Opens in a new tab
Join Anantam IAS Channel on Telegram

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय: पूरी गाइड

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय का सिलेबस, सही उम्मीदवार, किताबें, 24 हफ्तों की तैयारी, उत्तर लेखन और आम गलतियों को समझने के लिए यह पूरी गाइड पढ़ें।

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय: पूरी गाइड infographic: fit, GS overlap, preparation risk and answer style

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय तब अच्छा काम करता है जब आपकी पृष्ठभूमि और इस पेपर का तरीका आपके साथ मेल खाए। यह कोई शॉर्टकट नहीं है। यह 500 अंकों की ज़िम्मेदारी है। सिर्फ़ इसलिए चुनेंगे कि किसी और ने इसमें अच्छे अंक पाए, तो यह आपको परेशान करेगा।

सीधा सवाल यह है: क्या आप कई महीनों तक राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध पढ़ सकते हैं, दबाव में सटीक उत्तर लिख सकते हैं और GS की रफ़्तार बिगाड़े बिना इसे दोहरा सकते हैं? अगर हाँ, तो यह वैकल्पिक विषय आपके लिए काम कर सकता है। अगर नहीं, तो वह विषय चुनिए जिसे आप लगातार पढ़ सकें।

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय की हिंदी गाइड: उपयुक्तता, GS ओवरलैप, जोखिम और उत्तर शैली

त्वरित फैसला

अगर आप राजनीति विज्ञान के छात्र, विधि स्नातक, संपादकीय पढ़ने वाले या GS पेपर 2 और निबंध से गहरा ओवरलैप चाहने वाले उम्मीदवार हैं, तो राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध आपके लिए विचार करने लायक है। अगर आपको सिद्धांत, विचारक और समसामयिक घटनाओं का विश्लेषण पसंद नहीं है, तो इसे मत चुनिए।

इसका बड़ा फायदा यह है कि इसका ओवरलैप (overlap) GS पेपर 2 की राजव्यवस्था, शासन, अंतरराष्ट्रीय संबंध, निबंध और नैतिकता के कुछ हिस्सों से बहुत ज़्यादा है। लेकिन मुख्य बात साफ़ है: यह पेपर विश्लेषणात्मक जोड़ (analytical linkage) को अंक देता है। सिद्धांत के बिना करंट अफेयर्स लिखना काफ़ी नहीं है।

अलग-अलग विषयों की पूरी तुलना के लिए, दो या तीन विकल्प छँटने के बाद मुख्य वैकल्पिक केंद्र देखें: UPSC वैकल्पिक विषय।

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय एक नज़र में

पहलूइसका मतलब
अंकपेपर 1 और पेपर 2 में कुल 500 अंक
सही फिटराजनीति विज्ञान के छात्र, विधि स्नातक, संपादकीय पढ़ने वाले और वे उम्मीदवार जो GS पेपर 2 और निबंध से गहरा ओवरलैप चाहते हैं
GS से ओवरलैपGS पेपर 2 राजव्यवस्था, शासन, अंतरराष्ट्रीय संबंध, निबंध और नैतिकता के कुछ हिस्सों से बहुत ज़्यादा ओवरलैप
तैयारी का बोझमध्यम से ज़्यादा, लेकिन मुख्य परीक्षा वाली सोच का अभ्यास होने से समय का अच्छा इस्तेमाल होता है
उत्तर की शैलीविचारक, सिद्धांत, संवैधानिक उदाहरण, अंतरराष्ट्रीय संबंध की अवधारणाएँ और आज के कूटनीतिक प्रमाण का इस्तेमाल करें।
मुख्य जोखिमयह पेपर विश्लेषणात्मक जोड़ को अंक देता है। सिद्धांत के बिना करंट अफेयर्स लिखना काफ़ी नहीं है।

सिलेबस कैसा लगता है

सिलेबस को किताब के हिसाब से नहीं, पेपर के हिसाब से पढ़िए। पुस्तक-सूची आपको सामग्री देती है। सिलेबस बताता है कि UPSC वास्तव में क्या पूछ सकता है।

पेपर 1

पेपर 1 में राजनीतिक सिद्धांत, पश्चिमी और भारतीय राजनीतिक चिंतन, भारतीय सरकार, संविधान, दल, संघवाद और सामाजिक आंदोलन आते हैं। इसे विषय की समझ की नींव मानिए। आपका लक्ष्य केवल तथ्य इकट्ठा करना नहीं है। आपको वह शब्दावली और उत्तर का ढाँचा बनाना है जिसकी उम्मीद उस उम्मीदवार से की जाती है जिसने विषय को सच में पढ़ा हो।

