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G20 क्या है — सदस्य देश, अध्यक्षता, ट्रैक और भारत की भूमिका

G20 (Group of Twenty) — स्थापना 1999, 19 देश + EU + AU (2023 दिल्ली से), विश्व GDP का 85%। दो ट्रैक, भारत की 2023 अध्यक्षता और UPSC नोट्स।

G20 क्या है — सदस्य देश, अध्यक्षता, ट्रैक और भारत की भूमिका — UPSC Hindi notes

G20 या Group of Twenty एक अनौपचारिक अंतर-सरकारी मंच है जिसमें 19 देश और दो क्षेत्रीय संगठन — यूरोपीय संघ (European Union, EU) और अफ्रीकी संघ (African Union, AU) — शामिल हैं। इसकी स्थापना 26 सितंबर 1999 को वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के मंच के रूप में हुई थी। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट (Global Financial Crisis) के बाद इसे शीर्ष-स्तरीय (leaders’ level) शिखर सम्मेलन में बदला गया, जिसका पहला आयोजन नवंबर 2008 में वाशिंगटन (Washington) में हुआ। G20 विश्व GDP का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% और जनसंख्या का 67% प्रतिनिधित्व करता है। भारत की G20 अध्यक्षता 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक रही और सितंबर 2023 के दिल्ली शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाया गया।

परिचय (Introduction)

G20 क्या है — सदस्य देश, अध्यक्षता, ट्रैक और भारत की भूमिका — चित्र 1

G20 आज वैश्विक आर्थिक शासन (global economic governance) का सबसे बड़ा मंच है। यह न तो UN जैसा संधि-आधारित संगठन है, न ही G7 जैसा क्लब — यह “premier forum for international economic cooperation” है, जैसा कि 2009 के Pittsburgh Summit में घोषित किया गया।

G20 का जन्म 1997-98 के एशियाई वित्तीय संकट (Asian Financial Crisis) के बाद हुआ, जब उभरती अर्थव्यवस्थाओं (emerging economies) को वैश्विक नीति-निर्माण में आवाज़ देने की आवश्यकता महसूस हुई। यह विषय WTO MC13 और अपीलीय निकाय संकट से भी जुड़ता है क्योंकि व्यापार-वित्त शासन में दोनों संस्थानों की भूमिका है।

UPSC के लिए G20 तीन कोणों से महत्वपूर्ण है — संरचना (structure), भारत की 2023 अध्यक्षता के परिणाम, और बदलते बहुपक्षीय (multilateral) परिदृश्य में इसकी भूमिका।

मुख्य तथ्य एक नज़र में (Quick Facts at a Glance)

  • पूर्ण नाम: Group of Twenty
  • स्थापना: 26 सितंबर 1999 (बर्लिन में वित्त मंत्रियों की बैठक)
  • पहला नेताओं का शिखर: नवंबर 2008, वाशिंगटन (US राष्ट्रपति George W Bush द्वारा बुलाया गया)
  • सदस्य संख्या: 21 (19 देश + EU + AU) — 2023 दिल्ली शिखर के बाद से
  • GDP कवरेज: लगभग 85% वैश्विक
  • व्यापार कवरेज: 75%
  • जनसंख्या कवरेज: 67%
  • अध्यक्षता: वार्षिक रोटेशन, troika प्रणाली (पिछला + वर्तमान + अगला अध्यक्ष)
  • कोई स्थायी सचिवालय नहीं — मेज़बान देश का Sherpa office समन्वय करता है
  • दो ट्रैक: Finance Track + Sherpa Track
  • भारत की अध्यक्षता: 1 दिसंबर 2022 – 30 नवंबर 2023
  • थीम (भारत 2023): “वसुधैव कुटुम्बकम — One Earth, One Family, One Future”
  • दिल्ली घोषणापत्र (Delhi Declaration): 9-10 सितंबर 2023, सर्वसम्मति से 100% पैराग्राफ स्वीकृत

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)

