प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) एक साल का दुर्घटना बीमा है, जिसकी क़ीमत ₹20 सालाना है। दुर्घटना में मौत या पूरी तरह स्थायी विकलांगता पर यह ₹2 लाख देती है, और आंशिक स्थायी विकलांगता पर ₹1 लाख। 18 से 70 साल का कोई भी व्यक्ति, जिसका बचत बैंक या डाकघर में खाता हो, इसमें जुड़ सकता है, और प्रीमियम साल में एक बार अपने आप कट जाता है।
PMSBY में क्या-क्या शामिल है
PMSBY दुर्घटना की पॉलिसी है, जीवन बीमा की नहीं। पैसा तभी मिलता है जब मौत या विकलांगता किसी दुर्घटना से हुई हो — योजना के काग़ज़ों में दुर्घटना को “अचानक होने वाली, अनदेखी और बिना इरादे की ऐसी घटना जो बाहरी, हिंसक और दिखने वाले तरीक़े से हुई हो” कहा गया है। बीमारी से हुई मौत इसमें नहीं आती।
PMSBY के आधिकारिक नियमों के मुताबिक़ फ़ायदे की तालिका तय है:
| क्या हुआ | कितना बीमा |
|---|---|
| दुर्घटना में मौत | ₹2 लाख |
| दोनों आँखों की रोशनी पूरी तरह और हमेशा के लिए चली जाना, या दोनों हाथ या दोनों पैर बेकार हो जाना, या एक आँख की रोशनी जाने के साथ एक हाथ या पैर बेकार हो जाना | ₹2 लाख |
| एक आँख की रोशनी पूरी तरह और हमेशा के लिए चली जाना, या एक हाथ या एक पैर बेकार हो जाना | ₹1 लाख |
बीमा साल 1 जून से 31 मई तक चलता है और हर साल अपने आप आगे बढ़ जाता है। इसे सरकारी साधारण बीमा कंपनियाँ और बैंकों तथा डाकघरों से जुड़ी दूसरी साधारण बीमा कंपनियाँ चलाती हैं। मुख्य पॉलिसीधारक आपका बैंक होता है। वित्तीय सेवाएँ विभाग के मुताबिक़ अब तक इस योजना से 50.15 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं (जुलाई 2026 में जाँचा गया)।
कौन जुड़ सकता है
- बैंक या डाकघर में अपना खाता रखने वाला कोई भी व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 साल (पूरे) से 70 साल (जन्मदिन के हिसाब से नज़दीकी उम्र) के बीच हो।
- जिस खाते पर यह चलेगा, उसकी मुख्य KYC आधार से होती है।
- एक व्यक्ति सिर्फ़ एक ही खाते से जुड़ सकता है, चाहे उसके खाते कई बैंकों में हों।
अगर किसी वजह से प्रीमियम दो खातों से कट जाए, तो बीमा एक ही खाते तक सीमित रहता है और दूसरा प्रीमियम ज़ब्त हो सकता है। बीमे को जोड़कर ₹4 लाख करने का कोई रास्ता नहीं है।
ख़र्च कितना
हर सदस्य के लिए ₹20 सालाना। पूरी क़ीमत बस इतनी है। अपनी जीवन बीमा वाली बहन योजना से उलट, PMSBY में तिमाही के हिसाब से घटती-बढ़ती दर की कोई तालिका नहीं है: 31 मई के बाद जुड़ेंगे तो पूरे साल का प्रीमियम देना होगा, और बीमा उसी दिन से शुरू होगा जिस दिन प्रीमियम असल में अपने आप कटेगा।
₹20 की पूरी रक़म प्रीमियम के तौर पर बीमा कंपनी को जाती है; बैंकिंग संवाददाता को मिलने वाला ₹1 कमीशन और बैंक को मिलने वाला ₹1 का प्रशासनिक शुल्क बीमा कंपनी देती है, आपके बिल में नहीं जुड़ता। जहाँ आप ख़ुद ऑनलाइन जुड़ते हैं, वहाँ बचा हुआ कमीशन बीमा प्रीमियम घटाकर आपको ही लौटा दिया जाता है।
नियमों में साफ़ लिखा है कि साल भर के दावों को देखते हुए प्रीमियम की समीक्षा हो सकती है, इसलिए ₹20 को आज की क़ीमत मानिए, हमेशा की नहीं।
जुड़ने का तरीक़ा, क़दम-दर-क़दम
- एक बचत खाता चुनिए जिसकी KYC पूरी हो और जिसमें पैसा चलता रहता हो।
- अपने बैंक की नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप में PMSBY ढूँढिए, जो आम तौर पर “Insurance”, “Social Security Schemes” या “Jan Suraksha” के नीचे मिलता है। इसी रास्ते से ख़ुद जुड़ना सबसे साफ़-सुथरा है।