पेपर 2

पेपर 2 में तुलनात्मक राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध सिद्धांत, वैश्विक राजनीति, भारत की विदेश नीति और भारत का प्रमुख क्षेत्रों से संबंध आते हैं। यहीं कई उम्मीदवारों का संतुलन बिगड़ता है। पेपर 2 ज़्यादा व्यावहारिक लग सकता है, लेकिन इसके लिए विषय की गहराई चाहिए। अच्छा उत्तर पेपर 1 की वही बुनियादी समझ लेकर भारतीय, व्यावहारिक या समकालीन संदर्भ में लागू करता है, जहाँ सिलेबस इसकी गुंजाइश देता है।

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध किसे चुनना चाहिए

आपको यह वैकल्पिक विषय तब चुनना चाहिए जब तीन बातें सही हों।

पहली, आप विषय की बुनियादी भाषा और शब्दावली को बार-बार शुरुआती सामग्री पर लौटे बिना दोहरा सकते हैं। हर विषय पहली बार पढ़ने जैसा लगे, तो तैयारी मुश्किल हो जाती है।

दूसरी, आप विषय की स्वाभाविक शैली में उत्तर लिख सकते हैं। विचारक, सिद्धांत, संवैधानिक उदाहरण, अंतरराष्ट्रीय संबंध की अवधारणाएँ और आज के कूटनीतिक प्रमाण का इस्तेमाल करें। अगर यह स्वाभाविक लगता है, तो आपको फायदा है। अगर बनावटी लगता है, तो तय करने से पहले दो हफ्ते इसे आज़माइए।

तीसरी, आपकी GS योजना इस वैकल्पिक विषय के बोझ को संभाल सकती है। वैकल्पिक विषय ज़रूरी है, लेकिन वह पूरा साल नहीं खा सकता। ऐसा विषय जो वैकल्पिक में 20 अंक बढ़ाए लेकिन GS में 50 अंक गंवा दे, फायदे का सौदा नहीं है।

पुस्तकें और स्रोत

स्रोत कम रखकर शुरू कीजिए। पहली पढ़ाई के बाद भी कोई विषय साफ़ न हो, तभी नई किताब जोड़िए।

  • राजनीतिक सिद्धांत के लिए O.P. Gauba
  • राजनीतिक विचारधाराओं और अंतरराष्ट्रीय संबंध के लिए Andrew Heywood
  • भारतीय राजनीतिक चिंतन के लिए V.P. Verma
  • भारत की विदेश नीति के लिए Rajiv Sikri
  • IGNOU PSIR सामग्री

योजना बनाए बिना किताबों का ढेर मत लगाइए। ज़्यादातर उम्मीदवारों के लिए दो अच्छी किताबें और पिछले वर्षों के प्रश्न, आधी-अधूरी पढ़ी गई सात किताबों से बेहतर हैं।

24 हफ्तों की तैयारी योजना

हफ्ते 1 से 4: सिलेबस का नक्शा

सिलेबस छापिए और हर विषय को परिचित, कमज़ोर या अनजान के रूप में चिन्हित कीजिए। एक बुनियादी स्रोत जल्दी पढ़िए। अभी भारी-भरकम नोट्स मत बनाइए। इस चरण में आप अपना नक्शा बना रहे हैं।

हफ्ते 5 से 12: पहली गंभीर पढ़ाई

पहले विचारक और भारतीय राजव्यवस्था पढ़िए, फिर अंतरराष्ट्रीय संबंध सिद्धांत और उसके बाद ताज़ा उदाहरणों के साथ भारत की विदेश नीति कीजिए। पिछले वर्षों के प्रश्न साथ रखिए। जो विषय बार-बार आया है, उसे सिर्फ़ नोट नहीं, उत्तर की एक इकाई बनाकर तैयार कीजिए।

हफ्ते 13 से 18: नोट्स और उत्तर के ढाँचे

हर बड़े विषय को एक रिवीज़न शीट में समेटिए। अच्छे वैकल्पिक नोट में परिभाषा, मुख्य तर्क, उदाहरण, ज़रूरत के अनुसार चित्र या डेटा और पिछले वर्षों के सवालों के दो नज़रिए होने चाहिए।

हफ्ते 19 से 24: टेस्ट और रिवीज़न

पहले खंडवार टेस्ट लिखिए, फिर पूरे पेपर। आख़िरी छह हफ्ते पढ़ने की दौड़ नहीं होने चाहिए। यह यादकर लिखने की दौड़ होनी चाहिए: याद कीजिए, लिखिए, जाँचिए, सुधारिए और फिर दोहराइए।

उत्तर लिखने की रणनीति

वैकल्पिक विषय के उत्तर लंबे GS उत्तर नहीं होते। पहली कुछ पंक्तियों में ही आपकी विषय पर पकड़ दिखनी चाहिए।

यह बुनियादी ढाँचा अपनाइए:

