UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

WHO और भारत: 1948 का संविधान, SEARO और वैक्सीन मैत्री

WHO और भारत — 7 अप्रैल 1948 को लागू हुआ संविधान, संस्थापक सदस्य के तौर पर भारत, नई दिल्ली में SEARO समेत छह क्षेत्रीय कार्यालय, वैक्सीन मैत्री और COVID के बाद के महामारी सुधार।

WHO headquarters in Geneva

WHO और भारत का रिश्ता संगठन के बनने के वक़्त से ही चला आ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था की एक विशेष एजेंसी है, जो 7 अप्रैल 1948 को अपना संविधान लागू होने के साथ खड़ी हुई। यही तारीख़ अब हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। भारत उन शुरुआती देशों में था जिन्होंने इस संविधान को मंज़ूरी दी, इसलिए भारत WHO का संस्थापक सदस्य गिना जाता है। संगठन का मुख्यालय जेनेवा में है और इसके महानिदेशक (Director-General) फ़िलहाल इथियोपिया के डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस हैं, जिनका दूसरा पाँच साल का कार्यकाल 2022 में शुरू हुआ। WHO छह क्षेत्रीय कार्यालयों के ज़रिए काम करता है। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय (SEARO), जिसमें भारत आता है, नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ एस्टेट में है — भारत में मौजूद WHO का यह एकमात्र क्षेत्रीय मुख्यालय है।

UPSC के अंतर्राष्ट्रीय संबंध में WHO और भारत का रिश्ता उन वैश्विक संस्थाओं के समूह में आता है जो 1940 के दशक के आख़िर में संयुक्त राष्ट्र संगठन के साथ खड़ी हुईं, और आज यह उसी सुधार की माँग के माहौल में काम करता है जो UNSC और भारत की स्थायी सीट की मुहिम और WTO और भारत के रिश्ते को भी आकार देता है।

स्थापना और संविधान

WHO का संविधान बहुपक्षीय संधियों में इस बात से अलग पड़ता है कि वह स्वास्थ्य की परिभाषा बहुत चौड़ी रखता है — “पूरी शारीरिक, मानसिक और सामाजिक भलाई की स्थिति, न कि सिर्फ़ बीमारी या कमज़ोरी का न होना”।

अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन, न्यूयॉर्क 1946

विश्व स्वास्थ्य संगठन का संविधान न्यूयॉर्क में 19 जून से 22 जुलाई 1946 तक चले अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन में तैयार हुआ। 22 जुलाई 1946 को 61 देशों ने इस पर दस्तख़त किए। इसका मसौदा राष्ट्रसंघ (League of Nations) के स्वास्थ्य संगठन और Office International d’Hygiène Publique के पहले के काम पर टिका था, और आगे WHO ने इन दोनों को अपने में मिला लिया।

7 अप्रैल 1948 को लागू होना

संविधान 7 अप्रैल 1948 को लागू हुआ, जब दस्तख़त करने वाले 61 देशों में से 26 ने इसे मंज़ूरी दे दी। यही तारीख़ अब विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। पहली विश्व स्वास्थ्य सभा जेनेवा में 24 जून से 24 जुलाई 1948 तक चली।

संस्थापक सदस्य के तौर पर भारत

भारत 22 जुलाई 1946 को दस्तख़त करने वाले उन मूल 61 देशों में था, और शुरुआती मंज़ूरी देने वाले देशों में भी। इसलिए भारत को WHO का संस्थापक सदस्य गिना जाता है। भारत का स्वास्थ्य मंत्रालय शुरू से ही WHO का पक्का समर्थक रहा, और 1948 से लगातार SEARO का क्षेत्रीय कार्यालय भारत में ही है।

ढाँचा और कामकाज

WHO को तीन चीज़ें मिलकर चलाती हैं — विश्व स्वास्थ्य सभा, एक कार्यकारी बोर्ड, और महानिदेशक की अगुवाई वाला सचिवालय।

विश्व स्वास्थ्य सभा

WHA, यानी विश्व स्वास्थ्य सभा, WHO में फ़ैसला लेने वाली सबसे ऊपर की संस्था है। यह हर साल मई में जेनेवा में बैठती है, इसमें सभी 194 सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल आते हैं, और यही संगठन की नीतियाँ, काम का कार्यक्रम और बजट तय करती है। सभा महानिदेशक की नियुक्ति को मंज़ूरी देती है और कार्यकारी बोर्ड के सदस्य चुनती है।

