महाभियोग (Impeachment) राष्ट्रपति को उनके कार्यकाल से पहले हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया है। भारत और अमेरिका दोनों में यह प्रक्रिया अलग-अलग है — दोनों की तुलना यूपीएससी GS-II का महत्वपूर्ण विषय है।
भारत में राष्ट्रपति का महाभियोग
संवैधानिक प्रावधान — अनुच्छेद 61
- आधार: संविधान का उल्लंघन।
- प्रारंभ: किसी भी सदन (लोकसभा/राज्यसभा) में।
- 14 दिन पहले लिखित नोटिस — सदन के कम से कम 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर।
- 2/3 बहुमत — आरोप प्रस्ताव पास होना।
- दूसरे सदन में जाँच और 2/3 बहुमत से निष्कासन।
- राष्ट्रपति को सफाई का अवसर।
विशेषताएँ
- न्यायपालिका की भूमिका नहीं।
- अभी तक किसी भारतीय राष्ट्रपति पर महाभियोग नहीं।
अमेरिका में राष्ट्रपति का महाभियोग
संवैधानिक प्रावधान — अनुच्छेद II, Section 4
- आधार: राजद्रोह, रिश्वत, गंभीर अपराध।
- प्रतिनिधि सभा (House) में महाभियोग प्रस्ताव — साधारण बहुमत।
- सीनेट में मुकदमा — मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) की अध्यक्षता।
- 2/3 सीनेटर दोषी पाएँ — निष्कासन।
ऐतिहासिक महाभियोग
- Andrew Johnson (1868): दोषमुक्त।
- Bill Clinton (1998): दोषमुक्त।
- Donald Trump (2019, 2021): दोनों बार दोषमुक्त।
तुलनात्मक विश्लेषण
- भारत: केवल संविधान उल्लंघन; न्यायिक भूमिका नहीं।
- अमेरिका: व्यापक आधार; CJ की अध्यक्षता में सीनेट ट्रायल।
- दोनों में 2/3 बहुमत की जरूरत — कठिन लेकिन असंभव नहीं।
यूपीएससी प्रासंगिकता
- GS-II: भारतीय राजव्यवस्था; तुलनात्मक राजनीति।
- प्रारंभिक: अनुच्छेद 61; 1/4 नोटिस + 2/3 बहुमत।
- मुख्य: “भारत और अमेरिका में राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया की तुलना करें।”
महाभियोग एक अंतिम संवैधानिक सुरक्षा है — जब कोई राष्ट्रपति संविधान को ताक पर रख दे। भारत में इसकी उच्च सीमा यह सुनिश्चित करती है कि यह राजनीतिक हथियार न बने, बल्कि संवैधानिक आपातकाल का समाधान हो।