प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) एक साल का जीवन बीमा है। सदस्य की मौत किसी भी वजह से हो जाए, तो नॉमिनी को ₹2 लाख मिलते हैं। इसका ख़र्च साल में ₹436 है, जो आपके बचत खाते से अपने आप कट जाता है। 18 से 50 साल की उम्र का कोई भी व्यक्ति, जिसका बैंक या डाकघर में खाता हो, इसमें जुड़ सकता है। न कोई मेडिकल जाँच होती है, न एक पन्ने के सहमति फ़ॉर्म से ज़्यादा काग़ज़ी काम।
PMJJBY में असल में मिलता क्या है
कवर इतना सीधा है कि लगभग रूखा लगता है: सदस्य की मौत किसी भी वजह से हो, ₹2 लाख मिलेंगे। बीमारी, हादसा, या क़ुदरती वजह — कारण से रकम नहीं बदलती। साल पूरा होने पर न कोई मैच्योरिटी का फ़ायदा है, न बोनस, न पैसा वापस। यह शुद्ध टर्म बीमा है, और इसकी क़ीमत इतनी कम इसलिए है क्योंकि सरकार बड़े पैमाने के दम पर इसे सस्ता रखती है, आपके प्रीमियम के दम पर नहीं।
पॉलिसी का साल 1 जून से 31 मई तक चलता है, और जब तक प्रीमियम समय पर कटता रहे, कवर हर साल आगे बढ़ता रहता है। यह LIC और उन दूसरी जीवन बीमा कंपनियों के ज़रिए मिलता है जो बैंकों और डाकघरों से जुड़ी हैं — यह वित्तीय सेवा विभाग का ब्योरा है (जुलाई 2026 में जाँचा गया)। आपका बैंक मुख्य पॉलिसीधारक होता है; आप उसकी ग्रुप पॉलिसी के सदस्य होते हैं।
पैमाने का अंदाज़ा एक आँकड़े से मिल जाता है: वित्तीय सेवा विभाग के मुताबिक़ PMJJBY से अब तक कुल 23.12 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं।
कौन जुड़ सकता है
- ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसका इस योजना में शामिल किसी बैंक या डाकघर में अपना खाता हो और उम्र 18 (पूरे) से 50 साल (जन्मदिन के हिसाब से नज़दीकी उम्र) के बीच हो।
- जिस बैंक या डाकघर का खाता है, उसकी KYC के लिए मुख्य दस्तावेज़ आधार है।
- कई बैंकों में खाते हों तब भी आप सिर्फ़ एक ही खाते से जुड़ सकते हैं।
यह आख़िरी नियम मायने रखता है। अगर दो खातों से प्रीमियम कटता रहा, तब भी कवर ₹2 लाख पर ही रुका रहेगा और दूसरा प्रीमियम ज़ब्त हो सकता है। दो बार जुड़ने से कुछ नहीं मिलता।
नए सदस्य 50 साल तक ही जुड़ सकते हैं, लेकिन अगर आप बिना नागा हर साल इसे आगे बढ़ाते रहें तो कवर 55 साल की उम्र तक चलता रहता है।
ख़र्च कितना है, और बीच में जुड़ने पर क्या लगता है
पूरे साल का प्रीमियम ₹436 है। अगर आप पॉलिसी के साल के बीच में जुड़ते हैं तो सिर्फ़ बचे हुए महीनों का कम प्रीमियम देना होता है। यह PMJJBY के आधिकारिक नियमों में लिखा है।
| जुड़ने का महीना | देना होगा | कवर |
|---|---|---|
| जून, जुलाई, अगस्त | ₹436 | ₹2 लाख |
| सितंबर, अक्टूबर, नवंबर | ₹342 | ₹2 लाख |
| दिसंबर, जनवरी, फ़रवरी | ₹228 | ₹2 लाख |
| मार्च, अप्रैल, मई | ₹114 | ₹2 लाख |
महीना कोई भी हो, कवर 31 मई को ख़त्म हो जाता है और अगले साल के लिए दोबारा लेना पड़ता है। ₹436 के पूरे प्रीमियम में से ₹395 बीमा कंपनी को जाते हैं, ₹30 बिज़नेस कॉरेस्पॉन्डेंट और एजेंट का कमीशन है, और ₹11 बैंक की प्रशासनिक फ़ीस। अगर आप ख़ुद ऑनलाइन जुड़ते हैं — नेट बैंकिंग या बैंक के ऐप से — तो एजेंट का कमीशन बनता ही नहीं, और नियम कहते हैं कि यह बचत आपको कम प्रीमियम की शक्ल में मिलनी चाहिए।