कार्यकारी बोर्ड

कार्यकारी बोर्ड में 34 सदस्य होते हैं, जिन्हें WHA तीन साल के लिए चुनती है और जिनकी अदला-बदली बारी-बारी से होती रहती है। बोर्ड साल में दो बार बैठता है — जनवरी में, अगली WHA का एजेंडा तैयार करने के लिए, और मई में सभा के फ़ौरन बाद। भारत कई बार इस बोर्ड में रहा है।

महानिदेशक

आज के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस हैं, जो पहले इथियोपिया के विदेश मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री रहे। उन्होंने 1 जुलाई 2017 को पद संभाला, मई 2022 में दूसरे पाँच साल के कार्यकाल के लिए चुने गए, और वे WHO के पहले अफ़्रीकी तथा पहले ग़ैर-डॉक्टर मुखिया हैं। महानिदेशक की नियुक्ति WHA करती है, कार्यकारी बोर्ड के नाम भेजने पर।

छह क्षेत्रीय कार्यालय

WHO छह क्षेत्रों में बँटा हुआ है। हर क्षेत्र की अपनी क्षेत्रीय समिति, अपना क्षेत्रीय निदेशक और अपना मुख्यालय है।

AFRO (अफ़्रीका)

अफ़्रीकी क्षेत्र (AFRO) का मुख्यालय कांगो गणराज्य के ब्राज़ाविल में है और इसमें 47 देश आते हैं।

AMRO/PAHO (अमेरिका महाद्वीप)

अमेरिका महाद्वीप का क्षेत्र पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के ज़रिए चलता है, जिसका मुख्यालय वॉशिंगटन डीसी में है। यह संगठन WHO से भी पुराना है (1902 में बना) और दो भूमिकाएँ निभाता है — अंतर-अमेरिकी एजेंसी की, और WHO के क्षेत्रीय कार्यालय की।

EMRO (पूर्वी भूमध्यसागर)

पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्रीय कार्यालय (EMRO) मिस्र के काहिरा में है और मोरक्को से पाकिस्तान तक 22 देशों को देखता है।

EURO (यूरोप)

यूरोपीय क्षेत्रीय कार्यालय (EURO) डेनमार्क के कोपेनहेगन में है और आइसलैंड से ताजिकिस्तान तक 53 देशों को देखता है।

SEARO (दक्षिण-पूर्व एशिया) — मुख्यालय भारत में

दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय (SEARO) का मुख्यालय नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ एस्टेट में है और इसमें ग्यारह देश आते हैं — बांग्लादेश, भूटान, उत्तर कोरिया, भारत, इंडोनेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड और तिमोर-लेस्ते। 2 अरब से ज़्यादा आबादी के साथ SEARO WHO का सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सायमा वाज़ेद (बांग्लादेश) हैं, जिन्होंने फ़रवरी 2024 में पाँच साल के कार्यकाल के लिए पद संभाला; बदलाव के इस दौर में डॉ. मोहम्मद ख़ालिद ने थोड़े वक़्त के लिए कार्यवाहक निदेशक का काम देखा।

WPRO (पश्चिमी प्रशांत)

पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रीय कार्यालय (WPRO) फ़िलीपींस के मनीला में है और चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया तथा प्रशांत महासागर के द्वीप देशों समेत 37 देशों को देखता है।

WHO में भारत का योगदान

WHO और भारत का लेन-देन चार स्तरों पर चलता है — पैसा, कार्यक्रम, नेतृत्व और मेज़बानी।

पैसे का योगदान

भारत WHO को दो तरह से पैसा देता है — तय हिस्सा (assessed contributions) और अपनी मर्ज़ी से दी जाने वाली रकम (voluntary contributions)। तय हिस्सा UN के आकलन पैमाने पर आधारित होता है; भारत का हिस्सा क़रीब 1.05 प्रतिशत है। मर्ज़ी से दी जाने वाली रकम भारत पोलियो का ख़ात्मा, TB मिटाने और महामारी की तैयारी जैसे कार्यक्रमों में लगाता है।