- या शाखा में या बैंकिंग संवाददाता के पास जाइए और PMSBY का नामांकन-सह-ऑटो डेबिट सहमति फ़ॉर्म माँगिए। फ़ॉर्म जन सुरक्षा पोर्टल पर भी हैं।
- नामिनी का नाम लिखिए, और नामिनी नाबालिग़ हो तो उसका संरक्षक भी। नाम की वर्तनी और रिश्ता सही भरिए — दावे के वक़्त यही लाइन काम आती है।
- ऑटो डेबिट की इजाज़त दीजिए। आप बिना तय मियाद या लंबी अवधि वाला विकल्प चुन सकते हैं, ताकि हर साल ₹20 बिना नया फ़ॉर्म भरे कटता रहे।
- पावती की पर्ची सँभालकर रखिए, यही आपका बीमा प्रमाणपत्र भी है।
बीमा साल के लिए नामांकन 31 मई को बंद हो जाता है, लेकिन साल के बीच में भी पूरे ₹20 देकर जुड़ा जा सकता है, और बीमा उसी दिन से चलता है जिस दिन पैसा अपने आप कटा।
बीमा कब ख़त्म हो जाता है
इनमें से कुछ भी हो जाए तो दुर्घटना बीमा ख़त्म हो जाता है और कोई पैसा नहीं मिलता:
- 70 साल की उम्र हो जाने पर (जन्मदिन के हिसाब से नज़दीकी उम्र)।
- खाता बंद हो जाने पर, या खाते में इतना पैसा न बचने पर कि बीमा चलता रह सके।
- जहाँ एक ही सदस्य का बीमा एक से ज़्यादा खातों से चल रहा हो — वहाँ बीमा एक खाते तक सीमित कर दिया जाता है और दूसरा प्रीमियम ज़ब्त हो सकता है।
अगर बीमा किसी तकनीकी वजह से बंद हो जाए, जैसे पैसा न कट पाना, तो पूरे साल का प्रीमियम मिलते ही उसे दोबारा चालू किया जा सकता है। दोबारा चालू करना बीमा कंपनी की मर्ज़ी पर है, और तब तक बीमा रुका रहता है।
दावा कैसे किया जाता है
विकलांगता के दावे में बीमित व्यक्ति ख़ुद दावा करता है। मौत के दावे में नामिनी करता है — या नामिनी नाबालिग़ हो तो उसका संरक्षक, और नामांकन न हो तो क़ानूनी वारिस। दावा-सह-भुगतान फ़ॉर्म बैंक या डाकघर की शाखा में दुर्घटना के 30 दिन के भीतर देना बेहतर है।
दुर्घटना में मौत पर ये काग़ज़ लगाइए:
- मौत का सबूत — जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार का मृत्यु प्रमाणपत्र, या अस्पताल की डिस्चार्ज समरी या प्रमाणपत्र, या आख़िर में इलाज करने वाले पंजीकृत डॉक्टर का प्रमाणपत्र जिस पर किसी राजपत्रित अधिकारी या बैंक अधिकारी के दस्तख़त हों; साथ में FIR या पंचनामा; और साथ में पोस्टमार्टम रिपोर्ट।
- या फिर ज़िलाधिकारी, कलेक्टर, उपायुक्त या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का तय प्रारूप में जारी प्रमाणपत्र।
- साँप के काटने या पेड़ से गिरने जैसी मौतों में अस्पताल का वह रिकॉर्ड, जिसमें सदस्य का नाम, माता-पिता का नाम, पता और मौत की तारीख़, समय तथा वजह लिखी हो, ऊपर के तीनों काग़ज़ों की जगह ले सकता है।
स्थायी विकलांगता पर FIR या पंचनामा, सिविल सर्जन का जारी किया विकलांगता प्रमाणपत्र और अस्पताल का सहायक रिकॉर्ड लगाइए।
दोनों ही हालात में दावा करने वाले का KYC काग़ज़, जिस खाते में पैसा आना है उसकी पासबुक के पहले दो पन्ने या रद्द किया हुआ चेक, और दावे के भुगतान की दस्तख़त की हुई अग्रिम रसीद भी चाहिए। फ़ॉर्म का तीसरा हिस्सा बैंक अपने नामांकन रिकॉर्ड से ख़ुद भरता है — खाता संख्या, प्रीमियम किस दिन कटा, बीमा कंपनी को किस दिन भेजा गया — और दावा आगे भेजने से पहले उस पर प्रमाणित करता है।
PMSBY और PMJJBY: कौन क्या करती है
बैंक आम तौर पर दोनों एक ही काउंटर पर देते हैं, और दोनों का मिलाकर ₹456 सालाना ख़र्च लगभग हर खाताधारक की पहुँच में है। ये एक-दूसरे की जगह नहीं लेतीं।
