कला और संस्कृति की छवि प्रीलिम्स के सबसे बेक़ाबू विषय की है: सिलेबस की कोई साफ़ सीमा नहीं, कोई एक भरोसेमंद किताब नहीं, और सवाल कहीं से भी आ जाते हैं। इस छवि का कुछ हिस्सा सही है। ज़्यादातर हिस्सा इसलिए बना है क्योंकि लोग यह विषय ग़लत क्रम में पढ़ते हैं।
2013 से 2026 तक के चौदह पेपरों में इस विषय से 92 सवाल आए, यानी पेपर का 6.6%। इससे भी ज़्यादा अहम बात यह है कि प्राचीन और मध्यकाल असल में यहीं पूछे जाते हैं — और यह बात बदल देती है कि आपको प्राचीन इतिहास के आँकड़े कैसे पढ़ने चाहिए, जहाँ ये दोनों काल लगभग ग़ायब दिखते हैं।
आँकड़े
| साल | 2013 | 2014 | 2015 | 2016 | 2017 | 2018 | 2019 | 2020 | 2021 | 2022 | 2023 | 2024 | 2025 | 2026 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सवाल | 9 | 15 | 4 | 7 | 5 | 7 | 5 | 5 | 10 | 7 | 8 | 4 | 2 | 4 |
हर साल औसतन 6.6 सवाल, और आँकड़ा 2 से 15 तक जाता है। विषय हल्की गिरावट पर है — 2013-2019 में हर साल 7.4 सवाल, 2020-2026 में 5.7 — और 2025 के दो सवाल अब तक का सबसे कम आँकड़ा हैं।
गिरावट सच है, पर इसका ज़रूरत से ज़्यादा मतलब मत निकालिए। 6.6% वाला विषय, जो कभी-कभी उछलकर 15 पर चला जाता है, तैयारी का एक कम-से-कम स्तर तो माँगता ही है।
92 सवाल किन टॉपिक से आए
| Topic | Questions | Share |
|---|---|---|
| Religions in India | 18 | 19.6% |
| Art and Architecture | 13 | 14.1% |
| Other Aspects of Indian Culture | 12 | 13.0% |
| Indian Literature | 11 | 12.0% |
| Indian Philosophy | 5 | 5.4% |
| Temple Architecture | 5 | 5.4% |
| Indian Dance | 4 | 4.3% |
| Indian Paintings | 4 | 4.3% |
| Indian Handicrafts | 4 | 4.3% |
| Indian Languages | 4 | 4.3% |
| Bhakti Movement | 3 | 3.3% |
| Indian Music | 3 | 3.3% |
| Rivers and Drainage | 2 | 2.2% |
| Monetary Policy | 1 | 1.1% |
| Indian Heritage and Culture | 1 | 1.1% |
| Indian Theatre | 1 | 1.1% |
| Introduction | 1 | 1.1% |
धर्म सबसे बड़ा टॉपिक है
भारत के धर्मों पर अठारह सवाल — विषय का लगभग पाँचवाँ हिस्सा और उसका सबसे बड़ा अकेला टॉपिक।
जो बार-बार लौटता है: बौद्ध और जैन सिद्धांत और उनके संप्रदाय, संगीतियाँ और उनके नतीजे, भक्ति और सूफ़ी परंपराएँ और उनके प्रमुख नाम, दर्शन की शाखाएँ और उनके मूल ग्रंथ, और बड़ी परंपराओं के भीतर के पंथ।
ये सिद्धांत वाले सवाल हैं, जिनके जवाब पक्के होते हैं। कौन-सी शाखा क्या मानती है, कौन-सा ग्रंथ किस परंपरा का है, किसने कौन-सा संप्रदाय शुरू किया। इनमें बहुत पढ़ने से कहीं ज़्यादा फ़ायदा एक बार ध्यान से पढ़ने और एक अच्छी टेबल बना लेने का है।
स्थापत्य दो टॉपिक में बँटा है
कला और स्थापत्य (13) और मंदिर स्थापत्य (5) मिलाकर 18 सवाल बनते हैं।
मंदिर स्थापत्य का मतलब ख़ास तौर पर क्षेत्रीय शैलियाँ हैं — नागर, द्रविड़ और वेसर, उनकी उपशाखाएँ, और किस राजवंश ने किस शैली में बनवाया। बड़े कला और स्थापत्य में गुफ़ा मंदिर, स्तूप और उनके हिस्से, इंडो-इस्लामिक रूप, और हर शैली की अपनी शब्दावली आती है: शिखर, विमान, गोपुरम, गर्भगृह, मंडप, चैत्य, विहार, तोरण।
असली बात यही शब्दावली है। स्थापत्य के बहुत सारे सवाल यह जाँचते हैं कि किसी शब्द का मतलब आपको पता है या नहीं, यह नहीं कि आप कोई इमारत पहचान सकते हैं या नहीं।
साहित्य और भाषा
भारतीय साहित्य (11) और भारतीय भाषाएँ (4) मिलाकर 15 सवाल बनते हैं।