TB ख़त्म करने की मुहिम

दुनिया के कुल तपेदिक (TB) बोझ का क़रीब 26 प्रतिशत भारत में है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम का लक्ष्य 2025 तक TB ख़त्म करना है, यानी 2030 के वैश्विक टिकाऊ विकास लक्ष्य से पाँच साल पहले। WHO ने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर मरीज़ ढूँढ़ने, दवा-प्रतिरोध पर नज़र रखने और निक्षय जैसी नई जाँच व्यवस्थाओं पर काम किया है।

पोलियो का ख़ात्मा

भारत को 27 मार्च 2014 को पोलियो-मुक्त घोषित किया गया। यह घोषणा दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में पोलियो उन्मूलन के लिए बनी WHO क्षेत्रीय प्रमाणन समिति ने की। इससे पहले कई साल तक चली मुहिम में मुँह से दी जाने वाली पोलियो वैक्सीन, निगरानी और कोल्ड चेन तीनों साथ चले, और WHO ने राष्ट्रीय पोलियो निगरानी परियोजना के ज़रिए तकनीकी मदद दी।

वैक्सीन मैत्री

COVID-19 महामारी के दौरान भारत ने जनवरी 2021 में वैक्सीन मैत्री (“वैक्सीन दोस्ती”) शुरू की और 100 से ज़्यादा देशों को भारत में बनी वैक्सीन भेजी — कुछ मुफ़्त, कुछ व्यापारिक बिक्री के तौर पर, और कुछ COVAX व्यवस्था के ज़रिए। 2022 के आख़िर तक भारत विदेशों में 28 करोड़ से ज़्यादा ख़ुराकें भेज चुका था। WHO ने कोवैक्सिन को नवंबर 2021 में और कोविशील्ड (भारत में बनी AstraZeneca वैक्सीन) को फ़रवरी 2021 में आपातकालीन उपयोग सूची (Emergency Use Listing) में रखा।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और आयुष

भारत ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए मुहिम चलाई और कामयाब रहा; UNGA ने इसे 2014 में मंज़ूरी दी और हर साल 21 जून को यह मनाया जाता है। WHO और भारत ने 2017 में एक परियोजना सहयोग समझौता किया, जिसका मक़सद आयुर्वेद, यूनानी और पंचकर्म की ट्रेनिंग के मानक तय करना था। मार्च 2022 में गुजरात के जामनगर में WHO ग्लोबल सेंटर फ़ॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन हुआ — पारंपरिक चिकित्सा पर बना WHO का यह एकमात्र वैश्विक केंद्र है।

COVID-19 और सुधार

COVID-19 महामारी WHO के इतिहास का सबसे कड़ा इम्तिहान थी, और इसी से 1948 की स्थापना के बाद सुधार पर सबसे बड़ी बहस छिड़ी।

महामारी से निपटने का काम

WHO ने 30 जनवरी 2020 को COVID-19 को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया और 11 मार्च 2020 को इसे महामारी बताया। संगठन पर लगातार आलोचना हुई — ख़ास तौर पर अमेरिका की तरफ़ से — कि उसने घोषणाएँ देर से कीं और शुरू में चीन के साथ उसका बरताव ढीला रहा।

2025 का महामारी समझौता

मई 2025 में विश्व स्वास्थ्य सभा ने WHO महामारी समझौता अपनाया। संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत यह 2003 के तंबाकू नियंत्रण पर WHO फ़्रेमवर्क कन्वेंशन के बाद पहला नया, क़ानूनी रूप से बाध्यकारी दस्तावेज़ है। समझौता तीनों चीज़ें समेटता है — महामारी को रोकना, उसके लिए तैयार रहना और उससे निपटना — और इसमें रोगाणु पहुँच एवं लाभ-साझाकरण व्यवस्था (Pathogen Access and Benefit-Sharing System, PABS), तकनीक का हस्तांतरण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क शामिल हैं। भारत बातचीत में सक्रिय रहा और लाभ बाँटने में बराबरी वाली शर्तों की पैरवी की।

अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों में संशोधन

जून 2024 में WHA ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (IHR) में संशोधन भी अपनाए। इनमें मौजूदा PHEIC और महामारी की घोषणा के बीच “महामारी आपातकाल” नाम की एक नई श्रेणी जोड़ी गई, और स्वास्थ्य उत्पादों तक बराबरी से पहुँच पर वादे और मज़बूत किए गए। एकजुटता से जुड़ी शर्तों पर अपनी शुरुआती चिंताएँ दूर होने के बाद भारत ने इन संशोधनों का समर्थन किया।