30 दिन की रोक: वह शर्त जिस पर लोगों की नज़र नहीं जाती
1 जून 2021 को या उसके बाद पहली बार जुड़ने वाले हर व्यक्ति के लिए, हादसे के अलावा किसी और वजह से हुई मौत का कवर जुड़ने की तारीख़ से पहले 30 दिन तक शुरू नहीं होता। इस दौरान अगर सदस्य की मौत बीमारी से हो जाए तो कोई क्लेम नहीं मिलेगा। हादसे से हुई मौत पहले ही दिन से कवर होती है।
यही रोक तब भी लागू होती है जब आप योजना छोड़कर बाद में दोबारा जुड़ें, या बंद पड़ा कवर फिर से चालू कराएँ। इसीलिए खाते में इतना पैसा रखना चाहिए कि ऑटो-डेबिट कभी फेल न हो: ₹436 का डेबिट लौट जाए तो कवर सिर्फ़ रुकता नहीं, दोबारा जुड़ने पर 30 दिन की गिनती फिर से शुरू हो जाती है।
जुड़ने का तरीक़ा, क़दम दर क़दम
- खाता चुनिए जिससे प्रीमियम कटवाना है — ऐसा बचत खाता जिसमें पैसा चलता रहता हो और KYC सही हो।
- जुड़ने का रास्ता खोलिए। ज़्यादातर बैंक अब PMJJBY नेट बैंकिंग और अपने मोबाइल ऐप में ही देते हैं, आम तौर पर “Insurance”, “Social Security Schemes” या “Jan Suraksha” के नीचे। यहाँ से करना सबसे सस्ता है क्योंकि एजेंट का कमीशन नहीं लगता।
- या शाखा और बिज़नेस कॉरेस्पॉन्डेंट के ज़रिए करिए। जुड़ने और ऑटो-डेबिट की सहमति वाला फ़ॉर्म ले लीजिए, जो शाखाओं में और जन सुरक्षा पोर्टल पर मिलता है।
- नॉमिनी का ब्योरा ध्यान से भरिए — पूरा नाम, रिश्ता, और अगर नॉमिनी नाबालिग़ है तो उसकी तरफ़ से पैसा लेने वाले का नाम। यही एक लाइन तय करती है कि पैसा किसे मिलेगा और कितनी जल्दी मिलेगा।
- ऑटो-डेबिट की सहमति पर दस्तख़त करिए। आप एक बार की सहमति दे सकते हैं, फिर हर साल नया फ़ॉर्म भरे बिना प्रीमियम कटता रहेगा।
- रसीद सँभालकर रखिए। वही बीमे का प्रमाणपत्र भी है, और आप जुड़े हैं इसका सबूत बैंक के ऐप या पासबुक में हर साल कटने वाले ₹436 के डेबिट से भी मिल जाता है।
कवर कब ख़त्म हो जाता है
इनमें से कुछ भी हो जाए तो बीमा ख़त्म हो जाता है और कोई रकम नहीं मिलती:
- 55 साल की उम्र (जन्मदिन के हिसाब से नज़दीकी उम्र) पूरी होने पर, चाहे आप हर साल प्रीमियम भरते रहें।
- बैंक या डाकघर का खाता बंद हो जाने पर, या खाते में इतना पैसा न बचने पर कि प्रीमियम कट सके।
- अगर आपका कवर एक से ज़्यादा खातों से चल रहा है — तब भी कवर ₹2 लाख तक ही रहेगा और बाक़ी प्रीमियम ज़ब्त हो सकता है।
पैसे कम पड़ने से जो कवर बंद हो गया हो, उसे सही प्रीमियम देकर दोबारा चालू कराया जा सकता है, लेकिन तब उसे नया कवर माना जाता है और 30 दिन की रोक फिर से लागू होती है।
क्लेम कैसे किया जाता है
क्लेम का तरीक़ा जानबूझकर हल्का रखा गया है। नॉमिनी को उस बैंक या डाकघर की शाखा में जाना चाहिए जहाँ मरने वाले सदस्य का खाता था, बेहतर हो कि मौत के 30 दिन के भीतर, और साथ में क्लेम-कम-डिस्चार्ज फ़ॉर्म ले जाना चाहिए।
