पंजाब जमाबंदी, पंजाब भूमि रिकॉर्ड का सरकारी पोर्टल है, जिसका पता jamabandi.punjab.gov.in है। इसे राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग चलाता है। जून 2025 में राज्य ने अपनी मुख्य राजस्व सेवाएं ऑनलाइन कीं, और तभी से इसका नाम “Easy Jamabandi” (ईजी जमाबंदी) है। ज्यादातर लोगों के लिए यह तीन काम करता है। यह फर्द (गांव की जमाबंदी की कॉपी) मुफ्त दिखाता है। यह डिजिटल हस्ताक्षर और QR कोड वाली फर्द बेचता है, जो WhatsApp या ईमेल पर आती है। और यह इंतकाल (mutation), रपट की प्रविष्टि और रिकॉर्ड सुधार के ऑनलाइन अनुरोध लेता है, जिनके लिए पहले पटवारी के पास जाना पड़ता था।
सबसे आम भटकाव खोज वाला शब्द ही है। लोग “PLRS फर्द” खोजते हैं और पंजाब लैंड रिकॉर्ड्स सोसाइटी की वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं, जिस पर ज्यादातर भर्ती की सूचनाएं होती हैं; फर्द तो jamabandi.punjab.gov.in पर है। दूसरा भटकाव पैसे का नुकसान कराता है। राज्य के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम से रजिस्टर हुई जमीन के खरीदार अक्सर इंतकाल का अलग अनुरोध भर देते हैं, जबकि पोर्टल कहता है कि ऐसी डीड इंतकाल के लिए अपने-आप पटवारी तक पहुंच जाती है। यह गाइड बताती है कि आपको असल में कौन-सी सेवा चाहिए।
पंजाब जमाबंदी एक नजर में
पोर्टल दो भाषाओं में है: हर लेबल पहले पंजाबी में है, और स्लैश के बाद अंग्रेजी में। नीचे के तथ्य 3 नवंबर 2026 तक के लाइव पोर्टल, उसके यूजर मैनुअल और उसके FAQ से लिए गए हैं।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पोर्टल | jamabandi.punjab.gov.in (easyjamabandi.punjab.gov.in एक लैंडिंग पेज खोलता है, जो इसी पोर्टल से जुड़ा है) |
| कौन चलाता है | राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग, पंजाब |
| मुफ्त देखना | मालिक के नाम, खेवट, खतौनी या खसरा नंबर से फर्द |
| हस्ताक्षर वाली फर्द | 25 रुपये प्रति पेज, डाउनलोड, WhatsApp या ईमेल से |
| इंतकाल का अनुरोध | 600 रुपये की एक बार की फीस; 30 दिन के भीतर फैसला |
| दूसरे अनुरोध | रपट (अदालत का आदेश या बैंक कर्ज), फर्द बदर (सुधार), जमीन अलर्ट की सदस्यता, पारिवारिक बंटवारा |
| ऑफलाइन रास्ते | सेवा केंद्र, फर्द केंद्र और 1076 पर घर बैठे सेवा (50 रुपये) |
| सूची में जिले | 23, अमृतसर से तरनतारन तक, मलेरकोटला समेत |
ड्रॉप-डाउन के 23 जिले राज्य के मौजूदा नक्शे से मेल खाते हैं। अगर आपकी तहसील का जिला बदल गया है, तो पंजाब के जिलों की सूची काम आएगी।
पंजाब के रिकॉर्ड के शब्द, आसान भाषा में
पंजाब के भूमि रिकॉर्ड अब भी पुराने बंदोबस्त रजिस्टरों की शब्दावली इस्तेमाल करते हैं, और पोर्टल के मेनू मानकर चलते हैं कि आप यह शब्दावली जानते हैं।
- जमाबंदी: गांव का अधिकार अभिलेख, जिसमें हर मालिक और काश्तकार अपने हिस्से और खेतों के साथ दर्ज होता है।