निष्कर्ष

WHO और भारत ने 78 साल की साझेदारी खड़ी की है, और उसमें सब कुछ शामिल है — संस्थापक सदस्यता, SEARO तथा ग्लोबल सेंटर फ़ॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की मेज़बानी, वैक्सीन कूटनीति की अगुवाई, और COVID के बाद महामारी से जुड़े शासन-सुधारों में केंद्रीय भूमिका। यह रिश्ता अब एक नए दौर में जा रहा है, जिसे महामारी समझौता, सबके लिए स्वास्थ्य कवरेज का एजेंडा और वे सुधार-बहसें आकार देंगी जो WHO को व्यापक संयुक्त राष्ट्र संगठन व्यवस्था से और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) से जोड़ती हैं, जहाँ आगे चलकर स्वास्थ्य पर देशों की ज़िम्मेदारियों की परख हो सकती है।

सामान्य प्रश्न

WHO कब बना?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के संविधान पर 22 जुलाई 1946 को दस्तख़त हुए और यह 7 अप्रैल 1948 को लागू हुआ। यही तारीख़ अब हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। पहली विश्व स्वास्थ्य सभा जून 1948 में जेनेवा में बैठी।

क्या भारत WHO का संस्थापक सदस्य है?

हाँ। भारत उन मूल 61 देशों में था जिन्होंने 22 जुलाई 1946 को न्यूयॉर्क में WHO के संविधान पर दस्तख़त किए, और इसे संस्थापक सदस्य गिना जाता है। SEARO का क्षेत्रीय कार्यालय भी भारत में, नई दिल्ली में है।

SEARO का क्षेत्रीय कार्यालय कहाँ है?

WHO का दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय भारत में, नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ एस्टेट में है। यह ग्यारह सदस्य देशों को देखता है, जिनकी कुल आबादी 2 अरब से ज़्यादा है। आज की क्षेत्रीय निदेशक बांग्लादेश की डॉ. सायमा वाज़ेद हैं।

WHO के आज के महानिदेशक कौन हैं?

इथियोपिया के डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस आज WHO के महानिदेशक हैं। उन्होंने 1 जुलाई 2017 को पद संभाला और मई 2022 में दूसरे पाँच साल के कार्यकाल के लिए फिर चुने गए। वे WHO के पहले अफ़्रीकी और पहले ग़ैर-डॉक्टर मुखिया हैं।

WHO के छह क्षेत्रीय कार्यालय कौन-कौन हैं?

छह क्षेत्रीय कार्यालय ये हैं — AFRO (ब्राज़ाविल), AMRO/PAHO (वॉशिंगटन डीसी), EMRO (काहिरा), EURO (कोपेनहेगन), SEARO (नई दिल्ली) और WPRO (मनीला)। हर क्षेत्र की अपनी क्षेत्रीय समिति और अपना क्षेत्रीय निदेशक होता है।

वैक्सीन मैत्री क्या है?

वैक्सीन मैत्री महामारी के दौर में भारत की वैक्सीन कूटनीति वाली पहल है, जो जनवरी 2021 में शुरू हुई। भारत ने 100 से ज़्यादा देशों को भारत में बनी 28 करोड़ से ज़्यादा ख़ुराकें भेजीं — कुछ मुफ़्त, कुछ व्यापारिक बिक्री के तौर पर और कुछ COVAX व्यवस्था के ज़रिए। इससे WHO के बराबरी वाली पहुँच के लक्ष्य को मदद मिली।

WHO महामारी समझौता क्या है?

WHO महामारी समझौता मई 2025 में विश्व स्वास्थ्य सभा ने अपनाया। WHO के संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत यह 2003 के बाद पहला नया, क़ानूनी रूप से बाध्यकारी दस्तावेज़ है। यह महामारी रोकने, उसके लिए तैयार रहने और उससे निपटने — तीनों को समेटता है, और इसमें रोगाणु पहुँच एवं लाभ-साझाकरण व्यवस्था भी शामिल है।

WHO ग्लोबल सेंटर फ़ॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन कहाँ है?

WHO ग्लोबल सेंटर फ़ॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन मार्च 2022 में गुजरात के जामनगर में हुआ। पारंपरिक चिकित्सा पर बना WHO का यह एकमात्र वैश्विक केंद्र है, और यह आयुर्वेद, यूनानी और योग जैसी पद्धतियों को सबूत के आधार पर मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करता है।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

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