  1. अवधारणा की परिभाषा दीजिए या मुद्दे का संदर्भ बताइए।
  2. विषय की शब्दावली शामिल कीजिए।
  3. विषय की मांग के अनुसार प्रमाण, सिद्धांत, चित्र, मामला या डेटा जोड़िए।
  4. जहाँ सवाल विश्लेषण माँगे, वहाँ दोनों पक्षों का मूल्यांकन कीजिए।
  5. अंत में साफ़ निष्कर्ष दीजिए, धुंधली-सी पंक्ति नहीं।

वैकल्पिक विषय से बाहर मुख्य परीक्षा उत्तर लिखने के अभ्यास के लिए UPSC मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन देखिए। समय बाँटने और उत्तर का ढाँचा बनाने के तरीके वही हैं, लेकिन वैकल्पिक में विषय की ज़्यादा सटीक शब्दावली चाहिए।

आम गलतियाँ

  • यह पेपर विश्लेषणात्मक जोड़ को अंक देता है। सिद्धांत के बिना करंट अफेयर्स लिखना काफ़ी नहीं है।
  • सिलेबस पूरा होने तक पिछले वर्षों के सवालों को नज़रअंदाज़ करना।
  • ऐसे नोट्स बनाना जिन्हें आख़िरी 30 दिनों में दोहराना मुश्किल हो।
  • जहाँ वैकल्पिक विषय की शब्दावली चाहिए, वहाँ सामान्य GS उत्तर लिखना।

आख़िरी सलाह

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को सिर्फ़ इसलिए मत चुनिए कि वह चलन लगता है। इसे इसलिए चुनिए कि आप इसे तीन बार दोहराने के बाद भी ऊर्जा के साथ लिख सकें। वैकल्पिक विषय चुनने की असली परीक्षा यही है।

अगर आप इस और किसी दूसरे वैकल्पिक विषय के बीच उलझे हैं, तो तीन चीज़ों की तुलना कीजिए: पहले 20 पिछले वर्षों के प्रश्न, किसी मानक किताब का एक अध्याय और टॉपर की उत्तर कॉपी। किसी सामान्य रैंकिंग सूची से आपका फैसला इतना साफ़ नहीं होगा।

मिलते-जुलते वैकल्पिक विषय

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को तय करने से पहले कुछ मिलते-जुलते विषयों से तुलना कीजिए। दो या तीन विकल्पों पर दो हफ्ते की आज़माइश किसी भी रैंकिंग सूची से बेहतर होती है।

सामान्य प्रश्न

क्या राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध UPSC के लिए अच्छा वैकल्पिक विषय है?

अगर आपकी पृष्ठभूमि और रुचि विषय से मेल खाती है, तो यह अच्छा विकल्प हो सकता है। राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध उन उम्मीदवारों के लिए काम कर सकता है जो इसकी तैयारी का बोझ और उत्तर लिखने की शैली संभाल सकें। यह हर किसी के लिए अपने-आप अच्छा नहीं है।

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय की तैयारी में कितना समय लगता है?

ज़्यादातर उम्मीदवारों को पहली पढ़ाई और उत्तर लेखन के लिए 4 से 6 महीने चाहिए। अगर आप विषय में नए हैं, तो बुनियाद बनाने के लिए अतिरिक्त समय रखिए।

क्या राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय का GS से ओवरलैप है?

GS पेपर 2 राजव्यवस्था, शासन, अंतरराष्ट्रीय संबंध, निबंध और नैतिकता के कुछ हिस्सों से बहुत ज़्यादा ओवरलैप है। इस ओवरलैप को अतिरिक्त फायदे की तरह देखिए, विषय चुनने का अकेला कारण मत बनाइए।

क्या मैं राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय की तैयारी बिना कोचिंग के कर सकता हूँ?

कर सकते हैं, अगर आपके पास भरोसेमंद स्रोत, पिछले वर्षों के प्रश्नों की सख़्त योजना और उत्तर की जाँच की व्यवस्था है। जब सिलेबस बिखरा हुआ लगे या आप खुद उत्तर की गुणवत्ता न परख सकें, तब कोचिंग मददगार हो सकती है।

यह वैकल्पिक विषय तय करने से पहले मुझे क्या देखना चाहिए?

सिलेबस पढ़िए, पिछले वर्षों के 5 सवाल हल कीजिए या उनके उत्तरों का ढाँचा बनाइए और एक मानक अध्याय पढ़िए। अगर तीनों संभाले जा सकें, तो यह वैकल्पिक विषय गंभीरता से विचार करने लायक है।

Share this

PDF

Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

Specialises in · Writing, web development, design — UPSC prep tooling Experience · 16+ years Visit website ↗

UPSC की तैयारी हिंदी माध्यम में — एक निशुल्क डेमो क्लास

न कोई सेल्स कॉल, न कोई ब्रोशर। सोमवार सुबह की असली GS क्लास देखिए — हमारे अनुभवी शिक्षकों के साथ।