- फर्द: एक होल्डिंग की जमाबंदी की कॉपी। पोर्टल का FAQ “फर्द” और “जमाबंदी की नकल” को एक ही चीज मानता है।
- खेवट: मालिकाना होल्डिंग। एक खेवट में कई सह-मालिक हो सकते हैं।
- खतौनी: काश्त वाली होल्डिंग का नंबर। पोर्टल इस नंबर से अलग से खोजने देता है।
- खसरा: किसी एक खेत का नंबर।
- इंतकाल: म्यूटेशन, यानी वह प्रविष्टि जो बिक्री, दान, विरासत या अदालत के आदेश के बाद मालिकाना हक बदलती है।
- वसीका: रजिस्टर्ड डीड। “वसीके के आधार पर इंतकाल” का मतलब है डीड पर आधारित इंतकाल।
- विरासत: उत्तराधिकार, यानी मालिक के बाद वारिसों को हक मिलना।
- रपट: पटवारी के रोज के रजिस्टर (रोजनामचा) में दर्ज रिपोर्ट। इससे बैंक कर्ज, उसकी अदायगी या जमीन पर अदालत का आदेश दर्ज किया जाता है।
- फर्द बदर: नई जमाबंदी में आ गई लिपिकीय (clerical) गलती को ठीक करने का आदेश।
- तकसीम: साझा होल्डिंग का बंटवारा।
खेवट नंबर संभालकर रखिए। हस्ताक्षर वाली कॉपी, सदस्यता और रपट के अनुरोध, सब यही नंबर मांगते हैं।
ऑनलाइन सेवाएं और हर सेवा की फीस
ईजी जमाबंदी में एक मुफ्त व्यू है, और कई अनुरोध हैं, जिनमें से कुछ पर फीस लगती है और कुछ मुफ्त हैं। जहां अलग से न लिखा हो, वहां नीचे की फीस और समय-सीमा पोर्टल के FAQ और यूजर मैनुअल से ली गई हैं।
| सेवा (पोर्टल का लेबल) | यह क्या करती है | फीस | समय-सीमा |
|---|---|---|---|
| View Jamabandi | जांच के लिए फर्द दिखाती है | मुफ्त | तुरंत |
| Jamabandi on WhatsApp | डिजिटल हस्ताक्षर और QR कोड वाली फर्द | 25 रुपये प्रति पेज | पेमेंट के तुरंत बाद |
| Mutation of Inheritance | मालिक की मौत के बाद वारिसों के नाम चढ़ाती है | 600 रुपये | 30 दिन |
| Mutation on the basis of Deed | किसी पुरानी रजिस्टर्ड डीड का इंतकाल | 600 रुपये | 30 दिन |
| Rapat | बैंक कर्ज, कर्ज की अदायगी या अदालत के आदेश की प्रविष्टि | कोई फीस नहीं | 7 दिन (कर्ज), 1 दिन (अदालत का आदेश) |
| Fard badar | लिपिकीय गलती ठीक करती है | कोई फीस नहीं | 15 दिन |
| Subscription | किसी खेवट में कोई भी बदलाव होने पर WhatsApp या ईमेल अलर्ट | हर खेवट के लिए 500 रुपये सालाना, जैसा शुरुआत के समय बताया गया | एक साल |
| Oral/Family Partition | पारिवारिक बंटवारा दर्ज कराने का अनुरोध | पोर्टल पर नहीं छपी | पोर्टल का कैप्शन 30 दिन कहता है |
सदस्यता की फीस ही वह एक आंकड़ा है, जो पोर्टल खुद नहीं छापता। उसका FAQ बस इसे “मामूली फीस” कहता है, और 500 रुपये का आंकड़ा जून 2025 में शुरुआत के समय की खबरों से आया है। इसलिए रकम पेमेंट स्क्रीन पर जांच लीजिए।
पारिवारिक बंटवारे वाली सेवा सबसे नई है। होम पेज पर इस पर NEW लिखा है, और इसका पंजाबी कैप्शन इसे 30 दिन में बंटवारे वाली मुख्यमंत्री की योजना बताता है। फॉर्म आवेदक का नाम, लिंग, पिता का नाम, दादा या ससुर का नाम और OTP के साथ मोबाइल नंबर मांगता है। उसके बाद की स्क्रीनें OTP के पीछे हैं, और उनकी बात यहां नहीं की गई है।