| बात | PMSBY | PMJJBY |
|---|---|---|
| किसका बीमा | दुर्घटना में मौत और स्थायी विकलांगता | किसी भी वजह से मौत |
| सालाना प्रीमियम | ₹20 | ₹436 |
| ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा | ₹2 लाख | ₹2 लाख |
| आंशिक फ़ायदा | तय आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख | कोई नहीं — एक ही बीमा रक़म |
| जुड़ने की उम्र | 18–70 साल | 18–50 साल |
| बीमा कब तक | 70 साल | 55 साल |
| इंतज़ार की अवधि | कोई नहीं | दुर्घटना से न हुई मौत पर 30 दिन का लियन |
| देर से जुड़ना | पूरे ₹20, बीमा पैसा कटने की तारीख़ से | तिमाही के हिसाब से घटा-बढ़ा प्रीमियम |
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना वाली साथी गाइड में जीवन बीमा, उसकी लियन अवधि और दावे का रास्ता विस्तार से समझाया गया है। इसी जन सुरक्षा परिवार की तीसरी योजना अटल पेंशन योजना है, जो उसी खाते से पक्की पेंशन खड़ी करती है। आपको और क्या-क्या मिल सकता है, इसकी बड़ी तस्वीर के लिए सरकारी योजनाओं की सूची देखिए।
सामान्य प्रश्न
क्या PMSBY का प्रीमियम अब भी ₹20 सालाना है?
हाँ। वित्तीय सेवाएँ विभाग और 1 जून 2022 से लागू योजना के नियमों के मुताबिक़ जुलाई 2026 तक प्रीमियम हर सदस्य के लिए ₹20 सालाना ही है। नियम दावों को देखते हुए इसकी समीक्षा की छूट देते हैं, इसलिए जुड़ने से पहले शाखा में पुष्टि कर लीजिए।
क्या PMSBY बीमारी या दिल के दौरे से हुई मौत पर पैसा देती है?
नहीं। PMSBY सिर्फ़ दुर्घटना से हुई मौत या विकलांगता पर पैसा देती है — यानी ऐसी अचानक, अनदेखी और बिना इरादे की घटना जो बाहरी, हिंसक और दिखने वाले तरीक़े से हुई हो। सामान्य मौत या बीमारी से हुई मौत इसके दायरे से बाहर है। उस जोखिम के लिए PMJJBY चाहिए।
क्या PMSBY में कोई इंतज़ार की अवधि है?
नहीं। PMJJBY से उलट, PMSBY में लियन अवधि नहीं है। हर साल के सामान्य नवीनीकरण में बीमा 1 जून से चलता है, और देर से जुड़ने वालों के लिए प्रीमियम कटने की तारीख़ से।
आंशिक विकलांगता का दावा किसे माना जाता है?
एक आँख की रोशनी पूरी तरह और हमेशा के लिए चली जाना, या एक हाथ या एक पैर बेकार हो जाना — इस पर ₹1 लाख मिलता है। दोनों आँखें, दोनों हाथ या दोनों पैर, या एक आँख के साथ एक हाथ या पैर चले जाने पर पूरे ₹2 लाख मिलते हैं। जो चोटें भर जाती हैं, वे चाहे कितनी भी गंभीर हों, इसमें नहीं आतीं; नुक़सान स्थायी और वापस न लौटने वाला होना चाहिए।
क्या मैं PMSBY और PMJJBY दोनों एक साथ ले सकता हूँ?
हाँ, और ज़्यादातर लोग दोनों लेते भी हैं। दोनों अलग-अलग जोखिम का बीमा करती हैं, मिलाकर ₹456 पड़ती हैं, और आम तौर पर एक ही फ़ॉर्म और एक ही खाते से ली जाती हैं।
दुर्घटना विदेश में हो जाए तो?
योजना के काग़ज़ों में बीमा किसी इलाक़े तक सीमित नहीं है, लेकिन दावे के काग़ज़ जैसे FIR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सिविल सर्जन का विकलांगता प्रमाणपत्र भारतीय व्यवस्था के हिसाब से बने हैं। विदेश में हुई दुर्घटना भी वैसे ही निपटेगी, यह मान लेने से पहले अपनी बैंक शाखा के ज़रिए बीमा कंपनी से बात कर लीजिए।
यह कैसे देखूँ कि मेरा PMSBY चालू है या नहीं?
मई या जून के आसपास अपने खाते के विवरण में ₹20 की कटौती देखिए, या अपने बैंक की ऐप में बीमा या सामाजिक सुरक्षा वाला हिस्सा खोलिए। शाखा भी अपने कोर बैंकिंग रिकॉर्ड से आपके नामांकन की स्थिति छापकर दे सकती है।