1990 के दशक में मेक्सिको (1994), एशिया (1997-98), रूस (1998) और ब्राज़ील (1999) के क्रमिक वित्तीय संकटों ने यह स्पष्ट किया कि केवल G7 (US, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, कनाडा) से वैश्विक वित्तीय स्थिरता संभव नहीं। 25-26 सितंबर 1999 को बर्लिन में G7 के वित्त मंत्रियों ने 12 अन्य देशों के साथ मिलकर G20 की औपचारिक स्थापना की।

जर्मनी के तत्कालीन वित्त मंत्री Hans Eichel और कनाडा के Paul Martin को इसका मुख्य वास्तुकार माना जाता है। प्रारंभिक एक दशक तक G20 केवल वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों का मंच था।

2008 का वैश्विक वित्तीय संकट (Lehman Brothers का पतन, सितंबर 2008) ने इसे नेताओं के स्तर तक उठाया। तत्कालीन US राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश (George W Bush) ने 14-15 नवंबर 2008 को वाशिंगटन में पहला G20 Leaders’ Summit बुलाया। तब से वार्षिक नेताओं के सम्मेलन की परंपरा है। यह विषय बहुपक्षीय विकास बैंक सुधार से जुड़ा है।

G20 के सदस्य देश (G20 Member Countries)

G20 क्या है — सदस्य देश, अध्यक्षता, ट्रैक और भारत की भूमिका — चित्र 2
क्षेत्रसदस्य
उत्तर अमेरिकाअमेरिका (US), कनाडा, मेक्सिको
दक्षिण अमेरिकाअर्जेंटीना, ब्राज़ील
यूरोपफ्रांस, जर्मनी, इटली, यूके, रूस, तुर्की + EU
एशियाचीन, भारत, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब
अफ्रीकादक्षिण अफ्रीका + AU (2023 से)
ओशिनियाऑस्ट्रेलिया

विशेष टिप्पणी: स्पेन (Spain) स्थायी आमंत्रित (permanent invitee) है, परंतु औपचारिक सदस्य नहीं।

G20 की दो ट्रैक प्रणाली (The Two-Track System)

Finance Track (वित्त ट्रैक)

  • अध्यक्ष — वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर
  • मुद्दे — वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय ढाँचा (architecture), अवसंरचना निवेश, टिकाऊ वित्त (sustainable finance), कर मामले (tax matters), वित्तीय समावेशन (financial inclusion)
  • कार्य समूह — Framework Working Group, Infrastructure Working Group, International Financial Architecture Working Group, Global Partnership for Financial Inclusion

Sherpa Track (शेरपा ट्रैक)

  • “Sherpa” का अर्थ — नेता का व्यक्तिगत प्रतिनिधि (हिमालयी पर्वतारोहण से रूपक)
  • मुद्दे — कृषि, भ्रष्टाचार-रोधी, संस्कृति, विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रोज़गार, ऊर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, व्यापार, पर्यटन
  • 13 कार्य समूह + Engagement Groups

Engagement Groups (सहभागिता समूह)

11 आधिकारिक सहभागिता समूह हैं जो नागरिक समाज, व्यापार और शैक्षिक हलकों को मंच देते हैं — B20 (Business 20), T20 (Think 20), W20 (Women 20), Y20 (Youth 20), C20 (Civil 20), L20 (Labour 20), P20 (Parliament 20), S20 (Science 20), U20 (Urban 20), Startup20 (भारत 2023 में जोड़ा गया), SAI20 (Supreme Audit Institutions 20)।

भारत की 2023 अध्यक्षता और दिल्ली घोषणापत्र (India’s 2023 Presidency and Delhi Declaration)

भारत की G20 अध्यक्षता 1 दिसंबर 2022 से शुरू हुई। थीम थी — “वसुधैव कुटुम्बकम — One Earth, One Family, One Future।” वर्ष भर 60 शहरों में 200+ बैठकें हुईं — यह “G20 को जन-जन तक” ले जाने का अभूतपूर्व प्रयास था।

9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली के Bharat Mandapam में 18वाँ शिखर सम्मेलन हुआ। पहले दिन ही दिल्ली घोषणापत्र (New Delhi Leaders’ Declaration) सर्वसम्मति से अपनाया गया — 83 पैराग्राफ़, सभी 100% सहमत। यह उस समय असाधारण उपलब्धि थी जब Russia-Ukraine युद्ध और US-China तनाव वैश्विक राजनीति को विभाजित कर रहे थे।

