UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

निजी क्षेत्र में स्थानीयों के लिए आरक्षण (यूपीएससी राजव्यवस्था)

यूपीएससी गाइड: हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड के अधिनियम, संवैधानिक चुनौतियाँ अनुच्छेद 14, 16, 19 के तहत और सर्वोच्च न्यायालय का रुख।

Reservation to Locals in Private Sector (UPSC Polity) — UPSC featured image

हाल के वर्षों में कई भारतीय राज्यों ने ऐसे कानून पारित किए हैं जो निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षण सुनिश्चित करते हैं। हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और कर्नाटक ने अधिवासियों के लिए 50% से 75% तक कोटा लागू किया है। ये कानून अनुच्छेद 14, 16 और 19(1)(g) के तहत गंभीर संवैधानिक प्रश्न उठाते हैं और संघवाद, रोज़गार एवं प्रवासन पर बड़ी बहसों से जुड़े हैं। यूपीएससी राजव्यवस्था की दृष्टि से यह एक महत्त्वपूर्ण विषय है।

पृष्ठभूमि

भारत में रोज़गार की प्रकृति लगातार बदलती रही है। जहाँ सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था संविधान में निहित है, वहीं निजी क्षेत्र के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। फिर भी बढ़ती बेरोज़गारी और स्थानीय युवाओं की माँग को देखते हुए कुछ राज्यों ने यह पहल की।

प्रमुख राज्य अधिनियम

हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवार रोज़गार अधिनियम, 2020

हरियाणा ने निजी क्षेत्र की उन नौकरियों में जहाँ मासिक वेतन ₹30,000 से कम हो, 75% आरक्षण का प्रावधान किया। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इसे असंवैधानिक ठहराया, किंतु सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए अंतरिम राहत दी।

आंध्र प्रदेश रोज़गार अधिनियम, 2019

आंध्र प्रदेश ने उद्योगों में स्थानीय लोगों के लिए 75% नौकरियाँ आरक्षित करने का कानून बनाया। इसे भी कानूनी चुनौतियाँ मिली हैं।

झारखंड स्थानीय व्यक्ति के लिए निजी क्षेत्र रोज़गार विधेयक, 2021

झारखंड ने ₹40,000 प्रतिमाह से कम वेतन वाली नौकरियों में 75% आरक्षण का प्रस्ताव रखा। इस विधेयक को राज्यपाल की मंज़ूरी नहीं मिली।

संवैधानिक चुनौतियाँ

अनुच्छेद 14: समानता का अधिकार

अनुच्छेद 14 सभी व्यक्तियों को विधि के समक्ष समानता और समान संरक्षण प्रदान करता है। अधिवास के आधार पर नागरिकों में भेद करना एक मनमाना वर्गीकरण है जो इस अनुच्छेद का उल्लंघन कर सकता है।

अनुच्छेद 16: लोक नियोजन में अवसर की समानता

अनुच्छेद 16(1) लोक नियोजन में अवसर की समानता की गारंटी देता है। यद्यपि यह निजी नियोक्ताओं पर सीधे लागू नहीं होता, राज्य द्वारा कानून के ज़रिए भेदभाव करना संवैधानिक संदेह पैदा करता है।

अनुच्छेद 19(1)(g): व्यवसाय की स्वतंत्रता

नागरिकों को कोई भी व्यवसाय या कारोबार करने का अधिकार है। स्थानीयता के आधार पर नियुक्ति पर बाध्यता नियोक्ताओं के इस मौलिक अधिकार को बाधित करती है।

सर्वोच्च न्यायालय का रुख

सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय पर रोक लगाई और मामले की सुनवाई जारी है। न्यायालय ने संकेत दिया है कि इस प्रकार के कानून नीति-निर्देशक सिद्धांतों के संदर्भ में समीक्षा के योग्य हैं, परंतु मौलिक अधिकारों का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं।

नीति-निर्देशक सिद्धांत बनाम मौलिक अधिकार

अनुच्छेद 39(a) में राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश है कि सभी नागरिकों को जीविकोपार्जन के पर्याप्त अवसर मिलें। कुछ राज्य सरकारों ने इसी आधार पर तर्क दिया है। लेकिन संविधान विशेषज्ञों के अनुसार नीति-निर्देशक सिद्धांत मौलिक अधिकारों को रद्द नहीं कर सकते।

आलोचनाएँ

  • ये कानून आंतरिक प्रवासन (Internal Migration) को हतोत्साहित कर सकते हैं।
  • निजी क्षेत्र में प्रतिभा आधारित नियुक्ति की स्वतंत्रता बाधित होती है।
  • राज्यों के बीच आर्थिक विखंडन बढ़ सकता है।
  • स्थानीयता को प्रमाणित करने की जटिल प्रक्रिया लागू करना कठिन बनाती है।

यूपीएससी की दृष्टि से महत्त्व

यह विषय GS-II के ‘राजव्यवस्था और शासन’ खंड के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। परीक्षार्थियों को बहुपक्षीय दृष्टिकोण रखना चाहिए — संवैधानिक प्रावधान, न्यायिक निर्णय, नीतिगत तर्क और आलोचनाएँ सभी को उत्तर में शामिल करें।

Share this

PDF

Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

Specialises in · Writing, web development, design — UPSC prep tooling Experience · 16+ years Visit website ↗

UPSC की तैयारी हिंदी माध्यम में — एक निशुल्क डेमो क्लास

न कोई सेल्स कॉल, न कोई ब्रोशर। सोमवार सुबह की असली GS क्लास देखिए — हमारे अनुभवी शिक्षकों के साथ।