अपनी फर्द मुफ्त कैसे देखें
मुफ्त फर्द के लिए न लॉगिन चाहिए, न पेमेंट, न OTP।
- jamabandi.punjab.gov.in खोलिए और “View Jamabandi” के नीचे “Owner Name Wise”, “Khewat No. Wise”, “Khasra No. Wise” या “Khatouni No. Wise” चुनिए।
- “Select the Region” बॉक्स में Jamabandi Period चुनिए: सबसे नए रिकॉर्ड के लिए “Current”, या पुरानी जमाबंदी के लिए “Previous”।
- जिला, तहसील, गांव और साल चुनिए, फिर “Set Region” पर क्लिक कीजिए।
- अगर आपने नंबर से खोजा है, तो ड्रॉप-डाउन से खेवट, खतौनी या खसरा नंबर चुनिए।
- अगर आपने मालिक के नाम से खोजा है, तो स्क्रीन पर बने वर्चुअल कीबोर्ड से नाम पंजाबी में टाइप कीजिए और “View Owner Relation” पर क्लिक कीजिए। सही व्यक्ति चुनिए (दिखाया गया रिश्ता एक जैसे नाम वाले मालिकों को अलग पहचानने में मदद करता है), और जो खेवट चाहिए, उन पर टिक लगाइए।
- कैप्चा डालिए और “View Report” पर क्लिक कीजिए।
फर्द बिना प्रमाणन वाली कॉपी के रूप में खुलती है। आप इसे डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं, लेकिन FAQ साफ कहता है कि यह सिर्फ देखने और आपकी अपनी जानकारी के लिए है।
इसी मेनू में तीन और मुफ्त खोजें हैं। “View Mutation” इंतकाल नंबर से इंतकाल ढूंढता है। “View Roznamcha” रपट नंबर या वाकियाती नंबर से रपट ढूंढता है। और “View Registered Deed” विक्रेता या खरीदार के नाम, खेवट नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर या रजिस्ट्रेशन की तारीख से डीड ढूंढता है।
WhatsApp पर हस्ताक्षर वाली फर्द कैसे लें
जब बैंक, अदालत या कोई दफ्तर रिकॉर्ड मांगता है, तो मुफ्त व्यू से काम नहीं चलता। इसके लिए पोर्टल QR कोड वाली, डिजिटल हस्ताक्षर की हुई फर्द देता है। इसका FAQ कहता है कि यह कॉपी कानूनी रूप से मान्य है, और सेवा केंद्र या फर्द केंद्र से खरीदी गई फर्द भी।
- फर्द ठीक वैसे ही खोजिए, जैसे मुफ्त व्यू में खोजते हैं। “Jamabandi on WhatsApp” टाइल से खोजने पर भी वही चार खोज विकल्प खुलते हैं।
- जब बिना प्रमाणन वाली फर्द खुले, तो डिजिटल हस्ताक्षर वाली कॉपी लेने का विकल्प चुनिए।
- अपना नाम, मोबाइल नंबर (भारतीय नंबर बेहतर है), चाहें तो ईमेल, और पता भरिए।
- कॉपी पाने का तरीका चुनिए: Download, WhatsApp या Email, और Submit पर क्लिक कीजिए।
- स्क्रीन 25 रुपये प्रति पेज के हिसाब से कुल रकम दिखाती है। “Get OTP” पर क्लिक कीजिए, OTP डालिए और उसकी पुष्टि कीजिए।
- नेट बैंकिंग, UPI, या क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पैसा भरिए।
- पेमेंट के बाद आपको डाउनलोड लिंक मिलता है, और अगर आपने WhatsApp या ईमेल चुना है, तो कॉपी वहां भी जाती है।
अनुरोध की ID संभालकर रखिए। मेनू का “Fard Request Status” उसी ID और एक कैप्चा से अनुरोध को फिर से ढूंढ देता है।