प्रमुख परिणाम:

  • अफ्रीकी संघ (AU) का स्थायी सदस्य के रूप में स्वागत — G20 अब G21 (नाम वही रहा)
  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): भारत का Aadhaar-UPI मॉडल वैश्विक मानक के रूप में
  • ग्रीन डेवलपमेंट पैक्ट (Green Development Pact)
  • MDB सुधार पर NK Singh-Lawrence Summers Expert Group की रिपोर्ट
  • ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस (Global Biofuels Alliance) का गठन
  • India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) की घोषणा

हाल की और आगामी अध्यक्षताएँ (Recent and Upcoming Presidencies)

वर्षअध्यक्ष देशशिखर शहरराष्ट्र-नायकथीम/प्रमुख फोकस
2022इंडोनेशियाबालीजोको विडोडो (Joko Widodo)“Recover Together, Recover Stronger”
2023भारतनई दिल्लीनरेंद्र मोदी“वसुधैव कुटुम्बकम”
2024ब्राज़ीलरियो डि जनेरोलूला दा सिल्वा (Lula da Silva)भुखमरी और गरीबी पर वैश्विक गठबंधन
2025दक्षिण अफ्रीकाजोहान्सबर्गसिरिल रामाफोसा (Cyril Ramaphosa)“Solidarity, Equality, Sustainability”
2026अमेरिका (US)(घोषित होना है)डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)(आगामी)

G20 का महत्व और भारत के लिए प्रासंगिकता (Significance for India)

G20 भारत के लिए तीन स्तरों पर महत्वपूर्ण है:

  • आर्थिक स्तर: भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य G20 चर्चाओं — व्यापार, निवेश, क्षमता-निर्माण — से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है
  • रणनीतिक स्तर: Quad, BRICS, SCO के साथ-साथ G20 भारत के बहु-संरेखण (multi-alignment) का अंग है
  • विकास कूटनीति: Global South (वैश्विक दक्षिण) की आवाज़ बनकर भारत ने AU की सदस्यता और MDB सुधार जैसे प्रश्न मुख्यधारा में लाए

चुनौतियाँ और आलोचना (Challenges and Criticism)

  • कोई बाध्यकारी शक्ति नहीं — G20 घोषणापत्र राजनीतिक प्रतिबद्धताएँ हैं, क़ानूनी संधियाँ नहीं
  • G7 का प्रभुत्व — कई आलोचकों का मानना है कि G20 के एजेंडा को G7 अब भी आकार देता है
  • समावेशन का प्रश्न — अफ्रीकी संघ के अलावा छोटे विकासशील देशों (LDCs) की कोई आवाज़ नहीं
  • Russia-Ukraine विभाजन — हाल के शिखर सम्मेलनों में आम सहमति बनाना कठिन हुआ है
  • जलवायु वित्त (climate finance) की कमी — विकासशील देशों की मांगें अधूरी

यह विषय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार से तुलनीय है, जहाँ बहुपक्षीय सुधार की मांग समान है।

UPSC के लिए प्रासंगिकता (UPSC Relevance)

  • Prelims: स्थापना वर्ष (1999), पहला नेताओं का शिखर (2008 वाशिंगटन), अफ्रीकी संघ की सदस्यता (2023 दिल्ली), GDP कवरेज (85%), दो ट्रैक के नाम, भारत की थीम (वसुधैव कुटुम्बकम)
  • Mains GS-2: बहुपक्षीय शासन, वैश्विक दक्षिण नेतृत्व, Russia-Ukraine युद्ध के दौरान आम सहमति की कूटनीतिक उपलब्धि, MDB सुधार पर भारत की पहल

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Questions)

  1. भारत की G20 अध्यक्षता (2023) ने वैश्विक दक्षिण के नेता के रूप में भारत की भूमिका को कैसे पुनर्परिभाषित किया? (150 शब्द)
  2. “G20 बहुपक्षीयवाद का सबसे बड़ा परीक्षण है।” वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के संदर्भ में G20 की प्रासंगिकता और सीमाओं की समीक्षा कीजिए। (250 शब्द)

