एमपी ई डिस्ट्रिक्ट मध्य प्रदेश का वह ऑनलाइन काउंटर है जहां प्रमाण पत्र और तय समय में मिलने वाली सरकारी सेवाएं मिलती हैं। आज यह mpedistrict.gov.in पर मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी पोर्टल के नाम से चलता है। ज्यादातर लोग यह पोर्टल आय, जाति या स्थानीय निवासी (डोमिसाइल) प्रमाण पत्र का आवेदन करने, आवेदन की स्थिति देखने, या डिजिटल दस्तखत वाले किसी प्रमाण पत्र को जांचने के लिए खोलते हैं। पोर्टल को NIC की मध्य प्रदेश इकाई ने राज्य लोक सेवा अभिकरण के साथ मिलकर बनाया है।
खोजने वालों को दो बातें उलझाती हैं। पहली, पता। बहुत से लोग edistrict.mp.gov.in टाइप करते हैं, लेकिन काम करने वाला पोर्टल mpedistrict.gov.in है। दूसरी, आवेदन के रास्ते। एमपी ऑनलाइन कियोस्क, CSC सेंटर और लोक सेवा केंद्र, सब एक ही पोर्टल पर आवेदन भरते हैं। यानी CSC का ऑपरेटर और लोक सेवा केंद्र एक ही सिस्टम में, एक ही कानून के तहत काम करते हैं। वह कानून मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 है, जो हर प्रमाण पत्र को एक ऐसी समय-सीमा बना देता है जिसे आप लागू करवा सकते हैं।
एमपी ई डिस्ट्रिक्ट एक नजर में
पोर्टल लोक सेवा प्रबंधन विभाग के तहत आता है, और रोज का कामकाज राज्य लोक सेवा अभिकरण संभालता है। नीचे पोर्टल से ही ली गई बुनियादी बातें हैं।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पोर्टल | mpedistrict.gov.in, जिसका शीर्षक मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी पोर्टल है |
| कौन चलाता है | राज्य लोक सेवा अभिकरण, NIC मध्य प्रदेश के साथ |
| कानून | मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 (2010 का अधिनियम क्रमांक 24) |
| आवेदन के रास्ते | लोक सेवा केंद्र, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, CSC कियोस्क, नागरिक लॉगिन, मोबाइल ऐप |
| आय प्रमाण पत्र का शुल्क | कियोस्क या केंद्र पर 20 रुपये और कानूनी शुल्क; खुद ऑनलाइन आवेदन करें तो मुफ्त |
| समय-सीमा | आय 3 कार्य दिवस; स्थानीय निवासी 7; SC, ST और OBC जाति 30 |
| कितना काम हुआ | मुख्य पेज के मुताबिक 12.51 करोड़ से ज्यादा आवेदन दर्ज, 12.45 करोड़ से ज्यादा निपटाए गए |
| संपर्क | [email protected] (राज्य लोक सेवा अभिकरण); पोर्टल पर CM हेल्पलाइन 181 दी गई है |
पोर्टल पर क्या-क्या है और कौन इसका इस्तेमाल करता है
मुख्य पेज सेवाओं को श्रेणी और विभाग के हिसाब से बांटता है, प्रमाण पत्रों और भूमि रिकॉर्ड की नकल से लेकर पेंशन, बिजली कनेक्शन और लाइसेंस तक। छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमाण पत्र चाहिए होते हैं।
| पोर्टल पर सेवा | अधिसूचित समय-सीमा | मुख्य दस्तावेज |
|---|---|---|
| 6.2 आय प्रमाण पत्र | 3 कार्य दिवस | आपकी आय बताने वाला स्वघोषणा पत्र |
| 6.1 स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र | 7 कार्य दिवस | स्वघोषणा पत्र |
| 6.3-A अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र | 30 कार्य दिवस | जाति का सबूत, 1950 की स्थिति में निवास का सबूत, शैक्षिक प्रमाण पत्र, घोषणा पत्र |