अगर हस्ताक्षर पर सवालिया निशान दिखे। PDF को Adobe Acrobat Reader के वर्जन 11 या उसके बाद वाले वर्जन में खोलिए। FAQ कहता है कि सवालिया निशान या “Validity unknown” का मतलब यह नहीं है कि फर्द में कोई खराबी है, और यह इलाज बताता है:
- “?” आइकन पर क्लिक कीजिए, फिर “Signature Properties”, फिर “Show Signer’s Certificate”;
- “Trust” टैब पर “Add to Trusted Certificate” पर क्लिक कीजिए, अगली विंडो में सारे बॉक्स पर टिक लगाइए और OK दबाइए;
- “Validate Signature” पर क्लिक कीजिए और हरा टिक देखिए।
कंप्यूटर या स्मार्टफोन न हो, तो घर बैठे सेवा के लिए 1076 डायल कीजिए। FAQ कहता है कि 50 रुपये की फीस पर एक सेवा सहायक आपके घर आता है।
ऑनलाइन इंतकाल: विरासत और डीड वाले इंतकाल
पंजाब इंतकाल को अब दो मामलों में बांटता है, और इनमें से सिर्फ एक में आपको आवेदन करना पड़ता है।
NGDRS से रजिस्टर हुई डीड के लिए कोई अनुरोध नहीं चाहिए। FAQ कहता है कि नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (NGDRS) पर रजिस्टर हुई डीड इंतकाल के लिए अपने-आप पटवारी के पास भेज दी जाती हैं। सिर्फ पुरानी डीड से जुड़े इंतकाल के लिए “Mutation on the basis of Deed” वाला फॉर्म भरना पड़ता है।
विरासत के लिए अनुरोध करना पड़ता है। यूजर मैनुअल के मुताबिक स्टेप ये हैं:
- “Mutation of Inheritance” पर क्लिक कीजिए, अपना नाम, पिता का नाम और मोबाइल नंबर डालिए, “Send OTP” पर क्लिक कीजिए और OTP से पुष्टि कीजिए।
- मृतक का नाम, लिंग, पिता और दादा के नाम, मौत की तारीख, मृत्यु प्रमाणपत्र का नंबर और मृतक से अपना रिश्ता भरिए।
- ई-सेवा से मृत्यु प्रमाणपत्र मंगाने के लिए क्लिक कीजिए। अगर वह न आए, तो उसे 5 MB तक की PDF के रूप में अपलोड कीजिए।
- जिस-जिस गांव में जमीन है, वह गांव जोड़िए, और हर गांव के बाद “Add” पर क्लिक कीजिए।
- हर कानूनी वारिस को नाम, रिश्ता, मोबाइल, पता और टिप्पणी के साथ जोड़िए।
- अगर वसीयत है, तो “Yes” पर टिक कीजिए और Registered या Unregistered चुनिए। रजिस्टर्ड वसीयत के लिए उप-रजिस्ट्रार दफ्तर, पूरा वसीका नंबर और तारीख भरिए, और NGDRS से “Fetch copy of Will” पर क्लिक कीजिए। नहीं तो वसीयत अपलोड कीजिए।
- स्व-घोषणा स्वीकार कीजिए, “Save & Proceed for Print” पर क्लिक कीजिए, प्रीव्यू प्रिंट कीजिए, उस पर दस्तखत कीजिए और दस्तखत वाली PDF अपलोड कीजिए।
- “Submit & Proceed for Payment” पर क्लिक कीजिए और 600 रुपये की एक बार की फीस भरिए।
ज्यादातर अनुरोध वारिसों की सूची में ही गड़बड़ होते हैं। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 को ध्यान में रखकर लिखा गया FAQ कहता है कि किसी मृत पुरुष के लिए आप उसकी मां, उसकी पत्नी और उसके सारे बच्चों के नाम लिखिए, जिनमें शादीशुदा या कुंवारी बेटियां भी शामिल हैं। अगर कोई बेटा उससे पहले गुजर गया हो, तो उस बेटे की विधवा और बच्चों के नाम लिखिए। अगर कोई बेटी उससे पहले गुजर गई हो, तो उसके बच्चों के नाम लिखिए। किसी मृत महिला के लिए उसके पति और उसके सारे बच्चों के नाम लिखिए, और उसके किसी ऐसे बच्चे के बच्चों के भी, जो उससे पहले गुजर गया हो।
