जननी सुरक्षा योजना (JSY) केंद्र सरकार की योजना है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलती है। इसमें गर्भवती महिला को अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में बच्चा होने पर नकद पैसा मिलता है — कम प्रदर्शन वाले राज्यों में गाँव में ₹1,400 और शहर में ₹1,000, और बाक़ी देश में गाँव में ₹700 तथा शहर में ₹600। आपके गाँव या वार्ड की ASHA कार्यकर्ता ही इस योजना की खिड़की है: वही गर्भ का पंजीकरण कराती है, प्रसव के वक़्त साथ जाती है, और अस्पताल में आपका दावा पूरा कराती है। ऑनलाइन आवेदन जैसी कोई चीज़ नहीं है; पैसा स्वास्थ्य व्यवस्था के भीतर से ही मिलता है।
जननी सुरक्षा योजना क्या है?
यह योजना 12 अप्रैल 2005 को शुरू हुई थी, और मक़सद एक ही था — ग़रीब महिलाओं का प्रसव घर के बजाय संस्थाओं में कराना, ताकि माँ और नवजात की मौतें कम हों। संस्था का मतलब है उप-केंद्र, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फ़र्स्ट रेफ़रल यूनिट, और ज़िला या राज्य अस्पताल के सामान्य वार्ड। यह केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें नकद मदद के साथ-साथ प्रसव और उसके बाद की देखभाल भी जुड़ी है, और यह हर राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश में चलती है।
योजना जान-बूझकर वहाँ ज़्यादा पैसा लगाती है जहाँ अस्पताल में प्रसव सबसे कम होते हैं। दस राज्य — उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, राजस्थान, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर — कम प्रदर्शन वाले राज्य (Low Performing States, LPS) माने जाते हैं। बाक़ी सारे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बेहतर प्रदर्शन वाले राज्य (High Performing States, HPS) हैं।
नकद मदद: LPS और HPS की रक़में
NHM के सरकारी पन्ने पर छपी हुई रक़में ये हैं:
| श्रेणी | इलाक़ा | माँ का पैकेज | ASHA का पैकेज | कुल |
|---|---|---|---|---|
| LPS | ग्रामीण | ₹1,400 | ₹600 | ₹2,000 |
| LPS | शहरी | ₹1,000 | ₹400 | ₹1,400 |
| HPS | ग्रामीण | ₹700 | ₹600 | ₹1,300 |
| HPS | शहरी | ₹600 | ₹400 | ₹1,000 |
ASHA का पैकेज माँ के पैसे में से नहीं कटता — वह अलग से ASHA को दिया जाने वाला मानदेय है। गाँव में उसके ₹600 में से ₹300 प्रसव से पहले की देखभाल में मदद के लिए हैं और ₹300 अस्पताल में प्रसव करवाने के लिए; शहर में यह बँटवारा ₹200 और ₹200 का है।
पात्रता किसकी है?
पात्रता राज्य की श्रेणी से बदल जाती है:
- LPS राज्यों में: सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों — उप-केंद्र, PHC, CHC, FRU, या ज़िला/राज्य अस्पताल के सामान्य वार्ड — में प्रसव कराने वाली हर गर्भवती महिला पात्र है, आमदनी या जाति की कोई शर्त नहीं।
- HPS राज्यों में: यह फ़ायदा सिर्फ़ BPL, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की उन महिलाओं को मिलता है जो सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराती हैं।
- मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल: LPS और HPS, दोनों तरह के राज्यों में BPL/SC/ST महिलाएँ अगर JSY से मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में प्रसव कराती हैं, तो वे भी इसमें आती हैं।
HPS राज्यों में ज़रूरी काग़ज़ पास रखिए — BPL राशन कार्ड या जाति प्रमाण पत्र — और साथ में कोई पहचान पत्र तथा गर्भ के पंजीकरण का रिकॉर्ड भी।
ASHA का काम: आपके लिए एक ही खिड़की
योजना में मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ASHA) को ही सरकार और गर्भवती महिला के बीच की कड़ी बनाया गया है। ज़मीन पर वह इस तरह मदद करती है:
- शुरू में ही गर्भ का पंजीकरण करवाती है और आँगनवाड़ी या उप-केंद्र से आपको माता-शिशु सुरक्षा (MCP) कार्ड दिलवाती है।
- यह देखती है कि प्रसव से पहले की जाँचें, टिटनेस के टीके और आयरन-फ़ोलिक एसिड की गोलियाँ समय पर हो जाएँ।
- सरकारी केंद्र तय करती है और प्रसव के लिए वहाँ ले जाने का इंतज़ाम करती है या ख़ुद साथ जाती है (NHM के तहत एंबुलेंस या रेफ़रल गाड़ी ज़्यादातर राज्यों में 102/108 पर बुलाई जा सकती है)।
- अस्पताल में JSY का काग़ज़ी काम पूरा करवाती है, ताकि भुगतान की प्रक्रिया चल पड़े।
- प्रसव के बाद घर आकर देखती है और नवजात का टीकाकरण करवाती है।
JSY का पैसा कैसे लें
न कोई पोर्टल है, न कोई फ़ॉर्म जो आपको ख़ुद भरना हो। दावा उसी केंद्र से होकर जाता है जहाँ प्रसव हुआ है:
- अपने इलाक़े की ASHA या ANM के पास गर्भ का पंजीकरण कराइए और MCP कार्ड ले लीजिए।
- प्रसव के वक़्त काग़ज़ साथ ले जाइए: MCP कार्ड, पहचान पत्र या आधार, बैंक पासबुक, और जहाँ लागू हो (HPS राज्यों में) BPL या जाति प्रमाण पत्र।