| 6.3-B अन्य पिछड़े वर्ग जाति प्रमाण पत्र | 30 कार्य दिवस | जाति का सबूत, 1984 की स्थिति में निवास का सबूत, आय का सबूत, जमीन का ब्योरा, घोषणा पत्र |
| EWS आय और संपत्ति प्रमाण पत्र | सेवा वाला पेज देखिए | सेवा वाले पेज पर दिए गए हैं |
जाति के लिए दो में से कोई एक सबूत माना जाता है। पहला, परिवार के किसी सदस्य (दादा-दादी, माता-पिता, चाचा या भाई) का संपत्ति रिकॉर्ड जिसमें जाति लिखी हो। दूसरा, पिता की तरफ के किसी सदस्य को 1996 के बाद SDO (राजस्व) से जारी जाति प्रमाण पत्र। दो जुड़ी हुई सेवाएं मेहनत बचाती हैं। एक है पहले हाथ से जारी हुए जाति प्रमाण पत्र की डिजिटल दस्तखत वाली कॉपी (सेवा 6.5)। दूसरी है उस व्यक्ति के लिए जाति प्रमाण पत्र, जिसके पिता, भाई या बहन के पास पहले से एक है (सेवा 6.6)।
राष्ट्रीय स्तर की पृष्ठभूमि चाहिए, तो जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, डोमिसाइल प्रमाण पत्र और EWS प्रमाण पत्र पर हमारी गाइड बताती हैं कि हर एक क्या साबित करता है। राज्य और केंद्र के OBC प्रमाण पत्र का फर्क OBC नॉन-क्रीमी लेयर वाले हमारे नोट में समझाया गया है।
समाधान एक दिन: उसी दिन मिलने वाले प्रमाण पत्र
समाधान एक दिन पोर्टल की तेज लेन है। आय और स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, दोनों के पेज कहते हैं कि इस व्यवस्था में लोक सेवा केंद्र पर सेवा एक कार्य दिवस के भीतर दी जाती है। इसी सूची में खसरा, बी-1 खतौनी और चालू नक्शे की नकल भी आती है। ये वही रिकॉर्ड हैं जो हमारी एमपी भूलेख गाइड में समझाए गए हैं।
एमपी ई डिस्ट्रिक्ट पर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन कैसे करें
कियोस्क पर आप बिना खाते के भी आवेदन कर सकते हैं। लेकिन रजिस्ट्रेशन कर लें, तो घर बैठे आवेदन भी कर सकते हैं और उसे ट्रैक भी।
- mpedistrict.gov.in खोलिए और ऊपर “नागरिक पंजीयन” पर क्लिक कीजिए, या लॉगिन पेज पर “नए नागरिक पंजीयन करें” पर।
- अपना विवरण भरिए, जिसमें लिंग और आधार नंबर भी शामिल हैं। अगर आप आधार के जरिए रजिस्ट्रेशन करना चाहें, तो फॉर्म में “आधार से रजिस्ट्रेशन” का विकल्प है।
- अपने मोबाइल नंबर और ईमेल पर भेजे गए OTP से दोनों की पुष्टि कीजिए।
- चाहें तो प्रोफाइल फोटो अपलोड कीजिए। यह जरूरी नहीं है, और 50 KB से छोटी होनी चाहिए।
- “लॉग इन” से अपने ईमेल, मोबाइल नंबर या यूजर आईडी, पासवर्ड और कैप्चा के साथ लॉगिन कीजिए।
यही लॉगिन बॉक्स नागरिकों, लोक सेवा केंद्र के ऑपरेटरों और अधिकारियों, तीनों के काम आता है। इसलिए “सिटीजन/ लोक सेवा केंद्र/ अधिकारी लॉगिन” वाला शीर्षक देखकर उलझिए मत।
एमपी ई डिस्ट्रिक्ट पर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कैसे करें
यह तरीका पोर्टल की ऑनलाइन सेवाओं वाली पुस्तिका के मुताबिक है: सेवा चुनिए, आवेदन कीजिए, लॉगिन कीजिए, शुल्क लगता हो तो चुकाइए, और पावती सेव कर लीजिए।
- मुख्य पेज पर “स्वयं ऑनलाइन आवेदन करें” (खुद ऑनलाइन आवेदन कीजिए) के नीचे अपनी सेवा खोलिए। सारी सेवाएं देखनी हों, तो ऑनलाइन सेवा के लिए आवेदन वाला लिंक इस्तेमाल कीजिए।