इंतकाल का फैसला 30 दिन के भीतर होना है। अगर राजस्व कर्मचारियों को कोई सफाई चाहिए, या कोई आपत्ति करता है, तो आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर WhatsApp से बताया जाता है।
डीड वाला फॉर्म छोटा है। इसमें जमीन का गांव, तहसील और जिला भरना होता है, फिर उप-रजिस्ट्रार दफ्तर, दस्तावेज का प्रकार, पूरा वसीका नंबर और तारीख। इसके बाद आप NGDRS से “Fetch copy of Registered Deed” पर क्लिक करते हैं, या डीड अपलोड करते हैं। इस पर भी वही 600 रुपये की फीस और 30 दिन की सीमा लागू है।
रपट की प्रविष्टि और फर्द बदर
दोनों अनुरोध मुफ्त हैं, और एक ही ढर्रे पर चलते हैं: OTP, जमीन का ब्योरा, अपलोड और दस्तखत किया हुआ प्रिंटआउट।
रपट। रपट का प्रकार चुनिए (गिरवी, अदालत के आदेश या दूसरे)। बैंक कर्ज के लिए मालिक का नाम और परिवार का ब्योरा भरिए, खसरा नंबरों पर टिक लगाइए, और बैंक का नाम, कर्ज की रकम और बैंक मैनेजर का मोबाइल नंबर जोड़िए। फिर जमाबंदी और कर्ज लेने वाले का आवेदन अपलोड कीजिए। अदालत के आदेश के लिए केस का शीर्षक, केस नंबर, आदेश की तारीख, मालिक का ब्योरा, खसरे और आदेश का सार भरिए। फिर जमाबंदी और आदेश अपलोड कीजिए। कर्ज वाली रपट 7 दिन के भीतर दर्ज होती है, और अदालत के आदेश वाली रपट 1 दिन के भीतर।
फर्द बदर। यह सिर्फ लिपिकीय चूक के लिए है: ऐसी प्रविष्टि जो पिछली जमाबंदी या मंजूर हुए इंतकाल में सही थी, और नई जमाबंदी लिखते समय गलत हो गई। जमाबंदी का साल और खेवट या खसरा भरिए, सुधार का प्रकार चुनिए, और गलत प्रविष्टि और सही प्रविष्टि लिखिए। फिर पुरानी सही जमाबंदी और नई गलत जमाबंदी, दोनों अपलोड कीजिए। इसका फैसला 15 दिन के भीतर होता है। मालिकाना हक पर असली झगड़ा फर्द बदर का मामला नहीं है; वह राजस्व अदालत में जाता है।
मालिकों और NRI के लिए जमीन अलर्ट की सदस्यता
सदस्यता धोखाधड़ी से बचाने वाला पोर्टल का इंतजाम है। किसी खेवट की सदस्यता लेने के बाद उसमें होने वाला हर बदलाव, चाहे बिक्री हो, कर्ज हो या अदालत का आदेश, आपको WhatsApp या ईमेल पर भेजा जाता है, और आप ऑनलाइन आपत्ति कर सकते हैं।
- “Subscription” पर क्लिक कीजिए और “India Resident” या “NRI” चुनिए।
- अपना नाम, पिता का नाम, कंट्री कोड, मोबाइल नंबर और ईमेल भरिए। देश में रहने वालों के लिए ईमेल मर्जी की बात है, लेकिन NRI के लिए जरूरी है।
- OTP से पुष्टि कीजिए।
- हर होल्डिंग के लिए जिला, तहसील, गांव और खेवट नंबर जोड़िए, फिर पैसा भरिए।
आपको एक पुष्टि वाली स्क्रीन दिखती है, और WhatsApp या ईमेल पर सदस्यता नंबर आता है। विदेश में रहने वाले मालिकों के लिए यह पहले से चेतावनी पाने का सबसे सस्ता तरीका है, और विभाग ने शुरुआत के समय इसे NRI को ध्यान में रखकर ही पेश किया था।
