प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) सुशासन का आधार है। जब नागरिकों को सरकारी सेवाओं से असंतोष हो, तो उनकी शिकायतें सुनी जाएँ, समय पर हल हों और जवाबदेही सुनिश्चित हो — यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की परीक्षा है।
CPGRAMS
Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS) — भारत सरकार का ऑनलाइन शिकायत पोर्टल।
- www.pgportal.gov.in पर उपलब्ध।
- 60,000+ शिकायत प्रतिदिन दर्ज।
- 30 दिन में निवारण का लक्ष्य।
- DARPG (Department of Administrative Reforms) द्वारा प्रबंधित।
अन्य तंत्र
लोकपाल और लोकायुक्त
- लोकपाल अधिनियम, 2013 — केंद्र स्तर पर भ्रष्टाचार शिकायत।
- 2019 में पहले लोकपाल की नियुक्ति।
- लोकायुक्त — राज्य स्तर पर।
RTI (सूचना का अधिकार)
- RTI अधिनियम, 2005 — पारदर्शिता और जवाबदेही।
लोक अदालत
- NALSA (National Legal Services Authority) के अंतर्गत।
- वैकल्पिक विवाद समाधान; निर्णय अंतिम।
नागरिक चार्टर
- सेवा मानक और निवारण समयसीमा।
CPGRAMS 2.0 सुधार
- AI-आधारित शिकायत वर्गीकरण।
- फीडबैक और संतुष्टि रेटिंग।
- मोबाइल ऐप।
चुनौतियाँ
- डिजिटल साक्षरता की कमी — ग्रामीण उपयोग सीमित।
- निवारण में गुणवत्ता की कमी।
- जवाबदेही तंत्र कमजोर।
यूपीएससी प्रासंगिकता
- GS-II: शासन, नागरिक सेवाएँ, RTI, लोकपाल।
- मुख्य: “भारत में शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता का आकलन करें।”
शिकायत निवारण तंत्र का मजबूत होना लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण है। CPGRAMS, लोकपाल, RTI और लोक अदालत — सभी मिलकर नागरिक-सरकार के बीच विश्वास और जवाबदेही का पुल बनाते हैं।