- सेवा वाला पेज पढ़िए। उसमें जरूरी दस्तावेज, समय-सीमा और हर रास्ते का शुल्क लिखा होता है। घोषणा पत्र का फॉर्मेट “(डाउनलोड प्रपत्र)” वाले लिंक से डाउनलोड कीजिए।
- Apply पर क्लिक कीजिए और लॉगिन कीजिए।
- फॉर्म भरिए और दस्तावेज अपलोड कीजिए।
- जहां शुल्क लगता हो वहां चुकाइए, फिर पावती खोलिए।
- पावती पर लिखा पंजीकरण क्रमांक नोट कर लीजिए। स्थिति देखने और अपील करने में इसकी जरूरत पड़ेगी।
अगर पैसा कट जाए लेकिन पंजीकरण पूरा न हो, तो पोर्टल का FAQ कहता है कि आप दोबारा लॉगिन करके उसे पूरा कर सकते हैं। आपको दो बार पैसा नहीं देना पड़ेगा।
एमपी ऑनलाइन, CSC या लोक सेवा केंद्र पर आवेदन
कियोस्क वाला रास्ता भी यही पोर्टल है, बस कीबोर्ड पर कोई ऑपरेटर बैठा होता है। FAQ आपके अपने लॉगिन के अलावा चार रास्ते गिनाता है: लोक सेवा केंद्र, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, CSC कियोस्क और मोबाइल ऐप। मुख्य पेज पर “नजदीकी सेवा प्रदाय केंद्र” वाला लिंक आपका सबसे पास का केंद्र ढूंढ देता है। हर सेवा हर रास्ते पर नहीं खुलती। मिसाल के लिए, OBC जाति प्रमाण पत्र वाला पेज सिर्फ लोक सेवा केंद्र और ऑनलाइन आवेदन का नाम लेता है।
शुल्क और समय-सीमा
शुल्क इस बात पर टिका है कि फॉर्म कौन भरता है। एमपी आय प्रमाण पत्र के लिए सेवा वाला पेज लोक सेवा केंद्र, एमपी ऑनलाइन या CSC पर 20 रुपये और कानूनी शुल्क दिखाता है, साथ में यह नोट भी कि कियोस्क का शुल्क “टेंडर के मुताबिक” है। खुद ऑनलाइन आवेदन करें, तो यह मुफ्त है। जाति और स्थानीय निवासी वाले पेज भी अपने रास्तों के लिए यही ढर्रा अपनाते हैं। पैसे देने से पहले सेवा वाला पेज देख लीजिए, क्योंकि उस सेवा का आधिकारिक आंकड़ा वही है।
समय-सीमा कार्य दिवसों में गिनी जाती है और हर प्रमाण पत्र के लिए अलग है: आय के लिए 3, स्थानीय निवासी के लिए 7, और SC, ST या OBC जाति प्रमाण पत्र के लिए 30। यह घड़ी कानूनी है। अधिनियम के तहत पदाभिहित अधिकारी को इसी मियाद के भीतर या तो सेवा देनी होती है, या लिखित वजह के साथ आवेदन नामंजूर करना होता है।
2020 के एक संशोधन अध्यादेश ने एक और सख्त नियम जोड़ा। जिन सेवाओं को राज्य इसके लिए अधिसूचित करता है, उनमें अगर पदाभिहित अधिकारी समय पर फैसला न करे, तो पोर्टल खुद एक मान्य अनुमोदन (deemed approval) बना देता है। इसकी कानूनी हैसियत अधिकारी की दी गई मंजूरी जितनी ही है।
एमपी ई डिस्ट्रिक्ट पर आवेदन की स्थिति कैसे देखें
- मुख्य पेज पर “आवेदन की स्थिति जानें” पर क्लिक कीजिए।
- “पंजीकरण क्र.” (पंजीकरण क्रमांक) या “मोबाइल नं.” (मोबाइल नंबर) चुनिए।
- उसे कैप्चा के साथ भरिए और “खोजें” पर क्लिक कीजिए।
FAQ के मुताबिक पंजीकरण क्रमांक RS/XXX/XXXX/XX/2018 जैसा दिखता है। नतीजे में पंजीकरण की तारीख, आपका नाम और पता, लक्ष्य तिथि और मौजूदा स्थिति दिखती है। “Show File/ Movement” में आप अपना फॉर्म, पावती, डिजिटल दस्तखत वाले दस्तावेज और अंतिम आदेश देख सकते हैं। पेंशन के आवेदनों और राजस्व के मुकदमों की स्थिति के लिए मुख्य पेज पर अलग लिंक हैं।