आम गलतियां और उनका हल
ज्यादातर दिक्कतें पंजाबी भाषा वाले डेटा और रीजन बॉक्स से आती हैं।
- मालिक का नाम नहीं मिल रहा। नाम पंजाबी में दर्ज हैं। वर्चुअल कीबोर्ड इस्तेमाल कीजिए, छोटी वर्तनी आजमाइए, या खेवट या खसरा से खोजिए।
- ड्रॉप-डाउन में नंबर नहीं है। हो सकता है आप गलत Jamabandi Period में हों। “Current” और “Previous” के बीच बदलकर देखिए।
- एक ही नाम के दो मालिक। पैसा भरने से पहले “View Owner Relation” इस्तेमाल कीजिए और पिता का नाम जांचिए।
- मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं आया। प्रमाणपत्र को 5 MB से छोटी PDF के रूप में अपलोड कीजिए।
- NGDRS से वसीयत नहीं आई। पूरा वसीका नंबर और तारीख जांचिए; फिर भी न आए, तो अपनी कॉपी अपलोड कीजिए।
- कोई वारिस छूट गया। पहले गुजर चुके बच्चों के परिवारों के नाम भी लिखने होते हैं; छूटा हुआ वारिस आपत्ति और देरी को न्योता देता है।
- हस्ताक्षर पर सवालिया निशान। ऊपर बताए तरीके से Acrobat Reader में सर्टिफिकेट को वैलिडेट कीजिए।
- नई रजिस्ट्री के लिए इंतकाल का अनुरोध। NGDRS वाली डीड के लिए इसकी जरूरत नहीं है; अपने-आप होने वाले इंतकाल का इंतजार कीजिए और उसे “View Mutation” में जांचिए।
ट्रैकिंग और शिकायत
हर तरह के अनुरोध का अपना ट्रैकर है। “Track Application” आवेदन नंबर और एक कैप्चा लेता है; “Fard Request Status” हस्ताक्षर वाली फर्द के अनुरोध की ID लेता है।
शिकायतों के लिए पोर्टल “Grievance Redressal” के नीचे अपनी शिकायत व्यवस्था चलाता है।
- “Submit Grievance” पर क्लिक कीजिए, और अपना नाम, मोबाइल नंबर और चाहें तो ईमेल भरिए।
- जिला, तहसील और गांव चुनिए।
- एक वजह चुनिए: Delay in Mutation, Delay in correction of record, Delay in entry of Rapat, Bribe has been sought या Other।
- समस्या लिखिए, और अगर आपके पास कोई सहायक PDF है, तो 5 MB तक की वह फाइल जोड़िए।
- सबमिट कीजिए, और बाद में “Track Grievance” से उसकी स्थिति देखिए।
रिश्वत वाला विकल्प सोच-समझकर रखा गया है; FAQ कहता है कि किसी भी राजस्व अधिकारी के रिश्वत मांगने की शिकायत इसी टैब से की जा सकती है। पटवारी के ऊपर तहसीलदार होता है, जो उस तहसील का मुखिया है, जहां आपका रिकॉर्ड रखा है।
पंजाब का पोर्टल राष्ट्रीय भूमि रिकॉर्ड कार्यक्रम के तहत बने कई राज्य सिस्टमों में से एक है। DILRMP क्या है, और दर्ज रिकॉर्ड से गारंटी वाला मालिकाना हक अब भी कितना दूर है, यह भारत में भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन वाले नोट में समझाया गया है। बाकी हर राज्य की साइट राज्यवार भूमि रिकॉर्ड पोर्टल वाली तालिका में है। भूमि रिकॉर्ड को किसान ID से जोड़ने की बड़ी योजना AgriStack वाले नोट में है, और इन रजिस्टरों के पीछे का नीतिगत इतिहास भूमि सुधार वाले नोट में।
सामान्य प्रश्न
पंजाब जमाबंदी क्या है?