संस्कृत और प्राकृत के ग्रंथ और उनके रचयिता, संगम साहित्य, क्षेत्रीय साहित्य की परंपराएँ, शास्त्रीय भाषा का दर्जा और वह दर्जा पाने की शर्तें। यहाँ भी जोड़े मिलाने वाले सवाल आते हैं: ग्रंथ के साथ रचयिता, रचना के साथ काल, कवि के साथ दरबार।
प्रदर्शन कलाएँ और सजावटी कलाएँ
नृत्य (4), संगीत (3), चित्रकला (4) और हस्तशिल्प (4) मिलकर 15 सवाल बनाते हैं।
शास्त्रीय नृत्य और उनके राज्य, उनकी पहचान और उन पर लिखे ग्रंथ; हिंदुस्तानी और कर्नाटक परंपराएँ और उनके वाद्य; चित्रकला की शैलियाँ — मुग़ल, राजपूत, पहाड़ी, दक्कनी, और लोक परंपराएँ; और GI टैग वाले शिल्प, जो करेंट अफ़ेयर्स से जुड़ जाते हैं।
शिल्प वाले सवालों में तो करेंट अफ़ेयर्स का सीधा ट्रिगर होता है: साल भर में जिस शिल्प को GI टैग मिला, वह सवाल के लिए तैयार उम्मीदवार बन जाता है।
इस विषय की तैयारी कैसे करें
इसे प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास के साथ-साथ पढ़िए, अलग से नहीं। दोनों एक ही सामग्री हैं, बस टैग अलग हैं। गुप्तों को राजनीतिक इतिहास के लिए पढ़ना और फिर गुप्तकालीन कला अलग से पढ़ना इस ओवरलैप को बरबाद कर देता है।
शब्दावली की टेबल बनाइए। स्थापत्य के शब्द, नृत्य उनके राज्यों और ग्रंथों के साथ, चित्रकला की शैलियाँ उनके संरक्षकों के साथ, दर्शन की शाखाएँ उनके प्रवर्तकों के साथ। यह विषय अपनी छवि से कहीं ज़्यादा टेबल में उतर जाता है।
GI टैग और UNESCO की सूचियाँ देखते रहिए। करेंट अफ़ेयर्स के यही वे हुक हैं जो किसी शिल्प या किसी स्थल को सवाल बना देते हैं।
सब कुछ कर लेने के पीछे मत भागिए। भारतीय संस्कृति की कोई हद नहीं है। बार-बार लौटने वाले हिस्से कर लीजिए — धर्म, स्थापत्य की शब्दावली, साहित्य के जोड़े, शास्त्रीय कलाएँ — और मान लीजिए कि एक पूँछ बची रह जाएगी।
गिरावट में भी कम-से-कम स्तर बनाए रखिए। विषय नीचे की तरफ़ खिसका है, लेकिन 2021 में इसने 10 सवाल दिए थे।
पूरे पेपर की तस्वीर के लिए UPSC प्रीलिम्स PYQ टॉपिक-वाइज़ देखिए। मुख्य परीक्षा वाले हिस्से के लिए UPSC मुख्य परीक्षा में कला और संस्कृति के PYQ देखिए, जहाँ यह विषय कहीं बड़ा है — GS-1 का 14.1%। टॉपिक नोट्स हमारे कला और संस्कृति हब पर हैं, और इन सवालों का अभ्यास आप प्रैक्टिस पेज पर कर सकते हैं।
सामान्य प्रश्न
UPSC प्रीलिम्स में कला और संस्कृति के कितने सवाल आते हैं? हर साल औसतन 6.6 — 2013 से 2026 तक के पेपरों में कुल 92 सवाल, यानी पेपर का 6.6%। आँकड़ा 2 से 15 के बीच रहता है।
कला और संस्कृति का कौन-सा टॉपिक UPSC प्रीलिम्स में सबसे ज़्यादा पूछा जाता है? भारत के धर्म, 18 सवालों के साथ — बौद्ध और जैन सिद्धांत, भक्ति और सूफ़ी परंपराएँ, और दर्शन की शाखाएँ।
क्या UPSC प्रीलिम्स में कला और संस्कृति का वेटेज घट रहा है? हल्का-सा। 2013-2019 का औसत 7.4 सवाल था और 2020-2026 का 5.7, और 2025 में सिर्फ़ 2 सवाल आए। लेकिन 2021 में 10 आए थे, इसलिए एक कम-से-कम स्तर बचाकर रखना ज़रूरी है।
प्राचीन इतिहास के इतने कम सवाल क्यों दिखते हैं? क्योंकि उसका ज़्यादातर हिस्सा यहाँ टैग होता है। ख़ुद प्राचीन इतिहास पेपर का 1.5% है, लेकिन हड़प्पा की नगर योजना, गुप्तकालीन सिक्के, मंदिर शैलियाँ, बौद्ध सिद्धांत और संगम साहित्य कला और संस्कृति में गिने जाते हैं — यानी 6.6% और।
क्या कला और संस्कृति मुख्य परीक्षा में ज़्यादा अहम है? काफ़ी ज़्यादा। यह मुख्य परीक्षा के GS-1 का 14.1% है, जबकि प्रीलिम्स का 6.6% — मुख्य परीक्षा PYQ विश्लेषण देखिए।