PMJJBY की क्लेम प्रक्रिया के मुताबिक़ नॉमिनी को ये काग़ज़ लगाने होते हैं:
- मौत का सबूत — जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार का मृत्यु प्रमाणपत्र, या अस्पताल की डिस्चार्ज समरी या प्रमाणपत्र, या आख़िर में इलाज करने वाले रजिस्टर्ड डॉक्टर का प्रमाणपत्र जिस पर किसी राजपत्रित अधिकारी या बैंक अधिकारी के दस्तख़त हों।
- मरने वाले सदस्य और नॉमिनी, दोनों का आधार और PAN (अच्छा रहेगा, ज़रूरी नहीं)।
- नॉमिनी का कोई एक KYC दस्तावेज़ — आधार, वोटर ID, MGNREGA कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, PAN या पासपोर्ट।
- नॉमिनी के खाते की पासबुक के पहले दो पन्ने, खाते का स्टेटमेंट या रद्द किया हुआ चेक, ताकि पैसा उसी खाते में भेजा जा सके।
- क्लेम की रकम लेने की भरी और दस्तख़त की हुई अग्रिम रसीद।
- अगर नॉमिनी की मौत सदस्य से पहले हो चुकी हो, या नामांकन हुआ ही न हो, तो सक्षम अदालत या अधिकारी से लिया गया उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या वारिस प्रमाणपत्र।
बैंक जाँचता है कि सदस्य वाक़ई जुड़ा हुआ था, प्रीमियम कटा और आगे भेजा गया था, फिर फ़ॉर्म पर अपनी मुहर लगाकर उसे ऑनलाइन बीमा कंपनी को भेज देता है — इसके लिए ज़्यादा से ज़्यादा सात दिन तय हैं। इसके बाद बीमा कंपनी के पास मंज़ूरी देने और पैसा भेजने के लिए सात दिन होते हैं। रकम नॉमिनी के खाते में आती है, और क्लेम मंज़ूर हो या ख़ारिज, कंपनी SMS से बता देती है।
अगर पहले 30 दिन के भीतर मौत हादसे से हुई है तो नॉमिनी को हादसे का सबूत भी देना होगा — FIR या पंचनामा और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, या ज़िला मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का प्रमाणपत्र।
PMJJBY और PMSBY एक चीज़ नहीं हैं
दोनों एक ही काउंटर पर मिलती हैं और अक्सर साथ-साथ ली जाती हैं, इसीलिए लोग इन्हें आपस में मिला देते हैं। दोनों अलग-अलग ख़तरों को कवर करती हैं।
| बात | PMJJBY | PMSBY |
|---|---|---|
| किस तरह का कवर | जीवन बीमा — किसी भी वजह से मौत | दुर्घटना — सिर्फ़ हादसे से मौत या स्थायी विकलांगता |
| सालाना प्रीमियम | ₹436 | ₹20 |
| बीमा राशि | ₹2 लाख | ₹2 लाख (मौत या पूरी विकलांगता); ₹1 लाख (आंशिक विकलांगता) |
| जुड़ने की उम्र | 18–50 साल | 18–70 साल |
| कवर कब तक | 55 साल | 70 साल |
| इंतज़ार की मियाद | हादसे के अलावा मौत पर 30 दिन की रोक | कोई नहीं |
ख़तरे अलग-अलग हैं और दोनों का मिलाकर ख़र्च साल में ₹456 पड़ता है, इसलिए जो लोग दोनों के लिए योग्य हैं वे ज़्यादातर दोनों ही ले लेते हैं। हादसे वाले हिस्से का पूरा ब्योरा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना वाली गाइड में है। अगर इसी बैंक खाते से बुढ़ापे की आमदनी का भी इंतज़ाम सोच रहे हैं, तो अटल पेंशन योजना इसी जन सुरक्षा परिवार में आती है, और सरकारी योजनाओं की पूरी सूची से पता चलता है कि ये सब कहाँ बैठती हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या PMJJBY अब भी ₹436 सालाना है?