निष्कर्ष (Conclusion)

G20 विश्व व्यवस्था का वह दर्पण है जिसमें वैश्विक शक्ति-संतुलन का बदलता चेहरा दिखता है। 1999 में वित्त मंत्रियों के एक छोटे मंच के रूप में जन्मा यह संगठन आज विश्व GDP के 85% का प्रतिनिधित्व करता है। 2008 के वित्तीय संकट ने इसे नेताओं की मेज़ पर बैठाया, और 2023 के दिल्ली शिखर ने इसे अफ्रीका की सदस्यता के साथ अधिक समावेशी बनाया। भारत की अध्यक्षता ने यह सिद्ध किया कि वैश्विक दक्षिण का दृष्टिकोण केवल मांग-पत्र नहीं, समाधान-मसौदा (solution drafting) भी है। 2026 में अमेरिकी अध्यक्षता के तहत G20 के सामने दो परीक्षाएँ हैं — रूस-यूक्रेन तनाव में आम सहमति की रक्षा, और जलवायु-व्यापार-तकनीक तीनों मोर्चों पर साझा प्रयास (concerted action) का खाका। UPSC अभ्यर्थी के लिए G20 केवल तथ्यों का संग्रह नहीं, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली समझने की कुंजी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

G20 का पूरा नाम क्या है?

G20 का पूरा नाम Group of Twenty (बीस का समूह) है। इसमें 19 देश और दो क्षेत्रीय संगठन — यूरोपीय संघ (EU) और अफ्रीकी संघ (AU) — शामिल हैं। नाम “20” बना रहा भले ही 2023 में अफ्रीकी संघ के जुड़ने से वास्तविक संख्या 21 हो गई।

G20 की स्थापना कब हुई थी?

G20 की स्थापना 26 सितंबर 1999 को बर्लिन में G7 के वित्त मंत्रियों और 12 अन्य देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में हुई थी। यह आरंभ में केवल वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों का मंच था। 2008 में इसे नेताओं के स्तर तक उठाया गया।

क्या भारत G20 का संस्थापक सदस्य है?

हाँ, भारत 1999 में G20 की स्थापना के समय से ही इसके 19 देशों में से एक है। भारत ने 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक G20 की अध्यक्षता की और 9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में 18वें शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की।

G20 शिखर सम्मेलन 2025 कहाँ हुआ?

G20 का 20वाँ शिखर सम्मेलन 2025 में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हुआ। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (Cyril Ramaphosa) ने इसकी अध्यक्षता की। इसकी थीम थी — “Solidarity, Equality, Sustainability”।

G20 अध्यक्षता 2026 किस देश के पास है?

2026 में G20 की अध्यक्षता संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के पास है, जिसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) हैं। troika प्रणाली के तहत — दक्षिण अफ्रीका (पिछला), US (वर्तमान), और अगला मेज़बान देश समन्वय करते हैं।

G20 के दो ट्रैक कौन-कौन से हैं?

G20 के दो मुख्य ट्रैक हैं — Finance Track (वित्त ट्रैक) जिसका नेतृत्व वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर करते हैं, और Sherpa Track (शेरपा ट्रैक) जो विकास, व्यापार, स्वास्थ्य, डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर केंद्रित है। दोनों ट्रैक मिलकर शिखर सम्मेलन के एजेंडा को आकार देते हैं।

अफ्रीकी संघ (AU) कब G20 का सदस्य बना?

अफ्रीकी संघ को 9 सितंबर 2023 को नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में G20 का स्थायी सदस्य बनाया गया। यह भारत की अध्यक्षता की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसने वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को और मज़बूत किया।

G20 की वैश्विक GDP में हिस्सेदारी कितनी है?

G20 के 21 सदस्य मिलकर विश्व GDP का लगभग 85%, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का 75% और वैश्विक जनसंख्या का लगभग 67% प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी कारण G20 को “वैश्विक आर्थिक शासन का सबसे बड़ा मंच” कहा जाता है।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

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