी है, और लक्ष्य 1.15 करोड़ लाभार्थी रखा है जिनमें 50 लाख नए विक्रेता हैं। पोर्टल पर नए आवेदन लिए जा रहे हैं।

पीएम स्वनिधि के कर्ज़ पर ब्याज़ कितना लगता है?

कर्ज़ देने वाला ऐसे कर्ज़ों पर अपनी सामान्य दर लेता है, लेकिन समय पर चुकाने पर योजना सालाना 7% ब्याज़ की छूट आपके खाते में डाल देती है। समय से पहले चुकाने पर कोई जुर्माना नहीं लगता।

क्या कुछ गिरवी रखना या ज़मानतदार देना पड़ेगा?

नहीं। तीनों किश्तें बिना गिरवी की हैं। योजना कर्ज़ देने वालों के लिए ख़ुद गारंटी रखती है, इसलिए आपसे न कुछ गिरवी माँगा जाता है, न ज़मानतदार।

मेरा सर्वे कभी हुआ ही नहीं और वेंडिंग प्रमाणपत्र भी नहीं है। क्या फिर भी आवेदन कर सकता हूँ?

हाँ। अपने शहरी निकाय या नगर वेंडिंग समिति से सिफ़ारिश पत्र (LoR) के लिए आवेदन कीजिए — पोर्टल पर LoR माँगने का हिस्सा बना हुआ है। LoR मिलते ही आप कर्ज़ के लिए आवेदन कर सकते हैं।

डिजिटल कैशबैक कैसे चलता है?

जब आप डिजिटल भुगतान लेते और करते हैं (ग्राहकों और सप्लायरों के साथ UPI लेन-देन), तो योजना कैशबैक का इनाम — नए ढाँचे में ₹1,600 तक — सीधे आपके खाते में डालती है। आपके डिजिटल लेन-देन का हिसाब आपकी साख भी बनाता है, जो अगली किश्त में काम आता है।

क्या गाँव के रेहड़ी-पटरी वाले आवेदन कर सकते हैं?

शहर से लगे और आसपास के ग्रामीण इलाक़ों के वे विक्रेता, जो असल में शहरी निकाय की सीमा के अंदर सामान बेचते हैं, LoR के साथ आवेदन कर सकते हैं। नया ढाँचा जनगणना कस्बों तक भी दायरा चरणों में बढ़ा रहा है।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

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