डिजिटल दस्तखत वाला प्रमाण पत्र कैसे जांचें
पोर्टल से मिलने वाले प्रमाण पत्रों पर डिजिटल दस्तखत होते हैं, और कोई भी उन्हें जांच सकता है। स्थिति वाले पेज पर “डिजीटल हस्ताक्षरित” से शुरू होने वाला प्रमाण पत्र जांचने का विकल्प चुनिए, मांगा गया विवरण भरिए और नतीजे को कागजी कॉपी से मिलाइए। मुख्य पेज पर भी इसी जांच का सीधा लिंक है।
एक जुड़ी हुई सेवा एक आम बेमेल को ठीक करती है। मुख्य पेज पर जाति प्रमाण पत्र से जन्मतिथि, आधार और समग्र आईडी जोड़ने की एक सेवा दी गई है। यह इसलिए अहम है क्योंकि स्कॉलरशिप और दाखिले वाले सिस्टम आपका रिकॉर्ड समग्र पोर्टल से खींचते हैं।
आम गलतियां और उनका हल
एमपी ई डिस्ट्रिक्ट की ज्यादातर दिक्कतें बार-बार वही होती हैं, और हर एक का हल है:
- साइट नहीं खुलती। आपने edistrict.mp.gov.in टाइप किया है। mpedistrict.gov.in इस्तेमाल कीजिए।
- सबूत न होने से जाति वाला आवेदन अटक गया। पोर्टल को परिवार का ऐसा रिकॉर्ड चाहिए जिसमें जाति लिखी हो, या परिवार के किसी सदस्य का 1996 के बाद SDO (राजस्व) से जारी प्रमाण पत्र। आवेदन से पहले इनमें से एक जुटा लीजिए।
- हाथ से बना पुराना जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं माना गया। नए प्रमाण पत्र की जगह सेवा 6.5 के तहत डिजिटल दस्तखत वाली कॉपी के लिए आवेदन कीजिए।
- पैसा दे दिया लेकिन पंजीकरण क्रमांक नहीं मिला। दोबारा लॉगिन करके आवेदन पूरा कीजिए। FAQ कहता है कि दूसरी बार पैसा देने की जरूरत नहीं है।
- प्रोफाइल फोटो नहीं चढ़ी। वह 50 KB से छोटी इमेज होनी चाहिए।
- आवेदन में मोबाइल नंबर या ईमेल गलत है। स्थिति वाले पेज पर इन्हें बदलने का लिंक है।
शिकायत कहां करें और अपील कैसे करें
अपील आपका सबसे मजबूत हथियार है, और पोर्टल उसकी समय-सीमा साफ-साफ बताता है। अधिनियम की धारा 6 के तहत पहली अपील नामंजूरी या समय-सीमा खत्म होने के 30 दिन के भीतर प्रथम अपील अधिकारी के पास जाती है। दूसरी अपील पहली अपील के फैसले के 60 दिन के भीतर होती है। “पदाभिहित/अपीलीय अधिकारी” वाला पेज हर सेवा के पदाभिहित और अपीलीय अधिकारियों की सूची देता है।
अधिनियम द्वितीय अपील प्राधिकारी को असली ताकत देता है। बिना काफी वजह के देरी पर वह पदाभिहित अधिकारी पर रोज 250 रुपये, ज्यादा से ज्यादा 5,000 रुपये का जुर्माना लगा सकता है। सेवा न देने पर 500 से 5,000 रुपये तक की एकमुश्त रकम लगाई जा सकती है। वह जुर्माने का कुछ हिस्सा आपको मुआवजे के तौर पर देने का आदेश भी दे सकता है।
आम शिकायतों के लिए पोर्टल पर “सुझाव , प्रतिक्रिया और शिकायत” वाला पेज है, और CM हेल्पलाइन 181 भी दी गई है। राज्य लोक सेवा अभिकरण का ईमेल [email protected] है।
एमपी ई डिस्ट्रिक्ट आज
पोर्टल का फुटर बताता है कि यह कितना बड़ा हो चुका है: 12.5 करोड़ से ज्यादा आवेदन दर्ज हुए और 12.4 करोड़ से ज्यादा निपटाए गए। अब इस पर WhatsApp और टेलीग्राम चैट के लिंक, एक रोजाना डैशबोर्ड और जिलेवार समाधान एक दिन के रोस्टर भी हैं। 2020 के मान्य अनुमोदन वाले नियम ने पोर्टल की भूमिका ट्रैक करने वाले से लागू करवाने वाले की बना दी। अब अधिकारी समय-सीमा चूक जाए, तो सिस्टम किसी अधिसूचित सेवा को खुद मंजूरी दे सकता है।