हाँ। प्रीमियम 1 जून 2022 से ₹436 किया गया था और वित्तीय सेवा विभाग के मुताबिक़ जुलाई 2026 तक ₹436 ही है। नियम कहते हैं कि हर साल के क्लेम के अनुभव को देखकर इसे बदला जा सकता है, इसलिए जुड़ने से पहले अपने बैंक से आज की रकम पूछ लीजिए।
क्या PMJJBY में ख़ुदकुशी से हुई मौत कवर होती है?
रोक की मियाद बीत जाने के बाद योजना किसी भी वजह से हुई मौत को कवर करती है, और नियमों में ख़ुदकुशी को अलग से बाहर नहीं रखा गया है। जुड़ने या दोबारा जुड़ने के पहले 30 दिन में सिर्फ़ हादसे से हुई मौत कवर होती है। बीमा कंपनियाँ अपनी मुख्य पॉलिसी की शर्तें लगाती हैं, इसलिए किसी ख़ास मामले की पुष्टि के लिए बैंक शाखा ही सही जगह है।
क्या दो बैंकों से PMJJBY लेकर ₹4 लाख का कवर लिया जा सकता है?
नहीं। एक से ज़्यादा खातों से प्रीमियम कटे तब भी कवर ₹2 लाख पर ही रहता है और बाक़ी प्रीमियम ज़ब्त हो सकता है। सिर्फ़ एक खाते से जुड़िए।
ऑटो-डेबिट वाले दिन खाते में पैसा कम हुआ तो क्या होगा?
प्रीमियम कट नहीं पाएगा, कवर ख़त्म हो जाएगा, और उस दौरान का कोई क्लेम नहीं मिलेगा। सही प्रीमियम देकर आप इसे दोबारा चालू करा सकते हैं, लेकिन तब कवर नया माना जाता है और 30 दिन की रोक फिर से लगती है।
मेरी उम्र 52 साल है। क्या मैं अब भी जुड़ सकता हूँ?
नहीं। 50 साल के बाद नए सिरे से जुड़ना मुमकिन नहीं है। अगर आप 50 से पहले जुड़ चुके थे और बिना नागा हर साल प्रीमियम भरते रहे हैं, तो आपका कवर 55 साल की उम्र तक चलता रहेगा।
नॉमिनी कैसे बदलूँ?
उसी बैंक या डाकघर की शाखा में नया नामांकन फ़ॉर्म दीजिए जहाँ आपका PMJJBY चल रहा है। नामांकन बैंक के अपने रिकॉर्ड में रहता है, बीमा कंपनी के पास नहीं, इसलिए शाखा ही अकेली जगह है जहाँ इसे बदला जा सकता है।
क्लेम में कितना समय लगता है?
तय समय यह है: बैंक को पूरा क्लेम बीमा कंपनी तक भेजने के लिए सात दिन, और उसके बाद कंपनी को मंज़ूरी देकर पैसा देने के लिए सात दिन। देर आम तौर पर मौत के अधूरे सबूत या नॉमिनी के बैंक ब्योरे में गड़बड़ी से होती है, इसलिए ये दो चीज़ें सही कर लें तो सब कुछ तेज़ हो जाता है।