- प्रसव सरकारी केंद्र में कराइए, या JSY से मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में।
- केंद्र पात्रता जाँचता है और भुगतान करवाता है — अब आम तौर पर सीधे माँ के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफ़र से, और कोशिश यही रहती है कि छुट्टी मिलने के आसपास ही मंज़ूरी हो जाए।
- अगर कुछ हफ़्तों में पैसा नहीं आया, तो MCP कार्ड और छुट्टी की पर्ची लेकर ASHA, ANM या ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी के दफ़्तर में पूछिए।
एक काम की बात: अगर माँ का अपना बैंक खाता नहीं है, तो गर्भावस्था के दौरान ही खुलवा लीजिए — पैसा किसी और के खाते में नहीं भेजा जा सकता।
एक नज़र में पूरी योजना
| बात | ब्यौरा |
|---|---|
| शुरुआत | 12 अप्रैल 2005, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत |
| मंत्रालय | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (केंद्र प्रायोजित) |
| माँ को मिलने वाला पैसा | ₹1,400/₹1,000 (LPS गाँव/शहर); ₹700/₹600 (HPS गाँव/शहर) |
| ASHA का मानदेय | ₹600 गाँव में / ₹400 शहर में (माँ के पैसे से अलग) |
| LPS राज्य | UP, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, MP, छत्तीसगढ़, असम, राजस्थान, ओडिशा, J&K |
| पैसा कहाँ से मिलेगा | सरकारी केंद्र या JSY से मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल — ऑनलाइन आवेदन नहीं होता |
| शुल्क | किसी भी चरण पर कुछ नहीं |
JSY और PMMVY: दो अलग-अलग फ़ायदे
लोग अक्सर JSY को PM मातृ वंदना योजना (PMMVY) समझ बैठते हैं। ये दो अलग योजनाएँ हैं, और पात्र महिला दोनों का पैसा ले सकती है।
| बात | JSY | PMMVY |
|---|---|---|
| है क्या | अस्पताल में प्रसव कराने पर नकद प्रोत्साहन | मातृत्व लाभ, जो काम छूटने से हुए नुक़सान की भरपाई करता है |
| रक़म | राज्य और इलाक़े के हिसाब से ₹600–₹1,400 | पहले बच्चे पर ₹5,000; दूसरा बच्चा बेटी हो तो ₹6,000 — PMMVY के सरकारी पोर्टल के मुताबिक़ |
| कब मिलता है | प्रसव के आसपास, उसी केंद्र पर | किस्तों में, जो पंजीकरण, जाँचों और जन्म से जुड़ी हैं |
| आवेदन कैसे | ASHA/ANM और केंद्र के ज़रिए; ख़ुद आवेदन नहीं करना होता | आँगनवाड़ी या ASHA के ज़रिए PMMVY पोर्टल पर आवेदन ([pmmvy.wcd.gov.in](https://pmmvy.wcd.gov.in/)) |
| मंत्रालय | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (NHM) | महिला एवं बाल विकास |
परिवारों के लिए चलने वाली और भी नकद योजनाएँ देखनी हों तो यह सरकारी योजना सूची देखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जननी सुरक्षा योजना में कितना पैसा मिलता है?
सरकारी या मान्यता प्राप्त केंद्र में प्रसव कराने पर माँ को दस कम प्रदर्शन वाले राज्यों में ₹1,400 (गाँव) या ₹1,000 (शहर) मिलते हैं, और बेहतर प्रदर्शन वाले राज्यों में ₹700 (गाँव) या ₹600 (शहर)।
JSY का फ़ायदा किसे मिलता है?
LPS राज्यों (UP, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, MP, छत्तीसगढ़, असम, राजस्थान, ओडिशा, J&K) में सरकारी केंद्रों में प्रसव कराने वाली हर महिला को। बाक़ी राज्यों में BPL, SC और ST महिलाओं को। JSY से मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली BPL/SC/ST महिलाएँ हर जगह इसमें आती हैं।
जननी सुरक्षा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
करना ही नहीं है — ऑनलाइन आवेदन होता ही नहीं। अपनी ASHA या ANM के पास गर्भ का पंजीकरण कराइए, प्रसव सरकारी या मान्यता प्राप्त केंद्र में कराइए, और वहीं से माँ के बैंक खाते में पैसा भेजने की प्रक्रिया चल जाती है।
क्या ASHA कार्यकर्ता माँ के पैसे में से हिस्सा लेती है?
नहीं। ASHA का मानदेय (₹600 गाँव में / ₹400 शहर में) योजना अलग से देती है, प्रसव से पहले की देखभाल और प्रसव करवाने के उसके काम के बदले। माँ का पैसा पूरा का पूरा माँ का ही रहता है।
क्या JSY और PMMVY, दोनों मिल सकते हैं?
हाँ। JSY स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रसव पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि है; PMMVY महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का मातृत्व लाभ है। पात्र महिला एक ही गर्भावस्था पर दोनों ले सकती है।
क्या तीसरे बच्चे पर भी JSY मिलता है?
LPS राज्यों में सरकारी संस्थाओं में हुए प्रसव पर बच्चों की गिनती की कोई सीमा नहीं है। HPS राज्यों में पहले शर्तें रही हैं; अपने राज्य में आज क्या चल रहा है, यह ANM या ब्लॉक स्वास्थ्य कार्यालय से पक्का कर लीजिए, क्योंकि अमल का काम राज्य के हाथ में है।
JSY के लिए कौन-से काग़ज़ चाहिए?
गर्भ के पंजीकरण पर मिला MCP (माता-शिशु सुरक्षा) कार्ड, आधार जैसा कोई पहचान पत्र, माँ की बैंक पासबुक, और बेहतर प्रदर्शन वाले राज्यों में BPL या SC/ST का प्रमाण।