मध्य प्रदेश का यह कानून सेवा के अधिकार वाले उस बड़े आंदोलन का हिस्सा है जो नागरिक चार्टर से निकला। नागरिक चार्टरों ने मानक तो गिनाए, लेकिन नागरिकों को कोई उपाय नहीं दिया। यह सुशासन की एक जानी-मानी केस स्टडी है। बिहार यही मॉडल अपने पोर्टल से चलाता है, जिसके बारे में हमारी आरटीपीएस बिहार गाइड में पढ़ सकते हैं।
सामान्य प्रश्न
एमपी ई डिस्ट्रिक्ट की आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?
काम करने वाला पोर्टल mpedistrict.gov.in है, जिसका शीर्षक मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी पोर्टल है। सर्च में अक्सर edistrict.mp.gov.in दिखता है, लेकिन उस पते से पोर्टल नहीं खुलता।
एमपी में आय प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
mpedistrict.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कीजिए, आय प्रमाण पत्र वाली सेवा खोलिए, स्वघोषणा पत्र डाउनलोड करके भरिए, उसे अपलोड कीजिए और जमा कीजिए। खुद ऑनलाइन आवेदन करना मुफ्त है, और अधिसूचित समय-सीमा 3 कार्य दिवस है।
एमपी ऑनलाइन या CSC सेंटर पर कितना शुल्क लगता है?
आय प्रमाण पत्र वाला पेज लोक सेवा केंद्र, एमपी ऑनलाइन कियोस्क या CSC सेंटर पर 20 रुपये और कानूनी शुल्क बताता है। अपने नागरिक लॉगिन से आवेदन करना मुफ्त है।
मध्य प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र बनने में कितने दिन लगते हैं?
पोर्टल SC, ST और OBC जाति प्रमाण पत्रों के लिए 30 कार्य दिवस बताता है। आय प्रमाण पत्र में 3 कार्य दिवस लगते हैं और स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र में 7।
अपने एमपी ई डिस्ट्रिक्ट आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
मुख्य पेज पर ‘आवेदन की स्थिति जानें’ पर क्लिक कीजिए, और कैप्चा के साथ पंजीकरण क्रमांक या मोबाइल नंबर से खोजिए। नतीजे में लक्ष्य तिथि और मौजूदा स्थिति दिखती है।
समाधान एक दिन क्या है?
समाधान एक दिन उसी दिन काम करने वाली व्यवस्था है, जिसमें लोक सेवा केंद्र पर आय और स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र एक कार्य दिवस में जारी होते हैं। इसमें खसरा और बी-1 जैसे भूमि रिकॉर्ड की नकल भी आती है।
एमपी में देर से मिलने वाले प्रमाण पत्र के खिलाफ अपील कैसे करें?
नामंजूरी या समय-सीमा खत्म होने के 30 दिन के भीतर पहली अपील कीजिए, और पहली अपील के फैसले के 60 दिन के भीतर दूसरी अपील। द्वितीय अपील प्राधिकारी अधिकारी पर रोज 250 रुपये, ज्यादा से ज्यादा 5,000 रुपये का जुर्माना लगा सकता है।
एमपी लोक सेवा गारंटी कानून में मान्य अनुमोदन क्या है?
2020 का एक संशोधन अध्यादेश पोर्टल को यह इजाजत देता है कि किसी अधिसूचित सेवा में पदाभिहित अधिकारी के समय-सीमा चूकने पर वह अपने-आप मंजूरी बना दे। इस मान्य अनुमोदन की कानूनी हैसियत अधिकारी की दी गई मंजूरी जितनी ही है।