पंजाब जमाबंदी राज्य का ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड पोर्टल है, जिसका पता jamabandi.punjab.gov.in है। इसे राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग चलाता है। यह फर्द मुफ्त दिखाता है, डिजिटल हस्ताक्षर वाली कॉपी बेचता है, और इंतकाल, रपट, फर्द बदर और जमीन अलर्ट के ऑनलाइन अनुरोध लेता है।
पंजाब में अपनी फर्द ऑनलाइन कैसे देखें?
‘View Jamabandi’ खोलिए, और मालिक के नाम, खेवट, खतौनी या खसरा नंबर से खोजिए। जिला, तहसील, गांव और साल चुनिए, ‘Set Region’ पर क्लिक कीजिए, कैप्चा डालिए और रिपोर्ट देखिए। मुफ्त ऑनलाइन फर्द सिर्फ जानकारी के लिए है।
क्या पंजाब की ऑनलाइन फर्द कानूनी रूप से मान्य है?
मुफ्त व्यू मान्य नहीं है। पोर्टल पर खरीदी गई डिजिटल हस्ताक्षर और QR कोड वाली फर्द उसके FAQ के मुताबिक कानूनी रूप से मान्य है, और सेवा केंद्र या फर्द केंद्र से खरीदी गई फर्द भी। बैंक और अदालत को इन्हीं में से कोई एक दीजिए।
पंजाब में WhatsApp पर फर्द की फीस कितनी है?
हस्ताक्षर वाली फर्द 25 रुपये प्रति पेज की है, जो OTP जांच के बाद UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड से ऑनलाइन भरी जाती है। इसे तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है, और अगर आप ये विकल्प चुनें, तो यह WhatsApp या ईमेल पर भी भेजी जाती है।
PLRS फर्द क्या है?
लोग पंजाब की जमाबंदी कॉपी के लिए ‘PLRS फर्द’ शब्द इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि पंजाब लैंड रिकॉर्ड्स सोसाइटी राज्य के कंप्यूटर वाले रिकॉर्ड से जुड़ी है। लेकिन फर्द खुद jamabandi.punjab.gov.in पर खोजी और खरीदी जाती है, सोसाइटी की अपनी वेबसाइट पर नहीं।
पंजाब में विरासत के इंतकाल के लिए आवेदन कैसे करें?
पोर्टल पर ‘Mutation of Inheritance’ इस्तेमाल कीजिए। मृतक का ब्योरा और मृत्यु प्रमाणपत्र का नंबर भरिए, हर कानूनी वारिस को जोड़िए, और वसीयत हो तो उसे भी। फिर प्रिंटआउट पर दस्तखत करके अपलोड कीजिए, और 600 रुपये की एक बार की फीस भरिए। इंतकाल का फैसला 30 दिन के भीतर होना है।
क्या पंजाब में सेल डीड रजिस्टर कराने के बाद इंतकाल के लिए आवेदन करना पड़ता है?
नहीं, अगर डीड NGDRS से रजिस्टर हुई है। पोर्टल का FAQ कहता है कि ऐसी डीड इंतकाल के लिए अपने-आप पटवारी के पास जाती हैं। सिर्फ पुरानी डीड के लिए ‘Mutation on the basis of Deed’ अनुरोध चाहिए, जिसकी फीस 600 रुपये है।
पंजाब में फर्द बदर में कितना समय लगता है?
लिपिकीय गलती ठीक करने वाले फर्द बदर अनुरोध का फैसला 15 दिन के भीतर होता है, और इस पर कोई फीस नहीं लगती। आपको पुरानी सही जमाबंदी और गलती वाली नई जमाबंदी, दोनों अपलोड करनी होती हैं।
पंजाब भूमि रिकॉर्ड की सदस्यता क्या करती है?
जब भी आपके सदस्यता वाले खेवट में कुछ बदलता है, जैसे बिक्री, कर्ज या अदालत का आदेश, तो यह आपको WhatsApp या ईमेल पर अलर्ट भेजती है। यह एक साल चलती है, और NRI के लिए ईमेल जरूरी है।